01/06/2026
दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वाधान में आर्य महिला सेवा समिति द्वारा जहांगीर पुरी के गोरिया पार्क में एक भव्य सामूहिक हवन का आयोजन किया गया। जिसमें सभी ने मिलकर विश्व कल्याण और पारिवारिक सुख-शांति के लिए आहुतियाँ दीं।
01/06/2026
आर्य वीर दल दिल्ली प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित युवाओं के चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का दीक्षांत एवं समापन समारोह कल हंसराज मॉडल स्कूल, पंजाबी बाग में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर आर्य समाज के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा आर्य वीर दल दिल्ली प्रदेश के अनेक आर्य वीर उपस्थित रहे। समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का आह्वान किया गया। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने युवाओं के व्यक्तित्व विकास, चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
29/05/2026
अखिल भारतीय दयानन्द सेवा आश्रम संघ के तत्वावधान में 43वें वनवासी वैचारिक क्रान्ति शिविर का उद्घाटन आज 29 जून 2026 को गुरुकुल रानी बाग में दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली की विभिन्न आर्य समाजों के अधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान धर्मपाल आर्य जी की शादी की वर्षगांठ भी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
26/05/2026
हंसराज मॉडल स्कूल पंजाबी बाग में आयोजित आर्य वीर दल दिल्ली प्रदेश के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में आज जाना हुआ। इस अवसर पर आर्य वीरों को आर्य समाज के जिम्मेदार कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने के संबंध में लंबी चर्चा की। विनय आर्य जी (महामंत्री दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा)
24/05/2026
आर्य वीरांगना दल दिल्ली प्रदेश के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह के ध्वजारोहण का दृश्य, स्वामी प्रणवानंद जी, ठाकुर विक्रम सिंह जी, विनय आर्य जी और आर्य समाज के प्रधान श्री राजेन्द्र वर्मा जी,आर्य वीरांगना दल की संचालिका श्रीमती शारदा आर्य जी एवं प्रशिक्षण के लिए उपस्थित आर्य वीरांगनाएं
23/05/2026
आप सभी को सूचित करना चाहता हूं कि आज हमने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता जी को आर्य समाज शिमला के वार्षिक उत्सव में बतौर मुख्यातिथि के रूप में आमंत्रित किया।
सार्थक चर्चा के बाद राज्यपाल महोदय ने सहर्ष से अपनी सहमति व्यक्त की है की 13 जून को हमारे विद्यालय में मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इसी कड़ी में आर्य समाज शिमला की ओर से सत्यार्थ प्रकाश व आर्य समाज का पटका भेंट स्वरूप प्रदान किया गया।
23/05/2026
दक्षिण भारत में आर्य समाज के कार्यों को और अधिक गतिमान करने के उद्देश्य से आज पुनः मदुरै और तिरुवनवेली आना हुआ। यह इसी सप्ताह की दूसरी यात्रा है। इस अवसर पर आर्य समाज चेन्नई के अधिकारीगण, पांडिचेरी से श्री पीयूष आर्य जी तथा स्थानीय महानुभाव भी उपस्थित रहे।
— विनय आर्य, महामंत्री, दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा
21/05/2026
जम्मू कश्मीर के पहले आर्य कन्या गुरुकुल उधमपुर में लगा स्वाध्याय-योग शिविर
दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में महात्मा रसीला राम वैदिक वानप्रस्थ आश्रम गढ़ी जिब, जम्मू चल रहे स्वाध्याय योग शिविर में दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री विनय आर्य जी, अरुण वर्मा जी, वीरेंद्र सरदाना जी, आर्य केंद्रीय सभा के महामंत्री मुकेश आर्य जी शिविर अध्यक्ष सतीश चड्डा जी एवं जम्मू कश्मीर आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री राजीव सेठी जी तथा अन्य कार्यकर्ताओं महानुभावों के बीच महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा रचित 'आर्योद्देश्यरत्नमाला' के स्वाध्याय हेतु पठन-पाठन में विशेष उद्बोधन हुआ।
20/05/2026
दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के अंतर्गत संचालित आर्य विद्या परिषद से सम्बंधित आर्य विद्यालयों की शिक्षिकाओं की कार्यशाला आज दयानन्द माडल स्कूल आर्यसमाज पटेल नगर में आयोजित हुई ।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर शिक्षा, संस्कार एवं वैदिक मूल्यों पर आधारित शिक्षण पद्धति से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री श्री विनय आर्य जी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज एवं राष्ट्र निर्माण का प्रमुख आधार होता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं वैदिक संस्कारों के विकास हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
20/05/2026
दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में महात्मा रसीला राम वैदिक वानप्रस्थ आश्रम, गढ़ी जिब, जम्मू में स्वाध्याय-योग शिविर का आयोजन किया गया जो कि दिनांक 19 मई से 25 मई 2026 तक चलेगा।
शिविर का शुभारंभ वैदिक विधि-विधान के साथ यज्ञ द्वारा हुआ, जिससे सम्पूर्ण वातावरण वैदिक मंत्रों एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से गुंजायमान हो उठा। इसके उपरांत महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा रचित प्रसिद्ध ग्रंथ ‘आर्योद्देश्यरत्नमाला’ के स्वाध्याय हेतु प्रथम सत्र आयोजित किया गया।
इस प्रथम अध्ययन-सत्र का पठन-पाठन विदुषी आचार्या प्रतिभा परन्थि जी के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उन्होंने उपस्थित शिविरार्थियों को वैदिक सिद्धांतों, आर्य समाज के उद्देश्यों तथा आत्मिक उन्नति के महत्व पर प्रेरणादायक विचार प्रदान किए।