06/03/2026
सिर्फ पश्चिमांचल प्रदेश के मूल निवासी ही जवाब दें
बाहरी दूर रहें
#पश्चिमांचल_प्रदेश
्चिमांचल
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06/03/2026
सिर्फ पश्चिमांचल प्रदेश के मूल निवासी ही जवाब दें
बाहरी दूर रहें
#पश्चिमांचल_प्रदेश
्चिमांचल
ऋषिपाल सहारनपुर का है
उसके प्रदेश का AIIMS जो उसके घर से 980 Km दूर गोरखपुर में है
अब बताओ उसके घर का सीरीयस मरीज
मरेगा या बचेगा 😰 (अलग प्रदेश)
13/02/2026
थोड़ा लंबा है लेकिन कोशिश करें पूरा पढ़ने की : कुछ तथ्य - क्यूँ है ज़रूरी पश्चिमांचल ? :
1. राजधानी : 6 राज्यों (हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर) की राजधानी हमारी अपनी राजधानी लखनऊ से नज़दीक है जो कि हमें अलग थलग होने का अहसास कराती है | यहाँ से राजधानी की दूरी 600 की.मी. तक है जो की पश्चिम उप्र के लोगों के लिए बहुत बड़ा अन्याय है।सभी आयोग, मुख्यालय लखनऊ या इलाहबाद में स्तिथ हैं| सरकारी योजनाओं का लाभ भी हमारे लोगों तक इसलिए नहीं पहुंच पाता क्योंकि वे लखनउ तक आना-जाना वहन नहीं कर सकते हैं। हमारे क्षेत्र से अधिकतम लोगों ने तो जीवन में कभी अपनी राजधानी के दर्शन भी नहीं किये होंगे |
2. न्याय व्यवस्था : पश्चिम उत्तर प्रदेश से इलाहाबाद हाई कोर्ट की दूरी 800 की.मी. तक है जिस कारण यहाँ के नागरिकों को न्याय लेने के लिए बहुत परेशानियाँ झेलनी पड़ती हैं । हमारे यहाँ से 6 राज्यों के हाई कोर्ट और यहाँ तक की पाकिस्तान का लाहौर हाई कोर्ट भी ओने इलाहबाद हाई कोर्ट से नज़दीक है | शायद दुनिया में सबसे मुश्किल भरा व महंगा न्याय हमें ही मिल रहा है | 7 करोड़ की आबादी वाले मध्य प्रदेश और 7 करोड़ की आबादी वाले महाराष्ट्र में भी में भी 1 हाई कोर्ट के इलावा 2 बेंच हैं |
3. सांस्कृतिक भिन्नता: पुरातन महाभारत काल से ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश का इतिहास व संस्कृति पूर्वी उत्तर प्रदेश से बहुत अलग रही है | हम सांस्कृतिक रूप से हरियाणा , दिल्ली व राजस्थान के बेहद करीब हैं जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश की संस्कृति, भोजपुरी है | हमारी बोली “खड़ी बोली” है जबकि बाकि उत्तर प्रदेश में भोजपुरी , बुन्देली आदि बोली जाती है | इस भिन्नता की वजह से प्रदेश का सामाजिक व सांस्कृतिक विकास नहीं हो पा रहा | यहाँ तक कि, राज्य के जितने भी सांस्कृतिक केंद्र हैं , वो भी पूर्वी UP में ही हैं
4. शिक्षा-रोज़गार : हमारे यहाँ कोई NIT, IIT ,AIIMS नहीं जो भी हैं ओ पूरब में ही हैं | UP में 22 स्टेट यूनिवर्सिटी हैं जिनमे से पश्चिम UP की 8 करोड़ जनता के लिए मात्र 5 ही हैं | सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी भी 5 में से सिर्फ 1 ही पश्चिम UP में है | फिर मीडियल संस्थान एंव कॉलेज को ही ले लिजिए , UP के 28 मेडिकल संस्थानों में से सिर्फ 5 ही पश्चिम UP में हैं| आज भी हमारे क्षेत्र में ऐसे सरकारी स्कूल हैं जहाँ बिजली नहीं पहुंची | हमारे बच्चों को सस्ती व गुणवत्ता शिक्षा से वंचित किया जा रहा है जिस कारण उच्च शिक्षा के लिए हमारे बच्चों को एनी प्रदेश में जाना पड़ता है | UP राज्य की सरकारी नौकरियों में न्यूनतम भागीदारी पश्चिम उत्तर प्रदेश की ही है| PCS, PPS और अन्य सरकारी नौकरियों में हमारे बच्चे सबसे कम हैं (जनसँख्या अनुपात में)
5. खेल : खेल की स्तिथि तो इतनी बदतर है कि हमारे पश्चिम में 1 भी स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ इंडिया (SAI) संसथान नहीं है और राज्य सरकार के 3 खेल संस्थान में से एक भी पश्चिम में नहीं है | 73 राजकीय खेल स्टेडियम हैं UP में जिन में से सिर्फ 10 ही पश्चिम में हैं और उनकी भी हालत बहुत ख़राब है | दससल UP में रह कर न तो हमारे बच्चों को पढाई के अवसर मिल रहे हैं और न ही खेल के | आप हरयाणा में देखिये हर साल कोई न कोई ओलिंपिक जीत कर आत आता है और हमारे यहाँ से कोई भी नहीं | ऐसा नहीं कि हमारे यहाँ प्रतिभा की कमी है , बस मौका ही नहीं मिलता |
6. कानून व्यवस्था: आज, ख़राब कानून व्यवस्था के लिए पश्चिम UP सरे देश में बदनाम है| स्वभाविक हैं की अगर एक कक्षा में 20 विद्यार्थी हैं और दुसृमें 60 तो पढाई पहली कक्षा में ही बहतर होगी | यही बात कानून व्यवस्था में भी लागू होती है | इतना बड़ा राज्य होने के कारण 1 DGP के लिए सारे प्रदेश पर नियंत्रण रखना असंभव है | अलग छोटा राज्य होगा तो कानून व्यवस्था में भी बहुत सुधर होगा |
7. किसान : हमारे किसान , खास करके गन्ना किसानों की हालत नहुत ख़राब है | हमारे किसान की आय हरियाणा-पंजाब के किसान की आय की एक तिहाही ही रह गयी है जो की किसी समय पर इन राज्यों से अधिक हुआ करती थी | गंगा यमुना की हमारी ये भूमि, देश ही नहीं सारे विश्व में सबसे उपजाऊ भूमि में से एक है लेकिन फिर भी यहाँ का किसान ओने आप को बेबस और लाचार करता है| न पूर्वी UP में हैं और गन्ना आयोग भी पूर्वी UP में है |
8. भेदभाव : उत्तर प्रदेश के राजस्व में 72% भागीदारी पश्चिम उत्तर प्रदेश की ही है लेकिन फिर भी यहाँ के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता| बहतरीन बस अड्डे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, नए कॉलेज-यूनिवर्सिटी से लेकर हर सरकारी योजना का लाभ सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश को ही मिलता है और प्रदेश में सबसे ज्यादा आर्थिक भागीदारी देने के बावजूद हम अपने पडोसी राज्यों से बहुत ज्यादा पिछड़ चुके हैं |
9. कुछ ज्यादा नहीं मांग रहे: अलग राज्य बनने के बाद भी पश्चिमांचल , देश का पांचवा (5) सबसे बड़ा राज्य होगा| अभी भी 5 राज्यों की जनसँख्या हमारे मथुरा, रामपुर जिलों से कम है, 6 राज्यों की जनसँख्या हमारे बिजनौर, बदायूँ ,मेरठ, अलीगढ, बुलंदशहर जिलों से भी कम है,7 राज्यों की जनसँख्या हमारे मुज़फ्फरनगर, मुरादाबाद, ग़ाज़ियाबाद, बरेली, आगरा जिलों से भी कम है |
10. कैसा होगा अलग राज्य : पश्चिमांचल, संसाधनों से भरपूर है जिस में ये कहना सही होगा की यह अलग राज्य भारत का सबसे विकसित राज्य होगा जहाँ हर जिले में डिग्री कॉलेज, हर मंडल में मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी, हर गाँव में इंटर कॉलेज होंगे, अपना हाई कोर्ट होगा, राजधानी एंव सभी आयोग-मुख्यालय 200 km के दायरे में होंगे,सांस्कृतिक केंद्र होंगे, हर जिले में खेल संसथान-स्टेडियम होंगे, बहतरीन सड़कें-बस अड्डे होंगे, सस्ती यातायात सुविधाएँ होंगी| नौकरियों के अवसर कई गुना बढ़ेंगे| किसानों पर बहतर ध्यान दिया जायेगा |
#पश्चिमांचल_निर्माण_पार्टी लाओ अपना पश्चिमांचल बचाओ
्चिमांचल
#पश्चिमांचल_प्रदेश
09/02/2026
अपना पश्चिमांचल कमाता है
ना जाने हमारा कमाया सारा पैसा कहां चला जाता है..??
#पश्चिमांचल_निर्माण_पार्टी लाओ अपना पश्चिमांचल बचाओ
#पश्चिमांचल_प्रदेश
09/02/2026
पश्चिमांचल फर्स्ट पश्चिमांचली फर्स्ट के तहत पश्चिमांचल निर्माण पार्टी के संकल्प पत्र के मुख्य बिंदु निम्न प्रकार से है:-
1. अलग प्रदेश एवं अपनी राजधानी:- 8 करोड़ लोगो के उत्थान के लिए अति आवश्यक अलग राज्य की स्थापना करवाना।
2. सर्वसुलभ व त्वरित न्याय:- सुलभ और सस्ते न्याय के लिए अलग प्रदेश बनते ही एक हाईकोर्ट तथा दो बेंच की स्थापना।
3. महापुरुष:- पश्चिमांचल में स्थित समस्त संस्थानों के नाम पश्चिमांचल के महापुरषों जैसे चौधरी चरण सिंह, धनसिंह कोतवाल,प० प्यारे लाल शर्मा महेंद्र सिंह टिकैत, विजय सिंह पथिक तथा फौज-पुलिस में शहीदों के नाम पर होगें बाहरी लोगों के नाम हटा दिए जायेंगे
4. वरिष्ठ नागरिक:- अलग राज्य गठन पर वृद्धों की पेंशन 3000 रुपए प्रतिमाह दी जाएगी
5. किसान:- किसानों के लिए मुफ्त बिजली तथा घरेलू बिजली 300 यूनिट तक मुफ्त सुनिश्चित करना।
किसानों की आय में वृद्धि के लिए राज्य में डेयरी बोर्ड की स्थापना तथा हर जिले में अमूल जैसे उत्पादों के बड़े डेयरी प्लांट लगवाना।
प्रत्येक चीनी मिल में इथेनॉल प्लांट लगवाकर इथेनॉल उत्पादन कर आय उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करना जिससे गन्ने का दाम 500 प्रति क्विंटल तय करना।
मुजफ्फरनगर में गन्ना विकास संस्थान की स्थापना करना और गन्ना किसानों की आय में वृद्धि के लिए हर संभव शोध सुनिश्चित करना।
हर जिले में सरकारी कोल्ड स्टोर तथा फूड प्रोसेसिंग/प्रिजर्वेशन सैंटर स्थापित करना
आलू की खेती वाले क्षेत्र में सरकारी भंडारण ग्रह तथा आलू प्रसंस्करण केंद्र खोले जायेंगे तथा आलू के दाम कम से कम लागत से दोगुना किए जाएंगा।
हर जिले में सहकारी बैंक स्थापित किया जायेगा इस बैंक से मात्र एक प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर किसानों को प्रति एकड़ एक लाख तक फसली ऋण। लघु एवं सीमांत किसानों तथा मनरेगा मजदूरो की बेटियों की शादी के लिए इन्ही सहकारी बैंको से 5 वर्षो के लिए ब्याज मुक्त 02 लाख रुपए ऋण तथा सरकारी कोष से रुपए 51000/- कन्यादान।
6. पेंशन:- पश्चिमांचल में सभी सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करना
7. चिकित्सा:- पश्चिमांचल में 3 एम्स तथा 5 पीजीआई और हर जिले में मेडिकल कालेज तथा प्रत्येक तहसील में 100 बेड के अस्पताल की स्थापना करना।
8. संस्कृति:- पश्चिमांचल की संस्कृति को बचाना अत्यंत जरूरी है। पश्चिमांचल की संस्कृति को बचाने, संवर्धन तथा प्रोत्साहन हेतु मंडल स्तर पर संस्कृति केंद्रों की स्थापना।
9. सड़क एवं यातायात:- पश्चिमांचल में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के फंड से गाजियाबाद-नोएडा से सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा आदि प्रमुख शहरों के बीच में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत रैपिड रेल चलवाना।
वरिष्ठ नागरिकों तथा महिलाओं की रोडवेज बस में मुफ्त यात्रा । रोडवेज बस की सेवाओं में आमूल चूल परिवर्तन करना तथा प्रत्येक गांव से जिले हेतु बस सेवा शुरू करना।
पश्चिमांचल की सभी सड़कों पर पश्चिमांचल वासियों के वाहन टोल फ्री होंगे।
10. रोजगार:- पश्चिमांचल की सभी तहसीलों, सरकारी स्कूलों, कालेजों, सरकारी चिकित्सालयों इत्यादि सभी सरकारी नौकरियों में सिर्फ पश्चिमांचल के बेटे बेटियों को नौकरी किसी बाहरी को नौकरी नहीं दी जाएगी।
11. पर्यटन:- पश्चिमांचल के पर्यटन केंद्र जैसे ताजमहल, मथुरा, गढ़ गंगा शुक्रताल, हस्तिनापुर और लाक्षाग्रह का विकास कर पश्चिमांचल पर्यटन की लंदन मॉडल पर आधारित ब्रांडिंग कर पर्यटन में वृद्धि करना।
12. उद्योग:- उद्योग स्थापना के प्रोत्साहन हेतु लाल फीताशाही खत्म कर सिंगल विंडो सिस्टम लागू करवाना तथा टैक्स व्यवस्था को लचीला बनाना।
उधोग एवं उधमियों को पूर्णता सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना
13. सुरक्षा व्यवस्था-: यह सुनिश्चित करना कि पश्चिमांचल प्रदेश के बारे में या यहां का माहौल खराब करने वालों को कडी सजा का प्रावधान हो।
राज्य के पुलिस कर्मियों की तैनाती पड़ोसी जिले तथा राज्य के सरकारी कर्मियों की तैनाती 50 किमी के दायरे में करना।
पुलिसकर्मियों के सभी रिक्त पद भरना ताकि रोजगार के साथ अच्छी कानून व्यवस्था और पुलिसकर्मियों के खुशहाल जीवन के लिए दिन में 8 घंटे कर्तव्य व साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जा सके।
होमगार्डों को मानदेय 15000 प्रति माह तथा दस लाख का बीमा किया जायेगा तथा साल में वर्दी के लिए एकमुश्त 12000 दिए जायेंगे
शहीद फौजी /पैरा मिलिट्री/पुलिसकर्मियों के परिवार वालों को 3 करोड आर्थिक सहायता व परिवार में एक सरकारी नौकरी।
14. महिलाओं:- आशा/आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय 8000 प्रति माह तथा दस लाख का बीमा किया जायेगा।
15. युवाओं:- गाजियाबाद नौयडा की सभी प्राइवेट नौकरियों में 90% पश्चिमांचल के बच्चों को आरक्षण जो कंपनियां ऐसा नहीं करेगी उनके लाइसेंस निरस्त करके उन्हें पश्चिमांचल राज्य से बाहर करना
हर जिले में सेना भर्ती प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना ताकि सिपाही से लेकर उच्च पदों पर हमारे युवाओं की भर्ती हो सके
16. खेल एवं शिक्षा:- पश्चिमांचल के जिलों में आईआईएम एवं आईआईटी की स्थापना
पश्चिमांचल में 5 शैक्षणिक यूनिवर्सिटी,2 कृषि विश्वविद्यालय व 2 टैक्निकल यूनिवर्सिटी की स्थापना
प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की शिक्षा अंग्रेजी माध्यम द्वारा पूर्णता निशुल्क प्रदान की जाएगी सभी के लिए समान शिक्षा
प्रत्येक तहसील स्तर पर एक राज्य माडल आवासीय विद्यालय की स्थापना की जायेगी
हर जिले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम जिनमें सिर्फ पश्चिमांचल के युवाओं को ही ओलम्पिक स्तर की ट्रेनिंग दी जाएगी तथा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए विदेशी कोच का प्रावधान किया जायेगा।
17. दिव्यांगो तथा विधवाओं को 5000 रुपए प्रतिमाह पेंशन तथा उनके लिए उनकी क्षमताओं के आधार पर उनके लिए रोजगार सृजन किया जायेगा।
इसके अलावा पश्चिमांचल के सबसे पिछले पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए हर वह काम करना जिससे लखनऊ की उपेक्षा से ग्रस्त पश्चिमांचल में खुशहाली आए तथा जो भी पश्चिमांचल के चंहुमुखी विकास के लिए जरूरी हो किया जायेगा।
#पश्चिमांचल_निर्माण_पार्टी
13/07/2025
मेरे भाईयों-
पश्चिमांचल क्यों अलग राज्य बनना चाहिए...?
1. हाई कोर्ट बैंच नही।
2. राजधानी 600 किलोमीटर दूर।
3. आठ करोड़ की जनसंख्या को केवल 4 मेडिकल कालेज,जबकि पूर्वांचल में 26
4. कोई SAI (स्पोर्ट आर्थिटी आप इंडिया) नही।
5. हमारे पश्चिमांचल में कोई IIT नही।
6. हमारे पश्चिमांचल में कोई IIM नही.
7. हमारे पश्चिमांचल में कोई AIIMS नहीं,जबकि पूर्वांचल में दो-दो AIIMS है .
8. एक नाममात्र को छोड़कर कोई अच्छा एग्रीकल्चर विश्विद्यालय नही।
9. PCS और PPS अफसरों की भर्ती पूरब से।
10. सभी बड़े सरकारी कार्यालय पूरब मे जहां पश्चिमांचल के युवाओं के साथ भेदभाव होता है
11. 72% राजस्व वसूली पश्चिमी यूपी से जबकि पश्चिमांचल में लगता मात्र -18% है
13. विकास पूरब मे हमारे पश्चिम की अनदेखी।
15. किसानों की फसलों (गन्ना-आलू )की खरीदारी सुनिश्चित नही।
16. पश्चिमी यूपी के युवाओ के साथ नौकरियों में भेदभाव
17. पश्चिमांचल की लगभग 80 % सरकारी नौकरियों पर बाहरी लोग काबिज
18 पश्चिमांचल के गाजियाबाद नौयडा की प्राईवेट कम्पनियों में पश्चिमांचल के युवाओं को नौकरियों में भेदभाव
19.पश्चिमांचल के बच्चों की पोस्टिंग पूर्वांचल में
एकमात्र विकल्प -पश्चिमांचल निर्माण पार्टी
साफ है कोई भी बाहरी सरकार आई उसने हमेशा पश्चिमांचल का शोषण ही किया हमेशा पश्चिमांचल के साथ भेदभाव ही किया अब आवश्यकता है एक ऐसी सरकार की जो सिर्फ पश्चिमांचल के 21 जिलों के 8 करोड़ लोगों के हकों और हितों के बारे में सोचें तो आइए अपने पश्चिमांचल की एकमात्र पार्टी पश्चिमांचल निर्माण पार्टी से जुड़े जो सिर्फ अपने पश्चिमांचल के हितों के लिए आवाज बुलंद करेगी और ऐसे युवाओं को चुनकर विधानसभा में भेजेगी जो जाति धर्म से ऊपर उठकर 36 बिरादरी को साथ लेकर चलें और पश्चिमांचल के हकों के लिए तथा पश्चिमांचल को अलग प्रदेश बनाने के लिए आवाज बुलंद करें
्रदेश
#पश्चिमांचल_निर्माण_पार्टी
11/07/2025
बेशक हम मुठ्ठी भर है बेशक हमारे साथ ज्यादा लोग नही है पर विश्वास करो हम आपके और आपकी आने वाली पीढ़ियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए AIIMS के लिए सड़कों पर संघर्षरत है
आप घर बैठकर विडियो को शेयर कर हमारा उत्साहवर्धन तो कर ही सकते हैं
#पश्चिमांचल_प्रदेश
्चिमांचल #पश्चिमांचल_निर्माण_पार्टी
पश्चिमांचल निर्माण पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव मलिक जी को सुनें
हम 8 करोड़ पश्चिमांचल वासियों की आज सबसे बडी जरूरत क्या है...?
आखिर क्यों हमें अलग प्रदेश की जरूरत है ?
#पश्चिमांचल_निर्माण_पार्टी लाओ अपना पश्चिमांचल बचाओ
#पश्चिमांचल_प्रदेश
्चिमांचल
्रदेश