बरेली में UP पुलिस ने राकेश टिकैत को रोकने की कोशिश की पर किसानों की भीड़ और इरादे देख कर जाने दिया, आधी रात लखीमपुर खीरी पहुचेंगे
India is an agricultural country
India is an agricultural country, so farmers have great importance in India. ... It is also called Krishak. Farmers in India m
He works in the fields and produces grains throughout the day in the sun, in the summer, in the rain or even in the cold winter.
28/12/2020
किसान भी पेट्रोल कंपनियों से पेट्रोल डीजल सीधे खरीदना चाहते है।बीच के बिचोलिया खत्म करो
35 रु मै पैट्रोल 25 रु मै डीजल दो
02/12/2020
नई दिल्ली: पिछले चार दिनों से दिल्ली कूच करने की कोशिश कर रहे किसान अपने आंदोलन को लेकर अडिग हैं. किसानों के 'दिल्ली चलो' आंदोलन के तहत हजारों की तादाद में किसान दिल्ली की कई सीमाओं पर जमे हुए हैं और दिल्ली में प्रवेश कर रामलीला ग्राउंड पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जहां उन्हें केंद्र की मोदी सरकार के किसान कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना है, लेकिन हरियाणा की सरकार और दिल्ली पुलिस की तरफ से उन्हें रोके जाने की खूब कोशिशें की जा रही हैं. किसानों ने गृहमंत्री अमित शाह की सशर्त बात करने की पेशकश भी ठुकरा दी है, जिसके बाद शाह ने बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ रविवार देर रात बैठक की है.
02/12/2020
#निहत्थो_पर_वार_मोदी_का_प्यार___?
मोदी, जनता आयी आपके द्वार,
आप छोड़ भागे घर द्वार......
प्यार का दीप तो.....
दिल्ली में भी ज़ला सकते थे...
किसानों की सुनकर भी, बनारस जा सकते थे..
ये ज़ो श्रद्धालु दिल्ली, आपसे मिलने आये है.....
इनके दिल में भी प्यार का, दीप जला सकते थे.....?
ये देशवासी है,इनको सीने से लगा सकते थे.....??
आपने इनकी बरसों से लगी वो मट्टी......
वो धूल वाटर केनन से धो डाली..........
बची जो धूल थोड़ी सी वो लाठी चार्ज में उड़ा डाली .....
ज़ो थोड़ी गंदगी आंखों में बरसों से रहती थी....
तेरे आश्रु गैस के गोलो ने वो भी साफ़ कर डाली ....?
हम आये है निहत्थे फिर भी मिलना क्यों नहीं चाहते.....?
ये खेती का ज़ो काला कानून है..क्यों नहीं बदल देते....
अगर यह देश हित में था, तो बतलाओ हमें आकर,
तुम हम से बात करने में भला, क्यों हो कतराते....??
तुम से मिलने की चाहत में.........
खुले आकाश के नीचे कई सर्द राते गुज़ारी है....
तुम महलों में समय काटो.......
हमें यह धरती प्यारी है.........
सताया है बहुत तुमने मगर यह याद रख लेना..
सताना गरीब को ऐक दिन पड़ता बहुत भारी है..
©️®️
सिख आंदोलन किसान काला
कानून के विरोध में सभी भाइयों के
सहयोग को समर्पित दिल ❤️की आवाज़.
02/12/2020
भारत संरचनात्मक दृष्टि से गांवों का देश है, और सभी ग्रामीण समुदायों में अधिक मात्रा में कृषि कार्य किया जाता है इसी लिए भारत को भारत कृषि प्रधान देश की संज्ञा भी मिली हुई है। लगभग 70% भारतीय लोग किसान हैं। वे भारत देश के रीढ़ की हड्डी के समान है। खाद्य फसलों और तिलहन का उत्पादन करते हैं। वे वाणिज्यिक फसलों के उत्पादक है। वे हमारे उद्योगों के लिए कुछ कच्चे माल का उत्पादन करते इसलिए वे हमारे राष्ट्र के जीवन रक्त है। भारत अपने लोगों की लगभग 60 % कृषि पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निर्भर भारतीय किसान पूरे दिन और रात काम करते है। वह बीज बोते है और रात में फसलों पर नजर रखते भी है। वह आवारा मवेशियों के खिलाफ फसलों की रखवाली करते। वह अपने बैलों का ख्याल रखते है। आजकल, कई राज्यों में बैलों की मदद से खेती करने कि संख्या लगभग खत्म हो गई हैं और ट्रैक्टर की मदद् से खेती कि जाती है। उनकी पत्नीय़ॉ और बच्चों उनके काम में उनकी मदद करते है।
इसके अलवा बहुत कुछ जानेंगे कि क्यों भारत एक कृषि प्रधान देश है?
(1)भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 51 फीसदी भाग पर कृषि, 4 फ़ीसदी पर पर चरागाह, लगभग 21 फीसदी पर वन और 24 फीसदी बंजर और बिना उपयोग की है.
(2) देश की कुल श्रम शक्ति का लगभग 52 फीसदी भाग कृषि और इससे सम्बंधित उद्योग और धंधों से अपनी आजीविका चलता है.
(3) 2004-2005 में भारत के निर्यात में कृषि और सम्बंधित वस्तुओं कानुपात लगभग 40 फीसदी रहा.
(4) विश्व में चावल उत्पादन में चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान है. भारत में खाद्यान्नों के अंतर्गत आने वाले कुल क्षेत्र के करीब 47 फीसदी भाग पर चावल की खेती की जाती है.
(5) विश्व में गेंहू उत्पादन में चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान है. देश की कुल कृषि योग्य जमीन के लगभग 15 फीसदी भाग पर गेंहू की खेती की जातीहै ।
(6) देश में गेंहू के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान है, जबकि प्रति हेक्टेयर उत्पादन में पंजाब का प्रथम स्थान है.
(7) हरित क्रांति का सबसे अधिक प्रभाव गेंहू और चावल की कृषि पर पड़ा है, परंतु चावल की तुलना गेंहू के उत्पादन में अधिक वृद्धि हुई.
(8) भारत में हरित क्रांति लाने का श्रेय डॉक्टर एम एस स्वामीनाथन को जाता है. भारत में हरित क्रांति की शुरुआत 1967-1968 में हुई.
(9) प्रथम हरित क्रांति के बाद 1983-1984 में द्वितीय हरित क्रांति की शुरुआत हुई, जिसमें अधिक अनाज उत्पादन, निवेश और किसानों को दी जाने वाली सेवाओं का विस्तार हुआ.
(10) तिलहन प्रौद्योगिकी मिशन की स्थापना 1986 में हुई.
(11) भारत विश्व में उर्वरक (फर्टिलाइजर) का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश है.
(12) पोटाशियम फर्टिलाइजर का पूरी तरह आयात किया जाता है.
(13) आम, केला, चीकू, खट्टे नींबू, काजू, नारियल, काली मिर्च, हल्दी के उत्पादन में भारत का स्थान पहला है.
(14) फलों और सब्जियों के उत्पादन में भारत का स्थान दुनिया में दूसरा है।
02/12/2020
https://www.facebook.com/469669226846534/posts/1009370156209769/
किसान आंदोलन: गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे भीम आर्मी चीफ और पप्पू यादव पंजाब-हरियाणा और यूपी के किसान विरोध कर लगातार आंदोलन छेड़े हुए हैं.
The gross irrigated area is 7.442 million hectare and the percentage of net irrigated sown area is 96.17%. The total number of land holdings are 10.93 lakh out of which 2.04 lakh (18.7%) are marginal farmers, 1.83 lakh (16.7%) small farmers and 7.06 lakh (64.6%) farmers hold land above 2 hectare .
02/12/2020
02/12/2020
भारत संरचनात्मक दृष्टि से गांवों का देश है, और सभी ग्रामीण समुदायों में अधिक मात्रा में कृषि कार्य किया जाता है इसी लिए भारत को भारत कृषि प्रधान देश की संज्ञा भी मिली हुई है। लगभग 70% भारतीय लोग किसान हैं। वे भारत देश के रीढ़ की हड्डी के समान है। खाद्य फसलों और तिलहन का उत्पादन करते हैं।
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