कुछ महत्वपूर्ण सवाल लोकतंत्र पर
१. क्या आप मानते हैं कि देश में लोकतंत्र कायम है?
२. क्या मात्र किसी को वोट डालना ही लोकतंत्र है?
३. क्या जब देश किसी पार्टी को वोट देकर लोकतंत्र
का फर्ज़ निभा रहा होता है ?
४. अगर आपका जवाब हां है, तो क्या आप आश्वस्त
कि यही लोकतंत्र है ?
५.अगर आपका जवाब ना है, तो फिर लोकतंत्र क्या है
?
६. क्या हमारे वोट से किसी एक विचाराधारा या पार्टी
की सरकार नहीं बन रही है ?
६. क्या हम दूसरी, तीसरी या अन्य विचारधारा के
साथ अन्याय नहीं कर रहे है?
७. क्या हम एक राष्ट्र की सरकार बनाने से नहीं चूक
रहे हैं?
८. क्या हम एक राष्ट्रीय सरकार अर्थात लोकतांत्रिक
सरकार नहीं बना सकते जो सिर्फ देशहित में काम
करे ?
९. क्या आप कोई सुझाव दे सकते हैं ? यदि हां, तो
अवश्य दें और देशहित के लिए योगदान दें।
PRAJA PARTY
प्रजा पार्टी अर्थात “ प्रजातांत्रिक ?
Wake up early and fight for FULL DEMOCRACY
Lateral Entry is a kick on back of Young Generation and Democracy
Sampoorna Prajatantra ke liye uthna hoga. Awaaj uthsni hogi
anyatha samapt ho jayega
Kisano ke sath sarkar jyadti kar rahi hai. prajatantra samapt kiya ja raha hai.
आप सब देख रहे है कि ५० दिन से लड़के की सर्दी में किसान अपना भविष्य बचाने के लिए, देश की निरंकुश और भ्रष्ट सरकार से लोहा ले रहे हैं। ५०-६० किसान आंदोलन की भेंट चढ़ गए हैं। आप इस बात से भी सहमत होंगे कि प्रजातांत्रिक तरीके से संघर्ष करने वालों की सरकार कोई परवाह नहीं करती बल्कि उन्हें बेवकूफ और निसहाय समझती है। तरह तरह के नाटक और दबाव डालने के तरीके खोजती रहती है।कोर्ट कचहरी का भी दुरुपयोग करने से नहीं हिचकती।
ऐसे में आप कैसे कह सकते हैं कि ये सरकार प्रजा अर्थात भारत के नागरिकों द्वारा चुनी हुई सरकार है ? इससे यह सिद्ध होता है कि अभी हमारे संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो देशवासियों को गुलाम बनाने और देश विरोधी सत्ता में बैठे लोगों पर अंकुश लगा सके।
इसका एक ही रास्ता है और वह है * सम्पूर्ण प्रजातंत्र *
सम्पूर्ण प्रजातंत्र का अर्थ है "पार्टी विहीन" सरकार। अभी देश में जो हालात चल रहे है और आज़ादी के बाद की कांग्रेस की सरकार की कारगुजारियां जैसे कि "आपतकाल, १९८४ के दंगे, महंगाई और भ्रष्टाचार" आदि और आज की भाजपा सरकार जिस तरह से देश को कॉर्पोरेट के हाथों बेच रही है, देश के संघीय ढांचे को ध्वस्त कर रही है, देश में धार्मिक और जातीय संघर्ष में इंसानों और नारी जाति के साथ जो वीभत्स अत्याचार, रेप और गैंग रेप और हत्याओं का जो नंगा नाच हो रहा है और सरकार हाथ बांध कर तमाशों का लुत्फ उठा रही है, मानवता को शर्मशार कर रही है, बर्दाश्त से बाहर स्तिथि होती जा रही है, उससे देशभक्त नागरिकों का खून अब नहीं खौला तो वह खून नहीं पानी है। देर हो जाने पर अफसोस ही हाथ आएगा।
जोश में भी होश रखते हुए और प्रजातांत्रिक रास्ता अपनाते हुए हमें "सम्पूर्ण प्रजातंत्र" के लिए काम करना चाहिए ताकि इन दुराग्रही शासकों को सत्ता से दूर रख सकें या उनके हाथ कानून अर्थात संवैधानिक बंधन में बांध सकें। यह सब संभव ही नहीं अपितु व्यवहरीय भी है। बस जरुरत है तो सिर्फ शुरुआत की है।
तो आइए मिलकर एक साथ चले और भारत को एक मजबूत प्रजातांत्रिक और समृद्धशाली देश बनाने का संकल्प लें।
जय भारत! जय भारती!!
भारत में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए, शांति स्थापना के लिए, देश को प्रगति पथ पर ले जाने के लिए "सम्पूर्ण प्रजातंत्र" स्थापित करने की तुरंत आवश्यकता है। तो आइए "सम्पूर्ण प्रजातंत्र" के लिए आज ही शुभारंभ करें।
After the recent incident of treating Manisha brutally and policy action being not surprising but an inhuman action by the cruel minds and at the same time high torture of her family by police cops by not allowing them to cremate their beloved heart moving to heavenly abode for ever snatched by so called brave upper cast gundas literally cowered hearts belonging to the same village could not get ashamed of their ill deeds, how they could be true Indians ? It is finally a misdeed of the ruling Government in UP state which is continuously supporting such shameless happenings. I condemn every such cowardly incidents in the states particularly governed by BJP led regimes. The only solution to save DEVAs ( True Indians i.e. Bahujans) from the dirty mindset of RAKSHAs (Harassing and killing DEVAs) and their attempts to weaken India id to keep ill minds from the power. I recommend PRAJA RAAJ instead of PARTY RAAJ. It is just possible and a magic to establish progressing BHARAT. Be ready to change the ruler and not their mindsets. JOIN PRAJA PARTY FOR establishing PRAJA RAAJ. Please like and share to give your support to make PRAJA RAAJ True.
आज भारत में न्याय की उम्मीद करना बेमानी हो गया है। इं
International Day of Democracy
अंतर्राष्ट्रीय लोकतान्त्रिक दिवस
प्यारे साथियो,
जय भीम, नमो बुद्धाय, सत साहब, जय गुरुदेव, सत श्री अकाल और नमस्कार !
आज 15 सितम्बर है, इसे सम्पूर्ण विश्व में “अंतर्राष्ट्रीय लोकतान्त्रिक दिवस” -“International day of democracy” के रूप में मनाया जाता है। 15 सितम्बर का दिन पूरे विश्व में पिछले दस साल से मनाया जा रहा है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है प्रजातन्त्र और उसके सिद्धांतों को बढ़ावा देना। आज यह दिन ‘प्रथम विश्व लोकतंत्र सम्मेलन’ के स्थापना की 20वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है।
इस दिवस को मनाने के लिए सरकारी और गैर सरकारी संगठनों (Organizations) द्वारा लोकतन्त्र के प्रचार-प्रसार के लिए मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न स्तर पर तर्क संगत विचार गोष्ठियाँ, अभियान और प्रैस विज्ञप्तियों का आयोजन करती है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर पूरे विश्व में इसे क्यों मनाया जाता है ? यह हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?
साथियों,
1. लोकतन्त्र हमें वोट का अधिकार देता है। हम अपनी सरकार स्वयं चुनते हैं।
2. किसी अन्य सरकार द्वारा शासित होने की बजाय हम सरकार में अपने प्रतिनिधि चुन कर भेजते हैं जो हमारी आवाज़ बनते हैं।
3. हमारे प्रतिनिधि हमारी जरूरतों व देशहित में अपना पक्ष रखते हैं और नए कानून बनवाते हैं तथा संशोधन भी करवाते हैं।
परिभाषा :
“लोकतन्त्र” रोमन भाषा के दो शब्दों के जोड़ से बना है। लोग (People) और शक्ति (Power) अर्थात लोगों की सत्ता लोकतन्त्र की सबसे बेहतरीन परिभाषा अमरीका के राष्ट्रपति श्री अब्राहम लिंकन ने दी है :-
“लोगों की लोगों द्वारा लोगों के लिए चुनी हुई सरकार”
“Government of the people, by the people and for the people” is a democratic Government.
लोकतन्त्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और विश्व शांति हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य है। इन लक्ष्यो को संविधान में निहित लोकतान्त्रिक तरीके से प्राप्त करना होता है। लोकतन्त्र में सभी निर्णय सामूहिक रूप से विचार विमर्श द्वारा लिए जाते हैं। लोगों की सहमति उनके द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा ली जाती है। राजनीतिक पार्टियां बहुमत हासिल करके सरकार का गठन करती हैं। इस प्रकार प्रत्येक मतदाता सरकार के गठन में अपनी भागीदारी निभाता है। मतदाता की यह ज़िम्मेदारी होती है कि वह एक अच्छी और जिम्मेदार सरकार चुने और उस पर नज़र भी रखे। एक लोकतान्त्रिक सरकार सफलता पूर्वक चले उसके लिए उनका सहयोग भी बहुत जरूरी है। इस देश के मतदाताओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं के बारे में ज्ञान होना अति आवश्यक है। हमारी सरकार लोगों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। यद्धपि हमारे लोकतन्त्र के लिए ढेर सारी सस्याएँ इसके अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा हैं :- उदाहरण के लिए – हमारे देश में जाति आधारित व्यवस्था आज भी विद्यमान है जो लोकतन्त्र के आधार को खाये जा रही है। संविधान और सरकार द्वारा बनाए नियम एवं कानून के अंतर्गत जाति व्यवस्था खत्म करने के लिए प्रयास किए गए परंतु जाति भेदभाव अभी भी जारी है।
भारत में लोकतन्त्र का भविष्य केवल और केवल भारतवासियों पर निर्भर करता है क्योंकि सरकार जो नियम कानून बनाए उन्हे लोगों ने ही व्यावहारिक रूप देना है। भारत की जनता को ही जातिभेद, ईर्षा, धर्म, क्षेत्र और रंग भेद से ऊपर उठ कर निष्पक्ष भाव से रह कर देश को उन्नति की तरफ ले जाना है। आज यह भी सामने आया है कि सरकार ही इस भेदभाव को बढ़ावा दे रही है जो भारत के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
दुनिया में कुल 17 देश ऐसे हैं जो पूर्ण रूप से लोकतान्त्रिक देश हैं परंतु अफसोस है कि उनमें भारत का नाम नहीं है। 53 देश ऐसे हैं जो त्रुटिपूर्ण लोकतान्त्रिक व्यवस्था से चल रहें हैं और उनमें भारत का नाम भी लिया जाता है। शेष सभी देश गैर लोकतान्त्रिक देश हैं। भारत में जो चल रहा है उस पर आगे चर्चा करूंगा, आज बस इतना ही।
जय भीम ! जय भारत !!
आर के सौराण
प्यारे देशवासियों, अब समय आ गया है भारत के डूबते हुये जहाज को बचाने का। आज जो लोग सत्ता में है वे देश को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। इतना ही नहीं कि जो आज हो रहा है उसका कल के लिए क्या परिणाम होगा बल्कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी राज़ देश के लिए हितकर नहीं है। भारत की जनता से अपील है कि अब सही समय है देश की सत्ता की डोर अपने हाथों में लेनी चाहिए। आज जो लोग इवीएम हटाने के लिए ज़ोर लगा रहे हैं वो भ्रम में हैं कि इवीम हटाने से भाजपा हार जाएगी। भाजपा को आज कोई हराने वाला है ही नहीं। अगर लड़ाई लडनी है तो देश में पार्टी राज खत्म करने के लिए लड़ो। पार्टी तंत्र देश के लिए घातक है। पार्टी चाहे काँग्रेस की हो या भाजपा की, देश की बरबादी निश्चित है। जनता राज स्थापित करना हे एक मात्र समाधान है। इसलिए आइये मिलकर आगाज करें कि " पार्टी राज़ हटाओ, जनता राज़ लाओ।" हमें मांग करनी होगी कि सरकार 'जन प्रतिनिधि कानून ' में संशोधन कर 'जनता राज़' स्थापित करे। अगर आप देश को सुरक्षित और जनता को सुखी देखना चाहते हो तो 'जनता राज़' के लिए लड़ाई लड़ने के लिए आगे आयें। जय भारत
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