16/09/2026
हार जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं बीजेपी निम्बाहेड़ा नगर परिषद में बोर्ड बनाने में सफल रही इसके लिए उन्हें बधाई, लेकिन यह चुनाव उनकी नीतियों की जीत नहीं बल्कि परिसीमन में विसंगतियों की जीत है। जहां बीजेपी समर्थित कॉलोनी के वार्ड 400 से 700 वोटों तक सीमित रखे गए वहीं कांग्रेस समर्थित वार्डों को 1600 से 3000 वोटों का कर दिया गया मतलब जितने वोटों से कांग्रेस का एक पार्षद जीता है उतने वोटों में बीजेपी के चार पार्षद जीत कर आ गए।
इसके बावजूद बीजेपी को पूरे निम्बाहेड़ा नगर परिषद क्षेत्र में कांग्रेस से केवल 47 वोट ही अधिक प्राप्त हुए जो कांग्रेस के प्रति जनता के विश्वास को इंगित करता है। कांग्रेस को कुल 21660 वोट मिले तो बीजेपी को 21707 वोट मिले, जबकि गत नगर पालिका चुनाव 2019 में जब कांग्रेस का बोर्ड बना था तो कांग्रेस को नगर पालिका क्षेत्र से 5900 से अधिक वोटों की बढ़त प्राप्त हुई थी।
यह हमारी हार का बहाना नहीं है, जनता के सामने सच्चाई को लाना हमारा फर्ज है। यह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर वार्ड सीमांकन में की गई विसंगतियां है जिसे कांग्रेस द्वारा उस समय अधिकारियों एवं पत्रकारों के समक्ष उठाया भी गया था परंतु सक्षम अधिकारियों ने इसकी कोई सुध नहीं ली।
हम कांग्रेस की पराजय को स्वीकार करते हैं और आज ही यह प्रण लेते हैं कि आने वाले विधानसभा चुनाव में नगर परिषद क्षेत्र से भाई साहब उदयलाल जी आंजना को 1500 वोटों से अधिक की लीड दिलाएंगे एवं नगर परिषद चुनाव 2031 में निम्बाहेड़ा नगर परिषद में 35 से अधिक वार्ड जीतकर कांग्रेस का बोर्ड बनाएंगे।