Disha Students' Organisation, Bihar/दिशा छात्र संगठन, बिहार

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शहीद-ए-आज़म भगतसिंह के विचारों को मानने वाला एक स्वतंत्र क्रान्तिकारी छात्र संगठन

Photos from Disha Students' Organisation, Bihar/दिशा छात्र संगठन, बिहार's post 25/05/2026

यूपी पुलिस मुर्दाबाद! मज़दूर कार्यकर्ताओं को रिहा करो !
मज़दूर एकता ज़िन्दाबाद!
इंक़लाब ज़िन्दाबाद!

मजदूरों, मज़दूर कार्यकर्ताओं और इन्साफपसंद छात्र-नौजवानों पर यूपी पुलिस की दमनात्मक ग़ैर-क़ानूनी कार्रवाई के ख़िलाफ़ पटना के एन.आई. टी ( NIT) घाट पर प्रतिवाद सभा आयोजित की गयी।

इस सभा को सम्बोधित करते हुए दिशा छात्र संगठन के साथियों ने लोगों को बताया कि आज फ़ासीवादी भाजपा के शासन में इंसाफ़पसंद लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और देशद्रोह जैसे मुक़दमे लगाकर जेल में बंद कर दिया जाता है, जिसका उदारहण नोएडा मज़दूर आन्दोलन में नंगे तौर पर देखने को मिला है। नोएडा में यूपी पुलिस द्वारा मज़दूर आन्दोलन को न केवल बल के प्रयोग से कुचला बल्कि फ़र्ज़ी मुक़दमे लगाकर मज़दूरों, मज़दूर कार्यकर्ताओं और इंसाफ़पसंद छात्र - नौजवानों को ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से गिरफ़्तार किया गया। वहीं दूसरी तरफ़ हत्यारे, बलात्कारी, गुण्डे और भ्रष्टाचारी सत्ता पर काबिज हैं या खुले में घूम रहे हैं।

गिरफ़्तार कार्यकर्ताओं के बारे में लोगों को बताते हुए कहा गया कि हिमांशु ठाकुर और आकृति चौधरी दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र हैं और अपनी पढ़ाई करते हुए उन्होंने नोएडा में मजदूरों के वेतन भत्ते की माँग का समर्थन किया। इस पर यूपी पुलिस ने उन्हें अगवा कर फर्ज़ी मुक़दमा लगाकर जेल में डाल दिया है। सृष्टि जो एक उत्कृष्ट कलाकार है, जिन्होंने कला को लोगों की जिन्दगी को दिखाने और बदलने का माध्यम बनाया उन्हें भी यूपी पुलिस ने एक महीने से ज़्यादा वक़्त से जेल में बंद कर रखा है। वहीं रूपेश जो एक ऑटो ड्राइवर है और नोएडा के मज़दूर आन्दोलन में शामिल होकर मज़दूरों के हक-अधिकार के लिए लड़ रहे थें, उन्हें भी हिंसा भड़काने के जुर्म में गिरफ़्तार किया गया है। मनीषा, जो खुद एक मज़दूर हैं, उन्हें भी पुलिस द्वारा एक माह से ज़्यादा समय से बिना किसी सबूत के जेल में बंद रखा गया है।

इतना ही नहीं आदित्य आनन्द, हिमांशु ठाकुर और रूपेश के साथ पुलिस कस्टडी में मार पीट की गयी है। जबकि इस बात के वीडियो साक्ष्य मौजूद है कि आदित्य आनन्द, रूपेश और अन्य साथी लगातार मज़दूरों से आन्दोलन को शांतिपूर्वक ढंग से आगे बढ़ाने की अपील कर रहे थें। वहीं दूसरी तरफ़, अब यह बात निकल कर सामने आ रही है कि नोएडा मज़दूर आन्दोलन में हिंसा यूपी पुलिस ने ही भड़कायी है और मज़दूर आन्दोलन को बदनाम और खत्म करने के लिए इसका ठीकरा मज़दूर, मज़दूर कार्यकर्ताओं और छात्रों - नौजवानों पर फोड़ दिया गया है और उन्हें जेल में रखकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
आगे कॉमेंट में जारी...

22/05/2026

वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा और थिएटर आर्टिस्ट आकृति पर गैर-क़ानूनी तरीक़े से "राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (NSA)" लगाने के ख़िलाफ़ 'प्रतिवाद सभा'.....

24 मई, रविवार
शाम 6 बजे

NIT घाट, पटना

सम्पर्क - 6297974751

दिशा छात्र संगठन.

Photos from Disha Students' Organisation, Bihar/दिशा छात्र संगठन, बिहार's post 22/05/2026
Photos from Disha Students' Organisation, Bihar/दिशा छात्र संगठन, बिहार's post 22/05/2026

पटना विश्वविद्यालय के पीएचडी नामांकन में हुए भ्रष्टाचार, पक्षपात व अपारदर्शिता के ख़िलाफ़ आयोजित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में दिशा छात्र संगठन ने एकजुटता ज़ाहिर की।



21/05/2026

पुलिसिया दमन मुर्दाबाद!

छात्र विरोधी भाजपा - जद यू सरकार मुर्दाबाद!

छात्र एकता ज़िन्दाबाद!

टीआरई-4 की अधिसूचना जारी करो!

बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थी पिछले एक साल से TRE 4 के तहत बहाली की माँग कर रहे हैं। इसी माह राज्य सरकार से बहाली की तारीख़ जारी करने की माँग करते हुए पटना में छात्रों का बड़ा आन्दोलन हुआ था। बीते कल फिर से हज़ारों छात्रों ने पटना कॉलेज से लेकर बीपीएससी कार्यालय तक मार्च निकालने की योजना बनायी थी लेकिन मार्च शुरू होने से पहले ही छात्रों को जुटान स्थल से डिटेन कर लिया गया। यह स्पष्टहै कि भाजपा-जद यू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के इशारों पर ही छात्रों के इस मार्च का पुलिस प्रशासन द्वारा बर्बर दमन किया गया।
पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई में कई छात्र चोटिल हुए हैं। कई छात्र-छात्राओं को पुलिस द्वारा गिरफ़्तार कर लिया गया है।

पिछले साल नवम्बर में चुनाव के दौरान भाजपा - जद यू द्वारा बड़े पैमाने पर शिक्षक बहाली के वायदे किये गये थे। लेकिन, महीनों बीत जाने के बाद भी अभी तक शिक्षक बहाली की घोषणा तक नहीं हुई है। शिक्षक बहाली के मसले पर सरकार का रवैया टाल-मटोल वाला रहा है। सरकार के इसी रुख के कारण पूरे बिहार के शिक्षक अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन करने को विवश हैं। हालाँकि, बीते कल छात्रों के प्रदर्शन पर हुई दमनात्मक कार्रवाई के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री ने पूरे प्रदर्शन को 'बाहरी तत्वों' की साजिश बताया है। यानी बिहार के शिक्षा मंत्री की नज़रों में अपने हक के लिए आवाज़ उठाना साज़िश है! कमोबेश देश भर में हर जनान्दोलन के लिए भाजपा के नेताओं द्वारा ऐसी शब्दावलियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुमकिन है कि सत्ता के नशे में भाजपा और सहयोगी दल के नेता लोकतंत्र की परिभाषा ही भूल चुके हैं।

दिशा छात्र संगठन टीआरई 4 के अभ्यर्थियों पर राज्य सरकार के इशारों पर पुलिस द्वारा की गयी दमनात्मक कार्रवाई की भर्त्सना करता है। इसके साथ ही यह माँग करता है कि आन्दोलन में गिरफ़्तार अभ्यर्थियों को तुरन्त रिहा किया जाए तथा छात्रों की माँगो का संज्ञान लेते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा की अधिसूचना जल्द से जल्द जारी की जाए।

Photos from Disha Students' Organisation, Bihar/दिशा छात्र संगठन, बिहार's post 17/05/2026

NEET और AEDO पेपर लीक के ख़िलाफ़ पटना में दिशा छात्र संगठन द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन व मार्च!!

16/05/2026

छात्रों की ज़िन्दगी के साथ खिलवाड़ करना बंद करो!!
NEET,AEDO के पेपर लीक के खि़लाफ़ विरोध प्रदर्शन।
दिनांक:17 मई
समय:6 बजे
जुटान स्थल: भिखना पहाड़ी मोड़




Photos from Disha Students' Organisation, Bihar/दिशा छात्र संगठन, बिहार's post 15/05/2026

नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

पटना के गांँधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर दिशा छात्र संगठन ने नीट,2026 के पेपर लीक के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दिशा की तरफ़ से साथियों ने बात रखते हुए कहा कि यह केवल नीट पेपर लीक नहीं है बल्कि देश के 23 लाख छात्रों के साथ एक भद्दा मज़ाक है। एनटीए के द्वारा पेपर लीक का यह कोई पहला मौका नहीं है। इसके पहले 2021 और 2024 में भी नीट का पेपर लीक हुआ था और उस समय भी देश भर के एनटीए को रद्द करने की मांँग उठाई गयी थी। इसके बावजूद भी मोदी सरकार ने एनटीए के द्वारा ही परीक्षा का आयोजन करवाया और नतीजा सबके सामने है। एनटीए में लगातार कर्मचारियों की कमी बनी हुई और ज़्यादातर कर्मचारी संविदा पर काम कर रहे हैं। एनटीए अपना पेपर भी निजी प्रेस से छपवाता है। ऐसे में ठीक से काम न करने और पेपर लीक होने की संभावना बनी रहती हैं। इतना ही नहीं देश के लोगों की आँख में धूल झोंकने के लिए कुछ एक गिरफ्तारियां होती हैं लेकिन बड़े अधिकारियों को छोड़ दिया जाता है। इस बार भी यही किया जा रहा है। हालाँकि इस बार भाजपा से करीबी रखने वाले एक शख़्स की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा को लेकर भाजपा के रवैये को साफ कर दिया है। भारत को "विश्वगुरु" बनाने का दंभ भरने वाली मोदी सरकार एक परीक्षा तक ठीक से नहीं करा पा रही है और उल्टे शिक्षा माफियाओं के साथ मिलकर देश के भविष्य को बेचने का काम कर रही है।
पिछले 10 सालों में 90 से ज़्यादा पेपर लीक हुए हैं जिसके कारण करोड़ों छात्रों का जीवन प्रभावित हुआ है। अंत में छात्रों को एकजूट होकर सरकार के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की गयी।
इस प्रदर्शन में दिशा छात्र संगठन की प्रमुख माँगे निम्न हैं-
1)जल्द से जल्द दुबारा परीक्षा आयोजित कराई जाए।
2)शिक्षा मंत्री सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दें ।
3) 23 लाख बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली संस्था एनटीए को अविलंब रद्द किया जाए।
4. पेपर लीक में संलिप्त तमाम दोषियों को सज़ा दो।




Photos from Disha Students' Organisation, Bihar/दिशा छात्र संगठन, बिहार's post 14/05/2026

बिहार के 208 नए डिग्री कॉलेजों में दर्शनशास्त्र को शामिल करने की मांग को लेकर कल पटना कॉलेज में दर्शनशास्त्र से स्नातक, स्नातकोत्तर, शोधार्थी करने वाले छात्र छात्राओं ने सरकार की इस नीति (दर्शनशास्त्र विभाग को नए डिग्री कॉलेजों से हटाने की नीति) का ख़िलाफत करते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय के यहां पोस्ट कार्ड लिखें। और साथ ही यह बात की गई यदि सरकार हमारी बातों को नहीं मानेगी तो इसके खिलाफ हमलोग एक जनांदोलन करेंगे।साथ ही आरा में स्थित वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के छात्र - छात्राओं ने एक प्रतीकात्मक मार्च निकालकर सरकार से इसके लिए अपील की।दिशा छात्र संगठन छात्रों की इस मांग का समर्थन करती है।और साथ ही दर्शनशास्त्र के अलावा उर्दू और मैथिली जैसे विषयों को भी नए डिग्री कॉलेजों में शामिल करने की मांग करती हैं। दिशा छात्र संगठन सभी छात्र-छात्राओं से अपील करता है कि वे इस आंदोलन में शामिल होकर आंदोलन को मजबूती प्रदान करें।




13/05/2026

NEET पेपर लीक को लेकर कल दिनांक 14 मई को पटना के गांधी मैदान के पास कारगिल चौक पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।लाखों छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ के खिलाफ इस विरोध प्रदर्शन में दिशा छात्र संगठन तमाम छात्रों को कल आने के लिए अपील करता है।


Photos from Disha Students' Organisation, Bihar/दिशा छात्र संगठन, बिहार's post 12/05/2026

1857 की विरासत के 169वें वर्षगांठ पर दिशा छात्र संगठन की ओर से परज़ानिया फ़िल्म की स्क्रीनिंग की गई।
यह फ़िल्म साम्प्रदायिक दंगों के उभरते स्वरूप के बारे में सोचने पर लोगों को विवश करती है। फ़िल्म देखने के बाद उपस्थित साथियों ने अपनी-अपनी बात रखी। फ़िल्म में दिखाये गए साम्प्रदायिक दंगों पर बात करते हुए आज साथियों ने कहा कि हमारे देश में जिस तरह से साम्प्रदायिकता का ज़हर तमाम फ़ासीवादी नेताओं द्वारा घोला जा रहा है वह काफ़ी ख़तरनाक है। तमाम गोदी मीडिया सहित टेलीविजन, फ़िल्म , गानों के माध्यम से साम्प्रदायिकता का ज़हर आम मेहनतकश लोगों में भरा जा रहा है ताकि आम मेहनतकश जनता अपने असली सवाल को न उठा सकें। आज शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था का निजीकरण करके फ़ासीवादी सरकार आम मेहनतकश लोगों का दोहरा शोषण कर रही है। इतिहास में भी ऐसा देखा गया है कि हमेशा फ़ासीवादी सरकार एक नकली दुश्मन को पेश करके आम जनता को उसके असली मुद्दों से भटकाकर आम मज़दूरों को दयनीय स्थिति में जीने के लिए छोड़ देती है।
अन्त में यह बात भी हुई कि ऐसे में हम नौजवानों का कर्तव्य बनता है कि फ़ासीवादी सरकार की इस धूर्तता को आम लोगों के बीच ले जाकर, सरकार की विफल राजनीति का पर्दाफाश करें और आम मेहनतकश लोगों को यह बताएं कि वह किसी भी तरह के जाति ,धर्म, क्षेत्र ,भाषा के आधार पर होने वाली राजनीति की मुख़ालफत करें और अपने वर्ग के आधार पर एक जन आन्दोलन खड़ा करें ताकि लूट और शोषण पर टिकी इस व्यवस्था को समाप्त कर एक नई सामाजिक व्यवस्था की स्थापना की जा सके।



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