31/05/2026
धागों से चलती कठपुतलियां केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, लोकनाट्य और परंपराओं की जीवंत पहचान हैं। भोजपुरी अंचल की यह अनमोल कला लोककथाओं, भावनाओं और सामाजिक संदेशों को सरल एवं आकर्षक ढंग से जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करती रही है।
आज आवश्यकता है कि हम अपनी इस पारंपरिक लोककला को संरक्षित करें और नई पीढ़ी तक इसकी सांस्कृतिक विरासत को पहुंचाएं।
31/05/2026
जब हमारे वीर सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पण, साहस और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, तब प्रत्येक नागरिक का दायित्व बनता है कि वह उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव रखे।
माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की गरिमामयी उपस्थिति में लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) का लोकार्पण संपन्न हुआ।
यह वाटिका भारतीय नौसेना के अदम्य साहस, समर्पण तथा आधुनिक तकनीकी दक्षता को समर्पित है।
नौसेना शौर्य संग्रहालय एवं वाटिका देशभक्ति की भावना को और सशक्त करेंगे तथा भारतीय सशस्त्र बलों की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। यह पहल युवाओं में राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना को और सुदृढ़ करेगी।
31/05/2026
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर केवल एक महान शासिका ही नहीं, बल्कि सेवा, धर्म, न्याय और जनकल्याण की अद्वितीय प्रतीक थीं। उनके आदर्श नेतृत्व और लोकहितकारी कार्य आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं।
उनकी जयंती पर महान शिवभक्त वीरांगना, पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी को कोटि-कोटि नमन।
30/05/2026
सपनों को मंच देने का समय आ गया है...
भारतेन्दु नाट्य अकादमी, लखनऊ द्वारा बच्चों के लिए विशेष Performance-Oriented Children Theatre Workshop आयोजित की जा रही है, जहाँ अभिनय, आत्मविश्वास एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति के गुणों का विकास होगा।
यदि आपके बच्चे में कला के प्रति रुचि एवं प्रतिभा है, तो यह कार्यशाला उनके लिए एक उत्कृष्ट अवसर है।
आवेदन पत्र अकादमी पुस्तकालय से प्राप्त किए जा सकते हैं तथा पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र वहीं जमा किए जा सकते हैं।
अधिक जानकारी हेतु ईमेल करें: bna.lko@gmail
30/05/2026
चित्रों और हस्तलिखित पांडुलिपियों में संजोई गई रामकथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अमूल्य खजाना है।
रामचरितमानस पांडुलिपि के जीवंत चित्र न केवल कथा का दर्शन कराते हैं, बल्कि भारतीय कला, भक्ति और ज्ञान परंपरा की अद्भुत झलक भी प्रस्तुत करते हैं।