03/08/2026
मेहनत की जीत
रवि पढ़ाई में कमजोर था। कई बच्चे उसका मज़ाक उड़ाते थे।
उसने हार मानने के बजाय रोज़ मेहनत करने का निश्चय किया।
वह समय पर पढ़ता, शिक्षकों से प्रश्न पूछता और नियमित अभ्यास करता। परीक्षा का परिणाम आया तो रवि अपनी कक्षा में प्रथम पाँच विद्यार्थियों में शामिल था। जो लोग पहले उसका मज़ाक उड़ाते थे, वही अब उसकी प्रशंसा करने लगे। रवि ने समझ लिया कि सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं होता।
सारः लगातार मेहनत और धैर्य से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।