Dharmraj Dharmendra

Dharmraj Dharmendra

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Man is a social animal.....

21/07/2020

आज एक uncleji मिले मोहल्ले के ही और सभी राजनीति की बात कर रहे थे ।मैंने कहा कि कैसे कोरोना पोजेटिव आदमी खुद की गाड़ी से खुद के ऑक्सीजन cylandr के साथ हॉस्पिटल के बाहर तड़प रहा है और कोई पूछनेवाला नही है ।आजतक रिपोर्टर स्वेता सिंह खुद दिखा रही थी।PMCH, DMCH,NMCH, SKMCH,AIIMS और बाकी के अस्पतालों में पूरा बेड खाली है फिर भी बेड खाली नही बताया जा रहा है ।एक इंजेक्शन तक देनेवाला कोई नही है ।कितना वीडियो आ चुका है हॉस्पिटल के भीतर का ।
बाढ़ आते ही किस तरह साल 2 साल पहले बने सड़क और पूल सब टूट रहे है ।बाढ़ ने फसलों को पूरा तबाह कर दिया है ।और हमारी सरकार ने कोई व्यवस्था नही किया है ।।
तभी uncleji का जातिवाद जगा और बोले कि लालू यादव के समय अस्पताल और सड़क की व्यवस्था कैसी थी ।मंगल पांडे ब्राह्मण है इसलिए लोग एक ब्राह्मण को बदनाम कर रहे है ।हमलोग इतना मेहनत करते है उच्चे पोस्ट पर जाते है ।जज IAS IPS डॉक्टर इंजीनियर जॉर्नलिस्ट बैंकर पॉलिटिक्स स्पोर्ट्स सबमे हमलोग आगे रहे है ।सुरु से लोग हमारा पैर छू के ही तृप्त हुए है ।ये हमारी तपस्या है ।समाज को शिक्षित करनेवाले टीचर हम ही है ।ब्राह्मण को ही शिक्षा देने का पूजा कराने का अधिकार है ।बाकी सब तो ढोंगी है ।
ब्राह्मण न हो तो कोई बैकवर्ड कभी नेता बन नही पाता ।न लालू न मुलायम न मायावती ।इतिहाश में भी हमने राजाओं से पैर छूवाये है ।हमारा पैर छूने से जग का कल्याण होता है और हमारी अभेलना से नन्द वन्स का विनाश हो जाता है ।जग का विनाश हमारे श्राप से होता है ।हमने भगवान को भी शाप दिया है ।
इस धरती पे सिर्फ सनातन धर्म है बाकी सब ढोंग है ।
मैने कहा कि धन्य है प्रभु आप और धन्य है बिहार के लोग ।भारत मे ब्राह्मण की आबादी 6 प्रतिशत है ।और सारे ऊँचे पोस्ट की संख्या गिन लीजिये तो भी कितना होगा ।उसमे से 50 प्रतिशत आरक्षण में चला जाता है ।50 प्रतिशत में स्वर्ण में राजपूत भूमिहार लालाजी ब्राह्मण और मेरिट वाले सभी रहते है ।।समाज मे एक ही जाती के लोग कभी रहे ही नही ।समाज मे सब लोग भाईचारे से रहे हमेसा।कर्म और शादी विवाह के लिए जाती धर्म गोत्र कुल देवता और पहचान के लिए क्षेत्र बनाया गया ।समय मे आज क्या हो रहा है ।

ये विकाश की कौन सी परिभाषा है पता नही ।मंगल पांडे जी समस्त बिहारियों के है या सिर्फ ब्राह्मणों के है पता नही ।पिछले 15 साल से बिहार की सत्ता होते हुए भी कांग्रेस और लालूजी के समय मे क्यों जाना पड़ता है ।

धर्मराज धर्मेंद्र
विस्व् शांति सेना ।

15/07/2020

सेवा में ,
चुनाव आयुक्त महोदय
निर्वाचन आयोग भारत सरकार

विषय -कोरोना महामारी को देखते हुए बिहार विधानसभा चुनाव को कुछ समय के लिए टालने के सम्बंध में ।

महाशय
निवेदन पूर्वक कहना है कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया मे स्थिति भयावह बना रखी है और इससे हमारा देश भारत तथा राज्य बिहार भी वंचित नही है ।संक्रमितों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है तथा मरनेवालों की संख्या भी बढ़ रही है ।अपने देश मे भी मरनेवालों की संख्या 24000 के लगभग है ।पूरी दुनिया मे जहॉ 1करोड़ 32 लाख लोग संक्रमित हो चुके है वही भारत मे भी 10 लाख लोग संक्रमित हो चुके है ।
और अपने देश तथा राज्य बिहार में हाल में संक्रमण तेजी से फैला है ।जिस तरह कई प्रशासनिक पदाधिकारी पुलिस अधिकारी स्वास्थ्य कर्मचारी हाल में संक्रमित हुए है तथा कोरोना से मरनेवालों में इमलोगों का भी नाम है ।
इधर जैसे जैसे अपने यहाँ जांच बढ़ रहा है वैसे वैसे संक्रमितों की संख्या भी बढ़ रही है ।ऐसी ही स्थिति में EVM की ट्रेनिंग ले रहे एक शिक्षक की कोरोना से मृत्यु हो गयी है ।कई डॉक्टर नेतागण भी संक्रमित है ।हाल ही में BJP कार्यालय से 75 कार्यकर्ता संक्रमित मीले है ।

अतः ऐसी भयानक परिस्थिति में चुनाव होगा तथा चुनाव प्रचार होगा तो बहुत सारे लोग सम्पर्क में आएंगे ।और इससे संक्रमण बढ़ेगा ।और इसकी वैक्सीन भी अभी तक तैयार नही है ।जिससे वर्तमान परिस्थिति में चुनाव होने पर जान माल का अधिक नुकसान होने की संभावना है ।

अतः इस भयानक परिस्थिति में जान माल की रक्षा हेतु तथा आमलोगों और मानव मात्र की सुरक्षा हेतु कुछ समय के लिए चुनाव टाल दिया जाय।पुनः स्थिति नियंत्रण में होने पर चुनाव कराया जा सकते है।इससे जान माल की सुरक्षा होगी तथा समाज की रक्षा होगी।इसके लिए हम समस्त बिहारवासी श्री मान का सदा आभारी रहेंगे ।

श्री मान का विस्वाशी
धर्मराज धर्मेंद्र
संस्थापक विस्व् शांति सेना ।

14/07/2020

मुज़फ़्फ़रपुर शहर के नामी इलाके की करोड़ो की जमीन कम दाम में लिखाने के लिए 12 साल की लड़की का घर की खिड़की तोड़कर अपहरण कर लिया जाता है ।ताकि उस लड़की का पिता जो कि बाहरी है यहाँ पर आ के बसे हुए है कम कीमत में जमीन लिखकर भाग जाय ।

लेकिन लड़की के घरवाले कलेजा दिखाते है पुलिस से शिकायत करते है ।भू माफिया के खिलाफ ।C B I जांच चल रही है कुछ लोग जेल भी गए।पर ठोस सबूत न होने की वजह से किसी को कड़ी सजा नही हो रही है ।

क्योंकि अपहरण के बाद बबाल बढ़ने के कुछ दिन बाद उसके घर के पास के मोहल्ले में नगर निगम की नाले की सफाई हो रही थी जिस नाले से कंकाल मिला।और फोरेंसिक जांच में कंकाल उसी लड़की का साबित हुआ।आज तक उस लड़की के घरवालों को इंसाफ नही मिला है ।

नगर निगम के कई लोगो पर और शहर के जमीन कारोबारियों पर आरोप लगे।आरोप तो ये भी है कि लड़की के पिता ने भी कई कारोबारियों से बात की थी जमीन बिक्री के लिए तथा एडवांस भी लिया था।।अभी भी केस कोर्ट में ही है ।और कोर्ट का निर्णय सर्वमान्य होता है ।

लेकिन ये क्या इस कांड को लगभग 10 वर्ष बीत गए होंगे ।और इस बीच जमीन के कारोबार से जुड़े कई माफिया का भी मर्डर हो गया।करोड़ो रूपये कमाने के लालच में दूसरे को बड़ा मुनाफा होते देख इनलोगो ने अपने ही साथियों का मर्डर करवाया है।

इसमे कई सफेदपोश है और किसी को तो मैं नही जानता हूं लेकिन हाल ही में कुछ साल पहले एक नेता का मर्डर हुआ और एक विधान पार्षद का नाम आया है ।इस केस की जांच कर रही S P तक का ट्रांसफर हो गया है ।

लेकिन ये क्या इनका सिंडिकेट आज एक दूसरे का ही मर्डर करा रहा है।लालच और गलत का परिणाम भी गलत ही होता है ।

धर्मराज धर्मेंद्र
संस्थापक विस्व् शांति सेना।

10/07/2020

जिस तरह से विकास दुबे का नाम गुंजा मीडिया में वो काबिले तारीफ है ।अब उसका कारनामा ही इतना बड़ा था कि तारीफ होनी ही चाहिए थी।जिस तरह से किसी अपराधी को गिरफ्तार करने गयी पुलिस टीम को जे सी बी से रास्ता रोक के क्रॉस फायरिंग कर 8 पोलिकर्मियो को शहीद कर दिया गया।

ये साधारण बात नही है ।आज के समय मे अब चोर और डाकू वाली कहावत गुजरे जमाने की बाते लगती है ।क्योंकि देखते देखते समाज जिस तरह से बंट रहा है ।अमीर गरीब पिछड़ा अतिपिछड़ा में ।एक तबके के उत्थान के नाम पे हम अपनी आवाज़ को बुलंद जरूर करते है मगर वो आवाज़ दूसरे तबके के नमो निसान मिटाने के लिए होता है ।

समाज को चलनेवाले समाज के ही लोग होते है ।और समाज को सभी मिल के चलाते है।न तो समाज एक आदमी से चलता है और न एक जाति से या एक तबके से ।फिर भी लोग भूल करते है ।अमीर तबका अपने फायदा करके और अमीर बनना चाहता है ।जबकि लोग रहेंगे आपके लिए काम करेंगे समान खरीदेंगे तभी आप अमीर bniyega। नही तो ज्यादा दिन तक आपका ठगी और सोसन चलेगा नही ।

और गरीब तबके को ये समझना होगा कि उनके लिए जो काम करता है उसका मुनाफा कितना होता है और खर्च कितना ।बाकी सत्ता पाने के लिए या वर्चस्व चलाने के लिए जिस तरीके से लोगो का इस्तेमाल हो रहा है वो सभी चुपचाप देख रहे है और राजनीति हो रही है ।

जिस तरह से इस पार्टी की सरकार बनी तो ये फलना फलना बाबू रंगदारी और कमीशन असुले ।फिर उस पार्टी की बनी तो फलना फलना बाबू असूलेंगे। अब इस पार्टी की सरकार चली गयी तो उस पार्टी के लोगो को पुलिस पकड़ेगी और इन्काउन्टर करेगी या सज़ा होगी।और जिस पार्टी की सरकार होगी उसके लोगो को जल्दी बेल मिलेगी और उनके लोग कोर्ट से हमेसा दोषमुक्त होंगे उनके खिलाफ कोर्ट में कभी सबूत नही मिलेगा।

क्योंकि जजो का चयन भी सरकार करती है और प्रमोसन भी इसलिए सरकार को कटघरे में खड़ा करके दुश्मनी कौन मोल ले।इन सबके बीच लोग बीच बीच मे जागरूक होते भी है ऐसा नही है कि वो हमेसा सोते रहते है ।उनका कोई नेता उठता है जो उनको आवाज़ देता है फिर ये वोट देते है अपने अधिकारों के लिए लड़ते है फिर धीरे धीरे रोजमर्रा की जरूरतों में लग जाते है और फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाता है ।और लोग कुम्भ कर्ण की निद्रा में सो जाते है।

इसी का परिणाम है कि समाज मे विकाश दुबे ऐसे आतंकवादी पैदा होते है ।जिनको पुलिस गिरफ्तार करने जाए तो ये पुलिस पड़ गोली चलाने से भी नही हिचकते ।अगर समाज का सिस्टम सही हो पुलिस स्वतंत्र हो उसपे जाति धर्म क्षेत्र सम्प्रदाय नेता मंत्री पोस्ट की दबिश न हो तो मजाल है ऐसे लोग पैदा हो जाय।कोर्ट कचहड़ी दौड़ते दौड़ते चप्पल घिस जाय पीढियां बिट जाय लेकिन इंसाफ न मिलेगा ।

और जब किसी को समाज मे सिस्टम से इंसाफ न मिलेगा और काले कोर्ट और सफेद वस्त्र वाले अपनी मनमानी करेंगे।तब न जाने कितने विकाश दुबे पनपेंगे।आज एक का काउंटर किया है कल हज़ारो होंगे।और काउंटर होने से पहले विकाश दुबे ने 8 पुलिस कर्मियों को शहीद किया ये भी ध्यान में रखने की बात है ।उससे पहले इतने सालों में उसने जो गुनाह किये सो अलग ।

तो सभी बातों का सार यही है कि समाज जबतक एकता और भाईचारे पर नही लौटता है तबतक यही होगा।हमे शांति का संदेश लोगो तक पहुचाना ही होगा ।पूरा विस्व् आज इस टूट का दंश झेल रहा है ।इसलिए पूरी दुनिया के समाज को एक होने की आवश्यकता है ।एक शासन एक विधान एक संविधान ।हमारी एकता हमारी पहचान ।

धर्मराज धर्मेंद्र
संस्थापक विस्व् शांति सेना ।

07/07/2020

धर्मराज धर्मेंद्र
संस्थापक विस्व् शांति सेना ।

06/07/2020

धर्मराज धर्मेंद्र
संस्थापक विस्व् शांति सेना

कोरोना महामारी ने स्थिति बहुत भयावह मचा रखी है।पूरी दुनिया मे 5 लाख से अधिक लोग तो मर चुके है।और न जाने कितने लाख जिंदगी और मौत से लड़ रहे है ।और कितने इसमे डॉक्टर्स भी शामिल है और भी स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोग इसके शिकार हो चुके है जिसमे नर्स कम्पाउण्डर जांच सफाई और भी कर्मचारी शामिल है जो जिंदगी और मौत से लड़ रहे है।

पूरी दुनिया का हाल जानते हुए तथा अपने देश भारत की स्थिति देखते हुए और उसमें बिहार का हाल और बिहार में हमारे मुज़फ़्फ़रपुर का हाल ।जहाँ मुज़फ़्फ़रपुर में हाल में समाचारपत्रों तथा फेसबुक और व्हाट्सएप्प के माध्यम से हमारे शहर तथा SKMCH के कई डॉक्टर और काम करनेवाले कर्मचारी के कोरोना पोजेटिव होने की सूचना है ।जिसमे हमारे शहर के कई नामी गिरामी डॉक्टर भी शामिल है जिनका नाम ही काफी है खतरनाक से खतरनाक बीमारी के ठीक होने के लिए ।

और इसी कड़ी में एक नाम है जुड़न छपड़ा का जो मन्डी है शहर के नामी गिरामी डॉक्टर्स का हॉस्पिटल्स का जिसमे केजरीवाल भी है ।

मैं आज सावन की प्रथम सोमवारी के दिन भगवान भोलेनाथ तथा अपने आराध्य मां दुर्गा से इन सभी को जल्द से जल्द स्वस्थ करने की दुआ मांगता हूं।
हे भोलेनाथ , हे माँ दुर्गा ये वो लोग है जो स्वस्थ रहेंगे तो हज़ारो को जिंदगी देंगे जो आपके ही बच्चे है ।इन्हें शक्ति दो मां ।

जय भोलेनाथ
हर हर महादेव
जय महाकाल

जय माँ दुर्गा

J M D

30/06/2020

चुनाव अपडेट

पृथवी ग्रह पे मौजूद एशिया महादेश में दो देश है चीन और भारत ।दोनो देशों का अपना स्वर्णिम इतिहास रहा है ।भारत की जनसंख्या 1•35 करोड़ है वही चीन की 1.45 करोड़ और दोनों देशों की जनसंख्या मिला दे तो विश्व की आधी आबादी ।भारत की अर्थव्यव्स्था तथा चीन की अर्थव्यवस्था विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था में से एक है।

दोनो देशों की सेना भी अग्रिम साहस और शौर्य का परिचय देती है।लेकिन वर्तमान समय मे चीन की अर्थव्यवस्था भारत से आगे है।और रक्षा विभाग का बजट भी चीन का भारत से बहुत आगे है।जहाँ तक सेना के पास मौजूद हथियारों की भी बात की जाय तो चीन की ताकत की तिहाई में है भारत की ताकत।

लेकिन चीन की कमजोरी है उसके उत्पादन को बेचने के लिए बाजार चाहिए तथा उसे खरीदने के लिए लोग और ये सब उसे भारत मे मिलता है।भारत की जनसंख्या आनेवाले 10 सालो में चीन से भी आगे निकल जायेगी।और चीन ने तो पिछले कई सालों से एक बच्चे का कानून और अब दो बच्चे का कानून बना रखा है उससे अधिक होने पर जेल का प्रावधान है।लेकिन भारत मे ऐसा कुछ प्रावधान नही है।

जितनी आबादी होती है उसको भोजन कपड़ा काम और आवास भी चाहिए।पेड़ो को जिस तेजी से काटा जा रहा है कि प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया है।मौसम का चक्र गड़बड़ हो गया है ।अत्यधिक गर्मी वर्षा ठंढ सब अत्यधिक हो गया है।गर्मी बढ़ने से उतरी ध्रुव दक्षिणी ध्रुव का बर्फ पिघल रहा है जिससे पृथ्वी के जल मगन होने का खतरा है।जनसंख्या के साथ साथ पॉल्युशन बढ़ने से ओज़ोन लेयर में छेद हो गया है जिससे सूर्य का अल्ट्रा वायलेट किरण सीधा धरती तक आती है जो फसलों को जलाने का काम करती है।

अरब देशों में गर्मी इतनी बढ़ जा रही है शरीर जलता रहता है गर्मी से।लेकिन इन सब पे कोई नियंत्रण नही है।और इन हालातों में युद्ध की बात करते है।भारत बेशक चीन से शक्ति में तिहाई है लेकिन वो यहाँ की जमीन कब्जा कर सकता है ।लोगो को कभी गुलाम नही बना सकता है।चीन खुद आंतिरक युद्ध से जूझ रहा है।वहाँ की सरकार की नीतियों के विरोध में लोग सड़कों पर हमेसा होते है।और चीन अपने नागरिकों का विरोध गोलियों से छलनी करके दबाता है।

भारत मे भी लोग उकसा रहे है युद्ध के लिए।एक गोली कितने की आती है।बम हैंड ग्रैंड मिसाइल और युद्धक हथियारों के खर्चे और सैनिकों के परिवारों को मुआवजा खरबो खर्च होगा।

अभी चीनी सामानों का बहिष्कार पे सब ताली मार रहे है।लेकिन चीनी सामानों के जो ग्राहक है वो सभी कमजोर आर्थिक स्थिति वाले है जिनकी संख्या अधिक है।ओप्पो वीवो की कैमरा क़्वालिटी सबसे अच्छी है।paytm की सर्विष सर्वश्रेस्ठ है ।UC ब्राउज़र सभी जानते है।इनका बैन कर देना बहुत आसान है लेकिन परिणाम दोनो देशों के लिए खतरे की घण्टी है।क्योंकि चीनी समान सबसे कम मुनाफे पर बिकता है क्योंकि वहाँ की जनसंख्या अधिक है तो उसी अनुपात में रोजगार चाहिए।

वहाँ भी जनसंख्या अधिक के कारण बाजार में कम्पटीशन है इसलिए कम मुनाफा में बेचना मजगुरी है।क्योंकि चीनी समान जिसकी लागत 2200 आती है वो भारत मे 2300 से 2400 में बिकती है।भारत के चंद लाख अमीरों की संम्पति निकाल दे तो असली भारत का चेहरा सामने आएगा। अभी घर खर्च के लिए जो 10000 पर महीना आमदनी चाहिए वो भी कमजोर खर्च वालो में ऐसे तो 20000 पर महीना वो भारत मे कितने परिवारों के पास है ।और चीन भी इससे अलग नही है वहाँ भी हालत बदतर है।

लेकिन वर्चस्व और अधिक लाभ कमाने की मनसा रखनेवाले चन्द लोग सबको कुचल के अपने हित के फायदे के लिए दो देशों के बीच युद्ध के हालात पैदा कर दिए है।क्या चीन के नागरिक युद्ध चाहते है भारत के साथ।बिल्कुल नही ।कययक़ी भारतीयों से उनकी रोटी चलती है।और भारत के उन लोगों से पूछिये जो इस महंगाई में 500 या 100 का हेड फ़ोन 50 रुपये में खरीदते है।

जो उत्पादन भारत करता भी है उसके लिए कच्चे समान चीन से मंगवाता है।एकाएक सब बन्द होने से क्या होगा जिनके पास वहाँ का सामान है वो खराब होगा तो 100 रुपये का सामान 500 में मिलेगा।चीनी लोगो के सामने भुखमरी के हालात हो जाएंगे।भारत के लाखों दुकानदार है जो ग्राहकों की संतुष्टि चीन के सस्ते सामानों से दे पाते है उनकी भी दुकाने बन्द हो जाएंगी।

और चीन की जनसंख्या के इतना किसी देश की संख्या नही है कि उसकी आपूर्ति की कमी को कोई देश पूरा कर देगा।या भारत की आबादी के बराबर भी कोई देश नही है जहाँ चीन अपने सामान बेच लेगा।

युद्ध कभी भी समस्या का समाधान नही है।और आज की वर्तमान स्थिति में कोई देश किसी देश को गुलाम नही बना सकता है।हथियारों से जमीन कब्जा हो सकता है आदमी नही।और जमीन कब्जा आपको बिना नुकसान उठाए हो जाय ऐसा असम्भव है।क्योंकि देश भक्ति दुनिया के कोने कोने में है।

ताली बजाइये चीनी समानों का बहिष्कार हो रहा है।क्योंकि चीन ने वर्तमान समय मे जो किया है उसका कोई विकल्प नही है ।जिस तरह से भारत का जमीन कब्जा किये हुए है 1962 से और भारत का जैसा नक्शा रखता है हमसब जानते है।लेकिन जो चीन के समान हमारे यहाँ बिकते है और अपने यहाँ कोई उद्योग नही लगता है ये हमारी कमजोरी है।

मगर इन सबके बीच कोरोना महामारी है जो चीन की देन है जिसने आधिकारिक रूप से पूरी दुनिया से 5 लाख से अधिक जान ले ली है और कितने लाख जान और लेगी।मगर भारतीय सीमा पर उथल पुथल कैसी है।जब चीनी समानो का सबसे बड़ा बाजार भारत ही है फिर वो यहाँ हमला क्यों करना चाहता है ।जबकि उसके समान बेच के वो यहाँ से कमा ही रहा है।

क्योंकि भारत देश की राजनीति की दशा और दिशा बदलनेवाला राज्य है बिहार।नालन्दा विश्व विद्यालय तथा विश्व गुरु है बिहार जहां चुनाव होनेवाले है तथा आनेवाले समय मे होनेवाला चुनाव के लिये मुद्दा बनाने के लिए BJP के सह पर भी ये सब हो सकता है फिर कुछ समय बाद उनको और अधिक सामानों को बेचने का तथा लाभ कमाने का लाइसेंस मिल जाएगा।

और BJP को इकलौती देशभक्त और rastbhkt पार्टी का।मगर सबमे जो लोग पिसेंगे वो आम लोग होंगे ।और ऐसे चुनावी तथा लाभ कमाने के उद्देश्य से रचा गया षड्यंत्र दिलो में दूरियां बढ़ाने का काम करेंगे।और ऐसे घाव हज़ारों वर्षो में भी नही भरेंगे।

28/06/2020

चुनाव अपडेट

मुज़फ़्फ़रपुर शहर से सटे अहियापुर गांव में पड़ता है बाजार समिति का मार्केट।यहाँ रोजाना कितने की खरीद बिक्री होती है इसका सही सही आंकड़ा तो नही है ।लेकिन बिहार के सबसे बड़े बाजार में से एक है।

सैकड़ो व्यवसायी की दुकान है यहाँ।फल मंडी गेंहू मंडी चावल मंडी मछली मंडी आलू प्याज मंडी आटा मैदा दाल रिफाइन सरसो तेल कितनी एजेंसी है इसके अंदर ।इस जगह से इतना आमदनी होता है कि कहना मुश्किल है।
चुनाव में भी यहाँ के वयापारी सबसे अधिक फंडिंग करते है क्योंकि कमाते यही लोग है।और सब मन्डी वालो का अपना यूनियन भी है।राशि भी इकठी होती है

।पहले ये सब मन्डी बिहार सरकार की देख रेख में लगता था।जिसमे आनेवाली तथा खरीदकर ले जानेवाली गाड़ियों से वजन अनुसार टैक्स लगता था।1% टैक्स था जितने कीमत की समान होती थी राशिद अनुसार और उस पैसे से इसका मेंटेनेन्स होता था।तब भी कचड़ा लगता था पर कम लगता था ।अभी लगभग पिछले 15 वर्सो से मन्डी स्वतंत्र है किसी तरह का टैक्स नही लगता है ।तब से देख रहा हूँ जरा सी बारिश हुई नही की पूरा बाजार समिति कचड़ा में भड़ जाता है।और फलों को सड़कों पे फेका होने तथा मछ्ली जिस धान के भूसे भरे ट्रक से आती है वो भूसा सड़क पे सीधे उड़ेल दिया जाता है।जो कादो पानी मे सड़ता रहता है।खुली हुई नाक के साथ आप वहां नही जा सकते है।

जबकि बाजार समिति आमलोगों तथा व्यवसाइयों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि पूरे देश भर से यहाँ माल आता है तथा यहाँ से माल पूरे देश भर में जाता है।और इन व्यवसाइयो का घर देखिएगा जिनकी यहाँ दुकाने है तो इनके घर कीमती मार्बल से सजी होती है और समय पूरा होने से पहले ही रंग रोगन होता है।क्योंकि ये सभी करोड़ो में खेलते है।फिर भी समिति का हाल देखिये।

एक बार अपनी tvs jupiter के साथ चावल लाने गया था ।तब जल जमाव तथा हैवी लोडेड ट्रको के चलने की वजह से सड़क ऐसी टूटी हुई थी कि स्कूटी का सीट तक पानी के अंदर था।गाड़ी बन्द हो गयी बहुत मुश्किल से मैने धक्का दे के उसको बाहर निकाला।

आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत की समान यहाँ सस्ते दामों में या यूं कहें थोक भावो में मिलता है ।इसलिए इन सड़कों से जूझते हुए दुर्गंध सूंघते हुए उन्हें आना पड़ता है।तथा जो ड्राइवर लोग है पलदार है और मजदूर है इन लोगो को उनको दिन रात इस सड़न में रहना पड़ता है ।

और हमारे जनप्रतिनिधि सब आंखे मूंदे रहते है किसी का भी ध्यान इस तरफ नही जाता है।यहाँ तक कि बिहार में चुनाव होना है विधानसभा का फिर भी किसी पार्टी चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष और सैकड़ो छोटी छोटी पार्टिया किसी ने अभी तक इसके लिए कुछ नही किया है।जबकि ये समस्या लगभग 15 वर्षो से हो रही है।

न जाने कितने करोड़ पैसे वापस हो जाते है केंद्र सरकार के ।प्रधानमंत्री ने भी स्वच्छता अभियान चलाया फिर भी ये सैकड़ो बीमारी फैलानेवाला कचड़ा जमा रहता है और सड़न दुर्गंध सब रहता है।आसपास चारो तरफ घनी आबादी है।बरसात होने पर बीमाड़िया भी बढ़ जाती है।फिर भी सभी मौन रहते है।

लोगो को स्वयं ही इसके लिए मुहिम चलानी चाहिए क्योंकि बरसात के सीजन में न सिर्फ यहाँ की सड़कें जानलेवा होती है सैकड़ो बीमारियों को भी जन्म देने वाली होती है। इस समस्या का उचित इलाज करना जरूरी है।जैसे सड़े हुए फ्लो को सही जगह लगाना धान के भूसे को समय पर जगह देना और भी जो उपाय किया जा सकता है तथा उचित साफ सफाई।

दोस्तो इस पोस्ट को शेयर करे ज्यादा से ज्यादा तथा लाइक कॉमेंट करे ताकि उन लोगो के ध्यान में आ सके तथा हमे हमारा स्वच्छ बाजार समिति मिल सके।

धन्यवाद
आपका -धर्मराज धर्मेंद्र

26/06/2020

चुनाव अपडेट

परम आदरणीय नीतीश कुमार चाचाजी
प्रणाम।
आपसे बिहार की हाल चाल कहनी है।
तो चाचाजी को मालूम होना चाहिए कि आपकी बनाई सड़के मनरेगा की 6 महीना भी नही टिकी ।उसके बाद जो सड़के थी उसमें गढ्ढा नही हुआ सड़क ही गढ्ढे में हो गयी ।
और चाचाजी आपने जो कॉन्टैक्ट पे टीचर बहाली की थी उनको वर्तनी का भी ज्ञान नही है।stet वाले का तो आपने कल्याण ही कर दिया।और मिड डे मील के राशि का बंदरबांट बहुत अच्छी तरह से हो रहा है ।और आपने जो विद्यालयों के पुराने जर्जर भवन के जगह पर नए भवन बनवाने के लिए पैसे भेजे थे वो सभी हेड मास्टर साहब ने अपने मकान बनवाने में लगा दिए तथा पुराने जर्जर भवन का फिर से रंग रोगन कराके रख दिया।

और जो आपने अपराधियो पे नकेल कसी थी तो आपको मालूम होना चाहिये कि आपके पास अनंत सिंह चाचाजी और सतीश पांडेय चाचाजी जैसे कितने खलीफा है फिर आप सुशासन की बात कैसे कर सकते है।अभी आपने अनंत चाचाजी को अलग कर दिया हुआ है पिछले 5 सालों से पर वो आपके खास रहे है।
और जितने माओवादी भईया लोग है जो नक्सली कहलाते है उनके असली नेता आप ही है ।आपके ही संरक्षण में नक्सली फले फुले है।

और चाचाजी आपने जो अपने अधिकारियों से हफ्ता मांगा था न तो वो बड़ी ही चालाकी से आप ही के बिहारियों से उसूल के आपको देते है।कोई भी विभाग में बिना चढ़ावा के कोई अधिकारी कुछ काम नही करते है।

और दारू की समस्या का आपने जो समाधान किया है उससे तो दिल गार्डेन गार्डेन हो गया है।आपने तमाम बिहारी शराबियों को शराब के लिए दुकान तक खरीदने आने का जो कस्ट था उसका बारीकी से अध्ययन किया और आज आप ही का कमाल है कि एक कॉल पे शराब घर तक ही नही चौर चांचर बसवाड़ी हर जगह पहुंच रही है बस आपको जगह बताना है कि कहा पहुचना है।

और चाचाजी आपने जैसा कहा था वैसा करके दिखाया लालू चाचाजी ने जो यहाँ से व्यपारियो को भगाने का काम किया था उस बिहार में आपने लाखो व्यपारियो को लाने का तथा हज़ारो उद्योग लगाने का काम किया है।आज देश का हर उद्यमी बिहार में अपना उत्पादन प्लांट लगा चुके है जिससे लाखो युवाओ को रोजगार मिला है और पलायन इतिहास की बात हो गयी है।

और चाचाजी स्वाथ्य विभाग बहुत बढ़िया है गाओ में ही डॉक्टर है और सभी दवाइया सरकारी अस्पताल में मिल जाती है।और कोई भी डॉक्टर सरकारी नौकरी करते हुए निजी क्लीनिक नही चलाता है।तथा दवाइयों का दम डॉक्टर की फीस आपने जो तय की है उतने ही लेते है।कोई मरीज़ मर जाता है तो उसे जिंदा बता के ICU में नही रखा जाता है।

और नेपाल में बांध बनवा के आपने बाढ़ की समस्या जड़ से खत्म कर दी है।
बाकी सब ठीक है।लोग तो जानते हुए भी नही जानना चाहते है लेकिन आपने तो नही जानते हुए भी बिहार को जाना है।
आपको हम बिहारियों के सपने का बिहार बनाने के लिए दिल से प्रणाम ।
विशेष चाचाजी अगले खत में ।

आपका प्यारा बेटे समान भतीजा
(निशांत भईया की तरह)

धर्मराज धर्मेंद्र

19/06/2020

भाई लोग मेरे पोस्ट को हज़ार हज़ार लोग देख रहे जबकि मैं कई ग्रुप में हूँ जिसमे 10 हज़ार से अधिक सदस्य है।मेरे पोस्ट से मेरी महत्वकांछा भी झलकती है ।फिर भी मेरा पोस्ट कोई लाइक नही करता है और न कमेंट करता है ।जबकि मैं जितना बड़ा पोस्ट लिखता हूं कि किसी को शुरू में तीन चार लाइन ही दिखेगा और जब वो सी मोर पे क्लिक करेगा तब पूरा दिखेगा।और जबतक लोग सी मोर पर क्लिक नही करेंगे पोस्ट के रीच में उनकी संख्या ऐड नही होगी ।
फिर भी देखिए मेरे हर पोस्ट को 500 से अधिक लोग देखते है करीब करीब हज़ार के आस पास ।यानी लोगो को इंटरेस्टिंग लगता है मेरा पोस्ट तभी तो वो तीन चार लाइन देखने के बाद सी मोर करके पूरा पढ़ते है।
मेरे फेसबुक अकॉउंट में 4800 से अधिक दोस्त है ।बी एड ग्रुप में 1300 से अधिक ।मोतीपुर जहाँ मेरा ससुराल है उस ग्रुप में 11000 से अधिक ।और ऐसे कई ग्रुप से ज़ुरा हुआ हूं जहाँ मैं अपना पोस्ट शेयर करता हूँ।

मेरे अपने खास जाननेवाले 3से 4 हज़ार लोग मुझसे जुड़े हुए है।फिर भी कोई मेरा पोस्ट लाइक नही करता है।जबकि सामने बात होने पर सब मेरे विचार से सहमत होते है।
आपको तो ये अच्छी तरह पता है न कि आपका लाइक कमेंट और शेयर टॉनिक का काम करता है ऐसा पोस्ट लिखने से।तो अगर मेरी लेखनी समसामयिक तथा समाज और राजनीति पर मेरे विचार आपको प्रभावित कर रहे है ।तो आप जिस ग्रुप में है वहाँ से मेरे इस पेज पर क्लिक करे तब मेरा पोस्ट लाइक कॉमेंट और शेयर करे तथा मेरे पेज को भी लाइक करे।
इससे मेरा मनोबल उच्चा होगा और तब मेरी लेखनी और भी उच्ची होगी।
मेरी राजनीतिक महत्वकांछा तो आप जानते ही है।तो जिस समाज की मैं कल्पना करता हूँ ।पूरे दुनिया को एक साथ लाने का वो भी शांति सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए तो आप लोग मेरे पोस्ट को लाइक कमेंट और शेयर करे।
आपकी संख्या और एक जुटता ही इस सपने को सच कर सकती है।न ही तो टुकरो में बंट के और लड़ के हम समाप्त हो जाएंगे।
इसलिए मेरा आपसे विनती है अनुरोध है हाथ जोड़कर इस विचार को जन जन तक पहुंचाइये।ऐसा आप अपने नाम से भी कर सकते है लेकिन किसी एक को आपको लीडर मानना पड़ेगा।और वर्तमान शीर्ष नेतृत्व इसमे कितना सफल है ये तो हम देख ही रहे है।
तो प्लीज मेरे पोस्ट को लाइक कमेंट और शेयर करे ।

धन्यवाद -
आपका - धर्मराज धर्मेंद्र

17/06/2020

"Talent getting इन loss"
सुबह सुबह टहलने निकला अभी घर से चंद कदम की दूरी भी तय नही किया होऊंगा की सामने देखा उस लड़के पर ।बस यूं ही अपनी धुन में खोया हुआ था स्वास्थ्य बनाने के लिए ।यू समझिये की बस अपने मे मगन चार कदम ही चला था कि अपने घर के सामने वो लड़का खड़ा था चेहरा लटकाय ।

मैं तो मानो भौचक ही रह गया ।अभी कुछ साल पहले की बात है हमारे घर के बगल में वो नन्हा सा बालक आया था किराये के मकान में रहने ।तब वो दूसरा में पढ़ता था और उसका बड़ा भाई तीसरी कक्षा में पढ़ता था चिल्ड्रेन pairadise पब्लिक स्कूल में।अपने किराये के मकान में ही प्लास्टिक बॉल और बैट से क्रिकेट खेलते थे।मैं तब इन बच्चों को गौर से देखता रहता था क्योंकि मोहल्ले में नए थे।फिर अपने घर के सामने ही फील्ड यानी हमारा क्रिकेट का प्ले ग्राउंड था ।जहाँ इनलोगो ने मुझे खेलते हुए देखा ।तब मैं पिक पे नही था पर अच्छा खेलता था और सीनियर टीम में था।धीरे धीरे मोहल्ले के बच्चों के साथ ये लोग भी खेलने लगे ।इनकी भी अपनी उम्र के लड़कों की टीम बन गयी और उस टीम में इनके स्कूल के तथा इनकी क्लास में पढ़नेवालों मोहल्ले के लड़कों की टीम बन गयी।

इनका रंग रूप बड़ी शानदार था ।बड़ा भाई रितिक तो अधिक ही स्मार्ट दिखता था ।छोटा थोड़ा शैतान था ।पर मासूमियत झलकती थी।तब मेरे बैच के लड़के ग्रेजुएशन फाइनल कर रहे थे।कई सर्विष में जा चुके थे और कितने पढ़ने या कमाने बाहर जा रहे थे।मेरी उम्र के लोगो ने खोलना छोर दिया तो मैं इनके साथ खेलने लगा।और तब ये जूनियर ही मेरे दोस्तों में थे हम उम्र बराबर नही क्योंकि ये मुझे बड़ा भाई मानते थे।रितिक के पैर में घाव था उसका फ़ोटो भेजा आपरेशन का तो मैं देखने चला गया ।उसी दिन इनकी मा से बात हुई बहुत ही नेक महिला है।गृहणी है तो घर के कामो में ही व्यस्त रहती है।बता रही थी कि घाव नया है चलने की जिद करता है तो मैं डांटा।इसी तरह ऑपेरशन के ताजे जख्म के साथ चलने की गलती कर zeromile शेखपुर ढाब निवाशी महेंद्र चाचाजी कैंसर के शिकार हो चल बसे थे ।इसलिए मैंने कस के डांटा तो वो आराम करने की बात मान गया।उस वक्त से ही बहुत करीब हो गया रितिक और उसका छोटा भाई सुमित।
फिर जब मैं डिप्रेसन में था तब रितिक शाम में रोज आता था मुझसे सवाल पूछने क्योंकि उसको समझ नही आता था और मैं उसको बता देता था ।इस तरह मेरा पहला स्टूडेंट वही था।ऐसे दीदी के स्टूडेंट को भी कुछ कुछ बताया है लेकिन रितिक से भी बहुत लगाव है।और उस वक्त मेरे वचनों की वजह से 5 रैंक भी नही लाने वाला लड़का 1 रैंक वाले से 1 से2 नम्बर से ही पीछे था।

उसी दौर में एक दो साल बाद मैं पैंटोक्रेटर acadmy तुर्की पटना रॉड में पढ़ा रहा था तो कोचिंग खोलने की बात रितिक से किया तब ये तैयार हो गया ।और उसी वक्त सुमित का भी जिक्र किया तो वो बताने लगा स्कूल में उसका परफॉर्मेन्स ।हमेसा 1st रैंक लाता है।तीन कोचिंग करता है स्कूल के अलावे ।बहुत ही जीनियस बच्चा है।मैन भी टटोला तो जान गया कि वो क्या है। हर वर्ष टॉप करता था अपने स्कूल में।
रितिक का मन पढ़ाई में ज्यादा नही लगा तो मैट्रिक में नम्बर कम आये क्योंकि मैट्रिक में उसकी दोस्ती भी कुछ वैसी हो गयी थी।
मगर सुमित से तो पूरे मोहल्ले को उम्मीद थी ।मैट्रिक बोर्ड एग्जाम शुरू हुआ था 2 पेपर निकले ही थे कि लॉक डाउन ।अब एग्जाम कब होगा कुछ पता नही ।होम सेंटर नम्बर एवरेज मार्किंग ।आप सोंच सकते है बेचारे का मनोबल कैसा होगा।पापा उसके गिट्टी बालू का व्यवसाय करते है बहुत अच्छे इंसान है हमसे बराबर बात होती है।इनके चाचाजी भी जमीन कारोबारी है और हमलोगों के घरेलू रिस्ते है बहुत नेक इंसान है सब।
सुमित तो इतना मासूम है कि मैं उसके फ़ोटो पर क्यूट क्यूट कमेंट करता हूँ।
और इतना होनहार लड़का जो IIT जैसे उच्च संस्थानों में जाने का सपना रखता है।और डिज़र्व करता है उसके बोर्ड एग्जाम के समय एवरेज मार्किंग होम सेंटर ।उतना टैलेंटेड बच्चा आप सोंच सकते है उसके दिल पर क्या बित रही होगी ।
और सुमित अकेला नही है ऐसे कितने सुमित है जिसका मनोबल तोड़ने का काम इस बार की महामारी कोरोना में एग्जाम के टलने बोर्ड सेंटर के बदले होम सेंटर और एवरेज मार्किंग कर प्रमोट कर देने से हुआ है।

मैं तो अभी तक यकीन नही कर पा रहा हूँ कि इतना मेधावी बच्चे के साथ नियति ऐसा कैसे कर सकती है।

16/06/2020

चुनाव अपडेट

कहने को नीतीश चाचाजी सोशल इंजीनियर है । और लालू यादव के कथित 15 वर्षो के जंगल राज्य के बाद सुसान बाबू की सरकार बनी ।2005 से 2010 तक ठीक था सब बाहरी तौर पर लेकिन अंदर सुगबुगाहट चल रही थी ।लालू यादव के यादव मुसलमान के साथ साथ पिछड़े जातियो के वोटों के काट में अतिपिछड़े और उच्च जातियों के गठजोर से सरकार बनी ।

और उच्च जाति के पदाधिकारियों और ठेकेदारों के बोलबाला रहा।लेकिन धीरे धीरे संख्या बल और इतिहास में उच्च जातियों द्वारा दबाय जाने के किस्सों ने दोनों में दरार भरने नही दिया ।

और देखते देखते नक्सलवाद फिर से जोर मारने लगा।और इन नक्सलवादियों को कई अतिपिछड़ी जाति के नेताओ का समर्थन प्राप्त है जो नीतीश चाचाजी की पार्टी के बड़े नेता है।हज़ारो हत्याए हुई जिसमें शिवहर में राजपूत जाति को खासकर निशाना बनाया गया।फिर आज़ाद हिंद फौज का गठन हुआ और 10 गुणा नक्सलियों की हत्याए हुई।इन हमलों में यादवो को भी विषेस टारगेट किया गया क्योंकि दबंग की छवि इनकी भी है ।
और देखते देखते पूरे बिहार में यादव मुसलमान के साथ साथ उच्च जाति के लोगो की भी वर्चस्व के लिए हत्या हुई।
इन्ही हत्यायों का परिणाम था कि नीतीश चाचाजी को 2014 लोकसभा चुनाव में 2 सीटे आयी।उसमे भी नालंदा की सीट में 12 बजे तक गिनती मीडिया के बिना हुई थी।
2006 में शिक्षक नियोजन कर वाहवाही लुटनेवाले तथा विकास का मेडल जीतनेवाले बिहार के विकास दर को देश मे नम्बर 1 तक पहुचाने वाले नीतीश चाचाजी ने कई बहालियां की लेकिन सब कांटेक्ट पर अपने वेतन तथा सुविधा से कोई खुस नही है ।सांख्यकी वालो का नियोजन रदद् ।STET परीक्षा रद्द।
इसी तरह हर जगह धांधली भ्रस्टाचार अपराध चरम पर ।समाजवाद शून्य।कोरोना महामारी के समय जब बिहार की जनता को उनकी जरूरत थी बाहर में बिहारियों को सुरक्षित करने तथा इनके सहयोग की तो ये 90 दिनों से घर मे बन्द है।
जात पात और वोट बैंक की कहानी यू है कि लालू चाचाजी पिछडी जाति के नेता थे तब मुकाबला उच्च जाति के नेताओ और पिछड़ी जाति के नेताओ में था।नरसंहारों का वो दौर इतिहास में दर्ज है।जिसमे से भागलपुर जहानाबाद सीतामढ़ी कोदई आरा लक्ष्मणपुर बाथे जैसे कई नाम है।
कथित सुशासन बाबू की सरकार जब नीतीश चाचाजी की बनी थी उसमें उच्च जाति के सारे अपराधी नेता विधायक थे जिनको बिहार के नामी खूंखार में गिना जाता है।लेकिन सरकार सुशासन था क्योंकि कोई बोल नही सकता था।
धीरे धीरे पासा उल्टा पर गया संख्या बल के घमंड में नक्सली पनपे वर्चस्व बढ़ा फिर हत्यायों का दौर और उच्च जाति के नजर से नीतीश चाचाजी के लिए प्रेम खत्म ।
अब राजद के तेजस्वी भइया ने भी पिछड़ी जातियों के साथ साथ वैसे लोगों को अपने साथ जोरन के लिए कहा है जो आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण है।इस तरह उच्च जाति की संख्या कम होने से उनके पास विकल्प ही नही है।
बिहार में रोजगार नही है।विधि व्यवस्था अस्त व्यस्त है अपराध चरम पर है।अधिकारी कर्मचारी अपनी मनमानी करते है ।भ्रस्टाचार बलात्कार लूट हत्या अपहरण छिनतई ठगी सब चरम पर है ।किसान बेहाल है ।रोजगार नही है।कोई भी उद्योग बिहार में 15 सालो में नही हो पाया।शराबबंदी शिर्फ़ कागज पर है जबकि सराब घर घर पहुच रही है।
इस तरह नीतीश चाचाजी को दिया गया तमगा कुर्शी कुमार एकदम सही है।इस बार तो उनका कैडर वोट भूमिहार जाती के नेता सब भी खुएआम लिख रहे है राजद के समर्थन में।और नीतीश चाचाजी का विरोध कर रहे है।लेकिन BJP का समर्थन करते है।और केंद्र में BJP ही चाहते है और बिहार में राजद ।

इस तरह इस बार रुझानों में परम् आदरनिये तेजस्वी भइया जी को मुख्यमंत्री बनने की संभावना अधिक है।

और इन सबमे सिर्फ जातिवाद कूट कूट के भर है।समाजवाद कहि नही है।

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