19/11/2017
On 14th November, ADR Lucknow-Election Watch released the backgrounds and the data about all the Mayor Candidates standing up for the elections in Lucknow!
This was done via a press conference.
The data was published in all the leading dailies of the city on 15th. All the Mayor candidates came out to be free from any bad records!!
19/11/2017
Volunteers of Lucknow Election Watch being briefed about the work in the different wards of Lucknow.
Around 100 volunteers are working in the different wards of Lucknow to spread awareness about voting for the correct candidate!!
19/11/2017
A Press Conference was held on 11th November to formally tell the media that ADR ELECTION WATCH has now also actively started working and spreading awareness for the upcoming UP Municipal Elections on 26th November!!
01/03/2017
छठे चरण के चुनाव में भी दागियों का बोलबाला, २० फीसदी अपराधी मैदान में
सबसे ज्यादा अपराधी बसपा से तो करोड़पति भाजपा से
लखनऊ, ०१ मार्च, , उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में राजनैतिक दलों का अपराधियों और करोड़पितयों से प्रेम कम नही हो रहा है। विधानसभा चुनावों के छठे चरण में पूर्वांचल के सात जिलों की ४९ सीटों पर बड़ी तादाद में राजनैतिक दलों ने आपराधिक रिकार्ड रखने वाले प्रत्याशियों को टिकट दिया है। छठे चरण में विभिन्न राजनैतिक दलों से २० फीसदी अपराधी तो २५ फीसदी करोड़पति चुनाव मैदान में उतरे हैं। अब तक हुए पांच चरणों के चुनावों को देखें तो यह औसत खासा ज्यादा है। अपराधियों को टिकट देने के मामले में इस चरण में बसपा ४९ फीसदी के साथ सबसे आगे है जबकि भाजपा ४० फीसदी के साथ दूसरे नंबर पर है। छठे चरण में ३८ फीसदी दागी सपा के टिकट से तो ३० फीसदी कांग्रेस की तरफ से चुनाल लड़ रहे हैं।
इस चरण में चुनाव लड़ रहे १७ फीसदी प्रत्याशियों पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और महिला हिंसा जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
सबसे ज्यादा ७३ फीसदी करोड़पति प्रत्याशी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। बसपा ने ७१ फीसदी तो सपा ने ७० फीसदी करोड़पतियों को मैदान में उतारा है। छठे चरण के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति १.५९ करोड़ रुपये है।
इस चरण में भी महिला प्रत्याशियों की तादाद दहाई में नही पहुंची है। छठे चरण में महज ९ फीसदी महिला प्रत्याशी मैदान में हैं।
छठे चरण में सात जिलों आजमगढ़, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज और मऊ की ४९ विधानसभा सीटों पर मतदान होना है।
उत्तर प्रदेश विधनासभा के छठे चरण के प्रत्याशियों के आपराधिक, आर्थिक व शैक्षणिक रिकार्ड की विस्तृत समीक्षा के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटक रिफार्म (एडीआऱ) व यूपी इलेक्शन वॉच ने जो रिपोर्ट जारी की है उसके मुताबिक बड़े पैमाने पर बाहुबली व धनबली चुनाव मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। एडीआर ने छठे चरण में नामांकन करने वाले सभी ६३५ प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करते समय दिए गए शपथपत्रों के आकलन के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है।
एडीआर की रिपोर्ट जारी करते हुए प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य डॉ अजय प्रकाश व समन्वयक अनिल शर्मा ने बताया कि गंभीर अपराधियों को टिकट देने के मामले में बसपा ४१ फीसदी के साथ सबसे आगे है।
करोड़पतियों को टिकट देने के मामले में भाजपा अव्वल रही है हालांकि बसपा व सपा भी उससे ज्यादा पीछे नही हैं। छठे चरण के प्रत्याशियों में टाप तीन अमीर बसपा के टिकट पर ही लड़ रहे हैं।
नामांकन के समय दिए गए शपथपत्र के मुताबिक छठे चरण के सभी प्रत्याशियों में सबसे अमीर आजमगढ़ जिले की मुबारकपुर से बसपा के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ११८ करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ हैं जबकि चिल्लूपार से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे विनयशंकर तिवारी के पास कुल ६७ करोड़ की संपत्ति है। तीसरे सबसे अमीर प्रत्याशी नौतनवां, महराजगंज के बसपा प्रत्याशी एजाज अहमद हैं जिनकी कुल संपत्ती ५२ करोड़ रुपये है।
मऊ के बसपा प्रत्याशी मुख्तार अंसारी पर सबसे ज्यादा ६ करोड़ का तो मुबारकपुर के बसपा प्रत्याशी गुड्डू जमाली पर २ करोड़ का कर्ज है।
जहां तक शैक्षिक योग्यता का सवाल है तो छठे चरण में मैदान में उतरे ५३ फीसदी प्रत्याशी स्नातक या इससे उपर की शिक्षा प्राप्त है। इस चरण में भी बड़ी तादाद में युवा प्रत्याशी मैदान में हैं। छठे चरण का चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों में ६७ फीसदी की आयु २५ से ५० साल के बीच है।
14/02/2017
Uttar Pradesh, Phase 3,
Poll Date: 19th Feb.
Check candidates background details before voting: www.myneta.info/uttarpradesh2017/
04/02/2017
Today's seminar on 'Importance of Affidavits' held at Hotel Gomti.
A great thanks to everyone for making this event successful.
02/02/2017
Election Watch-Lucknow conducts Election Awareness campaigns in Lucknow in collaboration with the National Election Watch for the upcoming Uttar Pradesh elections,2017.