19/09/2024
https://youtu.be/076faY7rGtE
बिहार में कुछ ऐसे राजनेता है जो रामचरित्र मानस पर भी टिका-टिप्णी करते है:-राज्यपाल बिहार
माननीय श्री राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, राज्यपाल बिहार के करकमलों से “रामतत्व की अवधारणा : वाल्मीकि, कबीर एवं तुलस....
16/09/2024
https://youtu.be/JfyredePttY
जातिवादी नेताओं ने शाकद्वीपीय ब्राह्मणों की प्रतिभा से घबरा कर उन्हें हासिये पर डालने का कार्
जातिवादी नेताओं ने शाकद्वीपीय ब्राह्मणों की प्रतिभा से घबरा कर उन्हें हासिये पर डाल ने का कार्य किया है :- डॉ विवेक....
14/09/2024
https://youtu.be/ZTF7ndP6USs
दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन एवं भारतीय भाषा अभियान ने संयुक्त तौर पर हिंदी दिवस पर निबन्ध एवं भ
दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन एवं भारतीय भाषा अभियान ने संयुक्त तौर पर हिंदी दिवस पर निबन्ध एवं भाषण प्रतियोगिता का...
13/09/2024
आज मैंने कुछ मस्जिदों के सामने देखा कि मुसलमान वक्फ बोर्ड भंग न हो इसके लिए ऑनलाइन कैम्पेन चला रहे थे | वर्तमान सरकार ने हिन्दुओ का भला तो नहीं किया वल्कि मुसलमानों को एक होना और उसे तकनीकी तौर पर सुदृढ़ अवश्य कर दिया , जो भविष्य के लिए काफी खतरनाक है |
07/09/2024
बिहार के लोग बहुत दिनों से नेताओ के बच्चो के भविष्य को सवारने में लगे है | क्या इस चुनाव में अपने बच्चो का भविष्य स्वर्ण चाहेंगें?
29/08/2024
किसी व्यक्ति या दल के प्रति निष्ठां से ज्यादा जरूरी है राष्ट्र और धर्म के प्रति निष्ठां |
27/08/2024
आखिरकार, पुराने रिकॉर्ड से वह पत्र मिल ही गया 1930 में गांधी को व्यक्तिगत खर्चों के लिए अंग्रेजों से प्रति माह 100 रुपये मिलते थे। उस समय 10 ग्राम सोने का बाजार मूल्य ₹ 18 था। उस समय के ₹100 का बाजार मूल्य वर्तमान में लगभग ₹3.88 लाख के बराबर है। यक्ष प्रश्न यह है कि अंग्रेज़ सरकार के विरुद्ध स्वतन्त्रता की लड़ाई लड़ने वाले गांधी को अंग्रेज़ सरकार ही इतनी बड़ी धनराशि प्रतिमाह नियमित भुगतान क्यों कर रही थी ? उत्तर 👉 अंग्रेजों को वास्तविक स्वतंत्रता सेनानियों को कुचलने में अहिंसा के नाम पर (इससे भोले भाले भारतीय शस्त्र नहीं उठाते थे और अंग्रेज़ सरकार को निडर होकर ) सामूहिक नरसंहार करवाने में मदद करने के लिए ? हमें यह याद रखना चाहिए कि जिस समय असहयोग आंदोलन अपने चरम पर पहुँच गया था, उस समय अचानक से गांधी ने आंदोलन ही समाप्त कर दिया। गांधीजी अंग्रेजों से मिले हुए थे। निश्चय ही भारत देश, गांधी और उसके चरखे के कारण तो स्वतंत्र बिल्कुल भी नहीं हुआ बल्कि उल्टा लाखों हिंदुओं की हत्या होती गई।
27/08/2024
बिहार में बदलाव के लिए २४३ राष्ट्रवादीयों की आवश्यकता है |
27/08/2024
भारत के हिन्दुओ को कमजोर और विधर्मियो को मजबूत करने का हथियार है जातीय व्यवस्था |