15/06/2021
तेरे बिना जीना मुश्किल है,
यह तुझे बताना और भी मुश्किल है ।
💕💕
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( We live by chance, we love by choice, we kill by profession.- Indian Army)
15/06/2021
तेरे बिना जीना मुश्किल है,
यह तुझे बताना और भी मुश्किल है ।
💕💕
15/06/2021
मेरी उम्र भी लग जाये उसे,
मेरा सुकून है जिससे ।
😊😊😊😊
#शुप्रभात💕
14/06/2021
प्रेम की भाषा हर कोई समझता है,
चाहे वो इंसान हो या जानवर !!
♥️
गैरों की बात सुनकर,
अपनों से बहस मत करना ।।
😊
खोती हुई चीजें,
हमेशा सुंदर लगती हैं ।।
#शुप्रभात😊
13/06/2021
हमारा इंसान होना कोई बड़ी बात नहीं,
बड़ी बात है हमारे अंदर इंसानियत होना ।।
😊
♥️
😊
लिखने वाले ने क्या खूब लिखा है,
कि जिंदगी जब मायूस होती है तभी महसूस होती है ।।
😊
12/06/2021
#मोहब्बत की बात भले ही करता हो #जमाना,
मगर #प्यार आज भी #माँ से शुरू होता है !!
खोती हुई चीजें,
हमेशा सुन्दर लगती हैं ।
😊😊
11/06/2021
सूबेदार बहादुर सिंह
10 - 01 - 1953 - 11 - 06 - 1999
वीर चक्र (मरणोपरांत)
यूनिट - 12 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इंफैंट्री (JAK LI)
ऑपरेशन - विजय
कारगिल युद्ध 1999
सूबेदार बहादुर सिंह का जन्म 10 जनवरी, 1953 को हुआ था। वह जम्मू जिले के डिगियाना कस्बे के निवासी थे। वर्ष 1971 में वह भारतीय सेना की 12 JAK LI में भर्ती हुए थे।
11 जून, 1999 बटालिक के पॉइंट 5203 पर हमले के लिए सूबेदार बहादुर सिंह की पलटन को लगभग 14'500 फीट की ऊंचाई पर दुश्मन की एक पोस्ट को NEUTRALISE करने का TASK दिया गया।
सूबेदार बहादुर सिंह छिपकर उत्तर दिशा से एक किनारे से दुश्मन पोस्ट के अत्यंत निकट पहुंच गए। यद्यपि दुश्मन किलेबंद बंकरों में हावी स्थिति में था व अच्छी तरह से काबिज था, फिर भी सूबेदार बहादुर सिंह ने निडर होकर प्रत्युतर में फायरिंग की, जिससे दो दुश्मन सैनिक मौके पर ही मारे गए। इसके बाद दोनों और से भीषण गोलीबारी हुई व सूबेदार बहादुर सिंह को गोली लग गई। अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की पूर्णतया अवहेलना करते हुए उन्होंने उपचार के लिए मोर्चे से हटने से मना कर दिया व अपने साथियों की सुरक्षित निकासी के लिए कवर फायर देते रहे वह अंतिम सांस तक दुश्मन पर गोलियां चलाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
सूबेदार बहादुर सिंह ने इस ऑपरेशन में अनुकरणीय साहस एवं दृढ़ संकल्प का परिचय दिया व कर्तव्य के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया था।
सूबेदार बहादुर सिंह को उनकी उत्कृष्ट वीरता, युद्ध की भावना, कर्तव्य के प्रति समर्पण एवं सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत "वीर चक्र" से अलंकृत किया गया।
#जयहिंद🇮🇳
11/06/2021
नादानी की हद जरा देखो तो उन्हें,
मुझे खोकर वो मेरे जैसा ढूंढ रहे हैं ।
😊😊🙈🙈