BhuSaarthi Sewa Foundation

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Social Work

05/06/2025

अंतिम समय जब कोई नहीं जाएगा साथ
एक वृक्ष जाएगा
अपनी गौरैयों-गिलहरियों से बिछुड़कर
साथ जाएगा एक वृक्ष
अग्नि में प्रवेश करेगा वही मुझसे पहले

‘कितनी लकड़ी लगेगी’
शमशान की टाल वाला पूछेगा
ग़रीब से ग़रीब भी सात मन तो लेता ही है

लिखता हूँ अंतिम इच्छाओं में
कि बिजली के दाहघर में हो मेरा संस्कार
ताकि मेरे बाद
एक बेटे और एक बेटी के साथ
एक वृक्ष भी बचा रहे संसार में।

Photos from Shringi Rishi Sewa Foundation's post 10/07/2021
02/01/2021

🤔🤔🤔🤔🤔

सहयोग वेलफेयर फाउंडेशन एंड सामाजिक सेवा संस्थान

30/06/2020



के संक्रमण से ख़ुद को सुरक्षित रखने के लिए बुनियादी सुरक्षात्मक उपायों का पालन करें। नियमित रुप से हाथ धोएं, मास्क पहनें और दूसरों से उचित दूरी बनाकर रखें। बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार।

...

27/06/2020
22/06/2020
14/06/2020


बुजुर्गों की विशेष तौर पर देखभाल करें और उनके स्वास्थ्य पर नियमित रुप से निगरानी रखें। लक्षणों की जानकारी देने के लिए 1075 (टोलफ्री) पर कॉल करें। बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार।


..✍️ .wfsss

Photos from BhuSaarthi Sewa Foundation's post 14/06/2020

14 जून विश्व रक्तदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🙏❣️
14 जून को विश्व रक्तदान दिवस है। शरीर विज्ञान में नोबल पुरस्कार प्राप्त प्रसिद्ध वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन की याद में पूरे विश्व में यह दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य रक्तदान को प्रोत्साहन देना एवं उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। 14 जून 1868 को ही महान वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन का जन्‍म हुआ था, उन्होंने मानव रक्‍त में उपस्थित एग्‍ल्‍युटिनि‍न की मौजूदगी के आधार पर रक्‍तकणों का ए, बी और ओ समूह में वर्गीकरण किया। इस वर्गीकरण ने चिकित्‍सा विज्ञान में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया। इस महत्‍वपूर्ण खोज के लिए ही कार्ल लैंडस्‍टाईन को सन 1930 में नोबल पुरस्कार दिया गया। सन 1997 में विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने सौ फीसदी स्वैच्छिक रक्तदान की शुरूआत की, जिसमें 124 प्रमुख देशों को शामिल कर सभी देशों से स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने की अपील की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य था, कि किसी भी नागरिक को रक्त की आवश्यकता पड़ने पर उसे पैसे देकर रक्त न खरीदना पड़े। और इसी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए अब तक 49 देशों ने स्वैच्छिक रक्तदान को अमलीजामा पहनाया है। हालांकि कई देशों में अब भी रक्तदान के लिए पैसों का लेनदेन होता है,जिसमें भारत भी शामिल है। लेकिन फिर भी रक्तदान को लेकर विभिन्न संस्थाओं व व्यक्तिगत स्तर पर उठाए गए कदम भारत में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने में कारगर साबित हुए हैं।

रिसर्च के मुताबिक भारत में रक्त की आवश्यकता का केवल 75 प्रतिशत ही उपलब्ध हो पाता है, जबकि विश्व के अन्य देशों में ये आंकड़े अधि‍क हैं। नेपाल में 100 में से 90 फीसदी, श्रीलंका में 60 फीसदी, थाईलैंड में 95 फीसदी, इंडोनेशिया में 77 फीसदी और म्यांमार में आवश्यकता के कुल 60 फीसदी रक्त की पूर्ति हो जाती है। इस मामले में भारत अन्य देशों के मुकाबले पीछे है, लेकिन इसके बावजूद देश का पंजाब प्रांत रक्तदान के लेकर काफी जागरूक और सक्रिय है। भटिंडा में 10 हजार से भी अधिक रक्तदाता स्वैच्छिक एवं नियमित रक्तदान करते हैं, साथ ही यहां के ब्लड बैंकों से आसपास के क्षेत्रों- फरीदकोट, पटियाला, मेडिकल कॉलेजों में ब्लड सप्लाई किया जाता है। रेडक्रॉस द्वारा भी 85 फीसदी स्वैच्छिक रक्तदान होता है जिसे अब 95 फीसदी करने के लिए संस्था सक्रिय है।
तो अाइये हम भी रक्तदान करे अपने प्रदेश और देश के जरूरतमंद लोगो की मदद करें
ाज_की_ओर
National voluntary blood donation day

विश्व रक्तदाता दिवस एक अभियान है, इसका हिस्सा बनें और अनकट रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाएं |
करके रक्त का दान किसी का जीवन बचाएं...✍️
👉 .wfsss

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