MIT Muzaffarpur

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Muzaffarpur Institute of Technology, Muzaffarpur is a gov. institution & affiliated with BEU & AKU. of Bihar.

Muzaffarpur Institute of Technology (MIT), Muzaffarpur is a premier institution in eastern India for technical education. It is under the administrative control of the Department of Science, Technology & Technical Education and funded by Govt. Established in 1954, MIT is one of the oldest technical institutes in India. The foundation stone was laid by the first prime minister of India, Pandit Jawa

Photos from MIT Muzaffarpur's post 30/05/2026

एमआईटी मुजफ्फरपुर में 'YANTRIKA 1.0' प्रोजेक्ट एग्जीबिशन का भव्य आयोजन; प्राचार्य और विभागाध्यक्ष ने छात्रों के नवाचार को सराहा
मुजफ्फरपुर, 30 मई 2026: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT Muzaffarpur) के मुख्य भवन परिसर में आज तकनीकी नवाचार और रचनात्मकता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। संस्थान के मैकेनिक इंजीनियरिंग विभाग (Department of Mechanical Engineering) द्वारा बायोमेडिकल एंड रोबोटिक्स इंजीनियरिंग विभाग (Biomedical & Robotics Engineering) के सहयोग से 'YANTRIKA 1.0' नामक एक दिवसीय भव्य प्रोजेक्ट एग्जीबिशन (परियोजना प्रदर्शनी) का सफल आयोजन किया गया। शनिवार सुबह 10 बजे से शुरू हुई इस प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने स्वास्थ्य सेवा, कृषि, ऑटोमेशन, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत सामग्री अनुसंधान (Advanced Materials Research) जैसे क्षेत्रों में वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करने वाले अपने वर्किंग मॉडल्स और शोध कार्यों का प्रदर्शन किया।
प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष द्वारा उद्घाटन और प्रोत्साहन
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए एमआईटी मुजफ्फरपुर के माननीय प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम.के. झा ने छात्रों द्वारा विकसित तकनीकों की काफी सराहना की। उन्होंने कहा:
"ऐसे आयोजन छात्रों की किताबी और तकनीकी सोच को व्यावहारिक रूप देने में मदद करते हैं। स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हमारे छात्रों द्वारा बनाए गए ये किफायती और आधुनिक मॉडल्स समाज के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।"
मैकेनिक इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मैकेनिकल और बायोमेडिकल-रोबोटिक्स का यह अंतःविषय (Interdisciplinary) संगम नए ज़माने के इनोवेशंस की नींव है। उन्होंने पूरी लगन से काम करने वाले सभी छात्र समूहों और मेंटर्स को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (Mechanical) प्रो. पप्पू कुमार के कुशल मार्गदर्शन व निरंतर सहयोग की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रो. पप्पू कुमार ने कहा कि: "यह प्रदर्शनी सिर्फ एक शुरुआत है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे छात्रों के ये इनोवेशंस भविष्य में उद्योग और समाज की वास्तविक समस्याओं को हल करने में मददगार साबित होंगे और इनसे समाज को बड़ी मदद मिलेगी।"

इस सफल आयोजन पर प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (BMRE) डॉ. अभिजीत कुमार ने छात्रों के नवाचार, तकनीकी कौशल और अंतःविषय दृष्टिकोण की सराहना की।

इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित सभी परियोजनाओं के कड़े मूल्यांकन और निरीक्षण के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेषज्ञ संकाय सदस्यों (Faculty Members) की एक विशेष जूरी आमंत्रित की गई थी। इस मूल्यांकन दल में शामिल थे:
• डॉ. नवनीत कुमार (प्राचार्य, मोतिहारी कॉलेज)
• डॉ. योगेश कुमार (एनआईटी पटना)
• डॉ. चेतन हिरवानी (एनआईटी पटना)
• डॉ. मनीष कुमार (असिस्टेंट प्रोफेसर, जीईसी भोजपुर)
इन सभी माननीय अतिथियों और विशेषज्ञों ने प्रत्येक छात्र समूह के पास जाकर उनके प्रोजेक्ट्स का बारीकी से निरीक्षण किया, उनसे तकनीकी प्रश्न पूछे और उनके अभिनव डिज़ाइन्स की सराहना करते हुए भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

विशेषज्ञों की जूरी द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद प्रदर्शनी के सर्वश्रेष्ठ तीन विजेता प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई, जिन्होंने अपने सामाजिक उपयोग और बेहतरीन डिज़ाइन से सभी को प्रभावित किया:

RESULT OF MECHANICAL,

मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रोजेक्ट्स की सूची नीचे दी गई है:
• प्रथम स्थान (Solar powered crop preservation system): सौर ऊर्जा की मदद से बिना बिजली के फसलों और अनाजों को नमी व कीड़ों से बचाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखने वाली प्रणाली।
• 🥈 द्वितीय स्थान (Experimental and numerical analysis of solar water heater): प्रैक्टिकल और कंप्यूटर गणनाओं के जरिए सोलर वॉटर हीटर की कार्यक्षमता को बढ़ाने और पानी तेजी से गर्म करने का तकनीकी शोध।
• 🥉 तृतीय स्थान (Fabrication and Characterisation of Al-6061 composite and closed cell metal foam): एल्युमिनियम का उपयोग कर एक नया, वजन में बेहद हल्का और झटके सोखने वाला मजबूत मटेरियल (मेटल फोम) तैयार करना, जो गाड़ियों और हवाई जहाजों में काम आ सके।

RESULT OF BMRE:
• 🥇 प्रथम पुरस्कार (1st Prize): "Design and Development of Low Cost Upper Limb Rehabilitation Robot" (हाथ या ऊपरी अंगों की गतिशीलता खो चुके मरीजों की फिजियोथेरेपी में मदद करने वाला किफायती रोबोटिक उपकरण)।
• 🥈 द्वितीय पुरस्कार (2nd Prize): "IoT Based Paralysis Patient Health Monitoring System" (इंटरनेट ऑफ थिंग्स की मदद से लकवाग्रस्त मरीजों के स्वास्थ्य संकेतों को दूर बैठे ही ट्रैक करने वाली स्मार्ट तकनीक)।
• 🥉 तृतीय पुरस्कार (3rd Prize): "Design and Development of Portable ECG Machine" (दिल की गतिविधियों और धड़कनों की जांच करने वाली एक छोटी, कम लागत वाली और आसानी से ले जाने योग्य मशीन)।

बायोमेडिकल और रोबोटिक्स इंजीनियरिंग (BMRE) के इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स
बायोमेडिकल और रोबोटिक्स विभाग के होनहार छात्रों ने चिकित्सा, पुनर्वास और ऑटोमेशन के क्षेत्र में निम्नलिखित 11 बेहतरीन प्रोजेक्ट्स पेश किए:
• 1. रियल-टाइम पोस्चर अलाइनमेंट डिवाइस (Group A): शरीर के उठने-बैठने के गलत तरीकों को ठीक करने के लिए फीडबैक और विज़ुअलाइज़ेशन देने वाला एक पहनने योग्य (Wearable) स्मार्ट सिस्टम。
• 2. IoT आधारित पैरालिसिस मरीज स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली (Group B): इंटरनेट ऑफ थिंग्स की मदद से लकवाग्रस्त मरीजों के स्वास्थ्य संकेतों को दूर बैठे ही ट्रैक करने वाली तकनीक。
• 3. कम लागत वाले ऊपरी अंग पुनर्वास रोबोट का विकास (Group C): हाथ या ऊपरी अंगों की गतिशीलता खो चुके मरीजों की फिजियोथेरेपी में मदद करने वाला किफायती रोबोटिक उपकरण。
• 4. स्मार्ट रोबोटिक सैनिटाइजेशन प्लेटफॉर्म (Group D): इंसानों की पहचान (Edge-based human detection) करके और जरूरत के हिसाब से मोड बदलकर काम करने वाला स्वचालित सैनिटाइजर रोबोट。
• 5. स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक (Group E): दृष्टिबाधित लोगों के लिए बनाई गई एक आधुनिक छड़ी, जो रास्ते की बाधाओं को पहचानकर उन्हें सुरक्षित चलने में मदद करती है。
• 6. PETG आधारित 3D प्रिंटेड प्रोस्थेटिक लिम्ब्स का विश्लेषण (Group F): दिव्यांगों की मदद के लिए 3D-प्रिंटेड कृत्रिम अंगों का निर्माण और उनकी मजबूती का मैकेनिकल परीक्षण。
• 7. कृत्रिम बॉल और सॉकेट जोड़ का बायोट्रिबोलॉजिकल विश्लेषण (Group G): मानव शरीर में प्रत्यारोपित किए जाने वाले कृत्रिम जोड़ों में होने वाले घर्षण और टिकाऊपन का तकनीकी अध्ययन。
• 8. वायर बीड डिपोजिशन प्रक्रियाओं के अनुकूलन के लिए मशीन लर्निंग (Group H): आधुनिक निर्माण और 3D वेल्डिंग प्रक्रियाओं को सटीक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग。
• 9. आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के लिए स्मार्ट पोर्टेबल सक्शन मशीन (Group I): आपातकालीन स्थिति में मरीजों के श्वसन मार्ग से तरल पदार्थ साफ करने वाली पोर्टेबल मशीन。
• 10. पोर्टेबल इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) मशीन (Group J): दिल की गतिविधियों की जांच करने वाली एक छोटी, कम लागत वाली और पोर्टेबल ईसीजी मशीन。
• 11. 6DOF रोबोटिक पिक एंड प्लेस आर्म (Group K): छह दिशाओं (6 Degrees of Freedom) में घूमने वाला औद्योगिक रोबोटिक हाथ, जो सामान उठाने व रखने का काम करता है。
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख मॉडल्स एवं शोध कार्य
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने कृषि, सौर ऊर्जा और एडवांस्ड मैटेरियल्स को ध्यान में रखकर निम्नलिखित 16 उत्कृष्ट वर्किंग मॉडल्स और थीसिस प्रदर्शित किए:
• A. सोलर क्रॉप प्रिजर्वेशन सिस्टम: सौर ऊर्जा का उपयोग करके कटी हुई फसलों को नमी तथा कीड़ों से बचाने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने वाली प्रणाली।
• B. सोलर पावर सीविंग मशीन: सौर ऊर्जा से चलने वाली एक स्वचालित मशीन, जिसका उपयोग अनाज, मिट्टी या रेत को छानने के लिए किया जाता है।
• C. 360° रोटेटिंग ज़ीरो टर्निंग रेडियस व्हीकल: एक ऐसा अनोखा वाहन जो बिना आगे-पीछे किए अपनी ही जगह पर 360 डिग्री घूम सकता है, जिससे तंग जगहों पर मोड़ना आसान हो जाता।
• D. सोलर चिमनी आधारित स्मार्ट वेंटिलेशन प्रणाली: बिना बिजली के घरों में ताजी हवा का संचार करने वाली सोलर चिमनी, जो पर्यावरण की निगरानी भी करती है।
• E. वाई-फाई मॉड्यूलेशन के साथ डुअल एक्सिस सोलर ट्रैकिंग सिस्टम: सूर्य की दिशा में खुद को घुमाने वाला कुशल सोलर पैनल, जिसे वाई-फाई से कंट्रोल किया जा सकता है।
• F. सोलर वाटर हीटर का प्रायोगिक और संख्यात्मक विश्लेषण: सौर ऊर्जा से पानी गर्म करने वाले हीटर की कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने के लिए किया गया तकनीकी शोध।
• G. नदी के जल प्रदूषण को साफ करने वाला एआई रोबोट: नदियों और तालाबों की सतह पर तैरते कचरे और प्लास्टिक को AI की मदद से खुद ढूंढकर साफ करने वाला रोबोट।
• H. ऑटोमेशन के साथ मटेरियल हैंडलिंग सिस्टम: कारखानों में भारी सामान को एक जगह से दूसरी जगह बिना इंसानी मदद के स्वचालित रूप से पहुंचाने वाली प्रणाली।
• I. सोलर वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम: बिना बिजली के, केवल सूर्य की गर्मी का उपयोग करके गंदे पानी को शुद्ध और पीने योग्य पानी में बदलने का सिस्टम।
• J. मूक वायु शोधक और ह्यूमिडिफायर: बिना आवाज किए कमरे की हवा को साफ करने वाला प्यूरीफायर, जो हवा में जरूरी नमी भी बनाए रखता है।
• K. पाइप में हीट ट्रांसफर दर और घर्षण कम करने पर संख्यात्मक अन्वेषण: पाइपों के अंदरूनी डिज़ाइन में बदलाव करके थर्मल ऊर्जा के नुकसान और घर्षण को रोकने से जुड़ा एक रिसर्च।
• L. Al-6061 मेटल फोम और एग शेल (अंडे के छिलके) कंपोजिट का निर्माण: एल्युमिनियम और अंडे के छिलकों को मिलाकर एक नया हल्का और अत्यधिक मजबूत मटेरियल तैयार करना।
• M. फ्रिक्शन स्टिर के माध्यम से हाइब्रिड कंपोजिट सामग्रियों का निर्माण: विशेष वेल्डिंग तकनीक द्वारा एल्युमिनियम में सिरेमिक कणों ($B_4C/Al_2O_3$) को मिलाकर अत्यधिक मजबूत धातु तैयार करना।
• N. स्मार्ट ब्रेकिंग के साथ न्यूमैटिक बम्पर कार: हवा के दबाव से काम करने वाले बम्पर और सेंसर से लैस कार, जो दुर्घटना की स्थिति में खुद ब्रेक लगाकर झटके को कम कर देती है।
• O. लेविटेटिंग घर्षण रहित वर्टिकल एक्सिस विंडमिल: चुंबकीय शक्ति से हवा में तैरने वाली पवन चक्की, जो बहुत कम हवा में भी बिना घर्षण के बिजली बना सकती है।
• P. अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट डिटेक्शन रोबोटिक कार: जमीन के नीचे बिछी बिजली की केबलों में आई खराबी का सटीक स्थान ढूंढने वाली एक स्वचालित रोबोटिक कार।
मार्गदर्शन और संस्थान की प्रतिबद्धता
इस प्रदर्शनी को देखने के लिए कॉलेज के सभी सम्मानित प्रोफेसर, भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और शहर के कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए, जिन्होंने छात्रों की इस अद्भुत मेधा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
❤️

Photos from MIT Muzaffarpur's post 24/05/2026

मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर ने NPTEL (National Programme on Technology Enhanced Learning) जनवरी–अप्रैल 2026 सत्र में शानदार उपलब्धि हासिल कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। एनपीटीईएल (NPTEL) लोकल चैप्टर कोऑर्डिनेटर प्रो. आशीष कुमार (CSE) ने बताया कि इस सत्र में 900 प्रतिभागियों (छात्र एवं संकाय सदस्य) ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 877 परीक्षा में सम्मिलित हुए तथा 767 प्रतिभागियों ने प्रमाणपत्र प्राप्त किए।
सफल प्रतिभागियों में 68 Course Toppers, 123 Gold, 269 Silver, 254 Elite तथा 121 Successful Completion प्रमाणपत्र शामिल हैं। विशेष उपलब्धि के रूप में प्रो. आशिष कुमार (CSE) एवं प्रो. दीपशिखा यादव (EE) ने Faculty Course Topper के रूप में स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त 14 छात्रों ने 100/100 अंक तथा 13 छात्रों ने 99/100 अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
शाखा-वार प्रदर्शन में सिविल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागों ने 134-134 सफल प्रतिभागियों के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वहीं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (114), मैकेनिकल इंजीनियरिंग (107) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (86) विभागों ने भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की। विषय-वार परिणामों में Education for Sustainable Development, English Language for Competitive Exams, Principles of Casting Technology के साथ-साथ Cryptography and Network Security, Data Science for Engineers, Deep Learning, Communication Networks तथा Robotics and Control जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन दर्ज किया गया।
MIT मुजफ्फरपुर के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. के. झा ने सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को NPTEL (जनवरी-अप्रैल 2026) परीक्षा में इस शानदार सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाई दी I
इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागाध्यक्षों, परीक्षा नियंत्रक, संकाय सदस्यों तथा NPTEL Local Chapter Coordinator प्रो. आशिष कुमार ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और निरंतर सीखने की संस्कृति का प्रतीक है। साथ ही भविष्य में और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ भागीदारी करने के लिए सभी छात्रों एवं संकाय सदस्यों को प्रोत्साहित किया।
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Photos from MIT Muzaffarpur's post 24/05/2026

अभिभावक–शिक्षक बैठक का सफल आयोजन

आज दिनांक 23 मई 2026 को, मुज़फ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान में अभिभावक–शिक्षक बैठक (PFM) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस बैठक में विद्यार्थियों के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, उपस्थिति तथा उनके समग्र विकास पर चर्चा करना था।
बैठक के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की जानकारी अभिभावकों को दी तथा उनकी क्षमताओं और सुधार के क्षेत्रों के बारे में विस्तार से बताया। अभिभावकों ने भी अपने सुझाव एवं विचार साझा किए, जिससे विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक संवाद स्थापित हुआ।
मुज़फ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम.के. झा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों और शिक्षकों की संयुक्त भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नियमित संवाद और सहयोग को विद्यार्थियों की सफलता की कुंजी बताया।
अभिभावक–शिक्षक बैठक (PFM) के नोडल अधिकारी प्रो. अभिषेक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसी बैठकों के माध्यम से अभिभावकों और महाविद्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, नियमित अध्ययन तथा सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों एवं शिक्षकों ने छात्रों की प्रदर्शन रिपोर्ट प्रस्तुत की। मौके पे सभी छात्र छात्राओं के मेंटर्स भी मौजूद थे।
अभिभावकों ने महाविद्यालय की शैक्षणिक और तकनीकी पहलुओं , सभी मेंटर्स द्वारा समय समय पर छात्रों के साथ मीटिंग, शिकायत निवारण सिस्टम, स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड, छात्रावास, प्रयोगशालाएं, कार्यशालाएं , रिसर्च लैब फैसिलिटी, स्मार्ट कक्षाएँ , डिजिटल लाइब्रेरी ,
वाई-फाई सुविधा ,नया चिकित्सा सुविधाएँ , खेल के मैदान ,ऑडिटोरियम
आदि बहुत सारे सुविधाएं की सराहना की और कई रचनात्मक सुझाव भी दिए
मुज़फ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान प्रशासन ने अभिभावकों के सहयोग एवं सहभागिता के लिए उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और सभी ने इसे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु अत्यंत उपयोगी बताया।
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Photos from MIT Muzaffarpur's post 24/05/2026

Muzaffarpur Institute of Technology, Muzaffarpur proudly congratulates all students and faculties for their outstanding achievement in the NPTEL examinations. This success reflects the dedication, hard work, and academic excellence of the students along with the continuous guidance of the faculty members.
Prof. (Dr.) M. K. Jha, Principal, MIT Muzaffarpur, extended his heartfelt congratulations to the achievers and encouraged students to continue striving for excellence in technical education and skill development. MIT Muzaffarpur remains committed to promoting quality learning through initiatives like NPTEL.
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Photos from MIT Muzaffarpur's post 23/05/2026

मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर एवं Career Simplify Multi Utility Pvt. Ltd. के बीच आज एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य विद्यार्थियों को कौशल विकास, इंटर्नशिप, इंडस्ट्री ओरिएंटेड ट्रेनिंग एवं करियर अवसरों से जोड़ना है।

Career Simplify Multi Utility Pvt. Ltd. एक बहुआयामी संस्था है, जिसकी स्थापना इंजीनियरिंग छात्रों द्वारा की गई है। संस्था स्किल डेवलपमेंट, इंटर्नशिप प्रोग्राम, रिसर्च सपोर्ट एवं करियर आधारित प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संस्था द्वारा अब तक 1200 से अधिक विद्यार्थियों को इंडस्ट्री ओरिएंटेड ट्रेनिंग एवं इंटर्नशिप प्रदान की जा चुकी है, जिसकी जानकारी कंपनी द्वारा प्राप्त हुई। साथ ही यह संस्था AICTE इंटर्नशिप पोर्टल से भी संबद्ध है तथा विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है।

कंपनी द्वारा DSTTE (Department of Science, Technology and Technical Education) के अंतर्गत भी इंटर्नशिप कार्यक्रम संचालित किए गए हैं, जिसके तहत लगभग 40 विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया। पात्र विद्यार्थियों को बिहार government द्वारा ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई, जैसा कि कंपनी अधिकारियों द्वारा बताया गया।

Career Simplify Multi Utility Pvt. Ltd. के निदेशक मंडल में Shivam Kumar Singh, Chhabi Kumari, Sumit Ranjan Verma तथा सह-संस्थापक Prakash Kumar शामिल हैं।

इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य Prof. (Dr.) M K Jha ने कहा कि इस प्रकार के सहयोग से विद्यार्थियों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान एवं बेहतर रोजगार अवसर प्राप्त होंगे।

कार्यक्रम में Dr. Y N Sharma, Dr. Rajnish Kumar तथा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रभारी Prof. Deepak Kumar Chaudhary उपस्थित रहे।

एमओयू के अंतर्गत छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में इंटर्नशिप, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, प्रोजेक्ट गाइडेंस एवं इंडस्ट्री एक्सपोजर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के तकनीकी एवं पेशेवर विकास को नई दिशा मिलेगी।
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20/05/2026

स्टार्टअप सेल, MIT मुजफ्फरपुर द्वारा लीगल कम्प्लायंस एंड क्लिनिक कार्यशाला का आयोजन

मुजफ्फरपुर, 20 मई 2026:

स्टार्टअप सेल, MIT मुजफ्फरपुर द्वारा आज संस्थान परिसर में “लीगल कम्प्लायंस एंड क्लिनिक” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों, नवोदित उद्यमियों एवं स्टार्टअप्स को कानूनी प्रक्रियाओं एवं व्यवसायिक अनुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध विधि विशेषज्ञ एवं TNT Legal & Advocates के Partner & CEO अधिवक्ता कुणाल ठाकुर, कंपनी सेक्रेटरी श्री वैभव शुक्ला तथा पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विक्की कुमार उपस्थित रहे।

कार्यशाला में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), GST, कंपनी इन्कॉरपोरेशन एवं कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने स्टार्टअप्स को कानूनी चुनौतियों से बचने, सही व्यवसायिक संरचना अपनाने तथा सरकारी नियमों के पालन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

मुख्य अतिथियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता के लिए केवल एक अच्छा आइडिया ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि मजबूत कानूनी एवं वित्तीय आधार भी आवश्यक होता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं युवा उद्यमियों ने अपने प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञों से व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त किया।

इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम.के. झा ने
कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों में उद्यमिता एवं नवाचार की भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, फैकल्टी सदस्यों एवं स्टार्टअप उत्साही युवाओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. संजय कुमार (Faculty In-charge, Startup Cell), राकेश कुमार साह (Startup Coordinator), रोहित राज (Student Representative) एवं मो. राहिल (Student Representative) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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20/05/2026

Muzaffarpur Institute of Technology में आज संस्थान के न्यूज़लेटर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य Prof. (Dr.) M. K. Jha , विद्युत अभियंत्रण विभागाध्यक्ष Dr. Y. N. Sharma,तथा यांत्रिक अभियंत्रण विभागाध्यक्ष Dr. Ashish kumar Shrivastava उपस्थित रहे। कार्यक्रम में न्यूज़लेटर की प्रभारी Dr. Shailbala एवं सहायक प्रभारी Prof. Chetna Sagar भी मौजूद रहीं।

इस अवसर पर Prof. (Dr.) M. K. Jha ने कहा कि न्यूज़लेटर संस्थान की शैक्षणिक, तकनीकी एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को एक मंच प्रदान करता है तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपलब्धियों को समाज तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम है।
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Photos from MIT Muzaffarpur's post 19/05/2026

Muzaffarpur Institute of Technology के विद्युत अभियंत्रण विभाग द्वारा BIS स्टूडेंट चैप्टर (EE) के सहयोग से आयोजित “Bridging Academia and Industry: Standardization in Electrical Engineering” कार्यशाला का शुभारंभ आज हुआ। यह कार्यशाला 18 से 23 मई 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न शोधार्थी, विद्यार्थी एवं प्रतिभागी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्युत अभियंत्रण में मानकीकरण के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर Dr. Y. N. Sharma ने BIS मानकीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानक गुणवत्ता, सुरक्षा एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं Dr. R. P. Gupta ने विद्युत अभियंत्रण में विभिन्न मानकों की उपयोगिता एवं औद्योगिक क्षेत्र में उनकी आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। Dr. Sanjay Kumar ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को विद्युत अभियंत्रण के मानकों एवं नई तकनीकों के बारे में अधिक सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।

आज के मुख्य वक्ता Prof. Ashish Kumar ने वाणिज्यिक भवनों में विद्युत इंस्टॉलेशन से संबंधित भारतीय मानकों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने सुरक्षित एवं मानक अनुरूप विद्युत व्यवस्था की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

संस्थान के प्राचार्य Prof. (Dr.) M. K. Jha ने आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं तथा ऐसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। इस अवसर पर विद्युत अभियंत्रण विभाग के संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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15/05/2026

Muzaffarpur Institute of Technology (MIT), Muzaffarpur proudly congratulates Ms. Aditi Kumari of the 2021–25 batch, Department of Mechanical Engineering, on her remarkable achievement of being selected as Assistant Section Officer (A*O) in the Central Secretariat Service through CGLE-2025.

On this proud occasion, she expressed her heartfelt gratitude towards the institute for providing continuous support, guidance, and an environment that helped shape her future.

Prof. (Dr.) M. K. Jha, Principal, MIT Muzaffarpur, extended his best wishes and congratulated her for bringing pride to the institution through her dedication and hard work. The entire MIT family wishes her a bright, successful, and inspiring career ahead.
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Photos from MIT Muzaffarpur's post 15/05/2026

एमआईटी मुजफ्फरपुर में संस्कृत प्रमाणपत्र वितरण समारोह संपन्न

मुजफ्फरपुर, 15 मई 2026।
एमआईटी मुजफ्फरपुर में संस्कृत प्रमाणपत्र वितरण समारोह का आयोजन प्राचार्य डॉ. प्रो. मिथिलेश कुमार झा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

प्राचार्य डॉ. प्रो. मिथिलेश कुमार झा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं वैज्ञानिक चिंतन की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत अध्ययन के माध्यम से भारतीय परंपरा और आधुनिक तकनीकी शिक्षा के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।

समारोह में बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रोफेसर मृत्युंजय झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को पुनः स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं वेबसाइट विकसित की जा रही है, जिसके माध्यम से देश-विदेश का कोई भी व्यक्ति कहीं से भी संस्कृत शिक्षा प्राप्त कर सकेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत केवल धार्मिक या पारंपरिक अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि इंजीनियरिंग, तकनीकी शिक्षा एवं अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है।

समारोह में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के संस्कृत अध्ययन केंद्र के अंतर्गत सत्र 2024-25 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रमाणपत्र प्राप्त कर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखा गया। आकृति कुमारी, रौशन कुमार एवं आशुतोष कुमार ने संस्कृत शिक्षा को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए उपयोगी बताया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. मनोज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समारोह में केन्द्राधिकारी प्रो. विपुल कुमार, रजिस्ट्रार डॉ. रजनीश कुमार, डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. शिवालिका सत्सेना एवं संस्कृत शिक्षिका प्रो. सुश्री सुस्मिता प्रामाणिक सहित कई शिक्षक एवं अतिथि उपस्थित रहे।
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