पेट्रोल - डीज़ल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ पटना के गोसाईं टोला मोड़ पर मोदी का पुतला दहन
RWPI Bihar
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27/05/2026
कल भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी (RWPI) द्वारा पटना के गोसाईं टोला में देश में बढ़ती महंँगाई के लिए ज़िम्मेदार मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया गया एवं प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया गया।
इस दौरान भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी के अजीत ने कहा कि "बहुत हुई महँगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार" का चुनावी नारा सफ़ेद झूठ साबित हुआ है। पिछले एक दशक में मोदी सरकार की पूंँजी परस्त नीतियों का नतीजा यह है कि पेट्रोल-डीज़ल से लेकर खाद्यान्न तक की क़ीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। हालिया समय में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोदी सरकार की कूटनीतिक विफलता के कारण हालात बद से बदतर हुए हैं। इसके बावजूद महंँगाई कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की बजाय सरकार द्वारा आम मेहनतकश जनता को "सन्तोष करो, त्याग करो" का पाठ पढ़ाया जा रहा है। लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि आज मुट्ठी भर पूंँजीपतियों का मुनाफ़ा सैकड़ों गुना बढ़ चुका है एवं ऐसे भी कई पूँजीपति घराने है जिनकी सम्पत्ति अरबों डॉलर तक पहुँच चुकी है। इसका नतीज़ा है कि भारत में आर्थिक असमानता तेज़ी से बढ़ी है। ऊपर की एक फ़ीसदी आबादी का देश की 40 फ़ीसदी सम्पत्ति पर कब्ज़ा है।
अब तो सरकार द्वारा महंगाई बढ़ने की समस्या को पूर्णतः बाहरी कारणों से उपजी आपदा के तौर पर दिखाया जा रहा है। अपना पल्ला झाड़ते हुए जनता पर ही इसका पूरा बोझ डाल दिया गया है। लेकिन मोदी सरकार यह नहीं बता रही है कि पेट्रोल - डीज़ल पर अब भी 32% टैक्स लिया जा रहा है जिसे ख़त्म करते हैं इसके दामों में भरी गिरावट हो सकती है। हमें सरकार के इस हथकंडे को समझने की ज़रूरत है। आज हमें संगठित होकर सड़कों पर उतरना होगा एवं सरकार को महंँगाई पर लगाम लगाने के लिए अमीरों पर कर बढ़ाने, मेहनतकश जनता पर अप्रत्यक्ष करों का बोझ कम करने, ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति निर्बाध रखने जैसे उपायों को लागू करने के लिए बाध्य करना होगा।
विरोध प्रदर्शन में इलाक़े के लोग भी शामिल रहें। प्रदर्शन में उपस्थित लोगों में मोदी सरकार के ख़िलाफ़ गुस्सा स्पष्ट देखा जा सकता था।
26/05/2026
पेट्रोल - डीज़ल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ पुतला दहन में शामिल हो।
स्थान - गोसाईं टोला मोड़
शाम 7 बजे
26 मई 2026
24/05/2026
बढ़ रही महँगाई की मार!
कहाँ गई मोदी सरकार!!
महँगाई पर रोक लगाओ!
22 मई, गोसाईं टोला,पटना।
बढ़ती महँगाई के ख़िलाफ़ भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी (RWPI) द्वारा पटना के गोसाईं टोला इलाक़े में अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लोगों से बात करते हुए कहा गया कि आज पूरा देश लगातार बढ़ती महँगाई की मार झेल रहा है और अगर ऐसा ही चलता रहा तो स्थिति और भी विकराल हो सकती है। पेट्रोल-डीजल और गैस सिलिण्डर के बढ़ते दाम का असर आम लोगों की थाली तक पहुँच चुका है। ऐसे में विश्वगुरु और 56 इंच के सीने का भोंपू बजाने वाली मोदी सरकार की नीतियों की पोल पट्टी पूरी तरह खुल चुकी है। ये बेशर्म सरकार अपनी नीतियों की विफलता को छिपाने के लिए लोगों से देशभक्ति साबित करने को कह रही है।
आज हम उस दौर में जी रहे हैं जब ये तानाशाह सरकार आम आबादी के असली मुद्दों को ताक पर रखकर अपने मित्रों (आकाओं) का बिज़नेस बढ़ाने में लगी है। ज़रूरत है कि हम अपने असली मुद्दों पर डटे रहें और इस सरकार के ख़िलाफ़ एकजुट होकर संघर्ष करें।
हम सरकार से तत्काल माँग करते हैं –
क ) सभी वस्तुओं और सेवाओं पर सभी अप्रत्यक्ष करों को तत्काल समाप्त किया जाए और प्रगतिशील कराधान तंत्र के तहत अमीर वर्गों पर कॉरपोरेट टैक्स, इनकम टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स व अन्य रूप में प्रत्यक्ष कर लगाकर सरकारी राजस्व एकत्र किया जाए । यह क़ीमतों के स्तर को सीधा आधा कर देगा।
ख ) जमाखोरी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए ।
ग ) न्यूनतम मज़दूरी को बढ़ाया जाए ।
घ ) बुनियादी चीज़ों व सेवाओं के वितरण की व्यवस्था सरकार अपने मातहत करें ।
02/05/2026
मई दिवस की विरासत ज़िन्दाबाद !
मेहनतकश की वर्ग एकता ज़िन्दाबाद!
पटना के कौशल नगर में अन्तर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी की ओर से आज दो मई को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मई दिवस के इतिहास से परिचित कराया गया। आज हमें अपने इतिहास से सीखने की ज़रूरत है कि किस तरीक़े से मज़दूर आन्दोलन को चलाया जाता है और कैसे अमीरों- धन्नासेठों के द्वारा मजदूर आन्दोलन को तोड़ने, हिंसा भड़काने और बदनाम करने की साजिशों को नाकाम किया जाता है।
जिस तरह से आज के समय में अलग-अलग क़ानूनों के ज़रिए लगातार आम मेहनतकशों के हक-अधिकारों को छीना जा रहा है ऐसे में आज एक बार फिर से संगठित होकर अपनी लड़ाई को तेज करने की ज़रूरत है। इसी संदेश को लेकर आज सही मायनों में मई दिवस को याद किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बात रखते हुए आरडब्लूपीआई के अजीत ने कहा कि आज देश भर में मज़दूर अपनी जायज़ माँगों के लिए सड़कों पर उतर रहें हैं । पानीपत, गुड़गाँव, फ़रीदाबाद, मानेसर, नोएडा और भटिण्डा आदि शहरों में मज़दूरों ने अपनी माँगों के लिए हड़तालें की। लेकिन, उनकी माँगों को सुनने की बजाय सरकार ने मालिकों की जमात का पक्ष लेते हुए मज़दूरों के आन्दोलन का दमन किया। नोएडा और गुरुग्राम में सैकड़ों मज़दूरों के साथ कई मज़दूर कार्यकर्ताओं और सत्यम वर्मा सरीखे जनबुद्धिजीवी तक को गैर क़ानूनी तरीक़े से गिरफ़्तार कर लिया गया। दो सप्ताह से ज़्यादा का वक़्त गुज़रने के बाद भी उन्हें रिहा नहीं किया गया है। आज हमें एकजुट होकर फ़ासीवादी सत्ता द्वारा किए जा रहे दमनात्मक कार्रवाईयों का विरोध करना होगा। आज हमें एकजुट होकर पुलिस द्वारा गैर क़ानूनी तरीक़े से गिरफ़्तार किये गए मज़दूरों, मज़दूर कार्यकर्ताओं और सत्यम वर्मा की रिहाई की माँग करनी होगी।
कार्यक्रम के दौरान लोगों के बीच व्यापक तौर पर पर्चा वितरण किया गया और गीत भी प्रस्तुत किए गए।
01/05/2026
मई दिवस ( 1 मई ) के अवसर पर
पटना में तीन दिवसीय अभियान ( 1-3 मई)
अभियान के तहत पटना के अलग-अलग इलाक़ों में :-
● पर्चा वितरण
● सांस्कृतिक संध्या
● नुक्कड़ सभा
शामिल होने के लिए संपर्क करें - 6297974751
या QR कोड स्कैन करें ।
आयोजक- भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी(RWPI)
11/04/2026
भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी (RWPI) और बिगुल मज़दूर दस्ता के द्वार रसोई गैस के संकट को लेकर चलाया गया हस्ताक्षर अभियान!
देशभर में एलपीजी सिलेण्डर की भारी कमी के कारण आज के समय में फिर से कोविड और नोटबंदी की ही तरह आम लोगों को कई दिनों तक लम्बी लम्बी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। कतार में घण्टों इंतज़ार करने के बाद भी गैस सिलेण्डर नहीं मिल पा रहा है। अमेरिका और इज़रायल द्वारा अपने साम्राज्यवादी हितों की पूर्ति के लिए ईरान पर थोपे गये युद्ध के बाद पेट्रोल और गैस की आपूर्ति के बाधित होने एवं भारत की मौजूदा सरकार द्वारा इस पूरे प्रकरण के दौरान बरती गयी लापरवाही का नतीज़ा पूरे देश की मेहनतकश जनता को भुगतना पड़ रहा है।पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका फ़रवरी माह से ही जतायी जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल और गैस की आपूर्ति के लिए मोदी सरकार द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी। युद्ध शुरू होने के बाद भी भारत की सरकार द्वारा इसे रुकवाने को लेकर कूटनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया।
इसके साथ ही जब गैस की किल्लत होने के बाद इसकी कालाबाज़ारी शुरू हुई तब भी सरकार हाथ पर हाथ धड़े ही बैठी रही। शहरों में रहने वाली छात्रों, मज़दूरों-मेहनतकशों की बड़ी आबादी के पास गैस कनेक्शन नहीं है, इसलिए वे छोटे सिलेण्डरों का इस्तेमाल करते हैं। अब उन्हें मजबूरन ₹300 से ₹500 प्रति किलो गैस खरीदना पड़ रहा है। आम घरों में चूल्हा बुझने तक की नौबत आ गयी है। हज़ारों की तादाद में छात्र और मज़दूर शहर छोड़ कर गांव की ओर पलायन कर रहें हैं।
ऐसी विपरीत परिस्थिति में हमारी चुप्पी आत्मघाती होगी। इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि एकजुट होकर हम सरकार को इस समस्या के निदान करने के लिए कदम उठाने के लिए बाध्य करें। इसी क्रम में अपनी मांगों को लेकर पटना में जिला प्रशासन को आने वाले सोमवार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से निम्नलिखित माॅंग की जायेगी-
1- सिलेण्डर की कालाबाज़ारी पर रोक लगायी जाये।
2- हर नागरिक को रियायती दरों पर सिलेण्डर मुहैया कराया जाये।
3- सरकार पेट्रोल व डीज़ल पर टैक्स कम करके उनकी क़ीमतों को काबू में करे।
4- भारत सरकार पश्चिम एशिया में युद्ध रुकवाने के लिए ठोस प्रयास करे और इस युद्ध के लिए अमेरिका व इज़रायल की कड़ी भर्त्सना करे।
अभियान के दौरान लोगों ने इस मुद्दे के साथ अपनी सहमति जताये हुए, ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। इसके अतिरिक्त कई लोगों ने अपना सम्पर्क नम्बर भी साझा किया और ज़िला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने शामिल रहने की बात कही।
08/04/2026
आज भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी ( RWPI)और बिगुल मज़दूर दस्ता के द्वारा पटना के कौशल नगर इलाक़े में LPG सिलिण्डर के संकट और कालाबाज़ारी के ख़िलाफ़ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। ज्ञात हो कि इस मुद्दे को लेकर पटना ज़िला-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाना है।
इस दौरान बिगुल मज़दूर दस्ता और RWPI के कार्यकर्ताओं ने लोगों से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार की विफल विदेश नीति का ही नतीजा है कि देश को गैस सिलिण्डर के संकट का सामना करना पड़ रहा है । मोदी सरकार को युद्ध का अंदेशा पहले से ही था लेकिन सरकार ने इसपर कोई तैयारी नहीं की और आम आबादी को मरने के लिए छोड़ दिया।
आज मोदी सरकार एक तरफ़ टाटा, बिरला, अम्बानी, अडानी जैसे पूँजीपतियों के तलवे चाटने में जोर-शोर से लगी हुई है, दूसरी तरफ़ अपने काले-कारनामों को छुपाने के लिए ट्रंप के आगे घुटने टेक रही है। ऐसे में लोगों को अपने हक़ अधिकारों के लिए सड़कों पर आकर अपनी आवाज़ बुलंद करने की ज़रूरत है।
अभियान के दौरान पर्चे बाँटे गए, साथ ही लोगों के बीच बिगुल अख़बार भी वितरित किया गया। इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याएँ साझा की, साथ ही ज्ञापन सौंपने के लिए साथ चलने को भी सहमत हुए।
05/04/2026
बिगुल मज़दूर दस्ता और भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी (RWPI) के साथियों द्वारा पटना के कौशल नगर इलाक़े में गैस सिलेंडर के संकट और बढ़ती महँगाई के ख़िलाफ़ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस दौरान बिगुल मज़दूर दस्ता के साथियों ने बताया कि हमारे देश में गैस सिलेंडर का संकट और महँगाई सरकार की नीतियों की विफलता का परिणाम है। आज अमेरिका- इजराइल द्वारा ईरान पर थोपे गए साम्राज्यवादी युद्ध के कारण यह संकट आया है लेकिन मोदी सरकार युद्ध के ख़िलाफ़ कुछ भी बोलने के बजाय अमेरिका के इशारों पर काम कर रही है। यह मोदी सरकार की विफल विदेश नीति का नतीजा है कि भारत को ईरान व अन्य देशों से सस्ते दरों पर गैस नहीं मिल पा रहा है। इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याएँ साझा करते हुए बताया कि गैस नहीं होने के कारण काफ़ी समस्या हो रही है। भूखे रहने तक की नौबत आ रही है। कई जगहों पर सिलेंडर की ब्लैक में बिक रहे हैं जिस वजह से उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। लकड़ी पर खाना बनाने की नौबत आ गई है। जिनके घरवाले दिल्ली, मुम्बई जैसे शहरों में मज़दूरी करते हैं सिलेंडर की आपूर्ति न होने के कारण घर लौटने को मजबूर है।
31/03/2026
बिहार के नालन्दा में हुई भगदड़ की घटना पर राज्य सरकार जवाब दो!
आज सुबह बिहार के नालन्दा में शीतला माता मन्दिर में प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई भगदड़ में यह रिपोर्ट लिखे जाने तक करीब 8 लोगों की मृत्यु हो गयी है और कई घायल हुए हैं। चैत्र माह का आखिरी दिन और मंगलवार होने की वजह से मन्दिर परिसर में भीड़ ज़्यादा थी। इस बात की जानकारी स्थानीय प्रशासन को पहले से थी कि बड़ी संख्या श्रद्धालु आज मन्दिर पहुंचेंगे, लेकिन इसके बावजूद भीड़ नियंत्रण के पुख़्ता इंतज़ाम नहीं किये गये थें।
आनन फानन में उस क्षेत्र के एस एच ओ को सस्पेंड कर दिया गया है, तथा इस मामले के 'जाँच' के आदेश दिये गये। लेकिन, यह सिर्फ़ एक घटना की बात नहीं है, आये दिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण ऐसी हृदय विदारक घटनाएं घटित होती रहती है। एन.सी.आर.बी के आंकड़ों के अनुसार, 2001 से 2022 के बीच भारत में भगदड़ की घटनाओं में 3,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हुयी थी। सिर्फ़ पिछले साल भगदड़ की 8 बड़ी दुर्घटनाएं हुयी थी, जिसमें करीब 120 लोग मारे गये थें और सैंकड़ों घायल हुए थें। यहाँ गौर करने वाली बात यह भी है कि केन्द्र व राज्य में सत्तासीन भाजपा, जो खुद को बहुसंख्यक हिंदू आबादी का सबसे बड़ा हितैषी बताती है, आख़िर वह मन्दिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर भगदड़ जैसी घटना से हिन्दू श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रबंध क्यों नहीं कर पाती? जब भाजपा मन्दिर के नाम पर बेशर्मी से अपना वोटबैंक मज़बूत करती है और सरकार बना लेती है, तब इन्हीं मन्दिरों में जाने वाले हिन्दू श्रद्धालुओं की जान की हिफाज़त क्यों नहीं कर पाती?
आज नालन्दा में हुई दुर्घटना ने फ़िर से वही सवाल खड़े किये, जो भारत में भीड़ के नियंत्रण को लेकर पहले से उठते रहें हैं। आख़िर भीड़ के नियंत्रण को लेकर पुख़्ता इंतज़ाम क्यों नहीं है? क्या सरकारी एजेंसियां दुर्घटना हो जाने के बाद ही क्यों जागती है? क्या राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जिनके मातहत ही सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग आता है। वह इस घटना की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा देंगे? राज्य और केन्द्र सरकार इन सवालों पर चुप्पी धड़े नहीं रह सकती है।
भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी यह माँग करती है कि शीतला माता मन्दिर में हुयी भगदड़ की घटना की जाँच की रिपोर्ट यथाशीघ्र सार्वजनिक की जाय तथा दोषी अधिकारियों और मंत्रियों पर तुरन्त कार्रवाई की जाय। साथ ही, तत्काल राज्य के ऐसे सभी भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर भगदड़ से बचने के सुरक्षा के इंतज़ाम किये जाय तथा इन स्थलों पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की जाय।
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