#राजनतिवारीRajanTiwari जी बिहार के गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र से 1 बार (वर्ष 2000 में) निर्दलीय विधायक के रूप में चुने गए थे। वे बाघा (वाल्मीकि नगर क्षेत्र) से मुख्य रूप से नहीं, बल्कि गोविंदगंज से विधायक रहे थे, और बाद के चुनावों में वे हार गए थे।
कुल कार्यकाल: 1 बार (2000-2005)
क्षेत्र: गोविंदगंज, बिहार
Gaurav Jha BJP
भारतीय जनता पार्टी(भाजपा)मनियारी मंडल उपाध्यक्ष"93"कुढ़नी विधानसभा मुजफ्फरपुर
गणेश जी की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरूर मिलता है, जो भी जाता है गणेश जी के द्वार, कुछ ना कुछ जरूर मिलता है। बुधवार 2025 दिसंबर 31 तारीख अलविदा
Muzaffarpur Wow
31/12/2025
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जयंती पर चल रहे पखवारा के तहत नवयुवक समिति ट्रस्ट ,छोटी सरैयागंज में अटल कवि सम्मेलन का आयोजन जिला भाजपा मुजफ्फरपुर पूर्वी के द्वारा किया गया जिसमें भाजपा पूर्वी के जिला अध्यक्ष जिला उपाध्यक्ष मोर्चागण जिला प्रवक्तागम जिले के सम्मानित पदाधिकारी गण उपस्थित होकर सम्मेलन में शामिल हुए
Narendra Modi Amit Shah
25/12/2025
अटल बिहारी वाजपेयी (25 दिसम्बर 1924 – 16 अगस्त 2018) भारत के दसवें प्रधानमन्त्री थे। उन्होंने प्रधानमंत्री का पद तीन बार संभाला है, वे पहले 13 दिन के लिए 16 मई 1996 से 1 जून 1996 तक। फिर लगातार 2 साशन; 8 महीने के लिए 19 मार्च 1998 से 13 अक्टूबर 1999 और फिर वापस 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमन्त्री रहे।[1] [2]वे हिन्दी कवि, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे।[3] वे भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में एक थे, और 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य (पत्र) और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया।
वह चार दशकों से भारतीय संसद के सदस्य थे, लोकसभा, निचले सदन, दस बार, और दो बार राज्य सभा, ऊपरी सदन में चुने गए थे। उन्होंने लखनऊ के लिए संसद सदस्य के रूप में कार्य किया,[4] 2009 तक उत्तर प्रदेश जब स्वास्थ्य सम्बन्धी चिन्ताओं के कारण सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्त हुए। अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ करने वाले वाजपेयी राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबन्धन (राजग) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 वर्ष बिना किसी समस्या के पूरे किए। आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेने के कारण इन्हे भीष्मपितामह भी कहा जाता है। उन्होंने 24 दलों के गठबन्धन से सरकार बनाई थी जिसमें 81 मन्त्री थे।
2005 से वे राजनीति से संन्यास ले चुके थे और नई दिल्ली में 6-ए कृष्णामेनन मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते थे ।[5] 16 अगस्त 2018 को लम्बी बीमारी के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली में श्री वाजपेयी का निधन हो गया। वे जीवन भर भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे।
श्री वाजपेयी प्रधानमन्त्री पद पर पहुँचने वाले मध्यप्रदेश के प्रथम व्यक्ति थे। इन्होंने BJP पार्टी की स्थापना की
अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101 वीं जयंती पर कोटि-कोटि नमन
आज मुजफ्फरपुर फ्लैश को इंटरव्यू देते हुए संगठन और सामाजिक मुद्दे पर विचारधारा बताते हुए
14/11/2025
बिहार विधानसभा चुनाव-2025 में बिहार वासियों ने भारी बहुमत देकर एनडीए सरकार के प्रति विश्वास जताया है। इसके लिए बिहार के सभी सम्मानित मतदाताओं को एनडीए गठबंधन के तरफ से हृदय से आभार एवं धन्यवाद।
एन॰डी॰ए॰ गठबंधन ने इस चुनाव में पूरी एकजुटता दिखाते हुए भारी बहुमत हासिल किया है। इस भारी जीत के लिए एन॰डी॰ए॰ गठबंधन के सभी साथियो को भी धन्यवाद एवं आभार।
आप सबके सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा तथा बिहार देश के सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।
Muzaffarpur Wow Muzaffarpur Bjp
यही रात अंतिम, यही रात भारी
बस एक रात की अब कहानी है सारी
यही रात अंतिम, यही रात भारी
नहीं बंधु-बांधव ना कोई सहायक
अकेला है लंका में लंका का नायक
सभी रत्न बहुमूल्य रण में गँवाए
लगे घाव ऐसे के भर भी ना पाए
दशानन इसी सोच में जागता है
के जो हो रहा उसका परिणाम क्या है
ये बाज़ी अभी तक ना जीती ना हारी
यही रात अंतिम, यही रात भारी
यही रात अंतिम, यही रात भारी
हो भगवान मानव तो समझेगा इतना
के मानव के जीवन में संघर्ष कितना
विजय अंततः धर्म वीरों की होती
पर इतना सहज भी नहीं है ये मोती
बहुत हो चुकी युद्ध में व्यर्थ हानि
पहुँच जाएँ परिणाम तक अब ये कहानी
वचन पूर्ण हों, देवता हों सुखारी
यही रात अंतिम यही रात भारी
यही रात अंतिम यही रात भारी
समर में सदा एक ही पक्ष जीता
जयी होगी मंदोदरी या के सीता?
किसी माँग से उसकी लाली मिटेगी
कोई एक ही कल सुहागन रहेगी
भला धर्मं से पाप कब तक लड़ेगा?
या झुकना पड़ेगा या मिटना पड़ेगा
विचारों में मंदोदरी है बेचारी
यही रात अंतिम, यही रात भारी
यही रात अंतिम, यही रात भारी
ये एक रात मानो युगों से बड़ी है
ये सीता के धीरज के अंतिम कड़ी है
प्रतीक्षा का विष और कितना पिएगी?
बिना प्राण के देह कैसे जिएगी?
कहे राम, "राम, अब तो आ भी जाओ"
दिखाओ दरस, अब ना इतना रुलाओ
के रो-रो के मर जाए सीता तुम्हारी
यही रात अंतिम, यही रात भारी
यही रात अंतिम, यही रात भारी
बस एक रात की अब कहानी है सारी
यही रात अंतिम, यही रात भारी
यही रात अंतिम, यही रात भारी
Suresh Kumar Sharma VIJAY KUMAR SINHA Vijay Kumar Choudhary Vijay Kumar Shukla
08/11/2025
भाजपा परिवार के अभिवावक एवं हम सभी कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शक, देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ आदरणीय लालकृष्ण आडवाणी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आदरणीय आडवाणी जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र समर्पण, सिद्धांतनिष्ठा और संगठन के प्रति अद्वितीय प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा है। उन्होंने न केवल भाजपा को एक सशक्त वैचारिक आधार प्रदान किया, बल्कि जन-जन में राष्ट्रहित की भावना को प्रज्ज्वलित किया। उनका त्याग, अनुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी से प्रार्थना है कि आदरणीय आडवाणी जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन प्रदान करें।
एक तरफ कुढ़नी का इतिहास दूसरे तरफ भानुमति का पिटारा" ग्रीक पौराणिक कथाओं में "पेंडोरा के बॉक्स" का हिंदी रूप है, जिसका अर्थ है एक ऐसी रहस्यमयी चीज़ जिसमें अनेक समस्याएं छिपी हों। इसका रहस्य यह है कि यह ग्रीक देवता ज़्यूस द्वारा प्रोमेथियस के अग्नि चुराने के बदले में बनाया गया था; भानुमति नामक पहली मानव स्त्री को एक बक्सा (या घड़ा) दिया गया था जिसे खोलना मना था, लेकिन उसकी जिज्ञासा के कारण उसने उसे खोल दिया,
केदार प्रसाद गुप्ता का भेद भाव जात पात की राजनीतिक जनता की जुबानी अपने जात के मुखिया को 6 करोड़ दूसरे कास्ट के मुखिया को 7 लाख का योजना दिए यही है कुढ़नी का विकास
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पटना प्रदेश कार्यालय भाजपा द्वारा अभी ऑफर चल रहा है कितना भी भ्रष्टाचारी नेता हो उसके ऊपर रेप केस क्रिमिनल एक्ट सरकारी घोटाला किसी भी तरह का आरोपी हो भाजपा में शामिल हो जाइए आपका सारा कर्म कुकर्म धुल जाएगा आपको रिहाई मिल जाएगी कुढ़नी विधानसभा चुनाव जिताईए और इसके एवरेज में आपको एक एमएलसी पद उपहार के तौर पर दिया जाएगा इस वीडियो को सुनिए और देखिए इस महाशय के ऊपर क्या कुकर्म किए थे उसका अनुवादक हमने लिखा और आप लोग के सामने पेश किया
अनिल सहनी 2020 के चुनाव में आरजेडी में शामिल हुए थे। इससे पहले वो जदयू के सदस्य रहे। अनिल सहनी 2012 से 2018 तक राज्यसभा सदस्य भी रहे। पिता महेंद्र सहनी के निधन के बाद अनिल सहनी जदयू से राज्यसभा सांसद बने थे। तत्कालीन सांसद अनिल सहनी के खिलाफ सीबीआई ने एलटीसी घोटाले का मामला दर्ज किया था। अदालत ने अनिल साहनी को हवाई टिकट यात्रा की अवैध बिक्री का आरोपी पाया था। इसके बाद जदयू राजयसभा सांसद को मामले में दोषी करार दिया गया। 3 सितंबर 2022 को ही अनिल साहनी मामले में दोषी सिद्ध हो गए थे। जिसके बाद बिहार विधानसभा सचिवालय ने आदेश जारी कर 3 सितंबर के प्रभाव से ही सदस्यता रद्द कर दी थी।
बता दें कि, अनिल सहनी 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के टिकट से कुढ़नी पर चुनाव लड़े थे। उस समय उन्होंने बीजेपी के केदार गुप्ता को करीबी मुकाबले में मात दी थी। 2022 में एलटीसी घोटाले में सजा होने के बाद अनिल सहनी की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इसके बाद ही कुढ़नी में उपचुनाव की नौबत आई। उपचुनाव में यह सीट महागठबंधन में जेडीयू के खाते में आई। मगर जेडीयू प्रत्याशी मनोज कुशवाहा को हार का सामना करना पड़ा और भाजपा प्रत्याशी केदार गुप्ता चुनाव 3649 वोट से जीत गए।
Narendra Modi Amit Shah Nitish Kumar Nityanand Rai Nitin Gadkari Nitin Nabin
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