दिनांक 21.03.2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में अन्तर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर ‘अरण्य समागम’ के तहत ‘वन एवं अर्थव्यवस्थाएं’ विषय पर राष्ट्रीय वानिकी संवाद आयोजित किया गया ।
प्रथम तकनीकी सत्र में ‘‘वन प्रबन्धन का आधुनिकीकरण एवं डिजिटल एकीकरण’’ विषय पर विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ वन अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रणाली और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से वन प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया।
द्वितीय सत्र में ‘‘मानव-वन्यजीव संघर्ष निवारण’’ पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श करते हुए संरक्षण, जन-जागरूकता, चेनलिंक व सोलर फेंसिंग, नगर वन, मृदा-जल संरक्षण तथा कैम्पा के माध्यम से विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण जैसे उपाय सुझाए।
तृतीय सत्र ‘‘कैम्पा धनराशि का प्रभावी उपयोग एवं वित्तीय जवाबदेही’’ पर केंद्रित रहा, जिसमें वनीकरण और वन्यजीव संरक्षण कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम के समन्वयक श्री एच.वी. गिरीश ने सत्रों का सफल संचालन करते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
Environment, Forest and Climate Change Department
The history of forest conservation in Uttar Pradesh begins in 1800 when forest areas in Kumaon, Dehr
21/03/2026
21/03/2026
20/03/2026
राष्ट्रीय कैम्पा के अन्तर्गत वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 तथा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) नियम, 2023 के प्राविधानों पर विचार-विमर्श हेतु दिनांक 20.03.2026 को अपरान्ह् 02:00 बजे होटल हयात रिजेन्सी, गोमतीनगर, लखनऊ के Conference Hall में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें वन विभाग के समस्त जोनल/मण्डलीय मुख्य वन संरक्षक/वन संरक्षक/ प्रभागीय वनाधिकारी/निदेशक तथा विभिन्न विभागों के प्रयोक्ता एजेंसी/कार्यदायी संस्थाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया।
मुख्य अतिथि श्री सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, उ0प्र0, लखनऊ द्वारा कार्याशाला का शुभारम्भ कर प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 तथा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) नियम, 2023 के प्राविधानों पर अपने विचार व्यक्त किये गये।
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक/नोडल अधिकारी, उ0प्र0, लखनऊ द्वारा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 तथा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) नियम, 2023 के प्राविधानों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया तथा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) नियम, 2023 में हुए संशोधनों पर विस्तृत चर्चा की ।
अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश कैम्पा द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला अरण्य समागम राष्ट्रीय वानिकी संवाद का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश दिनांक 21.03.2026 को प्रातः 10:00 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में कार्यशाला का शुभारम्भ करेंगे।
कार्यशाला के विशिष्ट अतिथि माननीय वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पर्यावरण, वन, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश, श्री अरुण कुमार सक्सेना तथा माननीय वन राज्यमंत्री पर्यावरण, वन, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश, श्री के० पी० मलिक, प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश शासन, श्रीमती वी. हेकाली झिमोमी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, श्री सुनील चौधरी है। एक दिवसीय कार्यशाला में सम्पूर्ण देश से आये वरिष्ठ वनाधिकारी प्रतिभाग कर रहे है।
वन एवं अर्थव्यवस्थाएं विषयवस्तु पर आधारित कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में देश के विभिन्न प्रदेशों में वानिकी के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों व अभिनव प्रयासों, वन प्रबन्ध का आधुनिकीकरण तथा डिजिटलीकरण, वन क्षेत्र के निकटवर्ती क्षेत्रों में मानव वन्यजीव संघर्ष नियंत्रित करने हेतु उपायों तथा वनीकरण व वन्यजीव संरक्षण के लिए कैम्पा से प्राप्त धनराशि का प्रभावी उपयोग विषयों पर विचार विमर्श किया जाएगा।
20/03/2026
अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश कैम्पा द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला अरण्य समागम राष्ट्रीय वानिकी संवाद का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश दिनांक 21.03.2026 को प्रातः 10:00 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में कार्यशाला का शुभारम्भ करेंगे।
कार्यशाला के विशिष्ट अतिथि माननीय वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पर्यावरण, वन, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश, श्री अरुण कुमार सक्सेना तथा माननीय वन राज्यमंत्री पर्यावरण, वन, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश, श्री के० पी० मलिक, प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश शासन, श्रीमती वी. हेकाली झिमोमी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, श्री सुनील चौधरी है। एक दिवसीय कार्यशाला में सम्पूर्ण देश से आये वरिष्ठ वनाधिकारी प्रतिभाग कर रहे है।
वन एवं अर्थव्यवस्थाएं विषयवस्तु पर आधारित कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में देश के विभिन्न प्रदेशों में वानिकी के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों व अभिनव प्रयासों, वन प्रबन्ध का आधुनिकीकरण तथा डिजिटलीकरण, वन क्षेत्र के निकटवर्ती क्षेत्रों में मानव वन्यजीव संघर्ष नियंत्रित करने हेतु उपायों तथा वनीकरण व वन्यजीव संरक्षण के लिए कैम्पा से प्राप्त धनराशि का प्रभावी उपयोग विषयों पर विचार विमर्श किया जाएगा।
‘विश्व वेटलैंड्स दिवस’ 2 फरवरी, 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस वर्ष का मुख्य आयोजन देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी पक्षी विहार में किया जा रहा है, जहाँ माननीय पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह जी ‘नेचर एण्ड बर्ड फेस्टिवल’ का शुभारंभ करेंगे।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, उ. प्र. डॉ अरुण कुमार सक्सेना जी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रदेश की जनता को वेटलैंड्स के महत्व और सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान का उत्सव इस वर्ष की थीम “आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव” है। देवगढ़ का यह पावन क्षेत्र हिंदू, जैन और बौद्ध धर्मों की आस्था का केंद्र है, जहाँ प्रकृति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
प्रेस वार्ता में प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव ,उत्तर प्रदेश, अनुराधा बेमुरी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, योजना एवं कृषि वानिकी, उत्तर प्रदेश, दीपक कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, योजना, उत्तर प्रदेश, राम कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रशासन (अराजपत्रित), ए.पी.सिंन्हा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक/मुख्य वन संरक्षक, बरेली जोन, पी.पी. सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, नीरज कुमार, जैव विविधता, उत्तर प्रदेश सहित वरिष्ठ वनअधिकारी उपस्थित रहें।
31/01/2026
‘विश्व वेटलैंड्स दिवस’ 2 फरवरी, 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस वर्ष का मुख्य आयोजन देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी पक्षी विहार में किया जा रहा है, जहाँ माननीय पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह जी ‘नेचर एण्ड बर्ड फेस्टिवल’ का शुभारंभ करेंगे।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, उ. प्र. डॉ अरुण कुमार सक्सेना जी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रदेश की जनता को वेटलैंड्स के महत्व और सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान का उत्सव इस वर्ष की थीम “आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव” है। देवगढ़ का यह पावन क्षेत्र हिंदू, जैन और बौद्ध धर्मों की आस्था का केंद्र है, जहाँ प्रकृति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
प्रेस वार्ता में प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव ,उत्तर प्रदेश, अनुराधा बेमुरी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, योजना एवं कृषि वानिकी, उत्तर प्रदेश, दीपक कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, योजना, उत्तर प्रदेश, राम कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रशासन (अराजपत्रित), ए.पी.सिंन्हा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक/मुख्य वन संरक्षक, बरेली जोन, पी.पी. सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, नीरज कुमार, जैव विविधता, उत्तर प्रदेश सहित वरिष्ठ वनअधिकारी उपस्थित रहें।
नेचर एंड बर्ड फ़ेस्टिवल 2026 दिनांक 02 फरवरी 2026 को महावीर स्वामी वन्यजीव अभयारण्य, देवगढ़, ललितपुर में प्रमुख सचिव (वन) , प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाद्यक्ष तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।
International Wetland Day -2026 के अवसर पर बुंदेलखंड की अटूट जीवटता को सादर नमन करते हुए हम उत्तर प्रदेश के समस्त नागरिकों का नेचर एंड बर्ड फ़ेस्टिवल 2026 में हार्दिक स्वागत करते हैं।
सादर,
आपकी प्रतीक्षा में,
बुंदेलखण्ड वन परिवार
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