16/04/2022
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AYUSH Medical Association(india)
Government of India has combined the Indian System of Medicine i.e. Ayurveda, Yog with Naturopathy, Unani, Siddha and Homoeopathy on 11th November 2003 and renamed is as AYUSH.
11/12/2020
प्रिय यूनानी डॉक्टर्स,
कल दिनाक 9/12/20 को लखनऊ में सभी यूनानी एसोसिएशन के पदाधिकारियों की एक साझा बैठक हुई जिसमे कुछ अहम् मसलों पर वार्ता हुई !
1-सभी यूनानी एसोसिएशन के लोगों ने साझा प्रयास करके जल्द से जल्द यूनानी सर्जरी को परमिशन और उसका भी गज़ट नोटिफकेशन करवाने के लिए
वचनबद्ध रहने की बात कही
और इसके लिए हिंदुस्तान की सभी यूनानी एसोसिएशन और सभी यूनानी कॉलेज से बात करने
और सभी लोगों को साथ आने की अपील जारी की !
2-इसी क्रम में रजिस्ट्रेशन हेतु पूरे प्रदेश में एक जैसा फॉर्मेट के इस्तेमाल और उसमे चिकित्सा अभ्यास का अधिकार का ज़िक्र होना चाहिए जिसके लिए एसोसिएशन के कुछ लोग जाकर आयुर्वेद एवं यूनानी निदेशक से संपर्क करेंगे !
3-नेशनल हेल्थ पालिसी में यूनानी चिकित्सा को भी जोड़ने की मांग की जाएगी !
वार्ता में डॉक्टर आमिर जमाल अध्यक्ष *यूनानी स्कॉलर एसोसिएशन* , डॉक्टर मोईद अहमद अध्यक्ष *नेशनल यूनानी डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन* , डॉक्टर नियाज़ अहमद प्रदेश महासचिव *बी.यु.एम् .एस डॉक्टर्स एसोसिएशन* , डॉक्टर आरिज़ कादरी अध्यक्ष यू.पी *वर्ल्ड यूनानी फाउंडेशन* डॉक्टर निहाल अहमद सचिव *आल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस* , *डॉक्टर ज़ुहैर किदवई* , *डॉक्टर खुर्शीद राईनी* , *डॉक्टर मुबश्शिर खान*
की उपस्थिति रही !
21/03/2018
Some important things for important organs.
17/03/2017
Free Registration for 2nd National Unani Conference.
27/01/2017
The Indian Government has approved to celebrate World Unani Day.
15/03/2016
WHO का सरकार से हुआ करार, अब पूरी दुनिया में बिक सकेंगी यूनानी, आयुर्वेदिक दवाइयाँ
नई दिल्ली: यूनानी, आयुर्वेदिक दवाइयाँ बनाने वाले और योग सिखाने वाले लोगों के लिए आज एक खुशखबरी सामने आ रही है।
खुशखबरी यह है कि WHO ने देश की सरकार के साथ एक करार किया है जिसके तहत WHO देश में सदियों से चली जा आयुर्वेद और यूनानी तरीकों से बनी दवाइयों की पहचान कर उन्हें प्रमाणित (सर्टिफाई) करेगा ताकि इन दवाइयों को पूरी दुनिया में बे रोक-टोक बेचा जा सके।
इस बारे में WHO ने सरकार से आज एक करार भी किया है जिसके मुताबिक WHO अब योग ट्रेनिंग, आयुर्वेद और यूनानी तरीकों से इलाज, पंचकर्मा के लिए जरूरी पैमाने तय करेगा जिससे इन तकनीकों को पूरी दुनिया तक पहुँचाया जा सके।