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Mahavir Goel journalist Journalism is not my profession but passion.

15/10/2026
02/10/2026

*रातभर पुलिस ने 25 नाकों पर 771 वाहनों की जांच*

*नाइट डोमिनेशन अभियान में 72 वाहनों के चालान, एक वाहन इंपाउंड; 273 लोगों से की गई पूछताछ*

महावीर गोयल पानीपत, 2 अक्टूबर । अपराध की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा को लेकर पानीपत पुलिस ने रातभर सड़कों पर विशेष निगरानी अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक श्रीमती मेधा भूषण आईपीएस के निर्देश पर बीती वीरवार रात जिले में नाइट डोमिनेशन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अंतरराज्यीय एवं अंतर-जिला बॉर्डर सहित जिले के विभिन्न मार्गों, चौक-चौराहों और महत्वपूर्ण स्थानों पर 25 नाके लगाकर वाहनों तथा संदिग्ध व्यक्तियों की गहनता से जांच की गई।

नाइट डोमिनेशन अभियान रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक चला। इस दौरान थाना प्रभारियों, चौकी इंचार्जों और पुलिस टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी। पुलिस टीमों ने विभिन्न नाकों पर कुल 771 वाहनों को रुकवाकर गहन जांच की।
जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस द्वारा 72 वाहनों के चालान किए गए, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले एक वाहन को इंपाउंड किया गया। इसके अतिरिक्त पुलिस टीमों ने रात के समय सड़कों पर घूम रहे एवं संदिग्ध गतिविधियों की आशंका वाले 273 लोगों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई।

अभियान के दौरान संबंधित थाना प्रभारी एवं चौकी इंचार्ज अपनी पुलिस टीमों के साथ नाकों पर मुस्तैद रहे। पुलिस अधिकारियों ने नाकों पर वाहनों की जांच के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी।

जिले के सभी पर्यवेक्षण अधिकारियों ने विभिन्न नाकों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था एवं पुलिस टीमों द्वारा की जा रही जांच का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की गहनता से जांच करने सहित आवश्यक निर्देश दिए।

उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय विकास कुमार ने बताया कि पानीपत पुलिस द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य रात के समय पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना, अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम करना, संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना रहा।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक श्रीमती मेधा भूषण आईपीएस ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए हैं कि अपराध की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे विशेष अभियान निरंतर प्रभावी ढंग से चलाए जाएं। अपराधों पर अंकुश लगाने तथा वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के अभियान निरंतर जारी रहेंगे। इनमें पुलिस को कई सफलताएं भी मिलती है।

आंखों में आंसू थे… हाथों में अपनों के फूल थे, जन सेवा दल ने ‘लावारिस’ कहे गए अपनों को परिवार तक पहुंचायापानीपत। किसी मां...
20/09/2026

आंखों में आंसू थे… हाथों में अपनों के फूल थे, जन सेवा दल ने ‘लावारिस’ कहे गए अपनों को परिवार तक पहुंचाया

पानीपत। किसी मां-बाप का बेटा घर से निकले और फिर कभी वापस न आए… किसी परिवार का अपना इंसान शहर में दम तोड़ दे और घरवालों को उसकी मौत की खबर तक न मिले—इससे बड़ा दुख शायद कोई नहीं। लेकिन ऐसे समय में भी जन सेवा दल पानीपत उन लोगों को ‘लावारिस’ नहीं मानता, बल्कि उन्हें अपना परिवार समझकर पूरे सम्मान और विधि-विधान से अंतिम संस्कार करता है।

हाल ही में तीन परिवार अपने बिछड़े हुए अपनों के फूल लेने जन सेवा दल पहुंचे। प्रयागराज के निकट पल्टीपुर गांव निवासी 28 वर्षीय अमन पिछले करीब आठ वर्षों से पानीपत में काम कर रहा था। मृत्यु के बाद परिवार को पता नहीं चला। फोन पर संपर्क न होने पर परिजन उसे तलाशते रहे। आखिरकार जन सेवा दल के रिकॉर्ड से परिवार तक उसकी पहचान पहुंची और वे उसकी अंतिम निशानी अपने साथ ले गए।

इसी तरह डाडोला गांव निवासी राजवीर, जो मजदूरी करता था, करीब आठ दिन पहले सड़क पार करते समय हादसे का शिकार हो गया। परिवार को उसकी मृत्यु की जानकारी नहीं थी। जन सेवा दल ने उसका अंतिम संस्कार किया और बाद में तलाश करते हुए पहुंचे परिवार को उसके फूल सौंपे।

वहीं हरदोई यूपी के टेटीपुरा निवासी अक्षय कुमार की करीब 25 दिन पहले मृत्यु हो गई थी। परिवार उसे पानीपत के थानों और विभिन्न स्थानों पर ढूंढता रहा। जब जन सेवा दल में उसकी तस्वीर दिखाई गई तो परिवार ने अपने अक्षय को पहचान लिया और उसकी अंतिम निशानी लेकर लौट गया।

श्री कृष्ण मनचंदा, चमन गुलाटी, कमल गुलाटी तथा विशेष सहयोगी श्री सतीश चुघ, वासु आनंद, यंग बच्चा और बंटी योगी संस्कार के समय भगवान का सिमरन करते हुए अंतिम संस्कार करवाते हैं। संस्था मृतक के कपड़े, पहचान के निशान और अन्य विवरण रजिस्टर में सुरक्षित रखती है तथा फूलों को अलग-अलग नंबर �

मां की मौत का दर्द सीने में दबाकर पिता ने निभाई बेटे की शादी—जनसेवा दल बना सहारा, समाज को दी बड़ी सीखपानीपत। कभी-कभी जिं...
16/09/2026

मां की मौत का दर्द सीने में दबाकर पिता ने निभाई बेटे की शादी—जनसेवा दल बना सहारा, समाज को दी बड़ी सीख

पानीपत। कभी-कभी जिंदगी इंसान के सामने ऐसी परीक्षा रख देती है, जहां खुशी और गम एक ही घर की चौखट पर खड़े होते हैं। गांव गुड़ा निवासी सुरेंद्र की धर्मपत्नी सुदेश देवी (50) पिछले करीब एक माह से बीमार थीं और उनका इलाज रविंद्र अस्पताल में चल रहा था। परिवार में बेटे की सगाई हो चुकी थी और 11 तारीख को मेहंदी तथा 12 तारीख को विवाह होना तय था। सुदेश की भी यही इच्छा थी कि वह अपने बेटे की शादी धूमधाम से देखे।

लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। 11 तारीख को ही सुदेश देवी का निधन हो गया। घर में हलवाई लगे हुए थे, शादी का सामान आ चुका था और विवाह की सारी तैयारियां पूरी थीं। ऐसी परिस्थिति में सुरेंद्र ने भारी मन से जनसेवा दल से संपर्क कर पूछा कि क्या उनकी धर्मपत्नी के पार्थिव शरीर को कुछ समय के लिए जनसेवा दल के फ्रीजर में रखा जा सकता है।

जनसेवा दल ने मानवता के नाते सुदेश देवी के पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की। सुरेंद्र ने परिवार को भी तत्काल यह बात नहीं बताई। एक तरफ पत्नी की मृत्यु का असहनीय दुख था, दूसरी तरफ बेटे की शादी की जिम्मेदारी। वह न खुलकर रो सकता था, न खुशी से हंस सकता था, फिर भी परिवार और मेहमानों के सामने सभी रस्में निभाता रहा।

14 तारीख की सुबह, बेटे की शादी और विदाई की सभी रस्में पूरी होने के बाद सुरेंद्र ने परिवार को सच्चाई बताई। परिवार के लोग एकत्र हुए और सुदेश देवी का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया।

यह घटना समाज के सामने एक बड़ा संदेश छोड़ती है—कभी-कभी परिवार की खुशियों को बचाने के लिए इंसान को अपने सबसे बड़े दुख को भी सीने में दबाना पड़ता है। यदि सुरेंद्र उसी समय यह खबर परिवार को बताते, तो शादी के घर में मातम छा जाता और बेटी वालों के परिवार की खुशियां भी प्रभा�

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