08/01/2020
मा. प्रधानमंत्री जी द्वारा 2 जनवरी 2020 को उत्तर प्रदेश को देश में सर्वोच्च तिलहन उत्पादन और सर्वाधिक खाद्य उत्पादन के लिए प्रतिष्ठित कृषि कर्मण पुरस्कार प्रदान किया गया । । प्रदेश के मा. कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने मा.राज्य मंत्री श्री लाखन सिंह के साथ मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को उक्त पुरस्कार विषयक सम्मान एवं धनराशि रु.3 करोड़ का चेक भेंट किया । इस अवसर पर प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद, कृषि निदेशक श्री सोराज सिंह तथा निदेशक राज्य कृषि प्रबंध संस्थान डा. बिष्णु प्रताप सिंह भी मौजूद रहे ।
02/01/2020
प्रदेश के नेतृत्व, किसानों और समस्त नागरिकों तथा कृषि विभाग के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर है कि आज दिनांक 2 जनवरी 2020 को उत्तर प्रदेश को पूरे देश में सर्वोच्च तिलहन उत्पादन के लिए रु.2 करोड़ और सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन के लिये रु.1 करोड़ (कुल 3 करोड़) की धनराशि के प्रतिष्ठित " कृषि कर्मण " पुरस्कार से सम्मानित किया गया । यह पुरस्कार बंगलौर में आयोजित समारोह में मा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने ग्रहण किया। इस अवसर पर प्रदेश के प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद,कृषि निदेशक श्री सोराज सिंह, निदेशक राज्य कृषि प्रबंध संस्थान डा. बी.पी.सिह,सहायक निदेशक कम्प्यूटर श्री बद्री विशाल तिवारी उपस्थित रहे । इस अवसर पर किसान सम्मान निधि योजना के एक करोड़वें किसान महराजगंज निवासी श्री रमेश मिश्र को भी प्रधानमंत्री जी ने सम्मानित किया ।
10/12/2019
प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने आज कृषि निदेशालय के सभाकक्ष में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा की उन्होंने । केन्द्र पुरोनिधानित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और अन्य योजनाओं के विभिन्न कार्यमदों की समीक्षा करते हुए प्रगति से असंतुष्टि जाहिर करते हुए उन्होंने निर्धारित समयावधि में भारत सरकार को कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्रेषण के सख्त निर्देश दिए । उन्होंने वर्मी और नाडेप कम्पोस्ट, फसल अवशेष प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड आदि के क्रियान्वयन प्रयोग और लाभों की जानकारी देने के लिए हर जिले में गोष्ठियां आयोजित करने के निर्देश दिए । उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों में भी नेतृत्व क्षमता वृद्धि के लिए दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित कराने के निर्देश दिए ।
07/12/2019
विश्व मृदा दिवस 5 दिसम्बर को कृषि निदेशालय के प्रेक्षागृह में फसल अवशेष प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य सुधार विषयक राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रदेश के मा.कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने किसानों से फसल अवशेष न जलाने की अपील की तथा फसलों के अवशेषों का प्रबंधन कर उनसे बायोखाद,बायोकोल, बायो सीएनजी तैयार कर अतिरिक्त आय प्राप्त करने की सलाह दी । उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा इन सीटू योजनांतर्गत अनुदान से यंत्र प्राप्त कर उनका खेत में ही प्रबंधन कर मृदा में कार्बनिक तत्व की बृद्धि कर मृदा स्वास्थ्य सुधार करें । उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण कराकर प्राप्त संस्तुतियों के आधार पर उर्वरकों एवं अन्य पोषक तत्वों के प्रयोग पर बल दिया । कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश के मा.गन्ना मंत्री श्री सुरेश राणा तथा मा.राज्य मंत्री कृषि श्री लाखन सिंह राजपूत ने किसानों से फसल अवशेषों को जलाने से होने वाली क्षतियों की गंभीरता को देखते हुए उनके समुचित प्रबंधन और लाभ लेने का सुझाव दिया । कार्यशाला में आये हुए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की विविध तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी गई । किसान प्रश्नोत्तरी में 15 किसानों को उनके द्वारा प्रश्नों के सही उत्तर देने पर पुरस्कृत भी किया गया । कार्यशाला में प्रदेश के प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद कृषि निदेशक श्री सोराज सिंह, डा. राम शब्द जैसवारा, डा. विष्णु प्रताप सिंह सहित विभिन्न जिलों के अधिकारियों, वैज्ञानिकों और किसानों ने भाग लिया ।
03/11/2019
दिनांक 2 नवंबर , 2019 को लखनऊ के कृषि निदेशालय सभागार में कृषि विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित प्रशिक्षित कृषि स्नातक उद्यमी (एग्रीजंक्शन) योजनान्तर्गत चयनित और व्यवसाय कार्य कर रहे उद्यमियों तथा कषक उत्पादक संगठनों के संचालकों का एक दिवसीय सम्मेलन एक उत्साहवर्धक अवसर रहा । वर्ष 2016-17 से प्रदेश सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस योजना में बेरोजगार कृषि स्नातकों को कृषि संबंधी व्यवसाय के लिए प्रशिक्षित कर बैंकों से रु.3.50 लोन दिलवाया जाता है । उद्यमियों को सरकार द्वारा रु.1000/ प्रति माह की दर से दुकान का एक वर्ष का किराया अनुदान, रु.42000/ बैंक लोन की 5% व्याज प्रतिपूर्ति तथा बीज,उर्वरक और पेस्टीसाइड विक्रय हेतु मुफ्त लाइसेंस दिए जाते हैं । प्रदेश सरकार इन्हें इस उ.प्र.बीज विकास निगम का फ्रेचाइजी बनाकर उन्नत बीज भी उपलब्ध करा रही जिसे कृषि विभाग के पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों को विक्रय कर सकते हैं । किसानों को अनुदान डीबीटी द्वारा उनके खाते में भेजी जाएगी । महत्वपूर्ण है कि पिछले 2-3 सालों की अवधि में ही अधिकांश एग्रीजंक्शन व्यवसायी 25 लाख से लेकर 5 करोड़ तक का वार्षिक व्यवसाय कर रहे हैं । अब तक 2800 से अधिक लाभार्थी इस योजना से लाभान्वित होकर अपने व्यवसाय का संचालन कर रहे हैं । सम्मेलन में उपस्थित एग्रीजंक्शन संचालकों से अपेक्षा की गई कि वे अपने - अपने क्षेत्रों में किसान उत्पादक संगठन का भी गठन कराएं, जिससे जहां एक ओर उनके व्यवसाय में वृद्धि होगी वहीं दूसरी ओर किसानों को उनके उन्नत कृषि तकनीकी ज्ञान का लाभ भी मिलेगा साथ ही उन्हें अनुदान पर फार्म मशीनरी बैंक आदि सुविधाएं तथा नाबार्ड से भी सुविधाएं मिल सकेंगी । इस अवसर पर मा.कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने इस योजना को किसानों की आय दोगुना करने तथा रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण स्टार्टअप कहा । इस अवसर पर मा.कृषि राज्य मंत्री श्री लाखन सिंह, प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद , कृषि निदेशक श्री सोराज सिंह,निदेशक डा.बी.पी.सिह एवं अन्य वैज्ञानिकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने तकनीकी चर्चा की । इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का सफल आयोजन एवं संचालन निदेशक डा.राम शब्द जैसवारा ने किया ।
10/09/2019
प्रदेश के मा.कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी की अध्यक्षता में देश के वरिष्ठ एवं विभिन्न विधाओं के ख्यातिलब्ध वैज्ञानिक दिनांक 11.09.19 को अपराह्न 2.00 बजे से सायं 6.00 तक कृषि उत्पादन बढाने, विपणन, फसल अवशेष प्रबंधन तथा महिला कृषक सशक्तिकरण पर सीधी बातचीत करेंगे । इसमें प्रदेश में विभिन्न उद्यमों मे कार्यरत महिला उद्यमी भी भाग लेंगी । इसका सजीव प्रसारण इंटरनेट पर उपलब्ध होगा । जिसे एंड्रॉयड मोबाइल से देखा जा सकता है । कृपया इसे देखकर लाभान्वित होवें ।
27/08/2019
दूर संवेदी उपग्रहों से प्राप्त जानकारी का उपयोग कर कृषि उत्पादन के क्षेत्र में क्रांति लाई जा सकती है । इससे जलवायु, भूमि की किस्म,उर्वरता, वर्षा ,बाढ,सूखा की संभावना, बुवाई का उचित समय,फसलों की स्थिति, उनमें कीट-रोग प्रकोप की आशंका, उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए लाभकारी विपणन की रणनीति बनाकर कृषि को लाभकारी उद्यम के रूप स्थापित किया जा सकता है । सचिवालय के कृषि उत्पादन आयुक्त सभागार में इस तकनीकी के उपयोग की संभावनाओं के मद्देनजर सेटलाइट सेवा क्षेत्र की अग्रणी संस्था के सीईओ श्री अमरदीप सिबिया द्वारा मा.कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के सम्मुख योजना प्रस्तुत की गई । मा.मंत्री जी ने दूर संवेदी तकनीकी के प्रदेश की कृषि में प्रभावी और लाभकारी उपयोग के लिए अधिकारियों की समिति का गठन कर रणनीति तैयार करने और उसे पाइलट आधार पर कुछ जिलों में शीघ्र क्रियान्वित करने का निर्देश दिया ।
08/07/2019
देश में कृषि उत्पादन को नई गति और दिशा देने, किसानों की आय सन् 2022 तक दोगुना करने, किसान सम्मान योजना, मानधन योजना,प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना,किसान क्रेडिट कार्ड अभियान तथा अन्य योजनाओं के सक्षम और सफल क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर गहन विमर्श हेतु केन्द्रीय कृषि मंत्री मा.श्री नरेंद्र तोमर जी की अध्यक्षता में नई दिल्ली के पूसा सभागार में राज्यों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन में प्रदेश के मा.कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा योजनाओं के सक्षम क्रियान्वयन, उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के कल्याण के लिए कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्यपालन,रेशम उत्पादन,प्रसंस्करण और विपणन आदि के समन्वित और सक्षम क्रियान्वयन से निर्धारित समयावधि में किसानों की आय दोगुना करने के लक्ष्य के प्रतिबद्धता और संकल्प का निदर्शन किया ।
10/06/2019
उत्तर प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों की 2 -2 ग्राम पंचायतों में प्रथम चरण की खरीफ 2019 की किसान पाठशालाएं आज 10जून को शुरू होगें । दिनांक 10 जून से 13 जून तक इन पाठशालाओं का आयोजन गाम पंचायतों के प्राथमिक विद्यालयों या पंचायत घरों पर किया जा रहा है । जिनमे कृषि की खरीफ़ फसलों,उद्यान,के फल,फूल और सब्जियों, पशुपालन के अंतर्गत पशुओं के रख रखाव, उनके रोगों की रोकथाम, गन्ना,मत्स्यपालन की तकनीकों तथा विभागों की विभिन्न योजनाओं और उनमें सरकार द्वारा प्रदत्त अनुमन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी जिससे किसान अपनी लागत को कम करते हुए अधिकाधिक गुणवत्ता पूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सके साथ ही उचित प्रकार से विपणन कर अधिक आय प्राप्त कर सकें । इन पाठशालाओं के द्वितीय चरण का आयोजन 17 से 20 जून तक किया जाएगा ।
09/06/2019
प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने लखनऊ के लोकभवन में द मिलियन फार्मर्स स्कूल ( किसान पाठशाला) का शुभारंभ करते हुए इस कार्यक्रम को किसानों तक उन्नत कृषि तकनीकी और विभागों की योजनाओं के प्रसार के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभदायक बताया । उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों ने विभिन्न विधाओं में उत्पादन के मानक स्थापित किये हैं ।राज्य सरकार सन 2022 तक किसानों की आय दो गुना करने के लिए संकल्पित है तथा इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी । उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्व विद्यालयों को किसानों हेतु उन्नत तकनीकी के शोध और प्रसार पर बल दिया। कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने वर्तमान सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि कृषि और सम्बंधित विभागों ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं वह किसानों के बलबूते से सम्भव हुआ है । सरकार की नीतियों से उनकी आय में निश्चित रूप से वृद्धि होगी । पमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद ने पिछले दो वर्षों में कृषि विभाग की उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण किया । अंत मे कृषि राज्य मंत्री श्री रनवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया ।
05/06/2019
उत्तर प्रदेश ही नहीं वरन पर देश मे पहली बार कृषि विभाग द्वारा 4 जून 2019 को वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा प्रदेश के किसानों की सीधी बात देश के ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों से कराई गई । जिसके सजीव प्रसारण इंटरनेट पर एन आई सी के माध्यम से अपने प्रदेश के साथ ही अन्य प्रदेशों के किसानों ने न केवल देखा बल्कि उनसे सवाल जवाब भी किये । इस अवसर पर माँ. कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों को अपनी लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और कृषि उत्पादों के मूल्य सम्वर्धन कर आय में वृद्धि करने का आह्वान किया। इस अवसर पर वैज्ञानिकों ने ख़रीफ फसलों,बासमती धान फलो, सब्जियों, पशुपालन, गन्ना, मक्का, जैविक खेती, दलहन फसलों, केला,टमाटर, आलू की व्यावसायिक खेती की विस्तृत चर्चा की ।