MIT Muzaffarpur

Call Directions Website Contact the organization

MIT Muzaffarpur Muzaffarpur Institute of Technology, Muzaffarpur is a gov. institution & affiliated with BEU & AKU. of Bihar.

Muzaffarpur Institute of Technology (MIT), Muzaffarpur is a premier institution in eastern India for technical education. It is under the administrative control of the Department of Science, Technology & Technical Education and funded by Govt. Established in 1954, MIT is one of the oldest technical institutes in India. The foundation stone was laid by the first prime minister of India, Pandit Jawaharlal Nehru. It is affiliated with Aryabhatta Knowlege University & Bihar Engineering University, Patna and offers undergraduate programs in engineering and pharmacy with a postgraduate specialisation in Machine design, thermal engineering & Transportation Engineering. The institute also caters to the research and development activities of the state of Bihar.

एमआईटी मुजफ्फरपुर में अभियंता दिवस समारोह का आयोजनमुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में 15 सितंबर को तकनी...
16/09/2026

एमआईटी मुजफ्फरपुर में अभियंता दिवस समारोह का आयोजन

मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में 15 सितंबर को तकनीकी क्लब मॉक्सी द्वारा अभियंता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अभियंताओं के योगदान और तकनीकी क्षेत्र में उनके महत्व के बारे में जानकारी देना था।

कार्यक्रम में संस्थान के प्राचार्य प्रो. (डॉ. ) एम. के. झा ने विद्यार्थियों को अभियंता दिवस के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि यह दिवस महान अभियंता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती की स्मृति में मनाया जाता है तथा देश के विकास में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

प्रो. अंकित कुमार सिंह ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें तकनीकी ज्ञान हासिल करने और नए विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

समारोह के दौरान स्किफ, हैकस्टैक और कैड-कैम 5.0 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। इससे विद्यार्थियों में उत्साह और आगे बेहतर करने की भावना देखने को मिली।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष तकनीकी समय की भी घोषणा की गई। इसके अंतर्गत मॉक्सी क्लब द्वारा विद्यार्थियों को नियमित रूप से विभिन्न तकनीकी कौशल सिखाए जाएंगे। इस नई पहल से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
mitmuzaffarpur❤️

एमआईटी में उभरती तकनीकों, शोध और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा पर जोरमुजफ्फरपुर, 14 सितम्बर। मुजफ्फरपुर प्रौद्योगिक...
14/09/2026

एमआईटी में उभरती तकनीकों, शोध और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा पर जोर

मुजफ्फरपुर, 14 सितम्बर। मुजफ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईटी) में “Opportunities and Challenges in Emerging India” विषय पर आयोजित विशिष्ट अतिथि व्याख्यान में यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डी. पी. अग्रवाल ने तकनीकी शिक्षा के बदलते स्वरूप, NBA एवं NAAC, नई शिक्षा नीति (NEP), Outcome Based Education तथा स्नातक स्तर पर शोध की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।

प्रो. अग्रवाल ने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम और सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए वास्तविक जीवन एवं उद्योग से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर केंद्रित करना होगा। उन्होंने Faculty Development Programmes (FDPs), Project-Based Learning तथा NEP के अनुरूप Outcome-Based Learning को प्रभावी रूप से अपनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष में मूल अवधारणाओं की मजबूत समझ, द्वितीय वर्ष में अनुप्रयोग आधारित शिक्षा, तृतीय वर्ष में उन्नत अध्ययन एवं परियोजना आधारित शिक्षण तथा चतुर्थ वर्ष में शोध परियोजनाओं और इंटर्नशिप को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। स्नातक स्तर से ही विद्यार्थियों को शोध गतिविधियों में शामिल कर उनमें self-learning, problem-solving और innovation की क्षमता विकसित की जानी चाहिए।

Artificial Intelligence (AI) की बढ़ती भूमिका पर उन्होंने कहा कि उद्योगों में AI की मांग तेजी से बढ़ रही है। विद्यार्थियों को AI को समस्याओं के समाधान के एक प्रभावी उपकरण के रूप में उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। प्रत्येक इंजीनियरिंग विद्यार्थी को IoT, Robotics और Data Security जैसी उभरती तकनीकों की बुनियादी जानकारी भी होनी चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र की शीर्ष 100 कंपनियों, उनकी नई तकनीकों और वर्तमान परियोजनाओं का अध्ययन करने तथा भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए electives और projects चुनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसी वास्तविक समस्याएं दी जानी चाहिए, जिन पर वे अपने तकनीकी ज्ञान और नई तकनीकों का प्रयोग कर समाधान विकसित कर सकें।

विद्यार्थियों के साथ आयोजित संवाद सत्र में प्रो. अग्रवाल ने उन्हें बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखने, स्व-अध्ययन की आदत विकसित करने तथा स्नातक स्तर से ही शोध एवं नवाचार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ भविष्य के रोजगार, नई तकनीकों, AI, उद्योग की अपेक्षाओं तथा शोध एवं परियोजना आधारित अध्ययन से जुड़े विषयों पर संवाद किया और उन्हें भविष्य में आने वाले तकनीकी बदलावों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. दीपक कुमार चौधरी (TPO) रहे।

कार्यक्रम के अंत में एमआईटी मुजफ्फरपुर के प्राचार्य डॉ. एम. के. झा ने प्रो. अग्रवाल का धन्यवाद करते हुए कहा कि आने वाले समय की आवश्यकताओं को देखते हुए संस्थान में विद्यार्थियों को शोध, नवाचार, परियोजना आधारित शिक्षा, उद्योग एवं नई तकनीकों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी एवं औद्योगिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना संस्थान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
mitmuzaffarpur❤️

मुजफ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान, मुजफ्फरपुर में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग (सी.एस.टी.टी.), शिक्षा मंत्रालय, भारत...
11/09/2026

मुजफ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान, मुजफ्फरपुर में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग (सी.एस.टी.टी.), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के तत्वावधान में “बृहत इंजीनियरिंग पारिभाषिक शब्द-संग्रह (अंग्रेजी-हिन्दी-मैथिली)” के निर्माण एवं समीक्षा हेतु विशेषज्ञ सलाहकार समिति (समीक्षा) की पाँच दिवसीय बैठक का आयोजन 07 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक किया गया। बैठक का शुभारंभ 07 सितंबर 2026 को हुआ तथा 11 सितंबर 2026 को इसका सफलतापूर्वक समापन हुआ।

इस पाँच दिवसीय बैठक का मुख्य उद्देश्य इंजीनियरिंग एवं तकनीकी क्षेत्र से संबंधित शब्दों के लिए अंग्रेजी, हिन्दी एवं मैथिली में प्रामाणिक, सरल एवं तकनीकी रूप से उपयुक्त पारिभाषिक शब्दावली का विकास एवं समीक्षा करना था। बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने विभिन्न तकनीकी शब्दों के मैथिली पर्यायों की भाषायी शुद्धता, तकनीकी उपयुक्तता, अर्थ की स्पष्टता तथा व्यावहारिक प्रयोग की दृष्टि से गहन समीक्षा एवं विचार-विमर्श किया। समीक्षा कार्य को लैपटॉप एवं एक्सेल शीट के माध्यम से व्यवस्थित रूप से संपादित किया गया।

बैठक में मुजफ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा सहित विषय विशेषज्ञों के रूप में डॉ. नरोत्तम मिश्रा, प्रो. इंदुधर झा, डॉ. सुरेंद्र भारद्वाज, डॉ. कुमारी संध्या (संध्या कुमारी), श्री दीपक कुमार चौधरी एवं डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

बैठक का समन्वय एवं संचालन प्रभारी अधिकारी श्री दीपक कुमार चौधरी के नेतृत्व में किया गया। समिति के विशेषज्ञ सदस्यों ने अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता के आधार पर महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए, जिसके फलस्वरूप समीक्षा कार्य प्रभावी एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने तकनीकी शिक्षा एवं ज्ञान के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इंजीनियरिंग एवं तकनीकी शब्दावली को हिन्दी एवं मैथिली जैसी भारतीय भाषाओं में विकसित करना विद्यार्थियों एवं आमजन के लिए तकनीकी ज्ञान को अधिक सुगम एवं सहज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि तकनीकी एवं इंजीनियरिंग शिक्षा में भारतीय भाषाओं, विशेष रूप से मैथिली, के प्रयोग एवं प्रसार को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

इस अवसर पर वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग (सी.एस.टी.टी.), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के सहायक निदेशक श्री दीपक कुमार ने संस्थान में आयोजित विशेषज्ञ सलाहकार समिति की बैठक की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन तकनीकी एवं इंजीनियरिंग पारिभाषिक शब्दावली के विकास तथा भारतीय भाषाओं में तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों एवं बैठकों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अंग्रेजी, हिन्दी एवं मैथिली में तकनीकी शब्दावली को और अधिक समृद्ध, प्रामाणिक एवं उपयोगी बनाया जा सके।

बैठक का सफल आयोजन मुजफ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान की तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ भारतीय भाषाओं के विकास, संरक्षण एवं प्रसार के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह पहल तकनीकी एवं इंजीनियरिंग शिक्षा में मैथिली सहित भारतीय भाषाओं के प्रयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
mitmuzaffarpur❤️

"कक्षा से परे जीवन के सबक" पर प्रेरक सत्र ने एम.आई.टी. (M.I.T.) के छात्रों को किया प्रेरितमुजफ्फरपुर – बुधवार, 9 सितंबर ...
10/09/2026

"कक्षा से परे जीवन के सबक" पर प्रेरक सत्र ने एम.आई.टी. (M.I.T.) के छात्रों को किया प्रेरित
मुजफ्फरपुर – बुधवार, 9 सितंबर 2026 को, मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (M.I.T.) के योगा क्लब ने "कक्षा से परे जीवन के सबक" (Life Lessons Beyond the Classroom) शीर्षक से एक ज्ञानवर्धक प्रेरक सत्र का आयोजन किया। यह कार्यक्रम संस्थान के सम्मेलन कक्ष में दोपहर 3:00 बजे से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों को व्यक्तिगत विकास और आजीवन सफलता के लिए प्रेरित करना था।
इस सत्र में आंतरिक सुरक्षा अकादमी (Internal Security Academy), माउंट आबू के पूर्व निदेशक, श्री दर्शन लाल गोला, आई.जी. (I.G.), मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। उनका संबोधन इस मूल दर्शन पर केंद्रित था कि "अनुशासन, सत्यनिष्ठा और निरंतर सीखना आजीवन सफलता की कुंजी हैं"।
मुख्य बातें और अंतर्दृष्टि
अपने भाषण के दौरान, श्री गोला ने महर्षि रमण की एक कहानी साझा की ताकि यह दर्शाया जा सके कि हमारा दृष्टिकोण हमारी वास्तविकता को कैसे आकार देता है। उन्होंने कहा कि "दुनिया वैसी ही है जैसा आप उसे देखते हैं"। व्याख्यान और उसके बाद के इंटरेक्शन सत्र में छात्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई:
* गति और निरंतरता: कछुए की कहानी से प्रेरणा लेते हुए, उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे कछुए की तरह निरंतर और स्थिर रहें, लेकिन खरगोश की तरह तेज भी रहें।
* संसाधनों का महत्व: उन्होंने एम.आई.टी. (M.I.T.) की समृद्ध विरासत पर प्रकाश डाला और इसकी तुलना आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) के स्तर से की। उन्होंने छात्रों को याद दिलाया कि संस्थान में उनके लिए प्रचुर संसाधन उपलब्ध हैं।
* नकारात्मक भावनाओं का प्रबंधन: वक्ता ने ईर्ष्या के नकारात्मक प्रभावों को संबोधित करते हुए कहा कि यह तनाव का एक प्राथमिक स्रोत है जो पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बहुत सीमित कर देता है।
* प्रामाणिकता की शक्ति: छात्रों के लिए एक शब्द में जीवन का सबसे बड़ा सबक "प्रामाणिक बनें" (Be Authentic) बताया गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छोटे-छोटे कदम उठाने से अपने आप प्रामाणिकता आ जाएगी, और व्यक्ति में ज्ञान की भूख होनी चाहिए क्योंकि "ज्ञान का कभी अभाव नहीं होता है"।
मूल्य शिक्षा और नागरिक कर्तव्य
चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मूल्य शिक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर केंद्रित था। श्री गोला ने जमीन से जुड़े रहकर काम करने और सेवा भावना के साथ काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने श्रोताओं को याद दिलाया कि संस्थान आम जनता के टैक्स के पैसे से चलते हैं, इसलिए सेवा की भावना होना बहुत जरूरी है।
अंततः, उन्होंने बताया कि जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मन शांत होना चाहिए। निरंतर विकास पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि आपका आचरण (conduct) ही आपकी एक अच्छी छवि बनाता है और आपको एक अच्छा नागरिक बनाता है।
कार्यक्रम का आयोजन और सम्मान
इस कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन एम.आई.टी. योगा क्लब द्वारा किया गया। इसका समन्वय डॉ. विजय कुमार और डॉ. अतुल कुमार राहुल (सहायक प्राध्यापक) ने किया, और यह प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. के. झा के संरक्षण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग के प्रोफेसर विजय कुमार ने भी मुख्य अतिथि महोदय को सम्मानित किया। इसके अलावा, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. के. झा ने कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे छात्रों का उत्साहवर्धन करने के लिए उनके साथ टेलीफोन पर भी बातचीत की।
mitmuzaffarpur❤️

आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के युग में संस्कृत की प्रासंगिकता पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित“The Relevance of Sanskrit...
08/09/2026

आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के युग में संस्कृत की प्रासंगिकता पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित
“The Relevance of Sanskrit in the Modern World of Science and Technology” विषय पर विद्यार्थियों को संस्कृत की ज्ञान-परंपरा से कराया गया परिचय
मुजफ्फरपुर, 8 सितंबर 2026।
मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में “The Relevance of Sanskrit in the Modern World of Science and Technology” विषय पर एक विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्कृत वार्तावली, DD News के Chief Editor डॉ. नारायण दत्त मिश्रा मुख्य अतिथि एवं विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता MIT के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत के साथ हुआ। इसके पश्चात Applied Science विभाग के HOD डॉ. संजय कुमार ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, प्राचार्य, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संस्कृत अध्ययन के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं MIT के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारतीय ज्ञान एवं चिंतन की समृद्ध परंपरा की महत्वपूर्ण भाषा है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीकी एवं इंजीनियरिंग शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान-परंपरा से परिचित होना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी है।
डॉ. नारायण दत्त मिश्रा ने संस्कृत और वैज्ञानिक ज्ञान-परंपरा पर डाला प्रकाश
मुख्य अतिथि डॉ. नारायण दत्त मिश्रा ने अपने विशेषज्ञ व्याख्यान में संस्कृत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा तथा आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के संदर्भ में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि भारतीय ज्ञान-परंपरा में संस्कृत के माध्यम से विभिन्न विषयों का व्यापक ज्ञान संरक्षित रहा है। उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, सत्येंद्रनाथ बोस सहित प्रमुख वैज्ञानिकों के संदर्भ में चर्चा करते हुए बताया कि भारतीय ज्ञान-परंपरा और संस्कृत ग्रंथों में उपलब्ध विचारों एवं ज्ञान से वैज्ञानिक चिंतन को किस प्रकार प्रेरणा मिली है।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि संस्कृत में निहित विशाल ज्ञान-संपदा का पर्याप्त अध्ययन नहीं होने के कारण आज की पीढ़ी उस ज्ञान के अनेक आयामों से परिचित नहीं हो पा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत सीखने और उसके मूल ग्रंथों में निहित ज्ञान को समझने का आह्वान किया।
डॉ. मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि संस्कृत को केवल किसी एक धर्म या समुदाय की भाषा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे मानव सभ्यता की प्राचीन एवं ज्ञानपरक भाषा के रूप में समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत में उपलब्ध ज्ञान-विरासत का अध्ययन सभी के लिए उपयोगी है।
अपने संबोधन में उन्होंने संस्कृत के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता, व्यक्तित्व विकास तथा सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। विशेष रूप से इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि संस्कृत का अध्ययन उनके व्यक्तित्व विकास, तार्किक चिंतन एवं व्यापक दृष्टिकोण के निर्माण में सहायक हो सकता है।
विद्यार्थियों को पुस्तकें वितरित
व्याख्यान के पश्चात विद्यार्थियों को “Samskritam: The Future Language of World” — Sameer H. नामक पुस्तकें प्रदान की गईं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि उत्पन्न करना तथा उन्हें संस्कृत की आधुनिक प्रासंगिकता से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में प्रो. विपुल कुमार, डॉ. शैल बाला महोदया, डॉ. अमित बर्मन एवं डॉ. अनिल कुमार सहित संस्थान के अन्य शिक्षकगण एवं अतिथिगण उपस्थित रहे।
रजिस्ट्रार ने दिया धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में रजिस्ट्रार डॉ. विजय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, कार्यक्रम अध्यक्ष, सभी विशिष्ट अतिथियों, शिक्षकगण, आयोजकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया।
अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए संस्कृत को केवल एक प्राचीन भाषा के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति, मानसिक अनुशासन एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण ज्ञान-परंपरा के रूप में समझने का महत्वपूर्ण अवसर बना। कार्यक्रम ने आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संस्कृत की संभावित भूमिका पर सार्थक संवाद स्थापित किया। ❤️

शिक्षक दिवस पर “संस्कृत के विकास में शिक्षक की भूमिका” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजितसंस्कृत से वाणी, मानसिक स्वास्थ्...
05/09/2026

शिक्षक दिवस पर “संस्कृत के विकास में शिक्षक की भूमिका” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित
संस्कृत से वाणी, मानसिक स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरक्षण एवं व्यक्तित्व विकास के महत्व पर हुआ विमर्श
मुजफ्फरपुर, 5 सितंबर 2026।
शिक्षक दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में “संस्कृत के विकास में शिक्षक की भूमिका” विषय पर एक विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय संस्कृत प्रमुख डॉ. संजीव कुमार मुख्य अतिथि एवं विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता MIT के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात संस्कृत की प्राध्यापिका सुस्मिता प्रामाणिक ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, प्राचार्य, शिक्षकगण, अतिथियों एवं विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम के विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए संस्कृत की आधुनिक शिक्षा एवं तकनीकी परिवेश में उपयोगिता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया तथा मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कुमार का अभिनंदन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति और चिंतन की समृद्ध परंपरा से जुड़ने का माध्यम है। उन्होंने तकनीकी एवं इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में संस्कृत की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि ने संस्कृत की आधुनिक प्रासंगिकता पर दिया व्याख्यान
मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कुमार ने अपने विशेषज्ञ व्याख्यान में संस्कृत की उपयोगिता के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से वाणी एवं उच्चारण, मानसिक स्वास्थ्य, भारतीय संस्कृति के संरक्षण तथा व्यक्तित्व विकास के संदर्भ में संस्कृत के महत्व को समझाया।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि संस्कृत के शुद्ध उच्चारण एवं ध्वनि-विज्ञान का अभ्यास वाणी और उच्चारण क्षमता के विकास में उपयोगी हो सकता है। साथ ही उन्होंने संस्कृत के अध्ययन को एकाग्रता, मानसिक अनुशासन एवं सकारात्मक चिंतन से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि संस्कृत का संरक्षण हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान-परंपरा के संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है। संस्कृत के माध्यम से विद्यार्थी भारतीय साहित्य, दर्शन, विज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।
इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत का अध्ययन उनके व्यक्तित्व विकास, तार्किक चिंतन, संप्रेषण क्षमता एवं आत्मविश्वास को विकसित करने में सहायक हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान-परंपरा से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संस्थान के डॉ. शादाब रब्बानी, डॉ. आलोक रंजन, प्रो. प्रियंका चोपड़ा, डॉ. श्रवण कुमार सहित अन्य शिक्षकगण एवं अतिथिगण उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बनाया।
धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में रजिस्ट्रार डॉ. विजय कुमार महोदय ने धन्यवाद ज्ञापन (Vote of Thanks) प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कुमार, प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा, उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों, शिक्षकगण, आयोजकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक एवं अकादमिक कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम संस्कृत, आधुनिक तकनीकी शिक्षा और भारतीय संस्कृति के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी संस्कृति, ज्ञान-परंपरा और व्यक्तित्व विकास से जोड़ने का संदेश दिया।
mitmuzaffarpur❤️

एमआईटी मुजफ्फरपुर में एनएसएस के तहत स्वच्छता अभियान: लगभग100 स्वयंसेवकों छात्र - छात्रा ने लिया स्वच्छ और स्वस्थ परिसर क...
02/09/2026

एमआईटी मुजफ्फरपुर में एनएसएस के तहत स्वच्छता अभियान: लगभग100 स्वयंसेवकों छात्र - छात्रा ने लिया स्वच्छ और स्वस्थ परिसर का संकल्प

मुजफ्फरपुर:
मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में भव्य ‘स्वच्छता अभियान’ (Swachh Bharat Abhiyan) का आयोजन किया गया। संस्थान के मुख्य भवन के फ्रंट गेट से शुरू हुए इस अभियान में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान पूरा परिसर “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत”, “स्वच्छता ही सेवा है”, “साफ शहर, स्वस्थ भारत” और “स्वच्छता से नाता जोड़ो, गंदगी को पीछे छोड़ो” जैसे नारों से गूंज उठा। स्वयंसेवकों ने न केवल परिसर की साफ-सफाई की, बल्कि कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए संस्थान के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. के. झा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि यह हमारी दैनिक जीवनशैली और संस्कारों का हिस्सा होनी चाहिए। एक स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ मस्तिष्क और उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल का निर्माण करता है। हमारे युवा इंजीनियर अपनी स्वच्छता और अनुशासन से समाज के लिए एक आदर्श स्थापित कर सकते हैं।”

एनएसएस के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. पप्पू कुमार ने छात्रों को एनएसएस के महत्व से अवगत कराते हुए कहा, “राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को निखारने का सशक्त माध्यम है। इस प्रकार के स्वच्छता अभियानों से छात्रों में श्रमदान की आदत विकसित होती है और वे समाज के प्रति अधिक संवेदनशील बनते हैं।”

इस अवसर पर संस्थान के कई वरिष्ठ प्राध्यापक एवं अधिकारी भी स्वच्छता अभियान में शामिल होकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते नजर आए। प्रमुख रूप से उपस्थित सदस्यों में शामिल रहे:

डॉ. संजय कुमार (विभागाध्यक्ष, मानविकी विभाग)

प्रो. विजय कुमार (कुलसचिव / रजिस्ट्रार)

प्रो. मनहर कुमार साह (परीक्षा नियंत्रक / सीओई)

प्रो. पवन कुमार जायसवाल

प्रो. अतुल गुप्ता

प्रो. विकास कुमार

अभियान के अंत में सभी प्रतिभागियों ने परिसर को प्लास्टिक मुक्त और हरा-भरा रखने की शपथ ली।
mitmuzaffarpur❤️

एमआईटी मुजफ्फरपुर में 'तेजस' राज्य स्तरीय कार्यशाला का भव्य आयोजन: उद्यमिता और स्टार्टअप्स को मिला नया मंचमुजफ्फरपुर। उद...
26/08/2026

एमआईटी मुजफ्फरपुर में 'तेजस' राज्य स्तरीय कार्यशाला का भव्य आयोजन: उद्यमिता और स्टार्टअप्स को मिला नया मंच

मुजफ्फरपुर। उद्योग विभाग, बिहार सरकार तथा जिला उद्योग केंद्र (DIC), मुजफ्फरपुर के तत्वावधान में एमआईटी मुजफ्फरपुर परिसर में राज्य स्तरीय 'तेजस' कार्यशाला का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देशभर के राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के कई जिलों में एक साथ आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर नवाचार और उद्यमशीलता को नई गति देना है।
इस प्रतिष्ठित कार्यशाला में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योगपतियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने शिरकत कर युवाओं का मार्गदर्शन किया:
मुख्य अतिथि: श्री कुमार गौरव (जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर)
विशिष्ट अतिथि:
श्री निशांत सिहारा (उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर)
श्री भारत भूषण (जिला कृषि पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर)
सुश्री शिखा रॉय (जिला नियोजन पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर)
प्रो. (डॉ.) मिथिलेश कुमार झा (प्राचार्य, एमआईटी मुजफ्फरपुर)
श्री विजय शंकर प्रसाद (महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र मुजफ्फरपुर)
श्री श्याम सुंदर भीमसेरिया (अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, मुजफ्फरपुर)
श्री संजीव चौधरी (अध्यक्ष, उत्तर बिहार उद्यमी संघ, मुजफ्फरपुर)
श्री अंशुल (प्रतिनिधि, स्टार्टअप इंडिया)
डॉ. संजय कुमार (संकाय प्रभारी, स्टार्टअप सेल, एमआईटी मुजफ्फरपुर)

जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कहा कि मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार में प्रतिभा और नवाचार की कोई कमी नहीं है। सरकार की स्टार्टअप नीतियां और जिला प्रशासन हर सक्षम विचार को धरातल पर उतारने के लिए हरसंभव संसाधन, मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग देने को तत्पर है।
कार्यक्रम में कुल 8 उभरते स्टार्टअप्स ने अपने बेहतरीन आइडियाज, मॉडल्स और प्रोडक्ट्स को प्रदर्शित किया। जिलाधिकारी सहित उपस्थित सभी प्रशासनिक अधिकारियों व अतिथियों ने स्टार्टअप स्टॉल्स का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने युवा इनोवेटर्स के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनके उत्पादों को बाजार व फंडिंग से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए हरसंभव प्रशासनिक मदद का आश्वासन दिया। एमआईटी प्राचार्य प्रो.(डॉ.) मिथिलेश कुमार झा एवं डॉ. संजय कुमार (स्टार्टअप सेल) ने संस्थान में इनक्यूबेशन और तकनीकी सहयोग के मजबूत इकोसिस्टम की जानकारी दी। कार्यशाला में बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग छात्र, उभरते उद्यमी और स्टार्टअप फाउंडर्स उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रश्नोत्तरी सत्र में अपने संशयों का समाधान किया। छात्र प्रतिनिधि रोहित राज व अन्य छात्रों ने कार्यक्रम को आयोजित कराने में भूमिका निभाई। अंत में श्री विजय शंकर प्रसाद (महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र मुजफ्फरपुर) ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
mitmuzaffarpur❤️

एमआईटी मुजफ्फरपुर में 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' का आयोजन: डीएम व वरीय अधिकारियों ने सुनीं छात्रों की समस्याएं, दिए समाधान...
26/08/2026

एमआईटी मुजफ्फरपुर में 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' का आयोजन: डीएम व वरीय अधिकारियों ने सुनीं छात्रों की समस्याएं, दिए समाधान के निर्देश
मुजफ्फरपुर। बिहार सरकार के सात निश्चय-3 "सबका सम्मान, जीवन आसान" के तहत मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) परिसर स्थित ए.वी. हॉल (AVH) में मंगलवार को 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक, बुनियादी व प्रशासनिक समस्याओं का समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से निवारण करना था।
शिविर में मुख्य रूप से जिला पदाधिकारी (डीएम), श्री कुमार गौरव मुजफ्फरपुर मौजूद रहे। उनके साथ उप विकास आयुक्त (डीडीसी) अरविंद सिहारा, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अरविंद सिन्हा तथा एमआईटी के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. के. झा उपस्थित थे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी शिकायतें व सुझाव सुने।
छात्र-छात्राओं ने रखीं प्रमुख मांगें व समस्याएं:
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने परिसर से जुड़ी बुनियादी जरूरतों और नए विभागों के इंफ्रास्ट्रक्चर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया:
छात्रावास की समस्या: इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की छात्रा सृष्टि ने छात्रावास (हॉस्टल) से जुड़ी व्यवस्थाओं और समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा।
बायोमेडिकल एवं रोबोटिक्स विभाग भवन: बायोमेडिकल एंड रोबोटिक्स इंजीनियरिंग की छात्रा नित्या ने विभाग के लिए नए स्वतंत्र भवन और आवश्यक सुविधाओं की मांग की।
मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग विभाग: एक अन्य छात्र ने मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग ब्रांच के लिए नए भवन और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं की आवश्यकता पर बल दिया।
अधिकारियों व प्राचार्य के वक्तव्य:
जिला पदाधिकारी (डीएम), श्री कुमार गौरव मुजफ्फरपुर ने बताया कि : "विद्यार्थी समृद्ध बिहार और विकसित भारत के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। छात्रों की सभी जायज मांगों और समस्याओं का निस्तारण 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' के माध्यम से 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। आधारभूत संरचना एवं विकास से जुड़े प्रस्तावों पर त्वरित प्रशासनिक पहल की जाएगी।"
प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. के. झा ने बताया कि: "संस्थान में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नए विभागों के इंफ्रास्ट्रक्चर और हॉस्टल से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर तेजी से काम किया जाएगा।"
प्रो. पप्पू कुमार का धन्यवाद ज्ञापन:
कार्यक्रम के अंत में प्रो. पप्पू कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन (Vote of Thanks) प्रस्तुत किया। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सीधे संवाद से विद्यार्थियों की समस्याओं और नए पाठ्यक्रमों की आधारभूत संरचना से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान संभव हो सकेगा।
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' अब प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
mitmuzaffarpur❤️

मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT), M...
21/08/2026

मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT), Ministry of Education, Government of India, New Delhi के Assistant Director श्री दीपक कुमार ने संस्थान का दौरा किया।

श्री दीपक कुमार के संस्थान भ्रमण का मुख्य उद्देश्य CSTT, Ministry of Education, Government of India, New Delhi , राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत आयोजित होने वाली Expert Advisory Committee Meeting (EAC) की तैयारियों का जायजा लेना था। इस बैठक के माध्यम से Trilingual Comprehensive Engineering Glossary (English–Hindi–Maithili) तैयार करने का कार्य प्रस्तावित है। यह बैठक 07 सितंबर 2026 से 11 सितंबर 2026 तक मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित की जानी प्रस्तावित है।

इस अवसर पर श्री दीपक कुमार ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप भारतीय भाषाओं में तकनीकी एवं उच्च शिक्षा की सामग्री को समृद्ध करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी, हिंदी एवं मैथिली में तकनीकी शब्दावली के विकास से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा तथा भारतीय भाषाओं में तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने श्री दीपक कुमार का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संस्थान में इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं भाषायी कार्यक्रम का आयोजन होना एमआईटी मुजफ्फरपुर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस बैठक के माध्यम से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अंग्रेजी, हिंदी एवं मैथिली के बीच तकनीकी शब्दावली के समन्वय को बढ़ावा मिलेगा और यह पहल भारतीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम को सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए संस्थान की ओर से श्री दीपक कुमार चौधरी को कार्यक्रम समन्वयक (Coordinator) नामित किया गया है। संस्थान प्रशासन द्वारा प्रस्तावित बैठक के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं एवं तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।

यह आयोजन तकनीकी शिक्षा में भारतीय भाषाओं के प्रयोग एवं विकास को बढ़ावा देने तथा अंग्रेजी, हिंदी और मैथिली में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शब्दावली उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
mitmuzaffarpur❤️

Address

Laxmi Chowk, Police Line
Muzaffarpur
842003

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm

Telephone

+916212262442

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when MIT Muzaffarpur posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to MIT Muzaffarpur:

Shortcuts

Share