14/05/2021
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आत्मरक्षा कार्यशाला #mission #shakti #women #enpowerment #self #defense #girls #नारी #सशक्तिकरण
बक्शी के तालाब स्थित पहाडपुर प्राथमिक विद्यालय में बालिकाओं तथा स्थानीय ग्रामीण महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक.....
30/04/2021
आप सभी बंधुओं, मित्रों, भाईयों, बहनों तथा सहयोगियों को प्रणाम I इस कोरोना की दूसरी लहर में हम आपके स्वास्थ्य तथा मंगलमय जीवन की कामना करते हैं I वेलियंट वेलफेयर एसोसिएशन में हम अभी भी दिन रात सीमित संसाधनों तथा क्षमता के साथ यथासंभव सेवा कार्यों में रत हैं I आप सबसे अनुरोध है कि सतर्क, स्वस्थ रहें I जितने भी साथी विगत वर्षों से साथ हैं, उनसे अनुरोध है कि साथ आएं I हम नई प्रभावी योजनाओं तथा अच्छी सक्षम टीम के साथ कार्य करना चाहते जिससे इस विपदा से सामूहिक रूप से निबटा जा सके I
व्हाट्सएप्प तथा कॉल्स से जुड़ने के लिए संपर्क करें
9919100696
28/03/2021
Valiant Welfare Association की ओर से आप सभी सनातनियों को होलिकोत्सव की मंगलकामनायें I
12/03/2021
https://youtu.be/iooLGLUkkxg
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for more videos and information
self defense workshop on women's day @ city women's college jankipuram lucknow
नारी शक्ति को सबल और सक्षम बनाने हेतु valiant academy की एक पहल
12/11/2020
धनतेरस के पावन पर्व की सभी सनातनियों को मंगलकामनाएं I
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11/10/2020
Valiants works in blood donation, awareness, cleansing and education for kids having poor financial background
17/09/2020
धरती के सभी जीवों में मनुष्य सर्वश्रेष्ठ है। वह सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि वह विचार कर सकता है और चिंतन भी। वे कार्य के सही और गलत होने में भेद कर सकते हैं। वे कहते हैं कि प्रकृति ने मनुष्य को पेड़ पौधों के रूप में बहुमूल्य उपहार दिया है इसलिए हम सभी का यह कर्तव्य होना चाहिए कि हम प्रकृति के इन उपहारों को संजो कर रखें। उनका यह प्रयास सराहनीय है और इसी प्रयास के लिए उन्हें भारत का तीसरा बड़ा सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।
रमैया ने अपना पूरा जीवन भारत को हरा-भरा करने में लगा दिया। इस 70 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति ने लगभग एक करोड़ पेड़ लगाया है और अभी और भी पेड़ लगा रहे हैं। उनका प्रचलित नाम चेतला रमैया है जो चेट्टु से आता है जिसका मतलब पेड़ होता है। रमैया जहाँ कहीं भी बंजर भूमि देखते वे किसी भी बहाने पेड़ लगा देते थे। पैसे की कमी रमैया के उद्देश्य की पूर्ति में कभी भी अड़चन नहीं बनी।
“हमने अपनी तीन एकड़ जमीन बेच दी ताकि हम उस पैसे से बीज और पौधे खरीद सकें।” — रमैया
रमैया पेड़ पौधे लगाने वाले एक जुनूनी व्यक्ति भर नहीं हैं बल्कि वे पौधों के बारे में ढेरों किताबें पढ़ते और उसकी जानकारी रखते हैं। वे पौधों के विभिन्न प्रजातियों, उनके उपयोग और लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी रखते और इसके लिए वे स्थानीय लाइब्रेरी में जाकर अध्ययन भी करते हैं।
एक समय में लोग उन्हें पागल कहते थे और उनका मज़ाक उड़ाते थे। लेकिन आज उनकी अहमियत पूरी दुनिया ने जाना है और जो लोग उन्हें पागल कहते थे आज वही लोग उनका सम्मान करते नहीं थकते। उनकी पत्नी जन्ममा याद करती हुई बताती हैं कि जब रमैया साईकिल में बीज और पौधे लेकर निकलते थे, तब आसपास के लोग उनकी हँसी उड़ाते थे।
“वे साईकिल चलाकर कई किलोमीटर तक चले जाते थे और जहाँ उन्हें खाली जगह दिखाई पड़ती वहाँ पर वे बीज या पौधे लगा देते। उन्हें यह विश्वास होता कि यह पूरा इलाका कुछ दिनों में हरा-भरा हो जायेगा।” — जन्ममा
किसी की शादी हो, या जन्मदिन, या शादी की सालगिरह, दोनों पति-पत्नी लोगों को पौधे ही उपहार में देते थे।
रमैया अपने गांव में दो कमरे के घर में रहते हैं। उनका घर एक छोटा म्यूजियम लगता है क्योंकि वहाँ बहुत सारी तख्तियां, होर्डिंग्स और बैनर होते थे जिसमें पौधे लगाने के महत्व के स्लोगन लिखे होते थे। वह कहीं भी सफर करते, अपनी गर्दन पर स्कार्फ़ की भाँति एक बोर्ड लगा लेते जिसमें लिखा होता “वृक्षो रक्षति रक्षितः”।
“मेरा उद्देश्य पौधे लगा देने भर से पूरा नही होता, मेरा काम तो इनको पौधे से एक बड़ा पेड़ बनाने पर ही समाप्त होता है l” — रमैया
यही उनके जीवन का उद्देश्य है और इससे ही उन्हें संतोष मिलता है। पद्मश्री सम्मान के बाद उनको सही पहचान मिली। अकादमी ऑफ़ यूनिवर्सल ग्लोबल पीस के द्वारा उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि मिली। रमैया ऐसे महान व्यक्ति हैं जिन्होंने अपना सारा जीवन ऐसे काम करते हुए बिताया, जिससे आने वाली पीढ़ियों का जीवन सुरक्षित हो सके। रमैया सच में एक सच्चे विजेता हैं और हमारे प्रेरणास्रोत भी।
17/09/2020
मुक्ति फाउंडेशन के छात्र स्वयंसेवकों ने हजरतगंज में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। उन्होंने हजरतगंज कोतवाली महिला थाना प्रभारी श्रीमती रंजना सचान एवं अन्य पुलिस अधिकारियों को कार्ड वितरित किए और उनकी कड़ी मेहनत और समाज में योगदान के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने हमारे देश में बलात्कार की संस्कृति के बारे में जागरूकता बढ़ाते हुए, जनता के बीच कार्ड वितरित किए।
03/08/2020
समस्त सनातनियों और भारतवंशियों को रक्षाबंधन की शुभकामनायें I
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17/07/2020
Grand salute to this VALIANT
नाम ब्रिजर वॉकर, उम्र 6 वर्ष और वर्ल्ड बॉक्सिंग काउंसिल ने इस बच्चे को वर्ल्ड चैंपियन का मानद खिताब दिया है। अगर आप सोच रहे हैं कि इस उम्र में इस बच्चे ने कौन-सा ऐसा काम किया है कि उसे इतना बड़ा सम्मान मिला है तो बता दें कि ब्रिजर ने एक ऐसी जंग लड़ी, जिसके बारे में सोचकर ही बड़े-बड़े धुरंधरों की रूह कांप जाएगी। दरअसल, व्योमिंग (अमेरिका) के रहने वाले वॉकर ने एक खतरनाक कुत्ते से खूनी संघर्ष में अपनी बहन को बचाया है, जिसमे इस बच्चे को 90 टांके लगे I