Pritam Gautam

Pritam Gautam

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05/03/2026

बुढ़वा होली के दिन "विशेष चीज" के शौकीन बुढ़वा उलट गया...🤪🤭
😃मुख्यमंत्री से सीधे सांसद बनने जा रहे है...😃🤪

12/05/2025

हारे भी नहीं क्यूंकि सेना मजबूत थी..

जीते भी नहीं क्यूंकि नेतृत्व कमजोर था..!

जय हिंद! जय हिंद की सेना
🙏🙏

27/04/2025

जब बांग्लादेशी पाकिस्तान के ख़िलाफ़ लड़ रहे थे और पाकिस्तान भारत को धमकियाँ दे रहा था। तब कांग्रेस और विपक्ष दोनों के ही सांसदों ने इंदिरा पर दबाव बनाया कि भारत कुछ करे। तब इंदिरा ने संसद में कहा- 'इस तरह के गंभीर समय में, सरकार जितना कम बोले, उतना ही बेहतर होगा।'। जबकि इंदिरा अंदर ही अंदर रुस से लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों सबसे मिल रही थीं। रॉ अपना सीक्रेट काम कर रहा था। कुछ ही दिन बाद इंदिरा ने न केवल युद्ध लड़ा बल्कि पाकिस्तान को बुरी तरह हराया। पाकिस्तान के दो हिस्से किए। एक हमारे ये वाले महाशय हैं। चुनावी रैलियाँ कर रहे हैं, लंबे लंबे भाषण दे रहे हैं। जैसे गली के लड़कों की लड़ाई हो। लफ़्फ़ाज़ियाँ चल रही हैं, डायलॉग मारे जा रहे हैं। इनके टाइम में- गुरदासपुर हमला (27 जुलाई 2015), पठानकोट हमला (2 जनवरी 2016), उरी हमला (18 सितंबर 2016, अमरनाथ यात्रा हमला (10 जुलाई 2017), पुलवामा हमला (14 फरवरी 2019), पहलगाम हमला (22 अप्रैल 2025) हो चुका है, ना कोई ज़िम्मेदारी ली, ना किसी गृहमंत्री से इस्तीफ़ा लिया। सिर्फ़ हुलुल हुलुल कर रहे हैं और जितना हो सके इसे भारत के अंदर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। स्टेटसमैन और स्टंटमैन में यही अंतर होता है। नीचे कमेंट में इंदिरा के भाषण का स्क्रीनशॉट लगा रहा हूँ।

24/04/2025

पुहेअल कश्मीरी भाषा का एक शब्द है जिसका मतलब होता है चरवाहा । पहलगाम का मतलब होता होता है - चरवाहों का गांव । दुनिया के बेहतरीन , खूबसूरत और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हिस्सा अनंतनाग जिले की एक तहसील है । यहाँ की कुल आबादी छह हज़ार से भी कम है । मुख्य रूप से यह एक मशहूर पर्यटक स्थल है । जो जून से सितंबर तक सैलानियों से भरा रहता है । इसलिए पहलगांव की छोटी से आबादी का जिवन यापन पर्यटन से ही जुड़ा हुआ है - होटल व्यवसाय घोड़ा चालक , सामान ढोने वाले मजदूर , कुछ फेरी वाले बस ।
यही भूगोल है , उस पहलगांव का जहाँ आतंकी हमला हुआ है । पच्चीस लोग मारे जा चुके हैं , अनगिनत घायल हैं । यह पोस्ट इसी विषय पर है । देश के पास जो सवाल हैं , गुस्से से भरे हुए , तकलीफ़ के साथ उसे संचार के माध्यम अनदेखा कर रहे हैं । अगर इस विषय से दूर रहते तो ज़्यादा बेहतर होता लेकिन ये मीडियावाले अपराधिक घपला कर के इस पहलगांव घटना को ही तोड़ मरोड़ कर परोस रहे हैं । सरकार से पूछा जाना चाहिए -
- पाँच हज़ार की छोटी सी आबादी में विदेशी आतंकवादी आता है , इसकी पूर्व सूचना भारत सरकार और कश्मीर सरकार के पास नहीं थी । क्यों ?
- पहलगांव संवेदनशील एरिया घोषित है , फिर यहाँ सुरक्षा बल क्यों नहीं था ?
- इस वारदात के बाद सरकार क्या कर रही है । ?
इस हमले के बाद मीडिया (?) जो नहीं बोल लिख रही है वह आंख खोलनेवाला है । हमले के बाद घायलों को अस्पताल तक ले जानेवाले वे लोकल पहलगामी ही हैं और अपने कंधे पर लाद कर ले गए हैं , उनके इस जज़्बे को सलाम करने की जगह आप उनकी लाशों के चित्र से पोस्टर बना रहे हो ? यह सब नहीं हुआ अलग बात है लेकिन इस समाज और सरकार के वे नामख़राम लुटेरों की कारस्तानी पर सरकार ने रोक तक नहीं लगाया । श्रीनगर से दिल्ली की कुल दूरी तकरीबन छ सौ किलोमीटर है , हवाई यात्रा भाड़ा पाँच हज़ार के लगभग होता है , हमले के बाद यह भाड़ा बढ़ कर चालीस हज़ार तक जा चुका है ।
इतनी घटिया व्यवस्था ?

07/01/2025

लालू प्रसाद का शासनकाल और कुछ जरूरी तथ्य

लालू प्रसाद के जमाने में ही को भ्रष्टाचार मुक्त और नियमित किया गया...सिविल सेवा के सिलेबस में व्यापक बदलाव किया गया...पहले केवल मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर चयन होता था...पहली बार पीटी की व्यवस्था की गई...मुख्य परीक्षा के केन्द्र विभिन्न जिलों में होते थे जहाँ केन्द्र ही मैनेज कर लिया जाता था...जिसे खत्म कर केवल पटना में मुख्य परीक्षा का केन्द्र बनाया जाने लगा...विषयों के आधार पर भेदभाव खत्म करने के लिए सर्वप्रथम लालू प्रसाद के काल में ही बीपीएससी में पीटी परीक्षा में केवल एक पत्र सामान्य अध्ययन को रखा गया...जिसे UPSC ने अब अपनाया है...

लालू प्रसाद के शासन काल में ही दो बार विश्वविद्यालय शिक्षकों की नियुक्ति विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से और और दो बार प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति BPSC के माध्यम से किया गया जिसे अब तक का बिहार में सबसे बेहतरीन और निष्पक्ष शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया माना जाता है...और आज भी बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लालू प्रसाद के शासनकाल में नियुक्त शिक्षक ही बचाए हुए हैं...जबकि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली भाजपा-जद(यू) के 10 सालों के शासन की पहली विश्वविद्यालय शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया लगभग पिछले तीन साल से रेंग ही रही है...और इस सरकार द्वारा नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों का तो कहना ही क्या...

बिहार में सबसे अधिक विश्वविद्यालय और प्राथमिक विद्यालय खोलने का भी रिकॉर्ड लालू प्रसाद के नाम है...

प्रशासनिक सुधार और प्रशासन को जनता के करीब ले जाने की नीति के तहत बिहार में सर्वाधिक प्रखंड बनाने का भी रिकॉर्ड लालू प्रसाद के ही नाम है...

पंचायतों और नगर निकायों का चुनाव दलीय आधार पर न कराने का निर्णय भी राबड़ी देवी के ही शासनकाल में लिया गया था जिससे आज बिहार के पंचायत और नगर निकाय राजनैतिक दलों के जोड़-तोड़ से बचे हुए हैं...

जहाँ तक मजदूरों के पलायन का दोष लालू प्रसाद के सिर मढने की बात है तो बिहार के मजदूरों के पलायन और दुख-दर्द पर आधारित एक फिल्म 'दो बीघा जमीन' 1953 में बिमल राय ने बनाया था...तब लालू प्रसाद का अता-पता भी नहीं था...

08/09/2024

प्रशांत किशोर आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में आइटम सांग होगा...।।
मीडिया में खूब दिखेगा,
लोग खूब मजे लेगें
बाकि चुनाव परिणाम पर इसका कोई असर नही होगा।

21/05/2024

जैसे अभी नीतीश सरकार का माई-बाप शिक्षा विभाग का अपर सचिव के के पाठक बना हुआ है…

वैसे ही कभी मदनमोहन झा था जिसके कार्यकाल में जो शिक्षक नियुक्त हुए उसे खुद नीतीश सरकार ही अक्षम मानती है…

कभी नीतीश सरकार के माई-बाप शिक्षा विभाग के ही अपर सचिव अंजनी कुमार सिंह था जिसके कार्यकाल में केवल उसके गाँव चमथा के बच्चे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की परीक्षाओं में टॉप करते थे…

नीतीश सरकार भ्रष्ट और अयोग्य अफ़सरों को अपना माई-बाप मानने की जगह जनता को कब अपना माई-बाप समझेगी…???

17/04/2024

शिक्षक पर दबाव डालकर शिक्षा लेने की कोशिश सिर्फ पागलपन है। शिक्षा का कार्य शिक्षक की स्वेच्छा पर निर्भर करता है। शिक्षक के शरीर को समय सारिणी में बांध सकते हैं, उनके मन को नहीं। अघोषित रुप में ही सही बिहार के विद्यालय में शायद पहली बार गर्मी की छुट्टी समाप्त कर दिया गया है। ऐसे दबाव के स्तिथि में न्यूनतम संसाधन में भी ईमानदारी से शैक्षणिक कार्य करने वाले शिक्षक भी शैक्षणिक कार्य से विमुख होंगे और आगे ये उनकी आदत बन सकती है। जबर्दस्ती शैक्षणिक कार्य लेने की सनकीपन अब शिक्षा को गर्त में ले जाएगी। पूर्वाग्रह से ग्रस्त ये समाज ऐसे फैसले पर मजा ले रहा है। वैसे भी नफरत और घृणा से बजबजाता वर्तमान भारतीय समाज में शिक्षक के सम्मान की उम्मीद नहीं की जा सकती है।

14/04/2024

बिहार में इसबार भाजपा गठबंधन जीत नही रही बल्कि राजद गठबंधन मोदी को जीता रही है।
शराब बंदी में पता नही कौन सा नशा करके इंडिया गठबंधन का उम्मीदवार तय किया जा रहा है।
आप कितना भी अच्छी स्थिति में हों, कितना भी अच्छा मुद्दा हो आपके पास अगर उम्मीदवार घटिया देगें तो मुंह की ही खाएंगे...।।

18/03/2024

वाजपेयी ने प्रधानमंत्री बनते ही सारे सरकारी कर्मचारियों की पेंशन ख़त्म कर दी थी। अर्धसैनिक बलों से सैनिकों तक की।
अब अगर कोई सैनिक जीवन भर के लिए विकलांग हो जाए या शहीद हो जाए तो वो भी न उसको पेंशन मिलती है न उसके परिवार को।
इन्हीं वाजपेयी ने नियम बदल कर सभी सांसदों को आजीवन पेंशन दी थी चाहे संसद एक ही दिन चली हो। पहले केवल उन्हीं सांसदों को पेंशन मिलती थी जो पूरे 5 साल का कार्यकाल पूरा करें। मोदी ने सत्ता में आते ही सांसदों की तनख़्वाह और भत्ते दोगुने कर दिये थे। साथ ही साथ उसको ऑटोमेटिक बढ़ोत्तरी पर डाल दिया था। मतलब अब वो अपने आप समय के अनुसार बढ़ती रहेगी।
तो असल मुफ़्तख़ोर कौन है भैया?
और अभी तो मोदी का अंबानियों और अडानियों का माफ़ किया क़र्ज़ बताया ही नहीं है।

15/03/2024

ज्यादातर अखबारों मे एक लाइन नहीं छपी है इलेक्ट्रॉल बॉंड पर क्योंकि मीडिया जानता है ये बांड नहीं बॉम्ब है अगर जनता में मुद्दा बना तो-

👉 फ्यूचर गेमिंग सबसे बड़ी डोनर है जो 1368 करोड़ का चंदा देती है। इसका मालिक भारत का लॉटरी किंग है मनी लांड्रिंग, धोखाधड़ी, इनकमटैक्स के ढेरों मामले चल रहे लेकिन आजतक गिरफ्तारी नहीं हुई क्योंकि कम्पनी दिल खोलकर चंदा दे रही है दूसरा लॉटरी किंग के सुपुत्र ने शुद्धिकरण पार्टी जॉइन कर पाप धो लिए।

👉 भारत सीरम कोविशील्ड निर्माता कंपनी ने 52 करोड़ की डोनेशन दी और पूनावाला ट्वीट करने लगे मोदी से मिलकर बड़ी खुशी हुई, उधर बड़े बड़े विज्ञापन स्वदेशी वैक्सीन बना ली मोदी ने और सरकार ने मुहमांगे दामों पर वैक्सीन खरीदी जबकी वैक्सीन PSU/सरकारी कम्पनियों में बन सकती थी और हजारों करोड़ बचाए जा सकते थे सरकारी खजाने के, अब सिर्फ 52 करोड़ मे तो सैंकड़ों करोड़ की लूट की इजाज़त दी नहीं होगी, कैश व अन्य माध्यमों से भी पैसा लिया होगा अब जांच कौन करे!

सिर्फ देश लूटने की इजाज़त देकर ही चंदा नहीं आया बल्कि समय समय पर लूटेरों को डंडा भी घुसाया चंदा लेने को-

👉 जैसे रुइया बंधुओं पर ED ने कारवाई की और बदले मे एस्सार ग्रूप से 50 करोड़ लेकर जांच बन्द…

👉आर्सेलर मित्तल के मालिक सरकार से निवेदन किए कि एस्सार मामले में जो जांच चल रही है उसमें उन्हें छूट दी जाये तो सरकार बोली लाओ भाई 120 करोड़…

👉भारती एयरटेल पर 700 करोड़ के कस्टम ड्यूटी और टैक्स इवेशन का केस था, भारती एयरटेल ने 40 करोड़ का चंदा दिया और आज वो केस कहां है किसी को कुछ मालूम हो तो बताना…

👉जीएमआर पर ED रेड हुई थोड़ा चंदा और बाकी कंपनी का हिस्सा अदानी को बेच निपटारा हुआ…

👉आरपीएसजी ग्रूप ईडी की रेड के बाद 45 करोड़ चंदा दिया और सोनिया राहुल के खिलाफ़ नेशनल हेराल्ड केस में गवाही…

👉मनी लांड्रिंग के मामले में डीएलएफ ग्रूप पर देश भर में छापे बदले मे 25 करोड़ चंदा और मामला रफादफा…

❇️ इतना ही नहीं पाकिस्तान की HUB पावर कम्पनी तक से चंदा डकार कर पैसा पवित्र कर लिया वो भी तब जब पुलवामा के ठीक बाद साहब लाल लाल आंखें दिखाते चुनावी कैम्पेन कर रहे थे…

🔄 इलेक्ट्रॉल बांड मे वो अपेक्षित बड़े नाम नहीं दिख रहे तो जानलें कि 100 करोड़ से ऊपर चंदा देने वाली 22 कम्पनियों मे अधिकतर ऐसी हैं जिनकी कुल वर्थ दिए चंदे जितनी भी नहीं, यानी कि इन सेल कम्पनियों की स्थापना ही सिर्फ राजनीति चंदा देने के लिए हुई।

ये तो हुई डॉक्यूमेंटेड पूरी घूसखोरी, जबरन वसूली इसके अलावा अन्य माध्यम से कितना पैसा आया होगा उसका कोई हिसाब नहीं है।

14/03/2024

इलेक्टोरल बॉन्ड बीजेपी नेता अरुण जेटली का डकैती फार्मूला था...😡

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