CPIM EAST CHAMPARAN

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04/10/2026

दिल्ली | कॉमरेड बृंदा करात ने कहा सुप्रीम कोर्ट का आदेश- महिला की शिकायत पर तुरंत FIR दर्ज हो।

भूमि अधिकार सम्मेलन — दरभंगा30 सितंबर 2026भूमि, किसान और खेतिहर मजदूरों के अधिकारों की बुलंद आवाज़ को मजबूत करने के संकल...
04/10/2026

भूमि अधिकार सम्मेलन — दरभंगा
30 सितंबर 2026

भूमि, किसान और खेतिहर मजदूरों के अधिकारों की बुलंद आवाज़ को मजबूत करने के संकल्प के साथ आयोजित भूमि अधिकार सम्मेलन, दरभंगा में सहभागिता।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए—
कॉमरेड अशोक धवले
राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा

कॉमरेड विक्रम सिंह
राष्ट्रीय संयुक्त सचिव, अखिल भारतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन

इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में अखिल भारतीय किसान सभा, बिहार राज्य के संयुक्त सचिव कॉमरेड राजमंगल प्रसाद ने भी शिरकत की।

किसानों, खेतिहर मजदूरों और भूमिहीनों के हक़ एवं सम्मान की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प।

भूमि का अधिकार — मेहनतकशों का अधिकार!
किसान-मजदूर एकता ज़िंदाबाद!

*जंतर-मंतर दिल्ली पर छात्र- युवाओ पर पुलिस का बर्बर लाठी चार्ज* *दमन से यह आंदोलन रुकेगा नहीं, ज्ञानेश कुमार को जाना ही ...
04/10/2026

*जंतर-मंतर दिल्ली पर छात्र- युवाओ पर पुलिस का बर्बर लाठी चार्ज*

*दमन से यह आंदोलन रुकेगा नहीं, ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा - सांसद अमराराम*
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भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य व सांसद अमराराम ने आज दिल्ली में जंतर मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे व गिरफ्तारी की मांग कर रहे हजारों छात्रों, युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज एवं भारी संख्या में गिरफ्तारियां जिसमें भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के महासचिव कॉमरेड एम ए बेबी, वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद वृंदा करात, एसएफआई के अखिल भारतीय अध्यक्ष एम शाजी, भारत की जनवादी नौजवान सभा के अखिल भारतीय अध्यक्ष व सांसद कामरेड रहीम एवं महासचिव सृजन भट्टाचार्य सहित तमाम केंद्रीय नेता शामिल हैं की निंदा करते हुए कहा कि मोदी सरकार डरी हुई है और इसने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को समाप्त करने का काम किया है। 2023 में कानून बनाकर चुनाव आयुक्त पर किसी भी तरह का मुकदमा नहीं चलने का प्रावधान करके उसको अभयदान दिया है। अब जबकि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कारगुजारी और आपराधिक षड्यंत्र देश की जनता के सामने आ गया है तो मोदी सरकार विरोध की आवाज को दबाने पर उतर आई है और पुलिस का सहारा ले रही है और भारी दमन कर रही है लेकिन यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है और ज्ञानेश कुमार को हर हालत में अब जाना ही होगा।

Red salute ✊ ✊✊
03/10/2026

Red salute ✊ ✊✊

03/10/2026
29/09/2026

प्रेस बयान
भारत कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पोलित ब्यूरो ने निम्नलिखित बयान जारी किया है:

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाओ, SIR रोको

वामपंथी पार्टियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाने की मांग करते हुए भारत निर्वाचन आयोग के मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य कार्यालय 'निर्वाचन सदन' के गेट तक पहुंचने की कोशिश कर रहे वामपंथी पार्टियों के दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए उन्हें घसीटा और उन पर बर्बर बल का प्रयोग किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बदसलूकी की और उन्हें हिरासत में लिया।

यह विरोध प्रदर्शन वामपंथी पार्टियों द्वारा एक सप्ताह तक देशव्यापी स्तर पर की गई उस अपील का हिस्सा था जिसमें निम्नलिखित मांगें की गई थीं।

• CEC को हटाना
• SIR प्रक्रिया को तुरंत रोकना
• SIR प्रक्रिया के दौरान गलत तरीके से हटाए गए सभी असली मतदाताओं को फिर से शामिल करना।
• CEC और अन्य आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून को रद्द करना और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करना।

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) प्रदर्शनकारियों के साथ हुई बदसलूकी की निंदा करती है और सभी मांगें पूरी होने तक लड़ाई जारी रखने का संकल्प लेती है।

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व CPI(M) के महासचिव कॉमरेड एम.ए. बेबी, वरिष्ठ नेता वृंदा करात और सुभाषिनी अली, पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड बी.वी. राघवलु और आर. अरुण कुमार, सांसद वी. शिवदासन और ए.ए. रहीम, CPI दिल्ली राज्य सचिव कॉमरेड दिनेश वार्ष्णेय, CPI(ML) केंद्रीय समिति की सदस्य सुचेता डे, राजीव डिमरी, RSP के राष्ट्रीय सचिवालय सदस्य धर्मेंद्र वर्मा, फॉरवर्ड ब्लॉक के दिल्ली राज्य सचिव और CGPI के नेता बिरजू नाइक ने किया।

त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ CPI(M) नेता कॉमरेड माणिक सरकार के काफिले को बामुटिया के कालीबाजार में कथित रूप ...
28/09/2026

त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ CPI(M) नेता कॉमरेड माणिक सरकार के काफिले को बामुटिया के कालीबाजार में कथित रूप से रोके जाने और एस्कॉर्ट वाहन को नुकसान पहुँचाए जाने की घटना बेहद गंभीर है।

राजनीतिक विरोध का जवाब हिंसा, धमकी और डराने-धमकाने से नहीं दिया जा सकता।
लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और नेता को अपनी बात रखने तथा जनता के बीच जाने का अधिकार है।

घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

CPIM Tripura

आभार प्रिंट मीडिया 🙏
28/09/2026

आभार प्रिंट मीडिया 🙏

प्रेस विज्ञप्ति“वोट चोरी बंद करो, फर्जी SIR वापस लो, ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो” के नारों के साथ सीपीआई(एम) का प्रदर्...
27/09/2026

प्रेस विज्ञप्ति

“वोट चोरी बंद करो, फर्जी SIR वापस लो, ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो” के नारों के साथ सीपीआई(एम) का प्रदर्शन

मोतिहारी, पूर्वी चंपारण। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सीपीआई(एम), पूर्वी चंपारण जिला कमिटी की ओर से चुनाव प्रक्रिया एवं SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बलुआ गोलंबर से जुलूस निकाला, जो टेंपू स्टैंड पहुंचा, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। इसके बाद विरोध सभा आयोजित की गई।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “वोट चोरी बंद करो”, “फर्जी SIR वापस लो”, “लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा करो” तथा “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो” जैसे नारे लगाए।

पुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) के जिला सचिव कॉमरेड सत्येंद्र कुमार मिश्र ने चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और मतदान के अधिकार से जुड़े सवाल लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और किसी भी पात्र मतदाता का मताधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए।

सभा को धीरेंद्र पांडे, ध्रुव त्रिवेदी, इंजीनियर फरहान हाशमी, उगम राम, बीना देवी एवं संजय गुप्ता ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे वापस लेने तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने की मांग भी की।

जारीकर्ता
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम)
जिला कमिटी, पूर्वी चंपारण

प्रेस विज्ञप्तिलोकतंत्र और संविधान पर हमला बंद करो, चुनाव आयोग का राजनीतिक दुरुपयोग बंद हो — माकपामुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञ...
27/09/2026

प्रेस विज्ञप्ति

लोकतंत्र और संविधान पर हमला बंद करो, चुनाव आयोग का राजनीतिक दुरुपयोग बंद हो — माकपा

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर माकपा का प्रतिरोध मार्चएवं पुतला दहन

मेहसी, 26 सितंबर 2026।

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की चकिया–मेहसी–तेतरिया लोकल कमिटी के तत्वावधान में आज लोकतंत्र और संविधान की रक्षा, चुनाव आयोग की निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला गया।

प्रतिरोध मार्च हॉस्पिटल रोड से शुरू होकर स्टेशन रोड एवं बैंक चौक होते हुए बस स्टैंड तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा तथा निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की मांग को लेकर जोरदार नारे लगाए।

माकपा राज्य कमिटी सदस्य एवं महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी कॉमरेड राजमंगल प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव केवल मतदान कराने की प्रक्रिया नहीं है। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव, पारदर्शी मतदाता सूची, सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी शर्तें हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर देशभर में गंभीर सवाल उठे हैं। इन सवालों का संतोषजनक और पारदर्शी जवाब देना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है।

प्रतिरोध मार्च में शामिल डीवाईएफआई के राज्य कमिटी सदस्य इम्तेयाज अहमद ने कहा कि विशेष रूप से SIR और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने के आधार, तकनीकी व्यवस्था तथा शिकायतों के निवारण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। निर्वाचन आयोग के भीतर विभिन्न निर्णयों को लेकर सामने आई आपत्तियों और मतभेदों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी इन मामलों में जवाबदेही तय करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग करती है।

माकपा ने चुनाव आयोग से पूछे सात सवाल

1. यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो उसे पूर्व सूचना, नाम हटाने का स्पष्ट कारण और प्रभावी अपील का अवसर किस प्रकार दिया जाएगा?

2. मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में अंतिम निर्णय किस स्तर पर लिया जा रहा है तथा उसकी पूरी जवाबदेही किसकी है?

3. यदि कोई स्थानीय निर्वाचन पदाधिकारी दस्तावेजों की जांच के बाद किसी नागरिक को पात्र मानता है, लेकिन केंद्रीय सॉफ्टवेयर अथवा तकनीकी व्यवस्था के कारण उसका निर्णय दर्ज नहीं हो पाता, तो ऐसी व्यवस्था को पारदर्शी और लोकतांत्रिक कैसे माना जा सकता है?

4. नए मतदाताओं के पंजीकरण में अतिरिक्त जानकारियां मांगने संबंधी नियमों में बदलाव किस कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया गया?

5. राजनीतिक दलों और आम नागरिकों द्वारा उठाई गई आपत्तियों का सार्वजनिक एवं बिंदुवार जवाब देने की व्यवस्था क्यों नहीं होनी चाहिए?

6. चुनाव आयोग स्पष्ट करे कि मतदाता सूची तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल सिस्टम तथा उसके निर्णयों की स्वतंत्र जांच और ऑडिट की क्या व्यवस्था है?

7. जब निर्वाचन आयोग के भीतर ही मतदाता सूची और तकनीकी व्यवस्था से जुड़े निर्णयों को लेकर मतभेद सामने आते हैं, तो जनता के सामने पूरी पारदर्शिता के साथ तथ्य रखना आयोग की जिम्मेदारी क्यों नहीं होनी चाहिए?

माकपा ने मांग की कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम केवल तकनीकी अथवा प्रशासनिक त्रुटि के कारण न छूटे और किसी नागरिक को अपने मताधिकार की रक्षा के लिए अनावश्यक प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

प्रतिरोध मार्च में जहीर आलम, अखिलेश कुमार, शफीकुर रहमान, राजेश राम, धर्मनाथ यादव, रवि कुमार, अभिषेक कुमार सिंह, हरिहर ठाकुर, राजेंद्र राम, मोहम्मद सहीम सहित दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

निवेदक
राजमंगल प्रसाद
राज्य कमिटी सदस्य
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M)

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