06/04/2026
मेरा नाम श्री विश्नोई है, मैं बीकानेर के गांव से हूँ। मेरे पिता का देहांत बचपन में ही हो गया था। मैं बड़ा था, इसलिए मुझसे उम्मीद थी कि जैसे ही ठीक कमाने लायक हो जाऊँगा, परिवार संभाल लूँगा। मेरी माँ ने खेतो मे मजदुरी करके बडी मुश्किल से पढ़ा के मुझे उस लायक बनाया लेकिन जैसे ही मैं बड़ा हुआ, एक्टर बनने मुंबई आ गया। पूरे परिवार का भविष्य रुक गया क्योंकि एक्टर की लाइन ऐसी लाइन है जिसमें सफलता की कोई गारंटी नहीं। सबको लगता है कि निकला है हीरो बन ने , लोग सिर्फ एक अभिनेता के चकाचोंध के बारे मे जानते है लेकिन यह कोइ नही जानता कि एक अभिनेता अपने पुरे परिवार की उमीद को अपनी ज़िंदगी को अपनी आने वाली पिढी को दांव पर लगा चुका होता है और एसे ही हजारो कलाकरो से एक फिल्म बनती है 2017 में मुंबई आया। और ikkis तक पहुँचते-पहुँचते 8-9 साल लग गए।
एक सिर्फ Ikkis फिल्म के लिए ही 20-25 बार ऑडिशन दिए। इन सालों में मेरे परिवार ने मुझे कभी जोर नहीं दिया, कभी पूछा नहीं कि क्या कर रहा हूँ, कितनी सैलरी है। लेकिन इन सालों में बहुत कुछ मुंबई ने सिखाया है। इस फिल्म के लिए कम से कम 3-4 स्टेट्स में ऑडिशन हुए, लगभग 4-5 लाख लोगों में से सिर्फ 26 लोगों को शॉर्टलिस्ट किया गया। उन्हें आर्मी की पूरी प्रॉपर ट्रेनिंग दी गई। और इन्ही 26 में से पराग सिंह को चुनना था। लेकिन मेरा वेट सबसे ज्यादा था। इसलिए मुझे टीम ने बोला कि आर्मी के हिसाब से आपका वेट नहीं है। 26 में शॉर्टलिस्ट होने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं हुईं। ट्रेनिंग के बाद मैंने अपना वजन 10 किलो कम कर लिया लूक टेस्ट के दौरन सब हैरान हुए लेकिन अब भी उन्हे प्र्याग सिंह असली हीरो के लिए सही व्यक्ति को चुन ना बहुत जरुरी था अखिर अमृतसर में सूट से एक दिन पहले मुझे बताया कि मैं प्रयाग सिंह कर रहा हूँ वो खुशी इतनी खुशी थी कि संभालना मुश्किल हो रहा था ,8 साल के बाद अचानक से इतना बड़ा चमत्कार था। यह फिल्म अरुण खेत्रपाल साहब की लाइफ पर आधारित है। जिनको 21 की उम्र में शहीद होने के बाद परमवीर चक्र मिला अरुण खैत्रपाल साहब फामागुस्ता टैंक के कमांडर थे प्रयाग साहब उसी टैंक के ड्राइवर थे
इसी टैंक ने पाकिस्तान की एक टैंक टुकड़ी को तबाह कर दिया था और पाकिस्तानी सेना को भागने को मजबूर कर दिया था। पहली बड़ी फिल्म ने इतने बड़े ऐतिहासिक हीरो का किरदार मिलना मेरा सबसे बड़ा सौभाग्य है। मुझे पता नहीं था कि मुझे प्रयाग सिंह करने का मौका मिलेगा, लेकिन मेरा कर्तव्य बनता है कि मैं प्रयाग सिंह के किरदार को जस्टिफाई कर सकूँ। इसलिए प्रयाग चुने जाने से पहले ही मैं प्रयाग सिंह के घर जाकर उनके बारे में जानकारी इकट्ठा की थी। उनकी कहानी सुनकर रोंगटे खड़े हो गए थे।मेरे जन्मदिन पर मेरा पहला टेक लगा था यह जानकारी सबसे पहले अपने छोटे भाइ को बताइ क्युंकि मा को बिपि कि शिकायत इतनी बडी तारिफ सम्भाल नही पाती हर मा कि यही कमजोरी होती है और परिवार को बिना शिकायत किये छोटा बेटा सम्भाले तो वही असली हीरो है मेरा छोटा भाइ मदन ,अकसर समाज सिर्फ बडे बेटे को जिम्मेदार समझता है लेकिन यह छोटा मुझसे कन्ही बडा निकला है
एसी बहुत सी बाते है लेकिन मे मानता हु कि एसे जिम्मेदारी लिये असली हीरो हर परिवार मे है जो चुपचाप बिना किसी तरीफ के सिर्फ कर्त्व्य को बडा मानते है मेरी बात पढ्ने वाले आप भी किसी की कहानी के हीरो है इसलिये मेरी कहानी को अधिक लम्बा बनाना ठीक नही है
मेरी फिल्म के बारे मे और थोडा बताउ तो इक्किस अमज़ोन प्राइम पर ओनलाइन आ चुकी है इसके निर्देश्क श्रीराम राघवन जी है , इस फिल्म मे अगस्त्य नंदा , सिमर भाटिया , जय्दीप अह्लावत , विवान शाह तथा धर्मेंद्र दिओल जी है
मेरे बीकानेर के पुर्व सांसंद व पुरी पीढी के पसंदिदा के साथ काम करना भी मेरे लिये हमेशा गर्व की बात रहेगी
इस बडी फिल्म से पहले मेंने कांची, सिंग्ल्हूड आदि वेबशो मे काम किया,5 साल थिअटर मे 20 से अधिक नाट्क , सुनिल शेटी जी के प्रोडक्शन मे काम किया
prime

24/03/2026