08/10/2026
इंडिया महागठबंधन के सभी घटक दलों के द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध राजद के जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आनन्दी प्रसाद यादव, सीपीआई के जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय, भाकपा माले जिला सचिव कामरेड बिजय कुमार बिजय, सीपीएम के जिला सचिव कामरेड बीरबल शर्मा, वी.आइ पी के जिला अध्यक्ष शशि चौहान के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय मखदुमपुर से इंडिया गठबंधन महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता हाथ में लाल हर और तिरंगा झंडा और डंडा लेकर पटेल चौक खंड पर कटरा चौक चांदनी चौक होते समाहरणालय के मुख्य द्वार तक पहुंचे वहीं शेखपुरा के सड़क पर 'वोट चोर, गद्दी छोड़' 'लोकतंत्र पर हमला नही सहेंगे' , 'ज्ञानेश कुमार को फांसी दो', 'मोदी शाह शर्म करो ' , 'शर्म नहीं जो डुब मरो' 'वोट चोरी की सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी' , 'एस आई आर रद्द करो', 'वोट बचाओ लोकतंत्र बचाओ' , 'अभी तो ये अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है' अन्य नारों के साथ बङी संख्या में आक्रोशपूर्ण प्रतिरोध मार्च निकाला गया जो पुरे बजार भ्रमण कर समाहरणालय मुख्य द्वार के समीप मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का पुतला दहन कर सभा आयोजित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए महागठबंधन के पार्टी नेताओं ने कहा की वोट चोर गद्दी छोड़ का नारा जब आप जनता और विपक्षी पार्टी लगाते थे तब उस समय कहा जाता था की यह सियासी आरोप है ,लेकिन अब बाते स्पष्ट हो गई तीन चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ये तीन लोगों को मिलकर निर्णय जो लेना था, वह निर्णय ज्ञानेश कुमार दोनों चुनाव आयुक्त को दरकिनार कर अकेले निर्णय लेते रहे ,दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह और संधू ने पिछले 10 महीना में SIR और चुनाव से जुड़े वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म सिक्स में बदलाव को लेकर आपत्ति दर्ज की जिसमें माता - पिता दादा - दादी का नाम पुछा जाता था की पिछले SIR में था की नही यह निर्वाचन पंजीकरण अधिनियम 1960 में संशोधन के बगैर नहीं किया जा सकता दलील दी गई की 2003 में SIR हुए जो सच नहीं है 2003 में एक फार्म दिया गया बीएलओ को कहा गया की कोई वोटर का नाम छूटा है तो परिवार के मुखिया का हस्ताक्षर लेकर नाम जोड़ा जाए चुनाव आयोग कहता है 2003 में चार दस्तावेज मांगे थे हमने ज्यादा आप्शन दिया यह सच नहीं है 2003 में कोई दस्तावेज ही नही मांगे गए सिर्फ आयु और आवास प्रमाण पत्र के दास्तावेज मांगे गए चुनाव आयुक्त कहता है कि 2003 में नागरिकता जांच हो गई 2003 के बाद जो वोटर बन रहे हैं अपना नागरिकता दस्तावेज दे 2003 कि गहन संशोधन के रूल बुक 62 पृष्ठ दस्तावेज पारा 32 कहता है कि किसी ब्यक्ति नागरिकता निर्धारण करना BLO का काम नही है
13 करोड़ वोटर के नाम काटे गए हजारों नाम गायब है यह जो सरकार बनी है यह जनादेश की सरकार नहीं है। यह सरकार वोट चोरी की सरकार है, इस लिए लोकतंत्र जनतंत्र और संविधान धज्जियां उड़ानें वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा दे, नये SIR बाद जो चुनाव हुए बिहार, महाराष्ट्र, बंगाल के चुनाव रद्द किए जाए व पुराने वोटरलिस्ट पर चुनाव कराई जाए।
नेताओं ने कहा कि " मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के तूफान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में लगातार संघर्ष और आंदोलन की दर को तेज किया जाएगा। भाजपा और आरएसएस के द्वारा शेखपुरा तिनमोहानी के नाम बिना शेखपुरा वासी के सहमति लिए नामाकरण करने पर कङी अपति दर्ज करते हुए कहा कि जनता के मुद्दा से भटकाने के लिए यह फैसला लिया गया है, जो गलत है।"
इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बड़ी संख्या में नेता और कार्य करता शामिल हुए।