श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट - रजि.

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08/03/2021

प्रस्तावित टीवी चैनल्स : 1. *सनातन टीवी*, 2. *सर्व-धर्म संगम टीवी*, 3. *अध्यात्म टीवी*, 4. दर्शन-24, 5. ईश्वर टीवी,
6. *साधना टीवी*, 7. श्रद्धा टीवी, 8. सत्संग टीवी, 9. दिव्य टीवी, 10. दिशा टीवी, 11. सुदर्शन टीवी, 12. सरगम टीवी

CONCEPT NOTES: भारत की प्रतिभा The Talent of India (Exploring the Stars…)
संकल्पना : टीवी शो “भारत की प्रतिभा”
ॐ सनातन ॐ OM Sanatan OM
II जय जय जय श्रीराम II

प्रिय दर्शक साथियो,
भारतीय सनातन संस्कृति के प्रचार व प्रसार हेतु “श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट (रजि.)” के सर्वश्रेष्ठ सदस्यों द्वारा निर्मित अनूठे टीवी कार्यक्रम “भारत की प्रतिभा” में आपका हृदय से स्वागत है...

प्रिय शुभचिन्तको !!!
आज इस अनोखे टीवी शो/ कार्यक्रम को पहली बार देख रहे जिज्ञासु साधक दर्शकों को यह बता दें कि “भारत की प्रतिभा” को वर्गीकृत करते हुए हम सोमवार को “कौन बनेगा भजन सम्राट ?”, मंगलवार को “शिक्षा के स्तम्भ”, बुधवार को “हमारे प्रेरणा स्रोत”, गुरुवार को “नज़रिया” (एक दृष्टिकोण...), शुक्रवार को “अंतर्द्वंद” (बेजुबान बातें...), शनिवार को “जीवन के रहस्य” और रविवार को “विविधा” या “स्मृति अरण्य” शीर्षक के लिए “श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट (रजि.)” में प्रशिक्षित कलाकारों/ मीडियाकर्मियों की अनछुई प्रस्तुतियों को देखते हैं...

ॐ सनातन ॐ के निरूपण और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्रीराम चन्द्र जी के द्वारा निर्दिष्ट आदर्शों के व्यवहारिक पहलुओं के रेखांकन में अग्रणी टीवी शो / कार्यक्रम “कौन बनेगा भजन सम्राट ?” में आपका आध्यात्मिक स्वागत है...
इस कार्यक्रम के अन्तर्गत आप अलग-अलग विषयों पर “भजन-सिमरन” से सन्दर्भित एस.एल.सी.पी.एल. प्रोडक्शन्स की शोधपरक अनुपम प्रस्तुतियाँ देखते हैं...

कार्यक्रम के निर्माण की विधि (रूपरेखा)
1. कौन बनेगा भजन सम्राट Kaun Banega Bhajan Samraat ? :-
जब प्रभु की याद में जीवात्मा “भजनमय” हो जाता है तब आत्मा अपना प्रथम साक्षात्कार करती है, अर्थात “स्वचेतना” द्वारा अपने परम से एकाकार करती है; तात्पर्य परमात्मा के समस्त कार्यों में स्वयं की सहभागिता अनुभव करते हुए "प्रेम" में सराबोर हो जाती है और "लोक कल्याण" के लिए स्वयं को समर्पित कर देती है...
इस टीवी शो/ कार्यक्रम के निर्माण हेतु सर्वप्रथम हम “भारत की प्रतिभा” शीर्षक के अन्तर्गत सम्पूर्ण भारतवर्ष के समस्त प्रकार के आध्यात्मिक/ धार्मिक / तीर्थ स्थलों तथा शैक्षणिक संस्थानों में वर्गानुसार व कक्षावार अध्ययनरत छात्र/ छात्राओं की अभिरुचियों के अनुकूल विविध ‘ज्ञान और कौशल’ पर आधारित निम्नलिखित प्रतियोगिताओं के प्रतिभागी के रूप में चयन के लिए प्रथम प्रदर्शन-परीक्षण (ऑडिशंस) आयोजित कर रहे हैं एवं चयनित प्रतिभागियों के बीच उनकी आयुवर्ग के अनुसार प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है और विभिन्न टीवी चैनल्स पर प्रसारण योग्य समस्त गतिविधियों को कैमरे में कैद (शूट) भी किया जा रहा है तदुपरान्त जिसका मूल्याँकन भजन के सर्वश्रष्ठ विश्लेषकों द्वारा किया जाएगा...

*सञ्चालित प्रतियोगिताएँ*
1. लेखन :- “भजन”, चौपाई, दोहा, सोरठा, छन्द, मुक्तक, कविता, ग़ज़ल, रुबाई, गीत, लोकगीत, राष्ट्रीय गीत, अभिनय गीत, फ़िल्मी गीत, कहानी, चुटकले, नाटक, ड्रामा, संस्मरण, समाचार, भाषण, निबन्ध, उपन्यास, रेडियोवाणी और टीवी शो/ कार्यक्रम के लिए विविध लेखन के साथ-साथ फ़िल्म कहानी, फ़िल्म पटकथा, संवाद, आदि का लेखन परीक्षण...
2. गायन :- “भजन”, कविता, ग़ज़ल, राष्ट्रीय गीत, लोकगीत, गीत, अभिनय गीत, फ़िल्मी गीत आदि का स्वर परीक्षण...
3. वादन :- हारमोनियम, गिटार, की-बोर्ड, ड्रम, तबला, ढोलक, मंजीरा, खंजड़ी, बाँसुरी व बीन आदि उपलब्ध वाद्ययंत्रों को बजाने का परीक्षण...
4. नृत्य :- भारतीय सनातन संस्कृति के अनुसार स्वीकृत “भजन-संकीर्तन”, भारतीय शास्त्रीय नृत्य (भरतनाट्यम), लोक नृत्य, फ़िल्मी नृत्य व नृत्य नाटिका आदि विभिन्न नृत्य की विधाओं में नृत्य परीक्षण...
5. अभिनय :- रंगमँच, टीवी सीरियल्स और फिल्मों आदि में प्रयुक्त विभिन्न विधाओं में अभिनय की क्षमता का परीक्षण...

नोट :- उपरोक्त परीक्षणों में चयनित प्रतिभागियों को “श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट (रजि.)” के माध्यम से प्रतियोगिता के लिए तैयार किया जा रहा है; तथा उनकी रूचि के अनुकूल विधाओं में अर्जित “ज्ञान और कौशल” को उनकी सामर्थ्य, शक्ति व क्षमता के आधार पर उनकी प्रतिभा को शीर्षतम बिन्दु तक उभारने हेतु यथासम्भव ‘शिक्षण एवं प्रशिक्षण’ कार्य के साथ-साथ उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, आउटडोर मीडिया व सम्बन्धित वेबसाइटों आदि के द्वारा जन-जन तक पहुँचाया भी जा रहा है...

*सदस्यता / दानराशि*
1. *500/- प्रतिभागी परीक्षण हेतु किसी एक टीवी प्रतियोगिता में शामिल छात्र/ छात्राओं के लिए
2. *1,000/- प्रतिभागी परीक्षण हेतु किसी एक टीवी प्रतियोगिता में शामिल सामान्य जन के लिए
3. *5,000/- प्रतिभागी परीक्षण हेतु किसी एक टीवी प्रतियोगिता में शामिल मण्डली के लिए

2. शिक्षा के स्तम्भ :-
शिक्षा हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है... आत्म-निरीक्षण द्वारा आत्म-परिष्कार का नाम ही आत्म-शिक्षण है... आत्म-शिक्षण द्वारा हम स्वधर्म एवं स्वमार्ग का निर्धारण करते हैं... इसके लिए यह आवश्यक है कि हम बाहर देखना बन्द करें और भीतर की ओर देखें- परिधि से केन्द्र की ओर जाएँ, बौद्धिकता से हटकर बुद्धि का मार्ग अपनाएँ; तभी यह सम्भव होगा कि हमारा दृष्टिदोष दूर हो और हमारी गतिविधियाँ रचनात्मक एवं संश्लेषण विधायक बन जाएँ...
इस टीवी शो/ कार्यक्रम के निर्माण हेतु सर्वप्रथम हम “भारत की प्रतिभा” शीर्षक के अन्तर्गत सम्पूर्ण भारतवर्ष के समस्त प्रकार के शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षण कार्य कर रहे शैक्षिक संस्थानों के मालिकों, प्रधानाचार्यों, प्राचार्यों, प्रवक्ताओं व शिक्षकों आदि का पूर्व निर्धारित प्रश्नावली के आधार पर साक्षात्कार शूट करते हैं, तथा भारतीय सनातन संस्कृति के संवर्धन से सन्दर्भित वार्तालाप और दृश्य-श्रव्य सामग्री का चयन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके लौकिक व अलौकिक योगदान एवं सकारात्मक अनुभवों को इस कार्यक्रम का हिस्सा बनाते हैं ताकि उनके इस अभूतपूर्व शैक्षिक उन्नयन से समस्त जगत लाभान्वित होकर अपना लोक कल्याण कर सके ...

नोट :- सम्पूर्ण भारतवर्ष के समस्त प्रकार के शैक्षणिक संस्थानों में “श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट (रजि.)” के माध्यम से वर्तमान में संचालित शिक्षण नीति व प्रबन्धन व्यवस्था का अध्ययन किया जा रहा है; तथा अध्यापकों के सुरूचिपूर्ण अर्जित “ज्ञान और कौशल” के द्वारा उनकी सामर्थ्य, शक्ति व क्षमता के आधार पर उनकी अप्रतिम प्रतिभा को शीर्षतम बिन्दु तक रेखाँकित करते हुए उनके उत्कृष्ट ‘शिक्षण एवं प्रशिक्षण’ कार्य-प्रदर्शन को यथासम्भव प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, आउटडोर मीडिया व सम्बन्धित वेबसाइटों आदि के द्वारा जन-जन तक पहुँचाया भी जा रहा है...

*सदस्यता / दानराशि*
1. *11,111/- (टीवी प्रतियोगिता में शामिल विद्यालयों की टेलीफिल्म निर्माण हेतु)
2. *1, 11,111/- (अन्य विद्यालयों की टेलीफिल्म निर्माण हेतु)

3. हमारे प्रेरणा स्रोत Hamare Prerna Srot :-
आचरण का प्रेरक है संकल्प और संकल्प का स्रोत है स्वप्न ... श्रेष्ठ स्वप्न के लिए आवश्यक है कि हम श्रेष्ठ आदर्श की परिकल्पना करें तथा तदनुसार अपने आचरण की पद्धति को निर्धारित करें... जो व्यक्ति वर्तमान में जीने की कला जानता है, वर्तमान उसी का होता है... हम उसको कर्मभूमि मानते हैं जिसका स्वरूप हमारे स्वप्नों के अनुसार निर्मित होता है और अतीत जिसको नींव प्रदान करता है... मनोविज्ञान के मनीषियों एवं आत्मज्ञान के साधकों का कथन है कि समस्त ज्ञान हमारे मन में निवास करता है... जिस प्रकार जल सिंचन द्वारा मेदिनी में निहित सुगन्ध प्रकट हो जाती है, उसी प्रकार जीवन और जगत के साथ जागरूक संस्पर्श एवं सम्पर्क द्वारा हमारा अन्तर्निहित ज्ञान प्रकट हो जाता है और हमको तदनुसार आचरण करने की प्रेरणा प्राप्त होती रहती है...
इस टीवी शो/ कार्यक्रम के निर्माण में हम ऐसे महापुरुषों की जीवनियों को शामिल करते हुए उनके जीवन-वृत्त पर आधारित साक्षात्कार प्रस्तुत करते हैं, जिनके जीवन का मूल उद्देश्य जनता का सामाजिक, साँस्कृतिक, शैक्षिक, बौद्धिक, रचनात्मक एवं कलात्मक उन्नति करना है; तथा वे सदैव प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में यथेष्ट सहयोग तथा शिक्षा के उत्तरोत्तर विकास हेतु “कौशल विकास योजनाओं” के आयोजन एवं सञ्चालन को प्रोत्साहित करते रहते हैं...

नोट :- “श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट (रजि.)” के मीडिया कार्य में प्रशिक्षित सदस्यों द्वारा सम्पूर्ण भारतवर्ष के समस्त प्रकार के शैक्षणिक और कार्मिक संस्थानों में भ्रमण करके अपने “ज्ञान और कौशल” से उनकी सामर्थ्य, शक्ति व क्षमता के आधार पर उनकी अप्रतिम प्रतिभा को शीर्षतम बिन्दु तक रेखाँकित करते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों को यथासम्भव प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, आउटडोर मीडिया व सम्बन्धित वेबसाइटों आदि के द्वारा जन-जन तक पहुँचाया भी जा रहा है...

*सदस्यता / दानराशि*
1. *11, 11,111/- (टीवी कार्यक्रम के लिए प्रमुख प्रायोजक के रूप में शामिल व्यक्ति विशेष/ संस्थान हेतु)
2. *1, 11,111/- (टीवी कार्यक्रम के लिए सामान्य प्रायोजक रूप में शामिल व्यक्ति विशेष/ संस्थान हेतु)

4. नज़रिया/ एक दृष्टिकोण Nazariya/ Ek Drishtikon :-
जो व्यक्ति अपने जीवन को उन्नत, सार्थक एवं विकसित करना चाहता है उसको निम्नलिखित संकल्प लिखकर अपने सामने रखना चाहिए- “मैं पूरी ईमानदारी और सच्चाई के साथ जीवन जीना चाहता हूँ तथा चाहता हूँ कि मेरे जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन हो जाएँ... मैं अपनी सम्पूर्ण शक्ति, सामर्थ्य एवं क्षमता इस उद्देश्य की पूर्ति में लगा दूँगा... जीवन मेरे लिए मात्र एक मोमबत्ती न होकर प्रकाशवान मशाल है... मैं चाहता हूँ की यह मशाल सदैव प्रकाशित एवं प्रकाशवान रहे... मेरा जीवन जब सुशीलता की ओर स्वयमेव ढलक जाएगा, तब मैं समझूँगा कि वह स्वार्थ सम्बन्धों के सँकुचित वायुमण्डल से ऊपर उठ गया है और उसका नवीनीकरण हो रहा है...”
इस टीवी शो/ कार्यक्रम के निर्माण हेतु हम विश्व के समस्त आचार्यों, गुरुओं, धर्मगुरुओं और आध्यात्मिक गुरुओं के साथ-साथ समाज में अपना अमूल्य योगदान देने वाले साधुजनों, सन्तों व महात्माओं आदि महापुरुषों के जीवन के प्रति “नज़रिया” (एक दृष्टिकोण...) का विश्लेषण करते हैं, जिनके अर्जित अनुभव व उपलब्धि से सृजित प्रेरणादायी टीवी कार्यक्रम असंख्य जन-मानस को लाभान्वित करते हुए चिरकाल तक पथ-प्रदर्शन करते रहेंगे...

नोट :- मानव जाति के उत्थान के लिए व्यक्तिगत व संस्थागत रूप से सामाजिक, साँस्कृतिक, शैक्षिक, बौद्धिक, रचनात्मक एवं कलात्मक कार्यों का विवरण विस्तार या सूक्ष्म स्वरूप में प्रदान कर हमें अपना गौरवमयी इतिहास लिखने में अपनी सक्रिय भूमिका प्रदान करने वाले प्रेरक महानुभावों व महापुरुषों की “ज्ञान और कौशल” से परिपूर्ण “स्वचेतना” पर तथ्यपरक जानकारी “श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट (रजि.)” के मीडिया कार्य में प्रशिक्षित सदस्यों द्वारा उनकी सामर्थ्य, शक्ति व क्षमता के आधार पर उनकी अप्रतिम प्रतिभा को शीर्षतम बिन्दु तक रेखाँकित करते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों को यथासम्भव प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, आउटडोर मीडिया व सम्बन्धित वेबसाइटों आदि के द्वारा जन-जन तक पहुँचाया भी जा रहा है...

*सदस्यता / दानराशि*
1. *11,111/- (टीवी कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक किसी भी सम्मानित व्यक्ति के लिए)
2. *1, 11,111/- (टीवी कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक किसी भी सम्मानित संस्थान के लिए)

5. अंतर्द्वंद / बेजुबान बातें Antardwand/ Bejuban Baaten :-
मनस:, वाच: व कर्मण: व्यक्तित्व को पूर्णत: प्रदान करने वाली संश्लेषणात्मक शक्तियों को मूल्य कहा जाता है... वर्तमान काल में युवावर्ग में व्याप्त दिशा-हीनता को लक्ष्य करके बीसवीं शताब्दी के अवतार वैज्ञानिक डॉ. अलबर्ट आइन्स्टीन ने एक बार कहा था, “यह सर्वथा अनिवार्य है कि हमारे विद्यार्थी जीवन-मूल्यों के प्रति स्पष्ट समझदारी और भावात्मक लगाव प्राप्त करें... हमारे युवावर्ग के मन में ‘सत्य और शिव’ के प्रति सर्वथा स्पष्ट ग्रहणशीलता होनी चाहिए, अन्यथा अपने विशिष्ट ज्ञान की गठरी को लेकर वह एक संश्लिष्ट व्यक्तित्व प्राप्त मानव न समझा जाकर वह भली प्रकार प्रशिक्षित कुत्ते के समान ही समझा जाएगा...”
इस टीवी शो/ कार्यक्रम के निर्माण हेतु जो विद्वान् एवं विदुषी अपने ‘ज्ञान और कौशल’ को मानव जाति के उत्थान के लिए “भारत की प्रतिभा” जानते/ समझते/ मानते हुए यथोचित सम्मान के साथ उसको जन-जन तक पहुँचा कर सार्वकालिक और सार्वभौमिक सर्वोत्तम विधि से वर्ष 2022 तक भारत को “विश्व गुरु” के रूप में रेखाँकित करने में अपना अमूल्य योगदान देना चाहते हैं तथा शिक्षा के प्रचार-प्रसार के कार्यक्रमों को करना व करवाना अपना “नैतिक-धर्म” समझते हैं, मुख्यतः उनके मानव-मूल्यों को वर्तमान में अंगीकार करने योग्य तरीके से “मिशन व्यवहारिकता” के तौर पर निरूपित करते हुए हम उनका व्यक्तिगत व संस्थागत रूप से सामाजिक, साँस्कृतिक, शैक्षिक, बौद्धिक, रचनात्मक एवं कलात्मक कार्यों का विवरण विस्तार या सूक्ष्म स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं...

नोट :- “श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट (रजि.)” के मीडिया कार्य में प्रशिक्षित सदस्यों द्वारा सम्पूर्ण भारतवर्ष की सर्वोच्च प्रतिभाओं का आकलन व संकलन करते हुए उनके स्वकार्यों के आधार पर उनकी अप्रतिम प्रतिभा को शीर्षतम बिन्दु तक रेखाँकित करते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों को यथासम्भव प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, आउटडोर मीडिया व सम्बन्धित वेबसाइटों आदि के द्वारा जन-जन तक पहुँचाया भी जा रहा है...

*सदस्यता / दानराशि*
1. *1,111/- (टीवी कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक किसी भी सम्मानित व्यक्ति के लिए)
2. *11,111/- (टीवी कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक किसी भी सम्मानित संस्थान के लिए)

6. Mystery of Life जीवन के रहस्य :-
इक्कीसवीं सदी के महानायक और “श्री बाला जी महाराज़” (हनुमान स्वरूप) के प्रस्तोता “स्वामी आकाशानन्द जी महाराज़” के अनुसार, शान्ति: की खोज में मूर्ख प्राणी इधर से उधर भटकता रहता है जबकि वह तो सदैव उसके मूल में ही विद्यमान रहती है; वस्तुतः आवश्यकता है तो केवल उसे अपने चछुओं से देखने की, वह स्वत: ही नज़र आ जाएगी... चछुनेत्र वह ज्ञानेंद्रीय है जिससे प्राणी अपने अन्तर्मन में झाँककर देख सकता है... इसके लिए प्राणी का शान्तचित्त होना अपेक्षित है और शान्तचित्त के लिए आवश्यक है एकाग्रता और कल्पनाशीलता की पृष्ठभूमि जो प्राणी को शून्य में पहुँचने व सोचने-समझने और क्रियान्वयन में बल प्रदान करती है...
“मूल” अर्थात हृदय को स्पर्श करना प्रत्येक प्राणी के वश की बात नहीं है, जिसने स्वयं, स्वमेव द्वारा अपने ही हृदय-रुपी सागर की गहराई को माप लिया हो, उसमें भरे असीम खजाने को दृष्टिभूत कर लिया हो तो उससे महान इस सँसार में कोई अन्य नहीं; बशर्ते वह सच्चे मन से फिर उनका अनुशरण व अनुकरण भी करे...
सच्चे हृदय की सच्ची आवाज सुनकर अनुशरण द्वारा उससे प्रदत्त मार्ग पर चलकर प्राणी “परमात्मा” तक पहुँच सकता है क्योंकि वह कहीं और नहीं बल्कि प्रत्येक प्राणी के ‘मूल’ में ही सदैव विद्यमान रहता है...
जब सच्चे निश्छल मूल की घन्टी (आत्मा की आवाज) श्रोता सुनकर उस मूल में दृष्टिपात करता है तो उसे कुछ और नहीं वरन स्वयं परमात्मा (परम+आत्मा) अर्थात शुद्ध और सही आत्मा के विराट स्वरूप के दर्शन होते हैं; जिसे साधारणतय: प्राणी अपना ईष्ट या भगवान् जानता/ समझता/ मानता है...
जब उक्त घटनाक्रम रहस्योद्घाटित होता है, तब प्राणी को अपने ही कई रूप दिखाई देते हैं जिनमें सामान्यत: दो पक्ष होते हैं... एक पक्ष में साकार (प्राणी रूप) तथा दूसरे में स्वयं उसकी परम-आत्मा अर्थात ईष्ट के विभिन्न स्वरूप होते हैं...
ऐसी स्थिति में प्राणी को शान्ति: प्राप्त होती है... यही स्वमेव द्वारा शान्ति: की खोज है...
पूर्व नियोजित परमात्मा के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप-स्वरूप को उजागर करने में समर्थ सोमवार को “कौन बनेगा भजन सम्राट ?”, मंगलवार को “शिक्षा के स्तम्भ”, बुधवार को “हमारे प्रेरणा स्रोत”, गुरुवार को “नज़रिया” (एक दृष्टिकोण...), शुक्रवार को “अंतर्द्वंद” (बेजुबान बातें...) से उपजे मानव-मूल्यों के मूल्याँकन से प्रस्फुटित होकर साँसारिक व आध्यात्मिक रूप से प्रतिपादित और उद्गाटित सहज “ज्ञान और कौशल” को हम टीवी शो/ कार्यक्रम “जीवन के रहस्य” के रूप में प्रस्तुत करते हैं...

नोट :- “श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट (रजि.)” के मीडिया कार्य में प्रशिक्षित सदस्यों द्वारा सम्पूर्ण विश्व के “सनातन-दर्शन” के पश्चात मानव-मूल्यों के मूल्याँकन से प्रस्फुटित होकर साँसारिक व आध्यात्मिक रूप से प्रतिपादित और उद्गाटित सहज “जीवन के रहस्य” का आकलन व संकलन करते हुए यथोचित उपलब्ध माध्यमों से सभी जीवात्माओं तक यथारूप में यथासम्भव प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, आउटडोर मीडिया व सम्बन्धित वेबसाइटों आदि के द्वारा जन-जन तक पहुँचाया भी जा रहा है...

7. विविधा Vividha / TV Serial Smrati Aranya स्मृति अरण्य :-
सम्पूर्ण सृष्टि में केवल भारत-भूमि ही "सनातन-ज्ञान" का केन्द्र-बिन्दु है, जहाँ से विविध तरंगें उठती रहती हैं और ध्यानस्थ जिज्ञासुओं तक पहुँचती हैं...
हालाँकि कई कारणों से सही समय पर यह ज़ाहिर नहीं हो पाता है कि कौन सी तरंग किस साधक के माध्यम से उत्पन्न हुई है, बावज़ूद इसके स्वयं साधक ही केवल इस बात की पुष्टि कर सकता है या फ़िर उससे उच्च स्तर या मण्डलों में स्थित जीवात्माएँ...!!!
सोमवार को “कौन बनेगा भजन सम्राट ?”, मंगलवार को “शिक्षा के स्तम्भ”, बुधवार को “हमारे प्रेरणा स्रोत”, गुरुवार को “नज़रिया” (एक दृष्टिकोण...), शुक्रवार को “अंतर्द्वंद” (बेजुबान बातें...), शनिवार को “जीवन के रहस्य” शीर्षक के लिए “श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट (रजि.)” में प्रशिक्षित कलाकारों/ मीडियाकर्मियों को अपना गौरवमयी इतिहास लिखने में अपनी सक्रिय भूमिका प्रदान करने वाले प्रेरक महानुभावों व महापुरुषों की “ज्ञान और कौशल” से परिपूर्ण “स्वचेतना” पर तथ्यपरक जानकारी से सन्दर्भित अनछुई प्रस्तुतियों को हम इस टीवी शो/ कार्यक्रम “विविधा” का हिस्सा बनाते हैं तथा विश्व प्रसिद्द लेखक व प्रशिक्षक श्री सतीश वर्मा जी द्वारा रचित/ लिखित कहानी संग्रह/ सँकलन को टीवी सीरियल “स्मृति अरण्य” में प्रस्तुत करते हैं...

नोट :- “श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट (रजि.)” के सभी सेवा प्रकल्पों की विस्तृत रूपरेखा व उत्कृष्ट कार्यों को यथासम्भव प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, आउटडोर मीडिया व सम्बन्धित वेबसाइटों आदि के द्वारा जन-जन तक पहुँचाया भी जा रहा है...

श्री किशोरीलाल शिक्षण एवं लोक कल्याण ट्रस्ट - रजि. के माध्यम से संचालित हो रही “भारतीय सनातन संस्कृति” की प्रायोजित “परिचायिका” व टीवी कार्यक्रम “भारत की प्रतिभा” द्वारा आपके ज्ञान और कौशल के अनूठे उदाहरण को प्रस्तुत करने में हमें अपार प्रसन्नता हो रही है...

सादर साधुवाद सहित !!!

आपका स्नेहाकान्छी !!!

मीडिया गुरु कुलदीप सिंह राजपूत
“आकाश”
(सनातन सेवक)

[email protected], [email protected]
WhatsApp TV : +91 9350990139 (24x7x365)
Mob: +91 8527626261 (10:00 AM To 10:00 PM)

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10/12/2019

"मन का संयम" :-
जिस प्रकार से शारीरिक शक्तियों को एक स्थान पर जमा कर लेने से सर्कस आदि के खिलाड़ी विचित्र करतब करते हैं, ठीक उसी प्रकार से "मन की शक्तियों का संयम करने वाले योगी ऐसे अलौकिक काम करते हैं, जिस पर इस नास्तिकता के युग में भी आश्चर्य करना पड़ता है."
उच्च अध्यात्म वेत्ता ऋषियों की बात जाने दीजिये, भौतिक मन का थोड़ा सा संयम करने वाले वैज्ञानिकों को ही ले लीजिये; रेल, तार, रेडियो, मोबाइल, टीवी, वायुयान आदि कितने-कितने करिश्मे थोड़े ही दिन के प्रयत्न से उपस्थित कर दिए..
इन कार्यों को "मन का संयम" किये बिना, विचारों को एक स्थान पर केन्द्रित किये कदापि नहीं कर सकते हैं...

"आकाश"
+91 8527626261

19/07/2019

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"एक ख़ास मुलाकात" विंग, दूरदर्शन ऐजेंसी, 886, सेक्टर-5, वैशाली, गाज़ियाबाद, (उ. प्र. ) "विश्वगुरु भारत"।
Noida
201301

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Tuesday 10am - 7pm
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