23/12/2025
Chandra Kishore Kumar
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Chandra Kishore Kumar, Government Official, Patna.
23/12/2025
22/12/2025
Adopted membership in jdu office.
31/10/2024
सभी शिक्षकों अन्य कर्मियों, बुद्धिजीवियों को दीपावली, चित्रगुप्त पूजा, भैया दूज और छठ पूजा की अनंत शुभकामनाएं |
27/01/2023
रंग मार्च, पटना द्वारा अभिनय प्रशिक्षण को लेकर एक वर्षीय पाठ्यक्रम में नामांकन शुरू की गई है। पटना में रहने वाले और मैट्रिक पास छात्रों के पास अभिनय की बारीकियों को समझने का एक मौका है।
केवल 20 सीट पर नामांकन प्रारम्भ है। स्वागत है।
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=598535718951822&id=100063861977930&sfnsn=wiwspmo&mibextid=RUbZ1f
रंग मार्च, पटना के सत्र 2022-23 के लिये पूर्णकालिक अभिनय कक्षा में नामांकन प्रारम्भ हो चुकी है। बिहार का वातानुकूलित प्रथम एक्टिंग स्टूडियो में सिर्फ 20 सीट के लिये नामांकन आमंत्रित है।
विशेष जानकारी के लिये पटना स्थित कार्यालय आएं या पोस्टर में अंकित नम्बर पर सम्पर्क करें।
03/04/2022
आज हिंदी रंगमंच दिवस है।
सभी को शुभकामनाएं ! बधाई हो ! 💐
आज हिंदी रंगमंच दिवस है।
हिंदी रंगमंच दिवस प्रतिवर्ष 3 अप्रैल को मनाया जाता है। 3 अप्रैल, 1868 की शाम बनारस में पहली बार शीतलाप्रसाद त्रिपाठी कृत हिन्दी नाटक 'जानकी मंगल' का मंचन हुआ। जून 1967 में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य का इतिहास में पहली बार इस नाटक के मंचन को प्रामाणिक तौर पर पुष्ट किया। इंग्लैंड के 'एलिन इंडियन मेल' के आठ मई 1868 के अंक में भी उस नाटक के मंचन की जानकारी भी प्रकाशित हुई थी। इसी आधार पर पहली बार शरद नागर ने ही हिन्दी रंगमंच दिवस की घोषणा तीन अप्रैल को की थी।
हिंदी रंगमंच संस्कृत नाटक, लोक रंगमंच एवं पारसी रंगमंच की पृष्ठभूमि का आधार लेकर विकसित हुआ है। ध्यातव्य है कि भरतमुनि ने नाट्यशास्त्र में ‘नाट्य ‘ शब्द का प्रयोग केवल नाटक के रूप में न करके व्यापक अर्थ में किया है जिसके अंतर्गत रंगमंच , अभिनय , नृत्य , संगीत , रस , वेशभूषा , रंगशिल्प , दर्शक आदि सभी पक्ष आ जाते हैं।
13 जुलाई, 2013 को स्थापित रंग मार्च, पटना बिहार में रंगमंच की अग्रणी संस्थान और रंगमंडल है। अब तक पागल, अनाथ, गूंगी, इन्ना की आवाज़, चण्डलिका, रावण लीला, एक और मोहरा, सुभागी, अंधा युग, धुंध, एक्ट्रेस आदि नाटक के कई मंचन कर चुकी है। थिएटरवाला नाट्योत्सव भी अपने आठवें पड़ाव पर है, जिसमे बिहार में कार्यरत एक युवा रंगकर्मी को हम सम्मानित करते हैं।
जय रंगमंच ! जय रंग मार्च !! ज़िंदाबाद !!!
27/03/2022
विश्व रंगमंच दिवस की शुभकामनाएं ! 💐
न तज्ज्ञानं न तच्छिल्पं न सा विद्या न सा कला ।
नासौ योगो न तत्कर्मंनाट्येऽस्मिन् यन्न दृश्यते ।।
कोई ज्ञान, कोई शिल्प, कोई विद्या, कोई कला, कोई योग, कोई कर्म ऐसा नहीं है, जो नाट्य में दिखाई न
देता हो।
No Wisdom, No Craftsmanship, No Knowledge of Subject, No Arts, No Yoga, No Work which is not seen in Dance(Natya).
Natya Shastra, 1-116
आज विश्व रंगमंच दिवस है। रंग मार्च, पटना आज सन्ध्या 4 बजे अपने कार्यालय से कालिदास रंगालय, पटना तक एक रंगयात्रा निकलेगी। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को रंगमंच के प्रति जागरूक करना होगा और हमारी आगामी नाट्य गतिविधियों से परिचित करवाना भी।
सभी रंग प्रेमियों को विश्व रंगमंच दिवस की शुभकामनाएं !
24/03/2022
रंग मार्च, पटना की आगामी नाट्य प्रस्तुति 'एक्ट्रेस'
नाटक देखने के लिये दिनांक 30 मार्च, 2022 को कालिदास रंगालय, पटना में सन्ध्या 7 बजे आप सादर आमंत्रित हैं। शेष सूचना पोस्टर में अंकित है।
रंग मार्च, पटना की आगामी नाट्य प्रस्तुति 'एक्ट्रेस'
मंच पर एक अभिनेत्री की लोकप्रिय पब्लिक लाइफ और व्यक्तिगत जीवन की कठिनाइयों के बीच उसकी प्रेम आग्रह की मानवीय भावनाओं को ये नाटक मंच पर जीवंत करेगी। हमारी रूढ़िवादी सामाजिक व्यवस्था और स्त्री स्वतंत्रता और स्त्री के त्याग की बात भी ये नाटक सहजता से आपके सामने लेकर आएगी। रंग मार्च, पटना की पेशेवर टीम को मंच पर देखने जरूर आएं।
कथाकार मुंशी प्रेमचन्द की कहानी पर आधारित नाटक एक्ट्रेस का मंचन आगामी 30 मार्च, 2022 को कालिदास रंगालय, पटना में होने जा रहा है। प्रेमचन्द की कहानी का नाट्य रूपांतरण मृत्युंजय शर्मा ने किया है और इसका निर्देशन नूपुर चक्रबर्ती करेंगी। युवा रंगकर्मी रौशन कुमार केशरी ने प्रकाश परिकल्पना और सह निर्देशन किया है।
नाटक देखने के लिये दिनांक 30 मार्च, 2022 को कालिदास रंगालय, पटना में सन्ध्या 7 बजे आप सादर आमंत्रित हैं।
सौजन्य - संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली।
पोस्टर डिज़ाइन - लक्ष्मी सिंह।
22/03/2022
बिहार दिवस की ढेरों शुभकामनाएं ! 👌
आज बिहार का 110वाँ स्थापना दिवस है।
आज दिनांक 22 मार्च, 2022 को बिहार प्रदेश का 110वां स्थापना दिवस है। इसे “बिहार दिवस” के रूप में जाना जाता है। यह बिहार राज्य के गठन का प्रतीक है। इस दिन, बिहार को ब्रिटिश सरकार द्वारा बंगाल से अलग करके 1912 में बनाया गया था। बिहार जो पूर्वी भारत का एक राज्य है, भारत में यह जनसंख्या के हिसाब से तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। यह क्षेत्र के हिसाब से 12वां सबसे बड़ा राज्य है। इसका क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किलोमीटर है। यह पश्चिम में उत्तर प्रदेश, उत्तर में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग और दक्षिण में झारखंड से घिरा हुआ है। इसके तीन मुख्य सांस्कृतिक क्षेत्रों में मिथिला, मगध और भोजपुर शामिल हैं। राज्य की आधिकारिक भाषाएं हिंदी और उर्दू हैं।
प्राचीन भारत में बिहार को प्रथम गणराज्य होने का सौभाग्य प्राप्त है। भारत का पहला साम्राज्य जिसे “मौर्य साम्राज्य” कहा जाता है, का उदय मगध से हुआ था। कला एवं संस्कृति में भी बिहार का अग्रणी स्थान है। बिहार वैचारिक राजनीति का नेतृत्वकर्ता राज्य है। यहां का खान-पान, पहनावा और हिंदी भाषा की बोली मगही, भोजपुरी, मैथिली, अंगिका पूरे देश मे बेहद लोकप्रिय है। रंगमंच के क्षेत्र में बिहार पूरे देश मे अपना प्रमुख स्थान रखता है। पटना स्थित कालिदास रंगालय, प्रेमचन्द रंगशाला आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ऑडिटोरियम है, जहां निरन्तर नाटकों का मंचन होता है। बेगूसराय, पूर्णिया, सीतामढ़ी, भोजपुर, दरभंगा, सहरसा, बक्सर आदि जगहों पर भी नियमित कला प्रदर्शन होता है।
रंग मार्च, पटना की ओर से समस्त देशवासियों को 'बिहार दिवस' की ढेरों शुभकामनाएं ! जय बिहार ! जय हिंद !
17/03/2022
शुभकामनाएं एवं बधाई ! 👌💐
रंग मार्च, पटना से सम्बद्ध दो युवा रंगकर्मियों नितीश प्रियदर्शी और विक्की राजवीर का संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा थिएटर में स्कॉलरशिप सत्र 2019-20 के लिये चयन किया गया है।
ज्ञात हो कि नीतीश वर्तमान में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में पीएचडी के शोधार्थी होने के साथ जन विकल्प रंगमंडल के भी सक्रिय कलाकार हैं। दूसरे विक्की कुमार वर्तमान में भारतेंदु नाट्य अकादमी अंतिम वर्ष के छात्र हैं और रंग मार्च रंगमंडल के सक्रिय सदस्य हैं। इससे पूर्व भी भृगु ऋषि कुमार को सत्र 2018-19 में स्कॉलरशिप मिल चुका है।
आप दोनों युवा साथियों को रंग मार्च, पटना की ओर से भविष्य की ढेरों शुभकामनाएं एवं बधाई। मेहनत रंग ला रही है।
21/02/2022
आमंत्रित हैं।
जन विकल्प का तीन दिवसीय आयोजन 'रंग दे बसंती'
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से जन विकल्प, सीतामढ़ी अपने तीन दिवसीय नाट्य आयोजन रंग दे बसंती आगामी 24 - 26 फरवरी, 2022 को पटना स्थित कालिदास रंगालय में करने जा रही है। कोरोना से उपजे हालात की वजह से पिछले कई महीनों से ये आयोजन लंबित चल रही थी।
बहरहाल, कोरोना नियमों के अधीन इस आयोजन में तीन नाटकों की प्रस्तुति की जाएगी। पहले दिन पटना की नवगठित इकाई 'चित्राभिनय' द्वारा अनिल कुमार मुखर्जी के आलेख कठपुतली का मंचन किया जाएगा। दूसरे दिन रंग मार्च, पटना द्वारा प्रबोध जोशी के आलेख 'पागल' नाटक का मंचन भृगुरिषी कुमार के निर्देशन में किया जाएगा। अंतिम दिन मृत्युंजय शर्मा द्वारा लिखित जन विकल्प की लोकप्रिय प्रस्तुति 'एक और मोहरा' का मंचन राजन कुमार सिंह के निर्देशन में किया जाएगा। सर्वविदित है की भारत सरकार द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव पूरे देश मे मनाया जा रहा है। इस संदर्भ को शामिल करते हुए हमारा ये आयोजन महिला सशक्तिकरण, बेरोजगार कलाकार और भगत सिंह के विचारों पर आधारित नाटकों का चयन कर मंचित करने जा रही है।
पटना के सभी साथियों से आग्रह है कि वो नाटक देखने जरूर आएं। वैसे नाटक का प्रसारण हमारे फेसबुक पेज से ऑनलाइन भी किया जाएगा। आप हमारे फेसबुक पेज से जुड़कर भी नाटक देख सकते हैं। आप आमंत्रित हैं।
06/02/2022
संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया। कला एवं संगीत को आजीविका के रूप में लेने वाले कलाकारों के लिये आप हमेशा प्रेरणास्रोत रही और रहेंगी। स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर की स्मृतियों को प्रणाम और विनम्र श्रद्धांजलि।
"तेरी आवाज़ ही पहचान है....!"
स्वर कोकिला, भारत रत्न लता मंगेशकर को संगीत विरासत में मिली। भारतीय संगीत जगत में साक्षात सरस्वती पुत्री लता जी उपलब्धियों पर गौर किया जाए तो ये हम भारतीयों के लिये गौरवशाली विरासत है। बीस से अधिक भारतीय भाषाओं में तीस हजार गीत गाने वाली दीदी का नाम 'गिनीज़ बुक रिकॉर्ड' में दर्ज है। भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, महाराष्ट्र सरकार पुरस्कार, महाराष्ट्र भूषण, राजीव गांधी पुरस्कार, एन. टी.आर. पुरस्कार, नूरजहां पुरस्कार, जी सिने, स्क्रीन, फ़िल्म फेयर, स्टारडस्ट, आई.आई.ए. एफ. सहित दादा साहेब लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, 1972, 1975 और 1990 के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार, 1958, 1962, 1965, 1969, 1993, 1994 का फ़िल्म फेयर पुरस्कार...! करीब 70 वर्ष से ज्यादा लंबी कैरियर की ये फेहरिस्त बहुत लंबी है।
उनके पिता दिनानाथ मंगेशकर शास्त्रीय गायक और रंगकर्मी थे। इनके परिवार से भाई हृदयनाथ मंगेशकर और बहनों उषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर और आशा भोंसले सभी ने संगीत को ही अपनी आजीविका चुना। लता जी का जन्म इंदौर में हुआ था लेकिन उनकी परवरिश महाराष्ट्र मे हुई। वह बचपन से ही गायक ही बनना चाहती थीं। इनके गीत की चर्चा करना सूर्य को दीप दिखाने जैसा है। एक कलाकार के तौर पर लता जी की उपलब्धियाँ हम भारतीयों के लिये गौरव की बात है और ये हमारी विरासत है। भारत सरकार ने इनकी अंत्योष्टि राजकीय सम्मान के साथ किया।
रंग मार्च उनकी स्मृतियों को प्रणाम करती है और उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है। नमन ! 💐
पेंटिंग रंग मार्च से सम्बद्ध कलाकार लक्ष्मी सिंह की है।
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