Bihar - बिहार - بہار

Bihar - बिहार - بہار

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बिहार भारत के प्रमुख राज्यों में से एक है।
बिहार की राजधानी पटना है। K. Divya Tomar, Assistant Producer, IBN7. Singh
U. Sinha
R.

युँ तो "बिहारी" का मतलब हुआ 'बिहार' का रहने वाला पर वक़्त और हालात ने बिहारियों को पांच मुल्क में एक बड़ी तादाद में आबाद कर दिया और वो मुल्क हैं Hindostan, Nepal, Pakistan ,Bangladesh और Mauritian :)

वैसे भी बिहारियों ने पूरी दुनिया में अपने नाम का परचम अपनी मेहनत और लगन से लहराया हैं :)
पेश है कुछ ऐसे बिहारियों के नाम जिन पर बिहारियों के साथ साथ पुरे हिन्दोस्तान को नाज़ है

Ancient :)

Mahar

09/04/2026
02/12/2024

ये पटना के बेगमपुर में मौजूद मस्जिद हैबतजंग है। जो नवाब सिराज उद दौला के पिता हैबतजंग की याद में नवाब अली वर्दी ख़ान के दौर में बनाई गई थी। यहाँ पर मस्जिद के साथ इमामबाड़ा और मज़ार भी है। लोकल हिंदू इसकी देख रेख करते हैं। आज खंडहर है, वक़्फ़ बोर्ड और ASI सो रहा, बाक़ी लोगों ने क़ब्ज़ा कर अपना ठिकाना बना रखा है।

कल इसे तोड़ दिया जाए या फिर यहाँ कोई खुदाई हो जाए तो तो पूरी दुनिया में न्यूज़ बन जायेगा। आज ये धरोहर जर्जर है तो कोई पूछ नहीं रहा। शर्म आनी चाहिए लोगों को

20/02/2024

कुछ लोग 1890 की एक तस्वीर को शेयर कर उसे बिहार का पटना जंक्शन का बता रहे हैं, पटना से निकलने वाले एक अख़बार ने उसे 1920 का पटना जंक्शन बता दिया है।

अरे बेसिक जानकारी रखा करो भाई।

1862 में स्थापित पटना जंक्शन पहले बांकीपुर स्टेशन कहलाता था, और जो पटना स्टेशन है वो आज का पटना साहिब स्टेशन हुआ करता था।

अब आते हैं असल मुद्दे पर, वो जो तस्वीर है, जिसे लोग पटना जंक्शन बता रहे हैं, वो दरअसल पटना का है नही। वो स्कॉटलैंड का है.

अब पूछिएगा स्कॉटलैंड में पटना कहाँ से आ गया 🤷🏻‍♂️

स्कॉटलैंड के सबसे बड़े शहर ग्लास्गो के पास, ईस्ट एयरशायर काउंसिल में– लंदन से साढ़े छह सौ किलोमीटर दूर, बिहार की राजधानी पटना से 10 हज़ार किलोमीटर दूरी पर एक पटना है।

छोटा सा गाँव है, दो-चार रास्ते हैं, जो शुरू होने के थोड़ी ही दूर पर ख़त्म हो जाते हैं. भीड़-भड़क्का बिल्कुल नहीं, हालांकि आबादी दो-ढाई हज़ार से लेकर तीन-साढ़े तीन हज़ार के आस-पास बताई जाती है।

पटना गाँव का नाम पटना रखा जाना एक संयोग नहीं, इसके पीछे एक इतिहास है।

बीबीसी के अनुसार इसकी शुरूआत होती है 1745 से जब यहाँ के एक व्यवसायी विलियम फ़ुलर्टन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ बिहार गए, जो तब बंगाल हुआ करता था। वो वहाँ से चावल ब्रिटेन भेजा करते थे।

बाद में उनके भाई जॉन फुलर्टन भी वहाँ गए जो ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में मेजर जनरल थे और पटना में तैनात थे। वहीं 1774 में उनके बेटे का जन्म हुआ। उसका भी नाम था– विलियम फ़ुलर्टन।

जॉन फ़ुलर्टन ने भारत में अंतिम साँसें लीं। फ़ुलर्टन परिवार स्कॉटलैंट लौट आया जो तब तक संपन्न हो गया था, एक ज़मींदार परिवार बन चुका था।

विलियम ने खदानों के कारोबार में हाथ डाला। इस इलाक़े में कोयला और चूना प्रचुर मात्रा में मौजूद था। इसी विलियम ने 1802 में एक गाँव बसाया, मुख्य रूप से कोयला खदान में काम करने वाले लोगों को ध्यान में रखकर, और इस गाँव का नाम उसने अपनी जन्मस्थली के नाम पर रखा– पटना।

यहीं एक रेलवे स्टेशन 1856 में स्थापित किया गया, जिसकी तस्वीर बिहार का पटना बता कर प्रचारित किया जा रहा है। जो सरासर ग़लत है। लाइक शेयर और कमेंट के लिए फ़र्ज़ी चीज़ शेयर करना बंद करें -

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05/02/2024
01/02/2024
24/01/2024
Syed Mehdi Imam: Barrister turned Bihar's First English Dramatist 11/12/2023

सैयद मेहदी इमाम : बिहार के पहले अंग्रेज़ी नाटककार

सैयद मेहदी इमाम का जन्म 1902 को पटना में हुआ था, वालिद का नाम सय्यद हसन इमाम था, को Congress के 1918 में अध्यक्ष बने थे। दादा का नाम नवाब इमदाद असर था, जो नॉवेलनिगार, शायर और आलोचक थे। उनकी अहम किताबों में ‘काशिफुल हकाईक़’ के अलावा ‘मिरातुल हुकमा’, ‘फ़साना-ए-हिम्मत,’ ‘किताबुल असमार,’ ‘कीमिया-ए-ज़राअत,’ ‘फ़वाएद दारिन’ और ‘दीवान-ए-असर’ अहम हैं। उन्हीं का असरपोते में भी आ गया, उन्होंने भी लीग से हट कर काफ़ी कुछ लिखा। ये लोग दानापुर के पास मौजूद नेवरा और इस्लामपुर के पास मौजूद करायपरसराय से ताल्लुक़ रखते थे।

सैयद मेहदी इमाम को उनके वालिद सैयद हसन इमाम ने 1909 में 7 साल की उम्र में ही इंग्लैंड भेज दिया, वहीं के स्कूल में उसका दाख़िला कराया गया। वहीं सैयद मेहदी इमाम ने पढ़ाई के दौरान अंग्रेज़ी के इलावा लैटिन और ग्रीक भाषा भी सीख ली। फिर आक्स्फ़र्ड यूनिवर्सिटी में दाख़िला लिया। और एमए की डिग्री हासिल की।

वालिद और चचा भारत के सबसे बड़े वकीलों में से एक थे; इस लिए पिता के दबाव में आ कर सैयद मेहदी इमाम इंगलिश बार से जुड़ गए। 1925 वापस अपने वतन पटना लौटे और पटना हाई कोर्ट में वकालत शुरू कर दी। 1946 में उन्हें बिहार स्टैंडिंग कौंसिल नियुक्त किया गया। पर उनका इसमें दिल नही लगा। उन्होंने लिखना पढ़ना शुरू किया। इसके साथ ही तमाम मज़हब की तालीम हासिल की। उनके बारे में अधिक जानने के लिए पढ़ें - https://www.heritagetimes.in/syed-mehdi-imam-barrister-turned-bihars-first-english-dramatist/ .

Syed Mehdi Imam: Barrister turned Bihar's First English Dramatist Syed Mehdi Imam is among the elite barristers of his era. From 1925 to 1957, he practiced law in the Patna High Court.

Overcoming the odds - How Babur Arafat brought Pride to India. 20/11/2023

Babar Arafat, an intellectually challenged player, won the bronze medal in 100 meter walk in Dublin during the Special in June 2003.

Overcoming the odds - How Babur Arafat brought Pride to India. Babur Arafat who hailed from Patna, Bihar, India, is also amongst the brave examples. Born on December 5, 1985, with an intellectual disability, Babur has also proven to the world that one can achieve anything they wants in life with sheer handwork and determination.

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