30/06/2022
कैबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार आदरणीय श्री चौधरी Bhupendra Singh जी भाईसाहब को #जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं। 💐🎂🎂💐
ईश्वर से प्रार्थना है कि आप दीर्घायु हों स्वस्थ रहे प्रसन्न रहें आपका स्नेह एवं आशीर्वाद हमे सदेव मिलता रहे।।🙏❤😊
MYogiAdityanath Shubham Rathi Gagan Kamboj Princee Rawat
10/03/2022
मोदी नहीं योगी लहर हैं ....
भावी प्रधानमंत्री श्री योगी आदित्यानाथ जी को बहुत बहुत शुभकामनाए .
MYogiAdityanath
23/01/2022
MYogiAdityanath Umesh Kumar Rampur Moradabad City News18 Uttar Pradesh
14/11/2021
मणिपुर आतंकी हमले में कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनकी पत्नी और बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वहीं बाद में चार और जवान शहीद हो गए. ऐसे में आतंकियों की इस नापाक साजिश ने 7 लोगों की जिंदगी छीन ली.
आतंकी हमले में देश की रक्षार्थ परिजनों के साथ शहीद हुए असम राइफल्स के सीओ व अन्य जवानों के सर्वोच्च उत्सर्ग को भावपूर्ण नमन। सभी देशवासी इस विषाद के क्षण में बलिदानियों के परिजनों के साथ खड़े हैं। अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि
Amit Shah Narendra Modi MYogiAdityanath assamrifles__soldiers94
02/11/2021
बहुत ही महत्वपूर्ण सूचना - आरोपी पकड़े गए । 🙏🙏
आपकी प्यारी शेरनी को किसी ने भी बूरी नज़र से आँख उठाकर भी देखा तो उसका यही अंजाम होगा। आप सभी को सूचित करना चाह रही थी परंतु उचित कार्यवाही का इंतज़ार था।
कई महीनों से लगातार एक गिरोह के तीन व्यक्तियों द्वारा बार बार सोशल मीडिया पर कुकृत्य कर मेरी छवि धूमिल की जा रही थी व मेरे मान सम्मान को ठेस पहुँचायी जा रही थी । आपको बताते हुए दुःख हो रहा है कि ये तीनों व्यक्ति हमारी समिति पहाड़ परिवर्तन समिति के सदस्य व मेरे अच्छे मित्र थे। जिनके नाम क्रमशः गुमानीवाला निवासी दीपक कंडारी पहाड़ी, घाट चमोली धुर्मा निवासी राम रावत तथा नरेंद्रनगर निवासी पवन चौहान है। जैसे ही ये लोग समिति से बाहर गए इन लोगों द्वारा मेरे व समिति के लिए अपशब्द प्रयोग किए जाने लगे। जिससे समिति की छवि भी धूमिल हुई।
मेरी हर गतिविधि पर नज़र रखी जाने लगी। कहाँ जाती हूँ किससे बात करती हूँ हर बात पर नज़र रखी जाती थी। यहाँ तक कि समिति के सदस्यों को फ़ोन द्वारा भड़काऊ बातें की जाती थी। कई दिनों पूर्व सोचा कि चलो जाने दो जब कोई व्यक्ति सफलतापूर्वक अपने पथ पर बढ़ता है तो सामने कई अड़चनें आती हैं। परंतु जब किसी कुकृत्य की अति होने लगे तो भगवान भी सही समय पर दोषी को कर्मों का फल देता है तो मै क्यूँ चुप रहती। आपकी शेरनी चाहती तो इनकी ऐसी की तैसी करने में समय नहीं लगाती। परंतु जब पुख़्ता सबूत थे तो ग़ैर क़ानूनी कार्य क्यूँ करती। सबूत लेकर पुलिस प्रशासन के पास पहुँची, उनके सामने अपनी बात रखी एवं सलाह ली कि किस तरह इस अभद्रता को रोका जाए। जैसे ही पुलिस ने जाँच पड़ताल की, तुरंत ही त्वरित कार्यवाही कर तीनों आरोपियों पर चार धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया । कोतवाली बुलाकर कई घंटों पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों के फ़ोन ज़ब्त कर फ़ोरेंसिक लैब भेज दिए गए हैं। जिससे इनके पूरे गिरोह का खुलासा हो सके। कब किससे क्या बात करते थे, कैसे षड्यंत्र की रणनीति बनाया करते थे। सबसे शर्मनाक बात यह है कि इस गिरोह में कुछ और नाम भी सामने आ रहे हैं जिसमें कुछ महिलाओं के नाम भी शामिल हैं। जिनकी जाँच पड़ताल चल रही है इनका मेन मकसद मेरी छवि धूमिल करना व मेरे मान सम्मान को ठेस पहुँचाना था। आप सभी से आग्रह है कृपया ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें, ये कभी भी किसी भी रूप में आपको नुक़सान पहुँचा सकते हैं। आरोपियों के ख़िलाफ़ चार संगीन धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया है जो कि निम्न हैं -
(1 ) - धारा 354 D I PC
भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 354 घ की परिभाषा:-
अगर कोई पुरूष किसी महिला का निम्न प्रकार से पीछा करता है-
1. वह स्त्री कब-कहाँ जाती है इसकी जानकारी रखना।
2 - सोशल साइट्स जैसे- फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि से महिला से सम्पर्क बनाना या उनकी id को गुप्त रूप से देखना आदि।
उपर्युक्त कृत्य दण्ड संहिता की धारा 354 घ के अंतर्गत आते हैं।
इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं होते हैं।
जिसमें पहली बार अगर व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसको तीन साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है और अगर वह व्यक्ति दूसरी बार इस तरह की वारदात में दोषी पाया जाता है। उसे पांच साल तक की कैद और जुर्माना भी हो सकता है।
(2) - धारा 509 IPC
भारतीय दंड संहिता की धारा 509 के अनुसार, जो कोई किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के आशय से कोई शब्द कहेगा
अथवा उस स्त्री की एकान्तता का अतिक्रमण करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए साधारण कारावास की सजा जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दंड, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।
(3) धारा 120 B IPC
धारा 120 A अपराधिक षड्यंत्र क्या है?
अपराधिक षड्यंत्र से तात्पर्य है अपराधिक षड्यंत्र को परिभाषित धारा 120 A आईपीसी के अंतर्गत किया गया है धारा 120 A में अपराधिक षड्यंत्र की परिभाषा बताई गई है जिसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति कोई ऐसा कार्य करते हैं यानी अवैध कार्य करते हैं ।
या किसी से करवाने में सहमति रखते हैं जब दो या दो से अधिक व्यक्ति ऐसा कोई कार्य करेंगे जो अवैध नहीं है लेकिन अवैध संसाधनों द्वारा करने या करवाने में सहमत हूं ऐसी सहमति अपराधिक षड्यंत्र कहलाती है
आवश्यक बात यह है कि धारा 120 A के अंतर्गत अपराध आधारित है सहमति पर जो स्वभाविक है कम से कम 2 व्यक्ति होना आवश्यक है यह धारा लगाने के लिए दो या दो से अधिक व्यक्ति होने आवश्यक है।
(4) - धारा 74 IPc
इस धारा के अंतर्गत न्यायालय अपराधी को एकांत परिरोध (एकांत कारावास) की अवधि Limit of solitary confinement को बताती है, जिन व्यक्तियों को न्यायालय द्वारा कठोर कारावास की सजा सुनाई जाती है, तो न्यायालय उनको कुछ अवधि के लिए एकांत कारावास की भी सजा देने का अधिकार है। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 74 एकांत कारावास की अवधि के बारे में बतलाती है।
मै आदरणीय Ssp देहरादून श्री Janmejaya Khanduri जी का बहुत बहुत आभार प्रकट करती हूँ जिन्होंने स्वयं इस केस को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्यवाही के आदेश दिए, ताकी आगे कभी किसी भी लड़की को ऐसे कुकृत्य के लिए एफ़॰आई॰आर॰ करवाने में असहजता महसूस ना हो। साथ ही कोतवाली ऋषिकेश का विशेष आभार जिन्होंने यथाशीघ्र आरोपियों को पकड़ जाँच के आदेश दिए।
अतः यह तीनों आरोपी अब पहाड़ परिवर्तन समिति के सदस्य नहीं है, अगर इनके द्वारा अभी भी कोई भ्रामक खबरें फैलाई जाती है तो आप मुझे तुरंत सूचित कर सकते हैं।
Princee Rawat
01/11/2021
Why To ₹2100 In When You Can Have The Taste In ₹199 😅
Princee Rawat Gagan Kamboj
29/10/2021
अशोक वाटिका से शिला लेकर अयोध्या पहुंचे श्रीलंका के मंत्री, श्रीराम मंदिर निर्माण में होगा उपयोग ।।
Ram Kumar Princee Rawat Gagan Kamboj MYogiAdityanath Narendra Modi
25/10/2021
Big Breaking : आश्रम वेब सीरीज के सेट पर पिटे बॉबी देओल और प्रकाश झा, जनता ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा, डायरेक्टर प्रकाश झा का किया मुंह काला
आश्रम के नाम से एक वेब सरीज चल रही है, जिसके 2 पार्ट रिलीज हो चुके हैं, इस वेब सीरीज में हिन्दू संतो का अपमान किया गया है, उन्हें हर गलत काम करने वाला बताया गया है, इसी को ले कर जनता में भरी रोष था ...
इसी वेब सीरीज के पार्ट 3 के लिए भोपाल में शूटिंग चल रही थी, जैसे ही जनता को इस बात की भनक लगी लोग शूटिंग के स्थान पर पहुंच गए, डायरेक्टर प्रकाश झा और एक्टर बॉबी देओल से लोगो ने सवाल जवाब करने शुरू कर दिए, जनता ने पूछा आप ऐसी वेब सीरीज दूसरे धर्मो के प्रचारकों पर क्यों नहीं बनाते? कई मौलाना मदरसों में बच्चो के साथ गलत काम करते और बलात्कार करते पकड़े गए हैं तो वहीं मुंबई के मिशनरी स्कूल में फादर पर बच्चो से अनैतिक काम करने और बिशप पर बलात्कार का आरोप लग चुका है, इस पर आप वेब सीरीज क्यों नहीं बनाते?
लेकिन जनता के इन सवालों का जवाब देने के बजाए डायरेक्टर साहब और सुपरस्टार साहब ने उल्टे सीधे भड़काऊ जवाब देते हुए एक बार फिर हिन्दू संत परंपरा और साधु संतो को बुरा भला कहना शुरू कर दिया, उनके घृणित बयानों को सुन कर जनता और भड़क गई, और डायरेक्टर प्रकाश झा और एक्टर बॉबी देओल की जम कर धुनाई कर दी, इसका बाद डायरेक्टर प्रकाश झा का मुंह काला कर दिया गया ....
अपने आपको बड़ा डायरेक्टर समझने वाले और अपने आपको सुपरस्टार समझने वाले स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं लगा पाए थे, उन्हें लगा था जनता इनके पैर की जूती है, जैसे ही जनता ने इनकी धुनाई की इनका भूत कफूर हो गया और पूरी टीम सर पर पैर रख कर भाग खड़ी हुई, भाई ये जागरूक हो चुकी जनता है इसे हल्के में लेने की गलती जो भी करेगा वो अंजाम भुगतेगा...
आशा करते हैं इस घटना से बाकी के डायरेक्टर और एक्टर भी सबक लेंगे और देश की बहुसंख्यक आबादी की भावनाओं का ख्याल रख कर वेब सीरीज बनाएंगे, हिन्दू ना हो गया मंदिर का घंटा हो गया, कोई भी बजा कर चला जायेगा, जागरूक जनता को नमन 🙏
Ram Kumar Shubham Rathi Princee Rawat Gagan Kamboj Er.Nalin Singh
24/10/2021
देखलो ज़िनके नाम का खा रहे उनकी हालत ।
Princee Rawat Gagan Kamboj Shubham Rathi MYogiAdityanath Narendra Modi
22/10/2021
आप गए नही हो #अयोध्या इसलिए आपको पता नही, टीवी पर देखा है इसलिए वो एहसास नही है, अयोध्या जी में केवल राम मंदिर को ही न जानिए बहुत सी चीजे है वहा देखने को
#सरयू जी को साधारण नदी मत समझिए जो अयोध्या जी के उत्तर दिशा में बहती है, जो इतनी बड़ी है की क्या बताए हम आपको, देखेंगे तो पूरी आंख में न समा पाएंगी, कितना भी आप थके हो इनके किनारे पहुंचते ही ठंडक का एहसास होता है और जैसे ही इनकी जल में जा के एक डुबकी लगाई तो सारा दर्द दूर हो जाता है नई फुर्ती और ताजगी का एहसास करा देती है इनका जल, हो भी क्यों ना साधारण नदी तो ये है नही, इस पृथ्वी पर मानव निर्मित प्रथम राज्य की राजधानी अयोध्या है जिसको सूर्यवंशी राजाओं ने बसाया, उसी अयोध्या नगर के उत्तरी किनारे पर स्थित है सरयू नदी, यानी अति प्राचीन से भी प्राचीन समय से बहती आ रही है ये नदी।
दूर दूर तक कई किलोमीटर में खत्म न होने वाले पक्के घाट इसकी आभा को और सुंदर कर देते है। अयोध्या की दीपावली के बाद कार्तिक माह में होने वाले पांच कोस या चौदह कोस की परिक्रम का अंत इसी सरयू के किनारे चलते चलते इन्हे निहारते, देखते रामघाट पे इनमे स्नान कर के ही खत्म होता है, लाखो की संख्या में पूरे उत्तर प्रदेश के और पासवर्ती राज्य के लोग हर साल उपस्थित होते है। इन लाखो की भीड़ को सरयू के किनारे कब स्नान कर लेती है इसका पता भी नही चलता इतना विस्तृत है इनका किनारा।
इसी सरयू नदी के ही तट पर सम्राट विक्रमादित्य द्वारा निर्माण कराया "बाबा नागेश्वर नाथ" जी का पौराणिक मंदिर भी है जो ज्योतिर्लिग से कम महत्व नहीं रखता। जहा जाकर असीम शांति मिलती है। जिसे भगवान राम के बड़े पुत्र ने बनवाया था। कहा जाता है की कुश ही की पत्नी नाग कन्या थी और वो शिव जी की अनन्य भक्त थी, तो उन्ही के लिए नागेश्वर नाथ मंदिर का निर्माण कराया गया था। जो की त्रेता कालीन शिवलिंग विराजमान है, और वर्तमान मंदिर विक्रमादित्य जी का बनवाया हुआ है।
यही सरयू जी के तट पर गुप्तार घाट है जहा भगवान राम अपने अनुचर और सहचारो के साथ सरयू के जल में ही परधाम गए, और यहा पर जो कोई जीव उस समय डुबकी मारा वह मुक्ति को प्राप्त हुआ, ऐसी महिमा है इन सरयू जी की।
सरयू के ही जल से बनी राम की पौड़ी अत्यंत मनोहर लगती है, जिसके किनारे बाबा नागेश्वर नाथ का मंदिर है।
इसी सरयू के दक्षिणी तट से पूरब की तरफ यात्रा करते हुए श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ ले ऋषि विश्वामित्र के साथ हो सरयू गंगा के संगम तक पैदल जाते है, और संगम को पार कर तड़का आदि राक्षसों का वध और मुनि के यज्ञ की रक्षा करते है।
इसी सरयू के उत्तरी तट से राम की बरात महाराज दशरथ के द्वारा ले जाई गई, जिस रास्ते बारात गई वह सरयू के किनारे किनारे आज भी विद्यमान है और श्रीराम जानकी मार्ग के नाम से जाना जाता है जो अयोध्या से मिथिला नेपाल तक सीधी जाती है।
यही हाल चैत्र रामनवमी के समय भी रहता है जब लाखो की संख्या में नर-नारी, बच्चे - बूढ़े, जवान सभी लाखो की संख्या में आते है और इस महा नदी में स्नान कर अपने को कृतार्थ करते है। लाखो की संख्या की भीड़ जिसने सरसो का अगर ऊपर से गिरा दिया जाए तो जमीन पर ना गिरे ऐसी भीड़ को भी सरयू और अयोध्या अपने में हर साल ऐसे समेट लेती है जैसे मां अपने बच्चे को।
आप आइए एक बार अयोध्या में कभी भी, या फिर चैत राम नवमी में या कार्तिक माह में दिवाली के बाद परिक्रमा में, आपको महसूस होगा की जैसे राम जी लंका पे चढ़ाई के लिए समुद्र पर जब सेतु बाध कर वानरों, रीछो की सेना जैसे उस पुल रूपी सड़क से गई होगी जिसमे केवल वानर, भालुओ के सर ही दिखाई दिए होंगे वही स्थिति पंच कोसी या चौदह कोसी परिक्रमा में आपको महसूस होगी जब अब भीड़ के बीच होंगे और सरयू नदी से लेकर चौदह कोस(14*3=42 किलोमीटर) के दायरे में आपको एक इंच भी जगह दो लेन की सड़क पर खाली नहीं मिलेगी, तिल गिरने भर की जगह नही रहेगी, हर तरफ जय श्रीराम का जयघोष, जहा तक आपकी आंखे देख सके (दिन हो तो कोई बात नही रात को भी प्रशासन द्वारा सुव्यवस्थित कर दिन जैसा ही उजाला किया जाता है, सुरक्षा पूरी चाक चौबंद रहती है) वहा केवल राम के दीवाने स्त्री पुरुष बच्चे जवान बूढ़े आदि सभी के सिर हर तरफ दिखाई देते है। तब चाहते या न चाहते हुए भी आपका ध्यान उस ओर जरूर जाएगा की अगर इतना उत्साह और प्रेम आज है तो भगवान के समय उनके साथ वानरी सेना में कितना रहा होगा, ऐसे ही समुद्र सेतु को वानरी सेना ने पार किया होगा जिस तरह से आज इस परिक्रमा में लोग चल रहे है।
लगभग बारह घंटे लगातार सरयू जी शुरू हुई परिक्रमा चलती ही जाति है आप अंदाजा लगा सकते है कितने लोग आते होंगे। कहा जाता है कि एक बार जो प्रयाग में माघ मास में अमावस्या स्नान हेतु आता है, गंगा जी के रेती में रह लेता है उसको उस रेती से मोह हो जाता है, वह दो दिन के उस गंगा जी के किनारे उनकी रेती के निवास में इतना आनंद प्राप्त करता है की हर साल फिर खींचा चला आता है, वह लाख कोशिश कर के जरूर आने की इच्छा रखता है, वैसे ही जो एक बार अयोध्याजी में रामनवमी, या कार्तिक परिक्रमा करने आ जाता है उसको उस परिक्रमा से मोह हो जाता है, भले ही बारह घंटे में पचास किलोमीटर चलने के कारण अपार दर्द उसे होता है पर अगली बार आने की इच्छा उसे जरूर होती है।
जिस तरह तुलसीदास जी ने मानस में कहा है की भगवान के जन्म के समय से एक महीने तक सूर्य डूबे ही नही रात आई ही नहीं या चंद्रमा का दर्शन ही नही हो सका इतना उजाला किया गया था, वैसे ही अयोध्या के परिक्रमा या किसी भी मेले में यही व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जाति है चाहे किसी की भी सरकार हो।
गंगा जी तो इनके कई हजारों वर्षों बाद इस धरा पर आई है, सूर्यवंशी न जाने कितने ही राजाओं के राज भोग के बाद महाराज सागर के साथ हजार पुत्रों को मुक्त करने हेतु महाराज भागीरथ के अथक प्रयास और तपस्या के कारण गंगाजी धरती पर आई पर उनसे कई हजारों वर्ष पूर्व से ही बह रही है।
सरयू जी को भी आप कोई साधारण नदी न समझे जिन नारायण के वामन अवतार होने के समय जब बावन रूपी भगवान विष्णु विराट रूप धरकर सम्पूर्ण ब्राम्हण को अपने पग से नाप रहे थे तो उनके चरण के नख को अपने कमंडल के जल से ब्रम्हजी ने धोया और उस जल को अपने कमंडल में रख लिया, वो ही माता गंगा हुई, तो जिस नारायण के नख के स्पर्श से ही ऐसी पतित पावनी माता जगदंबा गंगा जी हुई तो जिन विष्णु भगवान रूपी श्रीरामचंद्र नित सरयू जी में विहार किए उसमे नहाए वो कितनी पवित्र और महान होंगी।
शिवजी के निवास स्थान कैलाश पर्वत के निकट के सरोवर है जिसे ब्रम्हा जी ने अपने मानसिक संकल्प से प्रगट किया है जिसका नाम है मानसरोवर उसी में से एक नदी निकली है, ब्रम्हासर से निकलने के कारण उसका नाम सरयू हुआ। अब बताओ सरयू जी कितनी महान है।
आगे कुछ और अयोध्या जी के बारे में लिखेंगे, आप सब के प्रोत्साहन के बाद.........
जय श्री राम
Princee Rawat Shubham Rathi Gagan Kamboj MYogiAdityanath Narendra Modi श्री राम जन्मभूमि तीर्थ अयोध्या रामायण