Sadaate Baahera Muzaffarnagar India

Call Directions Contact the organization

Sadaate Baahera Muzaffarnagar India हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में हैं भाई भाई।

*ज़रूरी ख़बर**शकीला बेग़म उम्र 85 साल है ट्रेन से रांची से लखनऊ अपने बेटे वज़ीर हुसैन उर्फ़ परवेज़ के साथ जा रही थी! वज़ीर हुसै...
20/10/2026

*ज़रूरी ख़बर*
*शकीला बेग़म उम्र 85 साल है ट्रेन से रांची से लखनऊ अपने बेटे वज़ीर हुसैन उर्फ़ परवेज़ के साथ जा रही थी! वज़ीर हुसैन (परवेज़ ):की पोस्टिंग लखनऊ में रेलवे में है! प्रयाराज (इलाहाबाद) स्टेशन पर आज 20 अक्टूबर 2026 की सुबह 5:00am बजे उतर गयीं है! वो ज़्यादा चल नहीं पाती है, उनका पैर का ऑपरेशन हुआ है! उनके बेटे को 7:00 बजे मालूम हुआ की उनकी माँ ट्रेन में नहीं है वो ट्रेन से उतारकर इलाहाबाद स्टेशन पहुंचे C.C फुटेज में देखा गया तों पता चला गेट नं. 2 से बाहर निकली और सरइयाँ जाने को बोल रही थी गेट नं. 2 पर कोई बाइक से बिठा के बस स्टॉप तक छोड़ आया! अभी तक उनका कोई अता पता नहीं आप लोगों से गुज़ारिश है की ऊपर उनकी फोटो भी है उनके बेटे अभी इलाहाबाद में है मेरी बात हुई है बहुत परेशान है लेहाज़ा आप लोगों से गुज़ारिश है की किसी को भी उनका पता चलता है तों उनके बेटे को या मुझे फ़ौरन ख़बर करें बहुत मेहरबानी होंगी!*
जनाब वज़ीर हुसैन उर्फ़ परवेज़
रांची, झारखण्ड!
मोबाइल नं - +91 97948 30831
सय्यद वक़ार मोहसिन
9559418786
करारी, इलाहाबाद!

19/10/2026
आयतुल्लाह दस्तग़ैब की किताब से - एक अजीबो गरीब किस्साजलीलुल क़द्र सैयद अली नक़ी कश्मीरी फरज़ंद साहिबे करामात हाजी सैयद म...
15/10/2026

आयतुल्लाह दस्तग़ैब की किताब से - एक अजीबो गरीब किस्सा

जलीलुल क़द्र सैयद अली नक़ी कश्मीरी फरज़ंद साहिबे करामात हाजी सैयद मुर्तज़ा कश्मीरी ने कहा: मैंने सैयद अब्बास लारी को कहते सुना:

जब मैं नजफ में तालीबे इल्म था, माहे रमज़ान में अस्र के वक्त इफ्तार का खाना तैयार कर के हुजरे में रखा और दरवाज़ा ताला लगा कर बाहर गया। नमाज़े मगरिब व इशा पढ़ कर वापस आया तो जेब में चाबी नहीं मिली। बहुत तलाश की, भूख की शिद्दत से परेशान हो गया और हैरान मदरसे से बाहर हरमे मुतहहर की तरफ चला गया, ज़मीन पर चाबी ढूंढते हुए।

अचानक मरहूम हाजी सैयद मुर्तज़ा कश्मीरी मिले, उन्होंने परेशानी की वजह पूछी, मैंने किस्सा सुनाया। वो मेरे साथ मदरसे आए, मेरे हुजरे के दरवाज़े के सामने रुके और कहा: कहते हैं जो शख्स उम्मे मूसा का नाम जान ले और बंद ताले पर पढ़े तो खुल जाता है, तो क्या हमारी दादी सैयदा फातिमा उन से कम शान वाली हैं?!

फिर उन्होंने अपना हाथ ताले पर रखा और आवाज़ दी:
*या फातिमा (स)! तो ताला खुल गया।*

किताब अल क़सस अल अजीबा, सैयद शहीद अब्दुल हुसैन दस्तग़ैब, सफा 208

आयतुल्लाह मिश्किनी रह. — एक ईमान अफरोज़ वाकियाहमारे तालिब-ए-इल्मी के ज़माने में बहुत मुश्किलात थीं, भूख और तकलीफ बर्दाश्...
14/10/2026

आयतुल्लाह मिश्किनी रह. — एक ईमान अफरोज़ वाकिया

हमारे तालिब-ए-इल्मी के ज़माने में बहुत मुश्किलात थीं, भूख और तकलीफ बर्दाश्त की लेकिन पढ़ाई नहीं छोड़ी। दो-तीन दिन से अच्छी तरह खाना नहीं खाया था, नमाज़े मगरिब व इशा का वक्त करीब था तो मैं मदरसे से मस्जिद की तरफ गया। नमाज़ के बाद जब वापस आ रहा था तो रास्ते में एक बूढ़ी औरत ने पुकारा - मिर्ज़ा अली... मिर्ज़ा अली! वो मेरे पास आई और कहा: मैंने मन्नत मानी थी कि आज रात जो तालिब सबसे पहले मिलेगा, उसे 5 हज़ार तोमान दूंगी, लिहाज़ा ये आपके हैं।

मैं बहुत खुश हुआ, सोचा आज कबाब लूंगा। रास्ते में एक फकीर को देखा जो मदद मांग रहा था। मैंने सोचा: दो-तीन दिन भूख बर्दाश्त की है, आज भी कर लूं और ये 5 हज़ार फकीर को दे दूं। पैसे फकीर को दे दिए।

आगे एक ताजिर मिला और बहुत खुश होकर कहा: मैंने इरादा किया था आज आपको 50 हज़ार तोमान हदिया दूंगा। मैंने बहुत कोशिश की न लूं लेकिन उसने दे दिए। मुझे फौरन खुदा का फरमान याद आया:

*मन जा-अ बिहसनति फलहू अशरू अमसालिहा*
- जो एक नेकी करेगा उसे दस गुना अज्र दिया जाएगा।

फरमान-ए-अमीरुल मोमिनीन अलैहिस्सलाम:
*मन अइक़न बिल खलफ जाद बिल अतिय्यह*
जिसे एवज़ मिलने का यकीन हो, वो अतिया देने में दरिया-दिली दिखाता है।

नहजुल बलागा हिकमत 138

Address

Muzaffarnagar
251203

Telephone

+919927929335

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sadaate Baahera Muzaffarnagar India posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Sadaate Baahera Muzaffarnagar India:

Shortcuts

Share

Category