दारिद्याद्ह्रिययमेति ह्रीपरिगतः प्रभ्रश्यते
तेजसो निस्तेजाः परिभूयते परिभवान्निर्वेदमापद्यते।
निर्विण्णः शुचमेति शोकपिहितो बुद्धया परित्यज्यते
निर्बुद्धिः क्षयमेत्यहो निधनता सर्वापदामास्पदम्॥ (मृच्छकटिकम् १.१४)
वाचन - डॉ. सुमन मिश्रा, लखनऊ
उत्तर प्रदेश संस्कृत प्रतिभा खोज
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"उपदेश नहीं, सहयोग चाहिए।"
श्रेष्ठ उपदेश देने की अपेक्षा श्रेष्ठ कर्म कर दिखाना अधिक प्रभावकारी होता है।
"परामर्श अनेक हैं, पर कर्म ही सफलता का कारण है।"
https://upsanskritpratibhakhoj.com
सोनभद्र जनपद से सोनल सिंघल आगामी संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने हेतु आग्रह कर रहीं हैं|
#संस्कृत_प्रतिभा_खोज #संस्कृतसं_संस्थानम_लखनऊ
अम्भोजिनीवनविहार विलासमेव
हंसस्य हन्ति नितरां कुपितो विधाता।
न त्वस्य दुग्धजलभेदविधौ प्रसिद्धां
वैदग्ध्यकीर्तिमपहर्तुमसौ समर्थ: ।।
अत्यंत कुपित होकर भी विधाता अधिक से अधिक हंसों के कमलिनियों के वन में विहाररूप विलास को ही नष्ट कर सकता है किन्तु हंस की जो पानी और दूध को अलग कर देने की विदग्धता है उसको विधाता भी नष्ट नहीं कर सकता।
पुस्तक नीतिशतक स्वर शिवानी द्विवेदी।
प्रिय प्रतिभागियों,
इस वर्ष संस्कृत प्रतिभा खोज 2026 के अंतर्गत गीत प्रतियोगिता हेतु कौन-कौन से गीतों को आगामी प्रतियोगिता के लिए अनुसंशित किया जाए ??
आप सभी अपने-अपने सुझाव मुझे व्यक्तिगत या समूह में प्रेषित कर सकते हैं|
दीपक मिश्र
राज्य संयोजक
8595656658
शिर: शार्वं स्वर्गात् पतति शिरसस्तत् क्षितिधरं
महीघ्रादुत्तुंगादवनिमवनेश्चापि जलधिम्।
अधोऽधो गंगेयं पदमुपगता स्तोकमथवा
विवेकभ्रष्टानां भवति विनिपात: शतमुख:।।
गंगा स्वर्ग से महादेव के शिर पर गिरती है, वहाँ से हिमालय पर्वत पर, उच्च पर्वत से पृथ्वी पर तथा पृथ्वी से समुद्र में गिरती है। इस प्रकार उसका निरंतर पतन ही होता गया। तात्पर्य यह है कि विवेकभ्रष्ट मनुष्यों का सैकड़ों प्रकार से अध: पतन होता है।
04/06/2026
संस्कृत प्रतिभा खोज की प्रतियोगिता में लघुसिद्धांतकौमुदी कंठस्थ पाठ की एक प्रतियोगिता होती है। पूर्वमध्यमा द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्यांश पाण्डेय, वाराणसी इस प्रतियोगिता की तैयारी कर 2025 की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में ग्यारहवें स्थान पा चुके हैं। इन्हें संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन वृत्ति मिली है।
आपने अब सम्पूर्ण लघुसिद्धान्तकौमुदी को याद कर लिया है। इन्होंने वीडियो बनाकर अपने यूट्यूब पर अपलोड भी किया है, जिसका प्लेलिस्ट नीचे दिया गया है।
॥सम्पूर्ण लघु सिद्धांत कौमुदी कंठस्थ पाठ॥ इस प्लेलिस्ट में सम्पूर्ण लघु सिद्धांत कौमुदी का कण्ठःस्थ पाठ श्रीसूर्यांश पाण्डेयजी (काशी सूर्य) द्वारा किया गय...
संस्कृत प्रतिभा खोज केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के सामूहिक पुरुषार्थ का परिणाम है।
इस वर्ष भी अनेक शिक्षक एवं अभिभावक अपने छात्र-छात्राओं को प्रतियोगिताओं की तैयारी कराने में जुट चुके हैं। ऐसे ही समर्पित शिक्षकों में Gulab Shankar Mishra का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इन्होंने अपनी छात्रा को पूरे वर्ष निरंतर अभ्यास कराते हुए *किरातार्जुनीयम्* तथा *नीतिशतकम्* के श्लोकों का शुद्ध उच्चारण, अर्थबोध और कंठस्थ पाठ का प्रशिक्षण दिया। समय-समय पर विद्यार्थियों के अभ्यास वीडियो और प्रस्तुतियाँ भी उपलब्ध कराते रहे, जिससे अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिली।
वास्तव में ऐसे शिक्षक ही संस्कृत की जड़ों से जुड़े हुए हैं। वे केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर संस्कृत के प्रति अनुराग, अनुशासन और आत्मविश्वास का निर्माण करते हैं। परिणामस्वरूप उनके छात्र प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सम्मान प्राप्त करते हैं।
संस्कृत प्रतिभा खोज की सफलता के पीछे ऐसे हजारों शिक्षकों का मौन परिश्रम, समर्पण और संस्कृत के प्रति निष्ठा कार्य कर रही है।
#संस्कृत_प्रतिभा_खोज
04/06/2026
🏆 **जब परिश्रम को मिलता है सम्मान, तब चेहरे पर खिलती है ऐसी मुस्कान...** 🌸
चित्र में दिखाई दे रहा यह विद्यार्थी *संस्कृत प्रतिभा खोज 2023* की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए पुरस्कार, ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र प्राप्त कर रहा है। उसके चेहरे की प्रसन्नता, आत्मविश्वास और संतोष यह बता रहे हैं कि सफलता केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि निरंतर अध्ययन, अभ्यास और समर्पण का परिणाम होती है।
संस्कृत प्रतिभा खोज का मंच ऐसे ही हजारों विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, सम्मान प्राप्त करने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है। आज का यह विजेता कभी एक सामान्य प्रतिभागी था, जिसने अपनी लगन और परिश्रम से राज्यस्तरीय मंच तक पहुँचकर अपनी पहचान बनाई।
क्या इस वर्ष यह स्थान आपका हो सकता है?
यदि आपके भीतर भी संस्कृत के प्रति रुचि, ज्ञान और कुछ कर दिखाने का उत्साह है, तो संस्कृत प्रतिभा खोज 2026 आपका इंतजार कर रही है।
📌 आवेदन प्रारम्भ : 10 जुलाई 2026
📌 अंतिम तिथि : 15 अगस्त 2026
अधिक जानकारी एवं आवेदन हेतु—
https://upsanskritpratibhakhoj.com
#संस्कृत_प्रतिभा_खोज
04/06/2026
यह दृश्य संस्कृत प्रतिभा खोज 2023 की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों का है, जिन्होंने अपने ज्ञान, स्मरणशक्ति, वाक्पटुता, गायन एवं संस्कृत के प्रति समर्पण के बल पर प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की।
संस्कृत प्रतिभा खोज केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति अनुराग जागृत करने, उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने तथा भारतीय ज्ञान परम्परा से जोड़ने का एक सशक्त अभियान है।
वर्ष 2023 में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से हजारों विद्यार्थियों ने सहभागिता की। जनपद, मंडल एवं राज्य स्तर की प्रतिस्पर्धाओं को पार करते हुए चयनित प्रतिभागियों ने अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया और सम्मान, पुरस्कार तथा प्रमाणपत्र प्राप्त किए।
आज ये विजेता विद्यार्थी उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा हैं जो संस्कृत प्रतिभा खोज 2026 में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं। आपकी प्रतिभा भी अगले राज्यस्तरीय मंच तक पहुँच सकती है।
📌 आवेदन प्रारम्भ : 10 जुलाई 2026
📌 अंतिम तिथि : 15 अगस्त 2026
अधिक जानकारी एवं आवेदन हेतु—
https://upsanskritpratibhakhoj.com
#संस्कृत_प्रतिभा_खोज
04/06/2026
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उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान
Lucknow
226007
