25/04/2026
सिरौना की ऐतिहासिक धरती पर कल केवल एक उत्सव नहीं मना, बल्कि गाँव के नवनिर्माण की एक नई रूपरेखा भी रखी गई। हमने सरकार और प्रशासन के समक्ष गाँव के सर्वांगीण विकास के लिए दो प्रमुख माँगें मजबूती से रखी हैं:
कछुआ नदी का सौंदर्यीकरण: हरनरैना सुलिश गेट से लेकर सिरौना छठ घाट पुल तक कछुआ नदी को वॉटर पार्क के रूप में विकसित करने की मांग। साथ ही, खेतों तक जाने वाली नहरों की सफाई और उचित देख-रेख ताकि हमारे किसानों को सुविधा हो।
धरोहरों का संरक्षण: गाँव के 8 मठ-मंदिरों, सार्वजनिक तालाबों और सभी पुराने कुओं को 'आदर्श स्थल' के रूप में जीर्णोद्धार और विकसित करने का आह्वान। ये केवल ढाँचे नहीं, हमारी पहचान हैं।
25/04/2026
कल 24 अप्रैल को आयोजित 'राष्ट्रीय बुनियादी शिक्षा दिवस' के अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया।
25/04/2026
'बुनियादी शिक्षा' की प्रेरणा स्रोत चुल्हिया के प्रपौत्र श्री बदरी राउत जी को मंच पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। प्रशासन द्वारा दी गई यह गौरवपूर्ण स्वीकृति हमारे गाँव की ऐतिहासिक विरासत को एक नई ऊंचाई पर ले जाती है। इस सम्मान के लिए हम सभी अधिकारी महोदयों का आभार व्यक्त करते हैं।
24/04/2026
आज 24 अप्रैल 2026 को हमारे गाँव सिरौना में 'राष्ट्रीय बुनियादी शिक्षा दिवस' के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह वही ऐतिहासिक दिन है जब 1917 में कस्तूरबा गांधी और हमारे गाँव की 'चुल्हिया' के बीच हुए संवाद ने देश की 'बुनियादी शिक्षा' की नींव रखी थी।
मुख्य आकर्षण:
सिकरहना के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्री विजय कुमार जी द्वारा उद्घाटन।
भारत स्काउट और गाइड के जिला मुख्य आयुक्त श्री रत्नेश्वरी शर्मा जी का मार्गदर्शन।
विशेष सम्मान: चुल्हिया जी के वंशज बदरी राउत जी को सम्मानित किया गया।
स्काउट-गाइड्स द्वारा प्रभात फेरी और कस्तूरबा सेवाश्रम पर माल्यार्पण।
गाँव के विकास और शिक्षा के प्रति यह एकजुटता सिरौना को एक नई पहचान दिलाएगी।आइये, हम सब मिलकर अपनी इस विरासत को सहेजें।
09/04/2026
सुविधाओं एवं रोजी-रोजगार के प्रति आसक्त होकर गाँव अब शहरों में बस गया ... गाँव के आँगन सुने हो गए, दालानों-खलिहानो में सन्नाटा छा गया, अब गांवों में देर शाम ठहाकों की गूंज नहीं सुनाई देती .... विरानगी दिखाई देती है।
02/04/2026
चंपारण सत्याग्रह के दौरान कस्तूरबा गांधी और सिरौना गाँव की एक श्रमिक महिला ‘चुल्हिया’ के बीच हुए उस ऐतिहासिक संवाद की कहानी, जिसने देश को पहली ‘बुनियादी पाठशाला’ की दिशा दी। आज वही ऐतिहासिक स्थान उपेक्षा का शिकार है और पहचान की प्रतीक्षा में है:
सिरौना: बुनियादी शिक्षा की जननी और कस्तूरबा गांधी की स्मृतियों को संजोने का आह्वान - सांझी बात
सिरौना गाँव, कस्तूरबा गांधी सेवाश्रम, बुनियादी शिक्षा का इतिहास, चंपारण आंदोलन और ग्राम विकास से जुड़ा महत्वपूर्.....
02/04/2026
समस्त ग्रामवासियों को हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई एवं ढेर सारी शुभकामनाएँ। संकटमोचन महाबली हनुमान जी की कृपा हम सभी पर सदैव बनी रहे।
जय श्री राम! जय बजरंगबली! 🙏🚩
30/03/2026
कहते हैं कि गुदड़ी के लाल अपनी चमक खुद बिखेरते हैं! हमारे गाँव की बेटी श्रेया सुमन ने मैट्रिक परीक्षा में 431 अंक लाकर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे गाँव और पूर्वी चंपारण का मान बढ़ाया है। श्रेया की यह कामयाबी हमारे गाँव के अन्य बच्चों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। बिटिया को इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएँ! 💐