इनके हौसले की बहुत बहुत अनुमोदन।
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राजस्थान, अजमेर, केकड़ी के बघेरा स्थित * आदिनाथ त्रिकाल चौबीसी जैन मंदिर में भगवान पद्मप्रभु की एक नई प्रतिमा अचानक प्रकट हुई है।* यह प्रतिमा मंदिर के मूलनायक श्री आदिनाथ भगवान की वेदी में स्थापित मिली। प्रतिमा के अचानक प्रकट होने से श्रद्धालुओं में कौतूहल और आस्था का माहौल है।
जैन समाज के जितेंद्र जैन ने बताया कि प्रतिमा कहां से आई और इसे किसने स्थापित किया, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। उन्होंने इसे देवताओं द्वारा अपने अतिशय से स्थापित किया गया चमत्कार बताया।
गणधर आचार्य 108 श्री कुंथुसागर जी महाराज की शिष्या गणिनी आर्यिका 105 श्री कमल श्री माताजी के सानिध्य में पहली बार इस प्रतिमा का जैन मंत्रोच्चार के साथ मस्तकाभिषेक और शांतिधारा संपन्न हुई।
इस धार्मिक आयोजन में आर्यिका 105 श्री कमल श्री माताजी, आर्यिका कृतिका श्री माताजी और आर्यिका 105 श्री श्रुतिका श्री माताजी भी उपस्थित थीं। आसपास के नगरों से आए लगभग 25-30 सदस्यों और बघेरा ग्राम क�
भक्तामर कलश तीर्थ, भांदगांव, नियर एवत महाराष्ट्र
बताये?
गंधर्व नाला श्री सम्मेद शिखर जी के दर्शन कीजिए।
31/05/2026
18 अक्टूबर 1929 को, सौराष्ट्र राज्य/जूनागढ़ संस्थान ने 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ के सम्मान में गिरनार तीर्थ स्थल का एक नज़ारा दिखाते हुए एक पोस्टल स्टैम्प छापा... और सबसे ज़रूरी बात, इस पोस्टल स्टैम्प को छापते समय, जूनागढ़ संस्थान के पब्लिकेशन डॉक्यूमेंट में यह साफ़-साफ़ लिखा है कि गिरनार जैनियों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है... ये पैरों के निशान उन महापुरुषों के हैं जो नंगे पैर घूमते थे, न कि उन लोगों के जो बैसाखियों का इस्तेमाल करते थे। वे अपनी बैसाखियों पर ही रहते हैं। गिरनार के पांचवें पैर के अंगूठे पर जो पैरों के निशान हैं, वे तीर्थंकर नेमिनाथ के हैं, लेकिन अब जैनियों को सिर्फ़ ज़बरदस्ती और डर का इस्तेमाल करके वहाँ पूजा करने से रोका जा रहा है। 1995/96 तक किसी भी तरह से ऐसी कोई रुकावट नहीं थी, लेकिन उसके बाद से यह गुंडागर्दी शुरू हुई।
धुरंधर फिल्म की अभिनेत्री सारा अर्जुन ने पूज्य मुनि श्री प्रणुतसागर जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया
साबधान रहें सतर्क रहें बेगमगंज के जैन सराफा व्यापारी की घटना
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