29/03/2026
दिनांक 28.03.2026 को संस्थागत नैतिकता समिति (आई.ई.सी.) Institutional Ethics Committee (IEC) की बैठक आयोजित की गई।
Regional Ayurveda Research Institute, CCRAS, Ministry of Ayush, Govt. of India
29/03/2026
दिनांक 28.03.2026 को संस्थागत नैतिकता समिति (आई.ई.सी.) Institutional Ethics Committee (IEC) की बैठक आयोजित की गई।
29/03/2026
दिनांक 19.03.2026, को एन.ए.बी.एच. के अंतर्गत संस्थान प्रांगण में Fire Safety Training का आयोजन किया गया। जिसमे समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी ने प्रशिक्षण में भाग लिया|
Ministry of Ayush, Government of India Prataprao Jadhav Central Council for Research in Ayurvedic Sciences Bihar Lok Bhavan Regional Ayurveda Research Institute, Patna Rohit Ravte RARI-Patna
29/03/2026
दिनांक 18.03.2026, को एन.ए.बी.एच. के अंतर्गत संस्थान प्रांगण में First Aid Training का आयोजन किया गया। जिसमे समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी ने प्रशिक्षण में भाग लिया|
Ministry of Ayush, Government of India Prataprao Jadhav Central Council for Research in Ayurvedic Sciences Regional Ayurveda Research Institute, Patna Bihar Lok Bhavan RARI-Patna Rohit Ravte
16/03/2026
क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना के अंतर्गत संचालित परियोजनाएँ टी.एच.सी.आर.पी. एवं डब्ल्यू.सी.एच. परियोजना आदि हेतु वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता (आयु.) 07 (सात) पद के लिए संविदा के आधार पर प्रत्यक्ष साक्षात्कार दिनांक 26.03.2026 हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित है।
दिनांक : 26.03.2026 (गुरुवार)
स्थान : क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, डी ब्लॉक, आर.एम.आर.आई.एम.एस., अगमकुआँ , पटना (बिहार )-800007
Ministry of Ayush, Government of India Central Council for Research in Ayurvedic Sciences Regional Ayurveda Research Institute, Patna Prataprao Jadhav RARI-Patna Rohit Ravte Bihar Lok Bhavan
16/03/2026
दिनांक 11.03.2026 को क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना के सभागार में कार्यस्थल पर उत्पीड़न के कानूनी पहलू पर जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन अध्यक्ष सह प्रभारी डॉ. रोहित कुमार रावते तथा मुख्य अतिथि श्री चार्ली राज, अधिवक्ता, पटना हाई कोर्ट, पटना द्वारा भगवान धन्वंतरी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर धन्वंतरी वंदना के साथ किया गया।
मुख्य वक्ता श्री चार्ली राज ने कार्यस्थल पर होने वाले उत्पीड़न से जुड़े कानूनी प्रावधान, अधिकार, और सुरक्षा उपायों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम कर्मचारियों और अधिकारियों को जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
16/03/2026
दिनांक 09.03.2026 को क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना के सभी अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने Post Budget Webinar 2026-27 में भाग लिए।
माननीय प्रधानमंत्री द्वारा बजट 2026 में आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और हितधारकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं और आयुष क्षेत्र के विकास पर अपने विचार साझा किए।
16/03/2026
दिनांक 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना के सभागार में वार्षिक सत्र 2025-26 की चतुर्थ एकदिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन अध्यक्ष सह प्रभारी डॉ. रोहित कुमार रावते तथा मुख्य अतिथि श्री राजेंद्र कुमार महतो, सहायक निदेशक एवं सचिव, नराकास (केंद्रीय कार्यालय), पटना द्वारा भगवान धन्वंतरी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर धन्वंतरी वंदना के साथ किया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता श्री राजेंद्र कुमार महतो, सहायक निदेशक एवं सचिव, नराकास (केंद्रीय कार्यालय), पटना ने "संसदीय राजभाषा समिति की निरीक्षण प्रश्नावली पर चर्चा" विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3), धारा 5(5) तथा अन्य संबंधित प्रावधानों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने हिंदी शब्द-सिन्धु, केंद्रीय हिंदी निदेशालय, वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग तथा राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकसित भारती-बहुभाषी अनुवाद सारथी के संबंध में भी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन हिंदी अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिन्हा द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रितिका मिश्रा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
16/03/2026
दिनांक 21.02.2026 को जी.एन.एम. स्कूल, नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्रथम वर्ष की जी.एन.एम. प्रशिक्षु छात्राओं ने अपने कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग पाठ्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस शैक्षणिक दौरे का उद्देश्य छात्राओं को आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की मूल अवधारणाओं, सिद्धांतों और व्यवहारिक पहलुओं से अवगत कराना था।
भ्रमण के दौरान संस्थान के विभिन्न विशेषज्ञ अनुसंधान अधिकारियों ने छात्राओं को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं जानकारी प्रदान की—
🔹 आयुर्वेद का परिचय
डॉ. रोहित कुमार रावते, प्रभारी अनुसंधान अधिकारी ने आयुर्वेद की उत्पत्ति, इतिहास, उसके प्रमुख घटकों तथा आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
🔹 आयुर्वेद के मौलिक सिद्धांत
डॉ. बालाजी पोटभरे, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने त्रिदोष सिद्धांत, पंचमहाभूत सिद्धांत तथा शरीर-मन-इन्द्रिय के आपसी संबंध जैसे मूलभूत सिद्धांतों की सरल एवं व्यवहारिक व्याख्या प्रस्तुत की।
🔹 आयुर्वेदीय चिकित्सा शैली
डॉ. अशोक कुमार सिन्हा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने आयुर्वेदिक रोग-निदान पद्धति, उपचार के प्रकार, औषधि निर्माण विधि तथा रोगी-केंद्रित चिकित्सा पद्धति के बारे में छात्राओं को जागरूक किया।
🔹 आयुर्वेद में स्वस्थवृत्त
डॉ. कुमारी अर्चना, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार और स्वस्थ रहने के आयुर्वेदिक नियमों की जानकारी दी, जिससे छात्राएं स्वास्थ्य संवर्धन की वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझ सकें।
🔹 पंचकर्म चिकित्सा
डॉ. रितिका मिश्रा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने पंचकर्म की अवधारणा, उसके प्रकार, उपयोगिता एवं विभिन्न रोगों में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
इस शैक्षणिक भ्रमण से छात्राओं को आयुर्वेद के सिद्धांतों, चिकित्सा पद्धतियों एवं स्वस्थ जीवनशैली के आयामों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ, जो उनके नर्सिंग प्रशिक्षण में एक महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में जुड़ गया।
16/03/2026
दिनांक 20.02.2026 को जी.एन.एम. स्कूल, नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्रथम वर्ष की जी.एन.एम. प्रशिक्षु छात्राओं ने अपने कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग पाठ्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस शैक्षणिक दौरे का उद्देश्य छात्राओं को आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की मूल अवधारणाओं, सिद्धांतों और व्यवहारिक पहलुओं से अवगत कराना था।
भ्रमण के दौरान संस्थान के विभिन्न विशेषज्ञ अनुसंधान अधिकारियों ने छात्राओं को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं जानकारी प्रदान की—
🔹 आयुर्वेद का परिचय
डॉ. रोहित कुमार रावते, प्रभारी अनुसंधान अधिकारी ने आयुर्वेद की उत्पत्ति, इतिहास, उसके प्रमुख घटकों तथा आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
🔹 आयुर्वेद के मौलिक सिद्धांत
डॉ. बालाजी पोटभरे, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने त्रिदोष सिद्धांत, पंचमहाभूत सिद्धांत तथा शरीर-मन-इन्द्रिय के आपसी संबंध जैसे मूलभूत सिद्धांतों की सरल एवं व्यवहारिक व्याख्या प्रस्तुत की।
🔹 आयुर्वेदीय चिकित्सा शैली
डॉ. अशोक कुमार सिन्हा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने आयुर्वेदिक रोग-निदान पद्धति, उपचार के प्रकार, औषधि निर्माण विधि तथा रोगी-केंद्रित चिकित्सा पद्धति के बारे में छात्राओं को जागरूक किया।
🔹 आयुर्वेद में स्वस्थवृत्त
डॉ. कुमारी अर्चना, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार और स्वस्थ रहने के आयुर्वेदिक नियमों की जानकारी दी, जिससे छात्राएं स्वास्थ्य संवर्धन की वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझ सकें।
🔹 पंचकर्म चिकित्सा
डॉ. रितिका मिश्रा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने पंचकर्म की अवधारणा, उसके प्रकार, उपयोगिता एवं विभिन्न रोगों में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
इस शैक्षणिक भ्रमण से छात्राओं को आयुर्वेद के सिद्धांतों, चिकित्सा पद्धतियों एवं स्वस्थ जीवनशैली के आयामों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ, जो उनके नर्सिंग प्रशिक्षण में एक महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में जुड़ गया।
16/03/2026
दिनांक 19.02.2026 को जी.एन.एम. स्कूल, नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की तृतीय वर्ष की जी.एन.एम. प्रशिक्षु छात्राओं ने अपने कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग पाठ्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस शैक्षणिक दौरे का उद्देश्य छात्राओं को आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की मूल अवधारणाओं, सिद्धांतों और व्यवहारिक पहलुओं से अवगत कराना था।
भ्रमण के दौरान संस्थान के विभिन्न विशेषज्ञ अनुसंधान अधिकारियों ने छात्राओं को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं जानकारी प्रदान की—
🔹 आयुर्वेद का परिचय
डॉ. रोहित कुमार रावते, प्रभारी अनुसंधान अधिकारी ने आयुर्वेद की उत्पत्ति, इतिहास, उसके प्रमुख घटकों तथा आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
🔹 आयुर्वेद के मौलिक सिद्धांत
डॉ. बालाजी पोटभरे, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने त्रिदोष सिद्धांत, पंचमहाभूत सिद्धांत तथा शरीर-मन-इन्द्रिय के आपसी संबंध जैसे मूलभूत सिद्धांतों की सरल एवं व्यवहारिक व्याख्या प्रस्तुत की।
🔹 आयुर्वेदीय चिकित्सा शैली
डॉ. अशोक कुमार सिन्हा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने आयुर्वेदिक रोग-निदान पद्धति, उपचार के प्रकार, औषधि निर्माण विधि तथा रोगी-केंद्रित चिकित्सा पद्धति के बारे में छात्राओं को जागरूक किया।
🔹 आयुर्वेद में स्वस्थवृत्त
डॉ. कुमारी अर्चना, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार और स्वस्थ रहने के आयुर्वेदिक नियमों की जानकारी दी, जिससे छात्राएं स्वास्थ्य संवर्धन की वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझ सकें।
🔹 पंचकर्म चिकित्सा
डॉ. रितिका मिश्रा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने पंचकर्म की अवधारणा, उसके प्रकार, उपयोगिता एवं विभिन्न रोगों में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
इस शैक्षणिक भ्रमण से छात्राओं को आयुर्वेद के सिद्धांतों, चिकित्सा पद्धतियों एवं स्वस्थ जीवनशैली के आयामों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ, जो उनके नर्सिंग प्रशिक्षण में एक महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में जुड़ गया।
16/03/2026
दिनांक 18.02.2026 को जी.एन.एम. स्कूल, नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की तृतीय वर्ष की जी.एन.एम. प्रशिक्षु छात्राओं ने अपने कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग पाठ्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस शैक्षणिक दौरे का उद्देश्य छात्राओं को आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की मूल अवधारणाओं, सिद्धांतों और व्यवहारिक पहलुओं से अवगत कराना था।
भ्रमण के दौरान संस्थान के विभिन्न विशेषज्ञ अनुसंधान अधिकारियों ने छात्राओं को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं जानकारी प्रदान की—
🔹 आयुर्वेद का परिचय
डॉ. रोहित कुमार रावते, प्रभारी अनुसंधान अधिकारी ने आयुर्वेद की उत्पत्ति, इतिहास, उसके प्रमुख घटकों तथा आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
🔹 आयुर्वेद के मौलिक सिद्धांत
डॉ. बालाजी पोटभरे, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने त्रिदोष सिद्धांत, पंचमहाभूत सिद्धांत तथा शरीर-मन-इन्द्रिय के आपसी संबंध जैसे मूलभूत सिद्धांतों की सरल एवं व्यवहारिक व्याख्या प्रस्तुत की।
🔹 आयुर्वेदीय चिकित्सा शैली
डॉ. अशोक कुमार सिन्हा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने आयुर्वेदिक रोग-निदान पद्धति, उपचार के प्रकार, औषधि निर्माण विधि तथा रोगी-केंद्रित चिकित्सा पद्धति के बारे में छात्राओं को जागरूक किया।
🔹 आयुर्वेद में स्वस्थवृत्त
डॉ. कुमारी अर्चना, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार और स्वस्थ रहने के आयुर्वेदिक नियमों की जानकारी दी, जिससे छात्राएं स्वास्थ्य संवर्धन की वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझ सकें।
🔹 पंचकर्म चिकित्सा
डॉ. रितिका मिश्रा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने पंचकर्म की अवधारणा, उसके प्रकार, उपयोगिता एवं विभिन्न रोगों में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
इस शैक्षणिक भ्रमण से छात्राओं को आयुर्वेद के सिद्धांतों, चिकित्सा पद्धतियों एवं स्वस्थ जीवनशैली के आयामों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ, जो उनके नर्सिंग प्रशिक्षण में एक महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में जुड़ गया।
17/02/2026
दिनांक 16.02.2026 को क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना में जेम (GeM) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त प्रशिक्षण श्री सत्यम कुमार, GeM प्रशिक्षक द्वारा प्रदान किया गया, जिसमें संस्थान के अनुसंधान अधिकारी (आयु.), फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन एवं कार्यालय सहायक ने भाग लिया।
Ministry of Ayush, Government of India Bihar Lok Bhavan Rohit Ravte Central Council for Research in Ayurvedic Sciences -Ayurveda Acharya Prataprao Jadhav Regional Ayurveda Research Institute, Patna SINHA
| Monday | 9am - 5pm |
| Tuesday | 9am - 5pm |
| Wednesday | 9am - 5pm |
| Thursday | 9am - 5pm |
| Friday | 9am - 5pm |
| Saturday | 9am - 5pm |