11/10/2026
प्रेस नोट
ओम् तत्सत् ओम् गुरु जी
रोड़ समाज के लिए बेहद हृदयविदारक समाचार — दो होनहार नौजवानों के असमय निधन से समाज में शोक की लहर
अजय कुमार और जतिन कुमार का निधन दो परिवारों ही नहीं, बल्कि पूरे रोड़ समाज और देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
रोड़ समाज के दो होनहार, युवा और उज्ज्वल भविष्य वाले नौजवान साथियों के असमय निधन का समाचार सुनकर मन अत्यंत व्यथित और हृदय शोक से भर गया है। इतनी कम उम्र में इन दोनों बच्चों का दुनिया से चले जाना परिवारजनों के लिए ऐसा गहरा आघात है, जिसकी पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
गाँव टयोंठा, जिला कैथल से मेरे बहुत ही मजबूत साथी चौधरी धर्म सिंह जी के सुपुत्र एवं श्री विनोद कुमार जी के भतीजे अजय कुमार का USA में बीमारी के कारण दुःखद निधन हो गया। वहीं, गाँव सीकरी, निलोखेड़ी के होनहार नौजवान जतिन कुमार का सड़क दुर्घटना में असमय निधन हो गया। दोनों नौजवानों की उम्र महज 24–25 वर्ष थी। जिस उम्र में बच्चों के कंधों पर अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने, परिवार का सहारा बनने और जीवन में आगे बढ़ने की जिम्मेदारी होती है, उसी उम्र में उनका इस तरह दुनिया छोड़ जाना हर संवेदनशील हृदय को झकझोर देने वाला है।
सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि इन बच्चों के परिवारजनों ने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने, बच्चों का भविष्य संवारने और परिवार के सपनों को साकार करने की उम्मीद में लगभग 40–50 लाख रुपये तक का कर्ज उठाकर तीन-चार वर्ष पहले उन्हें USA भेजा था। माता-पिता ने न जाने कितने सपने सँजोए होंगे, कितनी उम्मीदों के साथ अपने बच्चों को विदेश भेजा होगा और कितनी मेहनत से उनके बेहतर भविष्य की कल्पना की होगी। लेकिन आज उन्हीं परिवारों के सामने ऐसा असहनीय दुःख खड़ा है, जिसकी कल्पना मात्र से रूह काँप उठती है।
एक तरफ जवान बेटे को खोने का असहनीय दर्द और दूसरी तरफ कर्ज का भारी बोझ—इन परिवारों पर टूटा यह दुःख किसी भी इंसान को भीतर तक तोड़ देने वाला है। जिन घरों में बच्चों के लौटने की उम्मीद थी, वहाँ आज मातम छाया है। जिन माता-पिता ने अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य के सपने देखे थे, आज उन्हीं की आँखों में आँसू और हृदय में कभी न भरने वाला खालीपन है।
मैं, बलकार सिंह पूण्डरी, अध्यक्ष, अखिल भारतीय रोड़ महासभा, इन दोनों नौजवानों के असमय निधन पर गहरी शोक संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। अजय कुमार और जतिन कुमार के परिवारों का दुःख मेरा अपना दुःख है। रोड़ समाज के प्रत्येक परिवार की पीड़ा मेरी पीड़ा है। समाज का कोई भी परिवार दुःख में अकेला नहीं है। इस कठिन और असहनीय घड़ी में अखिल भारतीय रोड़ महासभा पूरी संवेदना के साथ शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है।
मैं समाज के सभी साथियों से भी अपील करता हूँ कि इस दुःख की घड़ी में दोनों परिवारों को भावनात्मक संबल दें, उनका हौसला बढ़ाएँ और यथासंभव सहायता के लिए आगे आएँ। महासभा की ओर से भी परिवारजनों को यथासंभव मदद उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। हमारा समाज केवल खुशियों में साथ खड़े होने वाला समाज नहीं, बल्कि दुःख की घड़ी में एक-दूसरे का सहारा बनने वाला परिवार है।
भारत सरकार से मेरी भावपूर्ण प्रार्थना है कि USA में दिवंगत हुए अजय कुमार के पार्थिव शरीर को भारत लाने तथा आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में शोकाकुल परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जाए, ताकि परिवार अपने बेटे के अंतिम दर्शन कर सके और पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार कर सके।
आज हम सभी को यह समझना होगा कि किसी भी परिवार के लिए जवान बेटे को खोने से बड़ा दुःख शायद ही कोई हो। ऐसे समय में हमारी संवेदनाएँ, हमारा सहयोग और हमारे साथ खड़े होने का भरोसा ही दुःखी परिवारों को थोड़ा संबल दे सकता है।
मैं परमपिता परमात्मा श्री हरि जी के श्रीचरणों में प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत पवित्र आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा उनके माता-पिता, परिवारजनों और सभी प्रियजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
अजय कुमार और जतिन कुमार भले ही आज हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें हमेशा उनके परिवारों और समाज के दिलों में जीवित रहेंगी।
विनम्र श्रद्धांजलि। भावभीनी श्रद्धांजलि।
दुःख की इस घड़ी में हम आपके साथ हैं।
आपका सेवक, आपका भाई,
चौधरी बलकार सिंह, पूण्डरी
अध्यक्ष
अखिल भारतीय रोड़ महासभा
संपर्क: 098106-34231
ॐ शांति। शांति। शांति।