बहुत देखें थे अपना कहने वाले।।
आज लगता है कोई तो हो जो अपनों को आईना दिखाए।
Shayri K Din
self employed...bags & fashion designers and manufacturers
नज़र से दूर रहकर भी
किसी की सोच में रहना
किसी के पास रहने का
तरीक़ा ये भी अच्छा है.......
यूँ ही केहरे इलाही जोश में नहीं आया,
बेशक़ बड़ी ख़ता हुई हैं बंदे तुझसे!!
बाज़ार ए इश्क़ में मेरा दाम पूछती है,
मेरे नाम से कसमें खाने वाली,
आज मेरा नाम पूछती है। 🥺😕
♥️*नींद को आज भी शिकवा है मेरी आंखों से....*
*मैंने आने ना दिया उसको कभी तेरी याद से पहले....*♥️
तुझसे ख़फ़ा हो कर तुझसे ही बात करने का मन,
ये दिल का सिलसिला कभी ना समझ पाए हम....
शिकायत किस जबाँ से मैं करूँ उनके न आने की।
यही एहसान क्या कम है क़ि मेरे दिल में रहते है।।
Numaaish kaRne se badd nHi jati....
PyaR wo b kaRte Hain.
Jo izHaaR tak nHi kRte....
R......
रात की तन्हाई,कोई हमसे पूछे।
होती है क्या जुदाई, कोई हमसे पूछे।
गुजारते हैं कैसे लम्हें इंतेज़ार के, कोई हमसे पूछे।
31/03/2020
गया ताबीज़ दे कर वो, मुझे सपने सजाने का
मगर मौक़ा नहीं आया अभी तक आज़माने का
ये ऐसा दौर है चलता भी,कोई साथ क्या उसके
जिसे चस्का लगा हो, रास्ते में छोड़ जाने का
भरोसा क्या करें उसका, यक़ीं वो तोड़ देता है
तज़ुर्बा है उसे काफ़ी, यूँ ही क़समें उठाने का
मैं उसके गाँव की सरहद से वापस लौट आऊँगा
पकड़ कर हाथ गर उसने कहा ना ठहर जाने का
तुम्हारे काँच के ये महल, चकनाचूर कर देंगे
ज़रा मौक़ा तो मिल जाये, इन्हें पत्थर उठाने का
बहुत ही तल्ख़ लहजे में, वो मुझसे पेश आता है
तरीक़ा है ग़ज़ब का, प्यार भी उस के जताने का
घिरे हैं आस्मां में आज जो, काले घने बादल
इरादा लग रहा इनका, कहीं बिजली गिराने का
चलो हम बैठकर चुकता ही कर लें लेन-देनों को
महीना आख़री है यह, सभी क़र्ज़े चुकाने का
हमी देखेंगे क्यूँ कर दूर होती नहीं, ये स्याह रातें
पकड़ में आ तो जाये रास्ता, दीपक जलाने का
अगर ये लग गई तो फिर ये बुझ पायेगी ना तुमसे
ना होगा कारगर नुस्ख़ा कोई, इसको बुझाने का
Rehan..
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Website
Address
Meerut
Meerut City
250001
