Rahul Mehar Ambedkarist

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Rahul Mehar Ambedkarist जय भीम जय भारत जय संविधान जय भीम जय संविधान जय भीम आर्मी

आज के समय में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के नाम और बैनर के बिना किसी भी सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन का होना असंभव सा क्...
03/09/2026

आज के समय में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के नाम और बैनर के बिना किसी भी सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन का होना असंभव सा क्यों प्रतीत होता है?

#जयभीम #बाबासाहबंबेडकर

1. शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो2. मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है3. जीवन लम्...
01/09/2026

1. शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो
2. मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है
3. जीवन लम्बा होने के बजाय महान होना चाहिए
4. संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं है, यह जीवन का माध्यम है
Rahul Mehar Ambedkarist
........Jai Bhim...........




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29 अगस्त 1947 - स्वतंत्र भारत के इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन, जब संविधान सभा ने देश के संविधान के प्रारूप को व्यवस्थित र...
29/08/2026

29 अगस्त 1947 - स्वतंत्र भारत के इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन, जब संविधान सभा ने देश के संविधान के प्रारूप को व्यवस्थित रूप देने के लिए सात सदस्यीय प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन किया।

यह समिति संविधान सभा द्वारा लिए गए निर्णयों के आधार पर संविधान के प्रारूप की समीक्षा करने, आवश्यक संशोधन सुझाने और उसे विधिक एवं व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए गठित की गई थी।
संविधान सभा में प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार प्रारूप समिति के मूल सात सदस्य थे -
Dr. B. R. Ambedkar, Alladi Krishnaswami Ayyar, N. Gopalaswami Ayyangar, Dr. K. M. Munshi, Saiyid Mohammad Saadulla, Sir B. L. Mitter, D. P. Khaitan
30 अगस्त 1947 को समिति की पहली बैठक हुई और Dr. B. R. Ambedkar को समिति का अध्यक्ष चुना गया। बाद में Sir B. L. Mitter के इस्तीफे के बाद N. Madhava Rau समिति के सदस्य बने। इसी तरह D. P. Khaitan के निधन के बाद T. T. Krishnamachari समिति के सदस्य के रूप में शामिल हुए।

प्रारूप समिति ने संविधान के विभिन्न प्रावधानों पर गहन विचार किया और उसके कार्य का परिणाम फरवरी 1948 में सामने आया, जब Draft Constitution of India, 1948 संविधान सभा के अध्यक्ष को प्रस्तुत किया गया। इस मसौदे में 315 Articles और 8 Schedules थे। इसके बाद इसे सार्वजनिक चर्चा के लिए उपलब्ध कराया गया और प्राप्त सुझावों एवं आलोचनाओं पर विचार किया गया।
इसके बाद संविधान सभा में मसौदे पर विस्तृत बहस और संशोधन हुए। 4 नवंबर 1948 को डॉ. अंबेडकर जी ने संविधान के मसौदे को संविधान सभा के समक्ष औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया। अगले कई महीनों तक प्रत्येक महत्वपूर्ण प्रावधान पर चर्चा हुई और अनेक संशोधनों पर विचार किया गया। अंततः 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सदस्यों ने संविधान पर हस्ताक्षर किए और 26 जनवरी 1950 को संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ।
भारतीय संविधान का निर्माण संविधान सभा के सदस्यों, विभिन्न समितियों, विशेषज्ञों, विधिवेत्ताओं और संविधान सभा में हुई लंबी एवं गंभीर बहसों के सामूहिक प्रयास का परिणाम था। फिर भी, इस पूरी प्रक्रिया में Dr. B. R. Ambedkar और Drafting Committee की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रही।
29 अगस्त हमें उस संवैधानिक यात्रा की याद दिलाता है, जिसमें स्वतंत्र भारत ने अपने लोकतांत्रिक भविष्य की नींव रखी। एक ऐसी व्यवस्था की, जिसका आधार न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता जैसे मूल्यों पर रखा गया। आज इस ऐतिहासिक दिवस पर संविधान सभा के सभी महान सदस्यों, संविधान निर्माताओं और उनके योगदान को नमन।
Om Birla

27/08/2026

नेपाल में त्रासदी देकर प्रकृति ने संकेत दिए
भारत में लगातार जंगलों की कटाई बंद करे

25/08/2026

Jai Bhim

fans

ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस ...
20/07/2026

ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।

आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।

लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।

इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

भीम आर्मी के जाबांज शेर कृष्णा सिंह मेहरा को जन्मदिन की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं ||      #कृष्णमेहारा  Krishna Singh M...
12/06/2026

भीम आर्मी के जाबांज शेर कृष्णा सिंह मेहरा को जन्मदिन की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं ||
#कृष्णमेहारा
Krishna Singh Mehra

10/06/2026

व्यवस्था परिवर्तन का सपना तभी पूरा होगा, जब समाज का अंतिम व्यक्ति न्याय और सम्मान पाएगा।

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