26/03/2026
कथक नृत्य के प्रचार प्रसार के क्रम में विगत कई वर्षों से बिरजू महाराज कथक संस्थान द्वारा मासिक कथक संध्या का आयोजन होता चला आ रहा है , दिनांक 25 मार्च 2026 को संस्थान द्वारा कथक संध्या का आयोजन राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो• सुनीता मिश्रा (प्रभारी कुलपति, बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ), डॉ• रंगनाथ मिश्रा (पूर्व कुलपति, मेजर एस.डी सिंह विश्वविद्यालय, फर्रुखाबाद) संस्थान की अध्यक्ष आदरणीय डॉ• कुमकुम धर जी एवं संस्थान की उपाध्यक्ष आदरणीय डॉ• मिथिलेश तिवारी जी के द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। लखनऊ घराने की कलाकार डॉ• मनीषा मिश्रा जी ने कथक संध्या में अपने नृत्य का प्रारंभ "ओम नमः शिवाय" पंचाक्षरी महामंत्र पर आधारित नृत्य से किया तत्पश्चात शुद्ध पारम्परिक कथक नृत्य शैली के अंतर्गत तीनताल में थाट ,आमद , परन एवं जुगलबंदी की प्रस्तुति दी।कार्यक्रम के अंतिम चरण में दादरा "डगर बीच कैसे चलूं मोहे छेड़े कन्हैया" में अपनी भावपूर्व प्रस्तुति दी | संगत कलाकार के रूप में तबला - पं• रविनाथ मिश्रा जी एवं आराध्य प्रवीण , गायन एवं हारमोनियम - प्रवीण कश्यप जी एवं मंजूषा मिश्रा तथा सितार - डा•नवीन मिश्रा जी ने सहयोग दिया, इसके अतिरिक्त सहयोगी नृत्यांगनाओं के रूप में प्रेरणा विश्वकर्मा एवं वंशिका शर्मा का सहयोग सराहनीय रहा।कार्यक्रम के दौरान सभागार में प्रतिष्ठित कलाकारो के साथ कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें | कार्यक्रम का संचालन श्री राजेंद्र विश्वकर्मा जी द्वारा किया गया |
Department of Culture, Uttar Pradesh
19/03/2026
National P.G. काॅलेज द्वारा दो दिवसीय वार्षिकोत्सव "OAJ" 2026 के आयोजन के अन्तर्गत विभिन्न विषयों पर प्रतियोगिताएं सम्पन्न करायी गई, जिसमें लखनऊ के विभिन्न काॅलेजों के लगभग 450 प्रतिभागियों ने भाग लिया। समूह गायन प्रतियोगिता में बिरजू महाराज कथक संस्थान के छात्र छात्राएं विजेता बने | संस्थान में गायन का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रुद्र पांडे,श्रिया श्रीवास्तव, मायरा गुलशन , इंद्राक्षी शुक्ला , प्रज्ञा मौर्या ,अवीहा सिंह , एवं शिखर अग्रवाल ने होली ( Mashup) थीम पर सराहनीय प्रदर्शन कर धनराशि, पदक एवं प्रमाण पत्र प्राप्त किये |
Department of Culture, Uttar Pradesh
13/03/2026
डी.ए.वी. डिग्री काॅलेज द्वारा त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव "अभिव्यक्ति" 2026 के आयोजन के अन्तर्गत विभिन्न विषयों पर प्रतियोगिताएं सम्पन्न करायी गई, जिसमें लखनऊ के विभिन्न काॅलेजों के लगभग 350 प्रतिभागियों ने भाग लिया। गायन प्रतियोगिता एवं समूह कथक नृत्य में विजेता रही बिरजू महाराज कथक संस्थान की छात्राएं , संस्थान में गायन प्रबुद्ध की छात्रा प्रज्ञा मौर्या एवं समूह कथक नृत्य में संस्कृति , आराध्या शिवांगी,अदिति ,स्वर्णिमा , दीवा, खुशी ने सुंदर प्रदर्शन कर पदक प्राप्त किये |
Department of Culture, Uttar Pradesh
06/02/2026
विगत कई वर्षों से कथक सम्राट पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज जी की जयंती दिनांक 4 फरवरी को समूचे देश में विभिन्न स्तरों से मनाई जाती है। कथक जगत में यह उनकी सृजनशीलता, यश कीर्ति के विस्तार का प्रतिफल है। इस संदर्भ में सदैव की भांति इस वर्ष भी उत्तर प्रदेश लखनऊ में स्थित "बिरजू महाराज कथक संस्थान" द्वारा दो दिवसीय वृहद आयोजन संपन्न किया गया। दिनांक 4 फरवरी को पंडित बिरजू महाराज जी की जयंती के अवसर पर आयोजित महत्वपूर्ण व्याख्यान कार्यक्रम के उपरांत दिनांक 5 फरवरी को "कला मंडपम्" में इस अवसर पर अप्रतिम कथक नृत्य प्रस्तुतियां आयोजित की गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में पंडित बिरजू महाराज जी पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन सभी संगीत प्रेमियों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। इस सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि "भातखंडे विश्वविद्यालय", लखनऊ तथा "इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय", खैरागढ़ की पूर्व कुलपति विदुषी डॉ• पूर्णिमा पांडे जी , संस्थान की अध्यक्ष आदरणीय डॉ• कुमकुम धर जी, उपाध्यक्ष आदरणीय डॉ• मिथिलेश तिवारी जी, संस्थान के सहायक निदेशक आदरणीय श्री तुहिन द्विवेदी जी, एस• एन• ए• के निदेशक आदरणीय श्री शोभित नाहर जी, एस• एन• ए• के अध्यक्ष आदरणीय श्री जयंत खोत जी एवं प्रख्यात वक्ता डॉ• गौतम चटर्जी जी की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। तत्पश्चात संस्थान के छात्र-छात्राओं के प्रोत्साहन और ऊर्जा को गति प्रदान करने के क्रम में शास्त्रीय गायन शैली "चतुरंग" की प्रस्तुति की गई। जिसका कुशल संगीत निर्देशन संस्थान की प्रशिक्षिका सुश्री मीना वर्मा जी द्वारा किया गया। पंडित बिरजू महाराज जी को स्मरण करते हुए असम से पधारी प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना सुश्री मेघरंजनी जी ने अपनी गुरु मां सुश्री मरमी मेधी जी के साथ अपने कार्यक्रम का शुभारंभ किया उनकी प्रस्तुति में "मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो" की प्रत्येक पंक्तियों में अभिनय भावविभोर कर देने वाला था। कार्यक्रम में इनके साथ सभी संगत कलाकारों की भूमिका भी अति उल्लेखनीय रही। कथक नृत्य कार्यक्रम का दूसरा चरण नितांत, भिन्न और अनोखा था। पद्मविभूषण सुश्री कुमुदिनी लाखिया जी द्वारा संपादित अहमदाबाद स्थित "कदम्ब सेंटर फॉर डांस एंड म्यूजिक" का सामूहिक कथक नृत्य कथक के विस्तृत और विविध आयाम को परिलक्षित कर रहा था। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कथक कलाकारों का मुख्य अतिथि तथा संस्थान की अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष द्वारा अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ के द्वारा सम्मान किया गया। प्रस्तुतियों के दौरान समय-समय पर सभागार में उपस्थित दर्शकों की सटीक करतल ध्वनि से हमारे अतिथि कलाकारों ने विशेष सम्मान का अनुभव किया। निसंदेह जयंती दिवस को स्मरणीय बनाने में संस्थान के सभी प्रशिक्षकों और सहयोगी कर्मियों का समर्पण अतिउल्लेखनीय है। कार्यक्रम का कुशल संचालन सुश्री पुनीता अवस्थी जी द्वारा किया गया।
Department of Culture, Uttar Pradesh
https://www.youtube.com/live/UDKyJIqWWZI?si=lCIBvY4eOpvNhd67
https://www.lokvratant.com/ताल-और-स्मृतियों-का-संगम-क/
04/02/2026
पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज जी की जयंती के उपलक्ष्य में बिरजू महाराज कथक संस्थान द्वारा दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आज दिनांक 4 फरवरी को भातखंडे परिसर के जयशंकर प्रसाद सभागार में एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्य अतिथि भातखंडे विश्वविद्यालय कुलपति प्रो•(डा•)मांडवी सिंह जी , संस्थान की अध्यक्ष डॉ• कुमकुम धर जी , उपाध्यक्ष डॉ• मिथिलेश तिवारी जी एवं वाराणसी से पधारे वक्ता डॉ गौतम चटर्जी जी द्वारा दीपप्रज्वलन से किया गया। तदुपरांत कथक सम्राट पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज जी की जीवन यात्रा कला दृष्टि और साधना को सहेजती एक विशेष वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री फिल्म) का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वाराणसी से पधारे डॉ• गौतम चटर्जी जी द्वारा व्याख्यान दिया गया। व्याख्यान का विषय "नाट्यशास्त्र और समकालीन शास्त्रीय नृत्य विधाएं" था। व्याख्यान के दौरान वक्ता ने नाट्यशास में वर्णित वैदिक एवं लौकिक भाषा के महत्व एवं नाट्यशास्त्र से संबंधित अन्य विषयों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में प्रश्न उत्तर सत्र में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय एवं बिरजू महाराज कथक संस्थान के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की और विषय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जिनका उन्हें संतोषजनक उत्तर भी प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्थान की प्रशिक्षिका डॉ• उपासना दीक्षित द्वारा किया गया।
Department of Culture, Uttar Pradesh
30/01/2026
प्रतिवर्ष पौष मास में पौष पूर्णिया से महाशिवरात्रि तक प्रयागराज में आयोजित माघ मेले में इस बार बिरजू महाराज कथक संस्थान के युवा कलाकारों को मंचीय प्रस्तुति देने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ। विगत दिनांक 28 जनवरी को आयोजित इस कार्यक्रम में "नृत्य आराधना" कार्यक्रम के अंतर्गत कलाकारों द्वारा भगवान शिव को समर्पित "भो शंभू" , शुद्ध कथक नृत्य तथा कार्यक्रम का समापन "वंदे मातरम्" की प्रस्तुति से हुआ , यह प्रस्तुति देशभक्ति, संस्कृति और शास्त्रीय कला के सुंदर समन्वय के रूप में दर्शकों के लिए एक विशेष अनुभव रही | नृत्य निर्देशन डॉ• उपासना दीक्षित का रहा। संपूर्ण कार्यक्रम का मार्गदर्शन संस्थान की अध्यक्ष डॉ• कुमकुम धर जी एवं उपाध्यक्ष डॉ• मिथिलेश तिवारी जी द्वारा किया गया।कलाकारों के नाम- डॉ• उपासना दीक्षित, सुश्री हुमा साहू , स्वस्ति, अनन्या तिवारी , पवित्रा, आरोही, अनन्या अग्रवाल, प्राची व आयुष।
शासन द्वारा आयोजित ऐसे भव्य मंच निसंदेह कलाकारों को प्रोत्साहन और ऊर्जा प्रदान करते हैं। शासन द्वारा यह सांस्कृतिक अभियान सदैव सराहनीय है।
Department of Culture, Uttar Pradesh
26/01/2026
गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर बिरजू महाराज कथक संस्थान संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के परिसर में संस्थान की अध्यक्ष डॉ• कुमकुम धर जी के द्वारा ससम्मान ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर संस्थान की उपाध्यक्ष डॉ• मिथिलेश तिवारी जी सहित संस्थान के सभी प्रशिक्षक, छात्र-छात्राओं तथा कर्मचारियों द्वारा सामूहिक राष्ट्रगान से राष्ट्रीय पर्व का वातावरण ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। इस विशेष अवसर पर संस्थान की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष द्वारा देश प्रेम और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संबोधन छात्र-छात्राओं के लिए अनुपम उपलब्धि रही। तदुपरांत शिक्षकों के निर्देशन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ गायन प्रशिक्षिका सुश्री मीना वर्मा जी के निर्देशन में देशभक्ति की भावना से प्रेरित देशगीत "तुझपे ऐ प्यारे वतन सब कुछ लुटा सकते हैं हम" छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया। तबले पर संस्थान के कुशल तबला प्रशिक्षक श्री नीतीश भारती जी का सहयोग रहा । कार्यक्रम की अगली श्रृंखला में कथक प्रशिक्षिका डॉo उपासना दीक्षित जी के निर्देशन में छात्राओं द्वारा "जननी जन्मभूमिश्च" की जीवंत प्रस्तुति दी गई। जिसमें संस्थान के कुशल तबला प्रशिक्षक श्री आनंद दीक्षित जी की संगत अति सराहनीय रही। कार्यक्रम का समापन प्रशिक्षिका सुश्री हुमा साहू जी के निर्देशन में छात्राओ द्वारा"वंदे मातरम्" की प्रस्तुति से हुआ।
23/01/2026
ऋतुओं का राजा बसंत हर्षोल्लास का उत्सव है। इस पुनीत अवसर के क्रम में बिरजू महाराज कथक संस्थान के प्रांगण में कला और साहित्य की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का पूजन, अर्चन अत्यंत हर्ष उल्लास के साथ संपन्न हुआ। संगीत की प्रस्तुतियों और भोग प्रसाद वितरण के साथ संस्थान के सभी छात्र-छात्राओं, प्रशिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बसंत उत्सव को सार्थकता प्रदान की।