28/08/2026
#फर्रुखाबाद_लोकसभा में लोधी समाज का वोट किसी एक दल की जागीर नहीं है ।
सियासत में असली ताकत तब होगी, जब लोधी समाज की मौजूदगी पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ मजबूत रहे।
एक तरफ भाजपा में लोधी नेतृत्व Mukesh Rajput जी वर्तमान सांसद (भाजपा) हैं, वहीं दूसरी तरफ सपा में लोधी चेहरा Urmila Rajput जी , पूर्व विधायक (भावी विधायक, Samajwadi Party )।
ऐसे में दोनों ही दलों को लोधी समाज की ताकत और समर्थन की जरूरत रहेगी।
फर्रुखाबाद जनपद की खासियत है कि यह लोधी राजपूत बाहुल्य जिला है। यहां लोधी वोट किंगमेकर की भूमिका में है। बिना लोधी राजपूतों के समर्थन के कोई सांसद या विधायक बनना आसान नहीं है।
📊 फर्रुखाबाद लोकसभा का सामाजिक समीकरण
- लोधी राजपूत — 2,75,200
भोजपुर, फर्रुखाबाद, अमृतपुर में सबसे निर्णायक वोटबैंक
- यादव — 2,18,480
अलीगंज, कायमगंज में SP का कोर
- क्षत्रिय / ठाकुर — 1,86,270
पूरे लोकसभा क्षेत्र में BJP के साथ, मुकेश राजपूत का बेस
- मुस्लिम — 1,74,000
फर्रुखाबाद सदर, कायमगंज में निर्णायक
- ब्राह्मण — 1,50,260
फर्रुखाबाद सदर में
- शाक्य — 1,40,600
अमृतपुर, अलीगंज में
- कुर्मी — 1,03,021
अमृतपुर में
- जाटव (SC) — 98,250
कायमगंज SC में
🧮 सीधा गणित
BJP का समीकरण:
लोधी (2.75 लाख) + ठाकुर (1.86 लाख) + ब्राह्मण (1.50 लाख) + शाक्य/कुर्मी का एक हिस्सा = यही मुकेश राजपूत को 2014 और 2019 में जिताने वाला प्रमुख समीकरण रहा।
SP का समीकरण:
यादव (2.18 लाख) + मुस्लिम (1.74 लाख) + शाक्य (1.40 लाख) + लोधी वोट में सेंध = तभी मुकाबला मजबूत होगा।
इसीलिए अगर भोजपुर से लोधी चेहरा उर्मिला राजपूत SP से आ जाती हैं, तो SP लोधी वोट में सेंध लगा सकती है और BJP का लोधी-ठाकुर वाला गणित गड़बड़ा सकता है।
यानी सियासत में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है—
लोधी समाज किसी एक दल की जागीर नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक ताकत और निर्णायक भूमिका रखने वाला समाज है।
लोधी समाज दोनों तरफ मजबूत रहेगा, तो दोनों दलों को लोधी समाज की जरूरत रहेगी।🙏