17/05/2019
पोस्ट अच्छी लगे तो #शेयर जरुर करे
Ish trh mili wo mujhe saalo ke baad
jese haqikat mili ho khayalo ke baad
main puchta raha us se khataye apni
wo baht royi mere sawalo ke baad;-(:-(
If u luv two people at same time
choose the second. bcas if u realy luvd the first one u would't have fallen for the second.
17/05/2019
पोस्ट अच्छी लगे तो #शेयर जरुर करे
17/05/2019
#उदास_आँखों_से_आँसू नहीं निकलते हैं,
ये मोतियों की तरह सीपियों में पलते हैं.
मैं शाहराह नहीं #रास्ते_का_पत्थर हूँ,
यहाँ सवार भी पैदल उतर के चलते हैं.
कई सितारों को मैं जानती हूँ बचपन से,
कहीं भी जाऊँ मिरे साथ साथ चलते हैं.
ये एक पेड़ है आ इस से मिल के #रो लें हम,
यहाँ से तेरे मिरे रास्ते बदलते हैं.😞😞
Seesha to totne ke baad apni kasish bta deta h drd to us pthr ka h jo totne ke kabil bhi ni..
*DíӀ Ƙɑ Ƙվɑ ƘɑՏօօɾ🐿*
🌸🌸✨✨🌸🌸
*🙋🏽♂कोइ मेरी रूह को जला कर यूँ चला गया है,*
*देखो ना धुआँ धुआँ सी हो गइ है मेरी जिंदगी !!*
🌸🌸✨✨🌸🌸
ʙr✿ĸ㉫Ǹ $†Ar📌
*DíӀ Ƙɑ Ƙվɑ ƘɑՏօօɾ*
🌸🌸✨✨🌸🌸
*🙋🏽♂वो मिले तो मै उनसे कहूँ मेरे न हो सको..तो कुछ ऐसा कर दो...*
*मैं जैसा था पहले .. मुझे फिर से वैसा कर दो..।*
🌸🌸✨✨🌸🌸
ɓʀѳkɛɳ รtɑʀ 📌
*DíӀ Ƙɑ Ƙվɑ ƘɑՏօօɾ*
🌸🌸✨✨🌸🌸
*🙋🏽♂ये मेरे बिखरे हुए हालात देख के लगता नहीं तुमको….!!*
*कि ए जिन्दगी…! कितना ढूँढ़ा होगा तुझे मैने….!*
🌸🌸✨✨🌸🌸
ɓʀѳkɛɳ รtɑʀ 📌
Betab hu behaal hu bechain bht hu kal khwab me fir maine tumhe dekh liya h
जब रात के सन्नाटे मे कमरे की घड़ी की टिक-टिक के सिवा कुछ सुनाई न दे।
हम बेसूध अपने बिस्तर पर परे होते है, चित बिल्कुल बेचैन होता है, नजरे कमरे की छत पर होती है जहाँ हमारी आँखों से ओझल सारी तस्वीरों का प्रतिबिंब उसी छत पर दिखाई देने लगता है।
मन मे कई सवाल उमरते है,मगर जवाब देने वाला कोई नही होता, और अंतत: किशोर दा का वो गाना "अमानुष बना के छोड़ा" इसी मे खुद के जवाब मिल जाते है।
आँखे तो सोना चाहती है मगर दिमाग सोने नहीं देता,फिर कही खुद को बहलाते है कि कल सुबह उस नयी लडकी से सबकुछ कह कर नयी जिंदगी शुरु करुँगा, और अगली रात्रि भी यही प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है।
हम किसी और को सोच तो लेते है मगर बस खुद को बहलाने के लिए। क्युँकी हमे ये पता है "मर के भी दिल से ये प्यार न होगा कम"
..उसकी और मेरी मुहब्बत में महीन सा फ़र्क़ था.. बस वो मेरे लिए #जरूरी_थी… ।
कुमार शिकस्तगी ।।
Sardiya bhi jane wali h ab aur jati huyi koi chiz achi ni lgti ab.
Teri har muqammal kosish ka main yun jawab deta gya
tum bs nazare churati gyi aur main use pyar kahta gya:-(
Main Barbad ho to jau tujh se Rabta kr ke tere fareb me wo bat wo siddat to ho