Manjeet Yadav

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Social Worker | Youth Leader | Entrepreneur | Public Voice
President - Mahila Chetna Samiti
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Director - MYGT Services Pvt Ltd
Director - Manjeet Jan Kalyan Foundation

📌 क्या ये खेल आपको समझ आ रहा हैं ❓
09/10/2026

📌 क्या ये खेल आपको समझ आ रहा हैं ❓

जो विराट कोहली एक पोस्ट का 11 करोड़ लेता हो... प्यूमा की 300 करोड़ की डील ठुकरा देता हो.. पेप्सीको और फेयरनेस क्रीम का क...
08/10/2026

जो विराट कोहली एक पोस्ट का 11 करोड़ लेता हो...
प्यूमा की 300 करोड़ की डील ठुकरा देता हो..
पेप्सीको और फेयरनेस क्रीम का करोड़ा का ऑफर ठुकरा देता हो
24 घंटे में 138 करोड़ के अपने ब्रांड के जूते बेंच देता हो..

जिसकी 1200 करोड़ की सफेद नेट वर्थ हो.....

क्या वो 5 करोड़ के लिए वृन्दावन में भटकेगा.......

आरोप तो कम से कम 50 100 करोड़ का लगाते...

एक वक्त था जब केएल राहुल को विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद टीम इंडिया का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज माना जाता था। फिर अचा...
08/10/2026

एक वक्त था जब केएल राहुल को विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद टीम इंडिया का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज माना जाता था। फिर अचानक ही उनके लिए क्लास राहुल वाली लाइनें बोली जाने लगीं।

एक खास कमेंटेटर के मुंह से क्लास राहुल का टैग पाते ही 14 गेंद पर 50 रन जड़ने की क्षमता वाले केएल राहुल 100 से अधिक गेंद खेलकर सिर्फ एक चौका लगाने वाले बल्लेबाज तक का सफर तय कर लिया।

साल 2023 वनडे विश्वकप फाइनल में केएल राहुल ने जो 107 गेंद खेलकर सिर्फ एक चौका लगाते हुए 66 रन बनाए थे वो ही एक पारी थी जिसकी वजह से रोहित शर्मा आज भी वनडे विश्वकप के लिए खेल रहे हैं। इस तरह रोहित शर्मा के वनडे कैरियर को लगभग 4 साल बड़ा करने में भी केएल राहुल का बड़ा योगदान है।

2022 टी20 विश्वकप में केएल राहुल रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग किया करते थे और कोशिश करते थे कि पहले ही ओवर में क्लास दिखाई जाए। इस कोशिश में पहला ओवर या तो एक दो रनो का जाता था या फिर मेडेन भी हो जाता था। रोहित शर्मा भी इनको देखकर क्लास में खेलते थे। भारतीय टीम को इसी का खमियाजा भुगतना पड़ा था जिसे अगले विश्वकप में रोहित शर्मा ने दूर किया था।

केएल राहुल शायद अब अपनी वो गलतियां सुधार रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के तीसरे वनडे मैच में उन्होंने फिर से वही 14 गेंद पर 50 रन मारने वाला केएल राहुल का रूप दिखाया। उन्होंने शानदार शतक लगाया और 87 गेंदों पर 10 चौके और 6 छक्के की सहायता से नाबाद 129 रन बनाए। अगर ऐसे ही तूफानी बल्लेबाजी केएल राहुल करते रहे तो ही 2027 विश्वकप टीम इंडिया जीत सकती है।

आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने...कल शाम तक ये सिर्फ नाना पाटेकर की फ़िल्म का एक डायलॉग था और आज सुबह ये सच्चाई बन गया।8 अक...
08/10/2026

आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने...

कल शाम तक ये सिर्फ नाना पाटेकर की फ़िल्म का एक डायलॉग था और आज सुबह ये सच्चाई बन गया।

8 अक्टूबर 2026, सुबह 5 बजकर 20 मिनट - डोना पाउला, गोवा में 75 साल के नाना पाटेकर अपने घर में बेहोश मिले। मणिपाल हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने 45 मिनट तक CPR किया, पर वो वापस नहीं आए।

4 दिन पहले ही वो इसी गोवा में मंच पर थे, सफेद कुर्ता, सफेद गमछा पहने बड़ी बेबाकी से कह रहे थे -
"हम सबको एक न एक दिन जाना ही है। मुझे नहीं पता कि मैं कल यहाँ रहूँगा या नहीं..."

और आज वो नहीं रहे।

नाना का सफर फिल्मी नहीं, असली ज़िंदगी की किताब था।

1951 में मुरुड-जंजिरा में जन्मे विश्वनाथ पाटेकर को बचपन में ही घर की ज़िम्मेदारी मिल गई। पिता का धंधा बंद हो गया तो 13 साल की उम्र में स्कूल के बाद मुंबई की सड़कों पर ज़ेबरा क्रॉसिंग पेंट करने लगे…
फिल्मों के पोस्टर रंगते थे, 35 रुपये महीना और एक वक्त का खाना - बस इतने में ही उनका घर चलता था।ज़्यादा चीज़ें इक्कठे करने के शौक़ीन नहीं थे।

वहीं से जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स, थियेटर, और फिर 1978 में फ़िल्म गमन से शुरू हुआ वो फ़िल्मी सफर जो परिंदा, क्रांतिवीर, अग्नि साक्षी के लिए 3 नेशनल अवॉर्ड और 2013 में पद्मश्री तक ले गया।

उनका एक्टिंग का स्कूल ही अलग था। वो डायलॉग नहीं, दो डायलॉग के बीच के सन्नाटे से एक्टिंग करते थे। वो जब गंभीर और बागी किरदार में पर्दे पर आते थे तो उनका गुस्सा, उनकी सिस्टम की चिढ़ दर्शक ख़ुद महसूस करता था…
क्रांतिवीर का वो सीन आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने आज भी लोगों को थिएटर में ताली बजाने पर मजबूर कर देता है।
तो यही आदमी वेलकम में उदय शेट्टी बनकर हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देता है।

लेकिन नाना सिर्फ रील लाइफ के हीरो नहीं थे।
वे 1988 में टेरिटोरियल आर्मी में कैप्टन बने, इसके बाद 1991 में अपनी फ़िल्म प्रहार के लिए उन्होंने मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ 3 साल की असली मिलिट्री ट्रेनिंग ली।

और कारगिल युद्ध में जब दुश्मन हमारे सर पर आ बैठा था तब वे ख़ुद युद्ध मोर्चे पर गए और जाकर जवानों का हौसला बढ़ाया। बाद में लेफ्टिनेंट कर्नल तक पहुंचे और 2013 में रिटायर हुए।

वो फ़िल्मी दुनिया में रहे लेकिन अंदर से हमेशा एक किसान ही रहे, वो अपने फार्महाउस पर खेती करते और जो उगता उसे बेचकर जरुरतमंद लोगों की मदद कर देते।

उनकी ज़िंदगी का एक किस्सा जो उन्हें सबसे अलग बनाता है… वे 1.5 करोड़ रुपए की लग्ज़री गाड़ी लेने जा रहे थे, लेकिन तभी उन्होंने टीवी पर किसानों की आत्महत्या की ख़बरें देखी, तब वो गाड़ी ख़रीदने शोरूम नहीं गए।
वहीं पैसों से 15-15 हजार के चेक बनाए और खुद महाराष्ट्र के गांवों में जाकर बांट दिए।

इतने से भी मन नहीं भरा तो फिर मकरंद अनासपुरे के साथ नाम फाउंडेशन बनाया, जिसके द्वारा आज भी सूखा पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता, हजारों गांवों में पानी पहुंचाया।

उन्होंने करोड़ों, अरबों रुपए कमाए, चाहते तो आलीशान बंगले में रह सकते थे, पर वो अपनी माँ के साथ अंधेरी के एक छोटे से 1 BHK फ्लैट में रहे। ज़मीन पर बैठकर खाना खाया और शूटिंग के दौरान अपने हाथ से सबके लिए खाना बनाया।

नाना पाटेकर बाहर से जितने सख्त, गुस्सैल और अड़ियल थे, अंदर से उतने ही भावुक, संवेदनशील और मददगार थे।
वे बॉलीवुड के उन गिने-चुने कलाकारों में से थे जो कभी मुखौटा पहनकर नहीं जिए। उनका जो मिजाज पर्दे पर दिखता था, असल जिंदगी में भी वे वैसे ही बेबाक और सीधे मुंह सच बोलने वाले इंसान थे।

वे फिल्मी पार्टियों से दूर रहते थे और किसी को खुश करने के लिए कभी झूठी तारीफ नहीं करते थे। उनकी इसी बेबाकी के कारण कई बार लोग उन्हें अड़ियल समझ लेते थे

आज ये अड़ियल क्रांतिवीर चला गया, लेकिन नाना का जाना सिर्फ एक एक्टर का जाना नहीं है, एक पूरे दौर का खत्म होना है।

उन्होंने पूरी जिंदगी अपनी शर्तों पर जी, बिना किसी चाटुकारिता के, बिना किसी पीआर एजेंसी के, और बिना किसी बनावट के।

आज वो नहीं हैं, पर जब भी ईमानदारी और सादगी की बात होगी, तो मुरुड-जंजिरा के इस नटसम्राट का नाम सबसे ऊपर लिखा जाएगा।

ॐ शांति, नाना। आप जैसा दूसरा नहीं आएगा।

नाना… अभी तो बहुत समय था,इतनी जल्दी चले जाओगे—इसका अंदाज़ा तो किसी को भी नहीं था। 💔भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना ...
08/10/2026

नाना… अभी तो बहुत समय था,
इतनी जल्दी चले जाओगे—इसका अंदाज़ा तो किसी को भी नहीं था। 💔

भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर जी का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। गोवा स्थित उनके आवास पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, वे अपने आप में एक अभिनय की पाठशाला थे। उनकी आवाज़, संवाद अदायगी, भावनाएँ और हर किरदार को जीवंत कर देने की कला उन्हें करोड़ों दर्शकों के दिलों में हमेशा जीवित रखेगी।

‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘नटसम्राट’, ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनका अभिनय आने वाली पीढ़ियों के लिए भी यादगार रहेगा।

कुछ कलाकार पर्दे से विदा होते हैं,
लेकिन उनका अभिनय कभी विदा नहीं होता।

नाना पाटेकर जी, आपका जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
आपकी आवाज़, आपके किरदार और आपकी अदाकारी हमेशा याद आएगी।

नाना आपको शत-शत नमन। 🙏
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार व प्रशंसकों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति। 🕊️

— Manjeet Yadav

जो आदमी खुद दोनों किडनी फेल होने के बाद भी किसी से एक गोली तक नहीं मांगता, वो 5 करोड़ लेकर किसी क्रिकेटर को बुलाएगा?जिस ...
08/10/2026

जो आदमी खुद दोनों किडनी फेल होने के बाद भी किसी से एक गोली तक नहीं मांगता, वो 5 करोड़ लेकर किसी क्रिकेटर को बुलाएगा?

जिस आदमी के शरीर में रोज़ जहर फैलता है, जो हर दूसरे दिन डायलिसिस की मशीन पर अपनी मौत को आते-जाते देखता है, वो आदमी पैसों के लिए बिकेगा?

अरे नहीं... तुम उसे जानते ही नहीं हो।

ना बड़ा आश्रम, ना सोने का सिंहासन, ना लाखों का चंदा।
एक छोटा सा कमरा, एक फटी सी चटाई, और 24 घंटे में सिर्फ 2 घंटे की नींद।
बाकी के 18-20 घंटे... सिर्फ एक ही नाम - "राधा... राधा... राधा..."

डॉक्टर कहते हैं - महाराज जी, आपकी दोनों किडनी खत्म हो चुकी हैं, आपको आराम करना चाहिए।
और महाराज जी हँस कर कहते हैं - "अरे, ये शरीर तो किराए का है, जब तक राधा रानी बुला नहीं लेतीं, तब तक जपना है।"

उन्होंने अपनी बीमारी को कभी बीमारी माना ही नहीं।
उन्होंने कहा - "ये कष्ट नहीं है, ये मेरी राधा रानी का प्रसाद है। वो मुझे तपाना चाहती हैं, ताकि मैं और निखर जाऊं।"

ऐसा संत... जो दर्द को भी प्यार समझ कर गले लगा ले... वो 5 करोड़ के लिए किसी को बुलाएगा?

विराट कोहली।
वो नाम जिसे दुनिया पूजती है। जिसके एक इंस्टाग्राम पोस्ट की कीमत 11-14 करोड़ है। जो एक साल में 200 करोड़ से ज्यादा कमाता है।

उसे क्या कमी है? पैसा? उसके पास बेइंतहा है।
शोहरत? उसके पास दुनिया की सबसे बड़ी शोहरत है।
प्यार करने वाली पत्नी, प्यारी सी बेटी, सब कुछ।

फिर वो वृंदावन की धूल में, जमीन पर क्यों बैठा था?

क्योंकि भाई, जब जेब भर जाती है ना, तो दिल खाली हो जाता है।

तुमने विराट को मैदान में लड़ते देखा है, पर तुमने विराट को रात में अकेले रोते नहीं देखा।
जब पूरी दुनिया गाली दे रही थी, जब फॉर्म नहीं आ रहा था, जब वो कप्तानी छोड़ कर टूट चुका था... तब उसे लगा कि अब कोई रास्ता नहीं।

अनुष्का ने एक बार कहा था - "हम बहुत टूट गए थे, हमें शांति चाहिए थी।"

वो शांति उन्हें दुबई के महल में नहीं मिली, लंदन की पार्टियों में नहीं मिली।
वो शांति मिली वृंदावन की एक छोटी सी कुटिया में, एक ऐसे संत के पास जिसकी खुद की जिंदगी रोज़ खत्म होने की कगार पर है।

वहाँ विराट, विराट कोहली नहीं था।
वहाँ वो सिर्फ एक थका-हारा बेटा था, जो अपने गुरु के सामने बैठ कर कह रहा था - "महाराज जी, मन बहुत अशांत है।"

और महाराज जी ने उसे कोई मंत्र नहीं दिया, कोई ताबीज नहीं दिया।
बस एक नाम राधा नाम जपो का मंत्र दिया मन की शांति हेतु नश्वर संसार से ऊपर दीन दुखियों की सेवा प्राणी मात्र के कल्याण के लिए चिंतन करना ऐसे सकारात्मक उपदेश मात्र से अनुष्का और विराट के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
ऐसे परम पूज्य संत श्री के बारे में नकारात्मक सोच रखने वाले अज्ञानी मूढ़ व्यक्तियों की क्या दशा होगी मां राधा रानी ही जानेंगी

सीता राम सीता राम, सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये....
07/10/2026

सीता राम सीता राम, सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये....

07/10/2026

बड़ी देर करदी मेहरबां आते-आते… हैलीकाप्टर क्या मेंटेनेंस के लिए गया हुआ था?

असंवेदनशीलता की भी हद होती है। जिनको अपने बगल का हाल लेने की फ़ुरसत नहीं है वो पूरा प्रदेश क्या सँभालेंगे।

जनता पूछ रही है कि ऊपर से देखने से क्या ये पता चला कि जलभराव का कारण क्या है या फिर हवाई दौरा सिर्फ़ दिखावटी था।

गये भी तो किसी के दबाव बनाने पर, मन से नहीं। अब जनता भी इनको हवा-हवाई कर देगी।

07/10/2026

नैतिकता की सीमा लांघकर, निजता का अतिक्रमण करनेवाली उप्र सरकार की पुलिस का ये ‘अपशब्द वचनीय मौखिक शारीरिक व्यवहार’ किससे प्रेरित है, ये सब जानते हैं।
अब पुलिस का ये ही कहना बाक़ी है कि ‘हम किसी नियम-क़ानून को मानने के मूड में नहीं है।

07/10/2026

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