08/03/2020
International Women's Day 2020 campaign theme is . An equal world is an enabled world. Individually, we're all responsible for our own thoughts and actions - all day, every day. We can actively choose to challenge stereotypes, fight bias, broaden perceptions, improve situations and celebrate women's achievements.
07/03/2020
On this International Women''s Day , Please share photo of the most important women in your life and write some word about her
# Photo Challenge
An equal world is an enabled world
Raise awareness against bias
Post photo in EQUAL (=) for gender equality
23/02/2020
गॉधी मैदान के उत्तर स्थित ज्ञान भवन में आयोजित महिला उद्यमी मेला के दूसरे दिन लोगों ने लगभग सात लाख सात हजार की खरीदारी की थी और आज चार दिवसीय महिला मेला का तीसरा दिन रविवार की बंदी के कारण काफी चहल- पहल वाला रहा। मेला में क्रेताओं के साथ ही साथ बड़ी संख्या में दर्षक भी आये। विदित हो कि महिला विकास निगम द्वारा आयोजित चार दिवसीय मेले में राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा उद्यमियों एवं स्टार्टअप वाली युवतियों द्वारा अपने उत्पादों की बिक्री सह प्रदर्षनी लगायी गयी हैं। यह मेला 24 फरवरी 2010 तक चलेगा। मेला का उद्देष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने हेतु उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना है।
अपने उज्जवल भविष्य का सपना सजोकर अनेक युवा लड़कियां अपने हाथ में ब्रष और पेंट लेकर मेला में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज की हैं। वे ना केवल अपना भविष्य सवांर रही हैं बल्कि अपनी जैसी अनेक लड़कियों को स्वरोजगार से जुड़ने हेतु प्रेरणा का कार्य भी कर रही हैं। मेला में कुछ लड़कियां अपने डिजाईन के दम पर स्वयं को स्थापित करने का माद्दा दिखा रही हैं। मुख्यमंत्री के जल जीवन हरियाली योजना थीम को साकार करने तथा वातावरण में घट रहे आक्सीजन के स्तर को संतुलित करने के उद्देष्य से घर को ही आक्सीजन पट्टी में तब्दील करने के लिए अपना स्टार्टअप शुरू किया है, जिसे दर्षक काफी सराह रहे हैं। एक स्टार्टअप ऐसा भी देखने को मिला जिसमें आप बिना मिट्ट और धूप के घरों के अन्दर पौधा लगाकर वातावरण को सुरक्षित और सुगंधित बना सकते हैं। मेला में दैनिक उपयोग हेतु अलग ढंग और अलग रंग की वस्तुएं भी उपलब्ध हैं। मेला का खास आकर्षण मेला के प्रवेष द्वार पर स्थित सेल्फी जोन है, जहां बच्चे बुढ़े सभी लेने से नहीं चुक रहे हैं। हर लोग सेल्फी जोन में जाकर अपनी यादों को समेट लेना चाहते हैं। आज मेले का विषेष आकर्षण सांस्कृतिक संध्या में बनारस के गजल गायक अभिषेक पाठक एवं उर्वसी द्वारा अपनी प्रस्तुति दी गयी, जिससे स्रोता भाव विभोर हो गये।
लोगों की प्रतिक्रिया
मेले में कंकड़बाग से आयी एक दर्षक रेनु झा ने बताया कि मेले में साफ सफाई काफी सराहनीय है। वहीं स्टॉल का प्रबंधन भी अनुकरणीय है और लोगों की सुविधा का खास खयाल रखा गया है। उन्हें हैंड मेड पर्स काफी पसंद आया। मोर मोकामा की किरण देवी ने बताया कि यद्यपि वह अपना बुटिक घर से ही संचालित करती हैं किन्तु मेले में आकर उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि उनके लिए भी मेला काफी बड़ा अवसर है और भविष्य में वे भी अपने उत्पाद के साथ मेले में आयेगी। मेला में आकर उन्हें बहुत से उभरते उद्यमियों से मिलने और उनके कार्य की जानकारी मिली। कदमकुआं की रहने वाली सारा ने बताया कि मेले में वस्त्रों की विविधता देखकर मन प्रफुलित हो गया। उन्हें खाने को देषी और विदेषी व्यंजन काफी प्रभावित किया। महिला एवं युवा उद्यमियों को स्टॉल मुफ्त में मिलने से उन्हें एक बड़ा अवसर मिला है। मेला में पेड़ पौधा का प्रचार काफी सराहनीय लगा। गोला रोड के अजय कुमार वर्मा ने बताया कि मेला का सजावट बहुत बढ़िया है और महिलाओं ने खुलेमन से सेल्फी खींचा है। विधि व्यवस्था से वे काफी संतुष्ट दिखे। फुलवारीषरीफ के राजू कुमार को मेला परिसर में लगाये गये पालनाघर से काफी खुष थे। उन्होंने अपने बच्चों को पालना घर में रखकर स्वयं मेला का आनन्द उठाया। मखनियां कुआं की निषा यादव को मेला में बिक रहे आम और आंवला का आंचार बहुत पसंद आया। फुलवारीषरीफ की नेहा तानियां को आर्ट एंड क्राफ्ट के सामान काफी पसंद आये। पटेल नगर के दीपक कुमार को फुड स्टॉल में फुड की विविधता ने काफी प्रभावित किया।
23/02/2020
महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक सषक्तिकरण एवं महिला उद्यमियों द्वारा उत्पादित सामग्रियों के प्रदर्षनी और बिक्री के लिए लगाये गये महिला उद्यमी मेला - सह- रोजगार मेला के दूसरे दिन भी देष भर से आयी 32 नियोक्ता संस्थाओं ने महिला विकास निगम द्वारा बिहार राज्य कौषल विकास मिषन के मार्गदर्षिका के अनुसार सात प्रक्षेत्र में प्रषिक्षित कौषलयुक्त लगभग 700 महिलाओं एवं किषोरियों का व्यक्तिगत साक्षात्कार का आयोजन किया। विदित हो कि सेवा प्रक्षेत्र के अंतर्गत कुल 12 प्रषिक्षण प्रदाता संस्थाओं द्वारा 07 प्रक्षेत्र के 13 कोर्स में कुल 542 बैच में 14,136 महिलाओं और किषोरियों को प्रषिक्षित किया गया है। इनमें से कुल 7,323 प्रषिक्षुओं के मूल्यांकन के उपरांत प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। जॉब फेयर में दो दिनों में कुल 842 प्रषिक्षुओं को विभिन्न विधाओं में जॉब ऑफर लेटर दिया गया। मेला में पहले दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया जिसमें दुर्गापुर से आये विनय राय ने अपने गीत से स्रोताओं का मनोरंजन किया तथा राकेष एंड ग्रुप ने देषभक्ति नृत्य नाटिका की प्रस्तुति से दर्षकों का मन मोह लिया।
इस मेले मेे राज्य के अलग - अलग जिलों से आई लड़कियों का जोष देखते ही बन रहा था। उनका कहना था कि इस प्रकार के मेले में अपने जिला से बाहर जाने का उनका पहला अनुभव है। हमें यह प्रषिक्षण महिला विकास निगम द्वारा दिया गया है। प्रषिक्षण के दौरान ही हमें बताया गया था कि प्रषिक्षण के बाद रोजगार भी उपलब्ध कराया जायेगा। मेला में हमें यह मौका मिला है।
पार्वती देवी गायघाट पटना सिटी की रहने वाली है, उनका कहना है कि जब उन्होंने महिला विकास निगम के प्रषिक्षण प्रदाता संस्थान से सिलाई का प्रषिक्षण ले रही थी तो ये विष्वास नहीं हुआ था कि महिला विकास निगम की मदद से उन्हें इतनी जल्दी जॉब मिल जायेगा। उन्होंने बताया कि लुधियाना की बर्धमान कम्पनी में उन्हें काम मिला है। वहीं गायघाट, पटना सिटी की रहने वाली बबिता देवी और सुनीता देवी को भी इसी कम्पनी में काम मिला है। औरंगाबाद से आई डौली कुमारी ने बताया कि डीडीईओ में प्रषिक्षण के बाद जॉब का इंतजार कर रहा थी। आज उन्हें पटना के इस रोजगार मेला में वेलस्पुन कम्पनी ने रोजगार ऑफर किया है। इसी क्रम में रोहतास की सुमन कुमारी ने बताया कि उसे भी वेलस्पुन कम्पनी में रोजगार का ऑफर लेटर मिला। छपरा की रहने वाली विजया कुमारी को भीमा बाजार ने अपनी कम्पनी में जॉब आफर किया है। नालन्दा की नाजिला को के.के.पी. मिल्स में रोजगार हेतु ऑफर लेटर प्राप्त हुआ। सभी ने इस प्रयास की सराहना किया। उनकी आंखें में जॉब पाने की खुषी साफ तौर पर झलक रही थी।
मेला का संयोजन कर रहे निगम के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य भर से आई लगभग 150 महिला उद्यमियों द्वारा पहले दिन दो लाख पचास हजार की सामग्री का विक्रय किया गया। मेला में सबसे ज्यादा हथकरघा उत्पादों एवं स्वास्थ्य संबंधी सामग्रियों का बिक्री होना बताया गया।
मेला में मधुबनी पेंटिंग, सुजनी, एपलीक से संबंधित 25 स्टॉल लगाये गये हैं जबकि डिजायनर वस्त्र विषेषकर हस्तनिर्मित जिसमें खदी भी शामिल है, की 21 स्टॉल लगाये गये हैं। मेले में एक किताब का भी स्टॉल है। महिलाओं की पसंद की आर्टिफिसियल ज्वेलरी की 10 दुकानें, क्रोसिया के तीन, गृह सज्जा की 18 दुकाने, घरेलू उपयोग की सामग्री के 9, आईटी से संबंधित एक, जूट क्राफ्ट के चार, मंजूसा, सिकी और प्लांट का एक - एक तथा टेरा कोटा और टिकुली आर्ट के दो - दो स्टॉल लगाया गया है। मेला में जीविका और उपेन्द्र महारथी संस्थान के तीन- तीन, खादी ग्रामोद्योग का दो स्टॉल लगाया गया है। मेला में हथकरघा उत्पादों का कुल आठ स्टॉल लगाया गया है जिनमें से महिला विकास निगम द्वारा पोषित सहकारी समितियों के 05 स्टॉल है।
मेला में सबसे ज्यादा आकर्षण का केन्द्र सेल्फी प्वाईट रहा है, जहां हर उम्र के व्यक्ति एक सेल्फी अवष्य लेने का प्रयास कर रहा है। साथ ही,मेला परिसर में बना पालनाघर अैर उसके खिलौना बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
23/02/2020
महिला विकास निगम के द्वारा राज्य में महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक सशक्तिकरण हेतु मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण के विभिन्न कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। आर्थिक सशक्तिकरण प्रक्षेत्र में निगम द्वारा महिला शिल्कार/उद्यमियों द्वारा हस्तनिर्मित उत्पाद, रेशम उत्पाद, अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद आदि के उत्पादन, विपणन आदि में क्षमतावर्धन, तकनीकि सहयोग आदि प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में महिला शिल्पकार/उद्यमियों को उद्यमिता में विशिष्ट तकनीकों तक पहूॅच बनाने, उनके द्वारा उत्पादित उत्पादों को वृहद बाजार तक पहूॅच बनाने एवं विपणन के साथ-साथ उद्यमियों हेतु इन्कुवेशन-सह-प्रशिक्षण केंद्र आदि के माध्यम से सहयोग करने की कार्ययोजना है।
आर्थिक सशक्तिकरण प्रक्षेत्र के अंतर्गत महिला उद्यमियों की विशिष्ट तकनीकों एवं वृहद बाजार तक पहूॅच बनाने के उद्धेश्य से महिला विकास निगम द्वारा चार दिवसीय “महिला उद्यमी मेला-सह-रोजगार मेला” का आयोजन दिनांक 21 से 24 फरवरी 2020 तक ज्ञान भवन में किया जा रहा है। विदित हो कि सेवा प्रक्षेत्र के अंतर्गत कुल 12 प्रषिक्षण प्रदाता संस्थाओं द्वारा 07 प्रक्षेत्र एवं 13 कोर्स के कुल 542 बैच में 14,136 महिलाओं और किषोरियों को प्रषिक्षण दिया गया है तथा इनमें से कुल 7,323 प्रषिक्षुओं के मूल्यांकन के उपरांत प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। मेले में जॉब फेयर में कुल 32 नियोक्ता भाग ले रहे हैं जिनके द्वारा लगभग 1000 प्रषिक्षणार्थियों में से लगभग 600 महिलाओं एवं किषोरियों को नियोजन संबंधित ऑफर लेटर प्रदान किये जाने की संभावना है। मेला में राज्य भर से लगभग 150 महिला उद्यमियों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की प्रदर्षनी-सह-बिक्री स्टॉल लगाया गया है। साथ ही, अलग- अलग दिनों में परिचर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जायेगा। मेला में विभिन्न बैंकों द्वारा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने हेतु योजनाओं के प्रति जागरूकता के लिए भी स्टॉल लगाये गये हैं। रोजगार मेला में प्रषिक्षण प्रदाता संस्थाओं की ओर से प्रषिक्षण केन्द्र का जीवंत प्रदर्षनी लगायी गयी है।
महिला उद्यमी मेला-सह-रोजगार मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री दीपक कुमार, भा0प्र0से0, मुख्य सचिव, बिहार द्वारा फीता काट कर किया गया। जिसके उपरांत मुख्य अतिथि श्री दीपक कुमार, भा0प्र0से0 के साथ श्रीमती रष्मि कुमार ही महिला उद्योग संघ की अध्यक्ष श्रीमती उषा झा तथा श्रीमती हरजोत कौर बम्हरा, भा0प्र0से0, प्रधान सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग-सह-प्रबंध निदेषक, महिला विकास निगम द्वारा दीप प्रज्जवलित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री दीपक कुमार, भा.प्र.से., मुख्य सचिव, बिहार द्वारा मंचासिन गणमान्य अतिथियों के साथ ही विभिन्न संस्थाओं के प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए महिला उद्यमियों के स्टॉलों और प्रदर्षित सामग्रियों की सराहना की गयी तथा इसे गौरव की बात बताया गया। उन्होंने कहा कि बिहार में हुनर की कमी नहीं है तथा महिलायें अपने हुनर से आत्म निर्भर हो रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि कौषल विकास से रोजगार मिल सकता है लेकिन कौषल और अधिक सार्थक होगा, जब कौषल प्राप्त लोग स्वरोजगार को अपनायें। इससे वे दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। इसके लिए उन्होंने मुंबई के डिब्बे वाले की कहानी के साथ ही मेले में भाग ले रही एक ज्वेलरी उद्यमी के बारे में बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए आपको यह पता होना चाहिए कि लोगों में किस चीज की मांग है और उस मांग को पूरा करने के लिए आप क्या कर सकते हैं। यदि आपका उत्पाद लोगों की मांग के अनुसार है और आपने उसे गुणवत्तापूर्ण बनाया है, तो आपका रोजगार सफल होगा। इस अवसा पर उन्होंने महिला उद्यमियों में स्वरोजगार को विषेष तौर पर बढ़ावा देने का अनुरोध किया। इसके लिए आवष्यकता के अनुसार सहयोग का आष्वासन दिया।
इस अवसर पर श्रीमती हरजोत कौर बम्हरा, भा.प्र.से., प्रधान सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग-सह-प्रबंध निदेषक, महिला विकास निगम द्वारा द्वारा मंचासिन मुख्य अतिथि श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव, बिहार का स्वागत किया। साथ ही उनके द्वारा विभिन्न स्थानों से भाग लेने आये सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए महिला महिला विकास निगम की स्थापना एवं उनके उद्देष्यों को बताया गया। उन्होंने महिलाओं को अपने अंदर छूपे प्रतिभा जगाने और विष्वास बढ़ाने की बात कही। उन्होंने महिला उद्यमी संघ एवं महिला विकास निगम दोनों को साथ मिलकर महिलाओं उद्यमियों के विकास हेतु उनके उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर प्रदर्षन की आवष्यकता है। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा दिए गए सुझाव को एक वर्ष के भीतर कार्यान्वयन तथा महिलाओं के उत्पादों की बिक्री तथा प्रदर्षनी केन्द्र स्थापित किया जायेगा।
मुख्य अतिथियों द्वारा कार्यक्रम के उदघाटनोपरांत श्री रूपेष कुमार सिन्हा, परियोजना निदेषक द्वारा मंचासिन अतिथियों का स्वागत किया गया तथा मेला के आयोजन के उदेष्यों को विस्तार से बताया गया। उद्घोषणा श्रीमती शोमा बनर्जी द्वारा किया गया जबकि धन्यवाद ज्ञापन सुश्री पूनम कुमारी, प्रषासी पदाधिकारी, प्रषासी पदाधिकारी, महिला विकास निगम द्वारा किया गया।
19/02/2020
महिला विकास निगम, बिहार
The Women Development Corporation, Bihar implementing programmes for empowerment of women in the state and to formulate, promote and implement various schemes aimed at the development of women in Bihar.