Jammu Kashmir Study Center Patna

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जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख से संबंधित विषयों पर विचार विमर्श हेतु।

कारगिल के शहीदों को अनोखे अंदाज में दी गई श्रद्धांजलि, ऑनलाइन जुड़ें इतने लोग » PO BHARAT 27/07/2024




🇮🇳🇮🇳🇮🇳Kargil Vijay Diwas 2024:

कारगिल के शहीदों को अनोखे अंदाज में दी गई श्रद्धांजलि, ऑनलाइन जुड़ें इतने लोग » PO BHARAT कारगिल विजय दिवस के 25 वें वर्षगाँठ पर नई पीढ़ी को उनके अंदाज में जोड़ा गया. युवाओ को भक्ति की भावना से ओतप्रोत करने के...

Photos from Jammu Kashmir Study Center Patna's post 26/07/2024



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आज "जम्मू कश्मीर अध्ययन केन्द्र" दक्षिण बिहार एवं उत्तर बिहार प्रांत के तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) के 25 वें वर्षगाँठ के अवसर पर नई पीढ़ी के नव युवक-युवतियों के साथ उन्हें देश भक्ति की भावना से ओतप्रोत करने हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
वक्ताओं ने बताया कि 26 जुलाई 1999 के दिन ही भारतीय सेना के जवानों ने टाइगर हिल पर तिरंगा फहराकर कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को हराया था। 84 दिनों तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना के 527 जवान शहीद हुए थे, जबकि 1,363 घायल हुए थे। वहीं पाकिस्तान के 400 से अधिक सैनिक मारे गए। तब से देश के बहादुर सैनिकों द्वारा दिखाए गए अतुलनीय अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान की याद में उस दिन को " कारगिल विजय दिवस " के रूप में मनाया जाता है। कारगिल युद्ध में अपने दृढ़ निश्चय और अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन करते हुए सर्वोच्च बलिदान कर शत्रुओं को रौंद देने वाले माँ भारती की रक्षा के लिए मातृभूमि पर सर्वस्व न्यौछावर करते हुए नापाक दुश्मनों को पराजित कर दुनिया में भारतीय सेना का डंका बजाने वाले माँ भारती के अमर बलिदानी वीर सपूत भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वो हमारे जांबाजों एवं आज के युवाओं को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
अद्भुत शौर्य व बलिदान की सर्वोच्च परंपरा का निर्वाह कर, हमारे वीर सैनिकों ने मां भारती का मस्तक ऊंचा रखने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया है।
राष्ट्र की सुरक्षा हेतु अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले उन हुतात्माओं के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा।
जय हिंद! जय भारत!!
मुझे ना तन चाहिए ना धन चाहिए !
बस अमन से भरा ये वतन चाहिए !!
जब तक जिंदा रहूं इस मातृभूमि के लिए !
और जब मरूं तो तिरंगा कफन चाहिए !!
रक्त वीर शहीदों का था, हर सपूत बलिदानी था !
कारगिल पर्वत शिखर पर पवन चला तूफानी था !!
हिमप्रपात बन हिमगिरि से रक्त शत्रु का जमा दिया !
विजय दिवस की शौर्य पताका देने वाला अभिमानी था !!
चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें !
शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला याद कर लें !!

22/02/2024

22 फरवरी #संकल्पदिवस #हमारा_संकल्प_pojk

जम्मू कश्मीर पर कब्जा करने के लिए पाकिस्तान ने 1947 में कबाइलियों के साथ मिलकर जम्मू कश्मीर पर हमला किया था। इस हमले के दौरान उसने जम्मू कश्मीर के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सेनाओं ने उसे खदेड़ा और संयुक्त राष्ट्र का हस्ताक्षेप हो गया। इससे पाकिस्तान के कब्जे में जम्मू कश्मीर का एक हिस्सा चला गया। इसमें गिलगित बाल्तिस्तान, स्कर्दु, बाग, मुजफ्फराबाद, रावलाकोट, भिंबर व चकाैटी का इलाका शामिल है। पाकिस्तान ने बाद में काराकोरम और अक्साईचिन का एक इलाका चीन को सौंप दिया था। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर के हिस्से को गुलाम कश्मीर या फिर पाकिस्तान के अनाधिकृत कब्जे वाला जम्मू कश्मीर कहा जाता है।

भारतीय संसद ने 22 फरवरी 1994 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर अनाधिकृत कब्जे वाला जम्मू कश्मीर, पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराने का संकल्प लिया है। अनाधिकृत कब्जे वाला जम्मू कश्मीर के संदर्भ में पारित प्रस्ताव को स्मरण करने व अनाधिकृत कब्जे वाला जम्मू कश्मीर को वापस प्राप्त करने के संकल्प को दोहराने के लिए ही आज संकल्प दिवस मनाया गया।

भारतीय परंपरा-संस्कृति और इतिहास की जम्मू कश्मीर के बिना कल्पना भी नहीं की जा सकती। जम्मू कश्मीर शुरु से ही भारत का एक अविभाज्य अंग रहा है 1947 में हमारे साथ जो त्रासदी हुई, उसके लिए तत्कालीन वैश्विक राजनीति और हमारी अपनी कमजोरियां जिम्मेदार रहीं हैं। जम्मू कश्मीर पूरा का पूरा भारतवर्ष का है। एलओसी के पार का जम्मू कश्मीर भी भारत का है।
(साभार)

Photos from Jammu Kashmir Study Center Patna's post 26/07/2022

आज दिनांक 26 जुलाई (मंगलवार ) 2022 को "लद्दाख एवं जम्मू कश्मीर अध्ययन केन्द्र" , बिहार प्रान्त के तत्वावधान में पीपुल्स कोऑपरेटिव कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना में "कारगिल विजय दिवस" के अवसर पर परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें वक्ताओं ने भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक " कारगिल विजय " को रेखांकित करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध में देश की आन, बान और शान के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले माँ भारती के अमर सपूतों को हमें हमारे युवा पीढ़ी के लोगों को स्मरण कराते रहने की जरूरत है, क्योंकि आज जो पच्चीस साल के बीच की पीढ़ी है वो तो उस समय पैदा भी नहीं हुई थी जब विश्व इतिहास में भारतीय सशस्त्र बलों के अद्भुत पराक्रम, उत्कृष्ट रण-कौशल और अटूट कर्तव्यनिष्ठा के महान प्रतीक "कारगिल विजय "अभियान को अंजाम दिया गया था। कारगिल की यह जंग 60 दिन से ज्यादा चली थी, इस जंग को "ऑपरेशन विजय" नाम दिया गया। इस जंग में पाकिस्तान से लड़ते हुए भारत के 527 जवानों का बलिदान एक अमर गाथा बन चुकी है।
26 जुलाई, 1999 को भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों को हराया था, तब से देश के बहादुर सैनिकों द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान की याद में उस दिन को " कारगिल विजय दिवस " के रूप में मनाया जाता है।
कारगिल युद्ध में अपने अतुलनीय अदम्य साहस और शौर्य का प्रदर्शन करते हुए
माँ भारती की रक्षा के लिए मातृभूमि पर सर्वस्व न्यौछावर करते हुए दुश्मनों को पराजित कर दुनिया में भारतीय सेना का डंका बजाने वाले माँ भारती के अमर बलिदानी वीर सपूत भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वो हमारे जांबाजों एवं आज के युवाओं को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
कारगिल में सर्वोच्च बलिदान कर शत्रुओं को रौंद देने वाले माँ भारती के सपूतों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से शत शत नमन् एवं समस्त देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं!!

Photos from Jammu Kashmir Study Center Patna's post 09/05/2022

जय माँ भारती , वंदे मातरम् । जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र की वार्षिक बैठक केशव भवन , अंबफला , जम्मू में सम्पन्न हुई। जम्मू कश्मीर अध्ययन केन्द्र , बिहार प्रान्त की भी सहभागिता रही। वैष्णो देवी माता के चरणों में जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
संगठन के वरिष्ठ जनों के द्वारा पाक अधिक्रान्त जम्मू कश्मीर एवं चायना अधिक्रान्त जम्मू कश्मीर के सम्पूर्ण प्राप्ति हेतु विमर्श किया गया।बोलो बोलो भारत माता कि जय!

04/04/2022

आमतौर पर "पर्वत" के रूप में जाना जाने वाला श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में स्थित मंदिर को पंडित समुदाय का सबसे पवित्र धार्मिक स्थान माना जाता है. इस मंदिर के आस-पास रहने वाले हजारों पंडितों की शुरुआत इस मंदिर में हर सुबह प्रार्थना के साथ होती थी. 32 साल बाद कश्मीरी पंडितों ने नवरात्रि (नवरेह) पर फिर से इस माता शारिका देवी मंदिर में पहली बार विशेष पूजा की. इसमें कुछ वो लोग भी थे जो पलायन के बाद पहली बार आए थे.

Photos from Jammu Kashmir Study Center Patna's post 26/10/2021

विषय: स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव एवम कश्मीर अधिमिलन - एक विमर्श

मंगलवार 26 अक्टूबर, 2021
अपराह्न 3:00 बजे

वक्ता
डॉ. क्षमा कौल
श्री दिलीप दुबे

प्रस्तुतकर्ता
डॉ. कृपा शंकर चौबे

Google Meet link - meet.google.com/aia-qnnb-hca

सीधा प्रसारण :
Facebook : www.facebook.com/VskMadhyaPradesh

24/10/2021

सेंटर फॉर लद्दाख एंड जम्मू कश्मीर स्टडीज, हरियाणा अध्याय द्वारा 26 अक्टूबर 2021 को सायं 07.30 बजे Pakistan occupied Territories: Developments since 1947-48 विषय पर व्याख्यान में हार्दिक स्वागत !
लिंक: https://www.facebook.com/JammuKashmirNow/

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