ज्ञानज्योत अभ्यासिका

ज्ञानज्योत अभ्यासिका

Share

आत्मदीप: भव:
(Be your own light..)

27/12/2022

आमचे मित्र प्रदीप जाधव यांंची mpsc मार्फत घेण्यात येणाऱ्या industrial inspector या पदावर नियुक्ती झाल्याबद्दल त्यांचे हार्दिक अभिनंदन... 🎊 👏 💐 🥳

18/12/2022
17/12/2022

ज्ञानज्योत अभ्यासिका नवीन शाखा शुभारंभ..

07/01/2022

जाहिरात क्रमांक 001/2022 सहायक सरकारी अभियोक्ता, गट-अ

विभाग:- गृह विभाग, महाराष्ट्र शासन
पदसंख्या:-547
अर्ज करण्याचा कालावधी:- दिनांक 7 जानेवारी,2022 रोजी 14.00 पासून दिनांक 27 जानेवारी,2022 रोजी 23.59 वाजेपर्यंत
परीक्षा शुल्क :-
अराखीव(खुला):- ₹719
मागासवर्गीय/आ.दु.घ.:-₹449

17/11/2016



1. सर ऑस्बॉर्न - 1 अप्रैल 1935 से 30 जून 1937
2. सर जेम्स बैर्ड टेलर - 1 जुलाई 1937 से 17 फरवरी 1943
3. सर सीडी देशमुख - 11 अगस्त 1943 से 30 जून 1949
4. सर बेनेगल रामा राव - 1 जुलाई 1949 से 14 जनवरी 1957
5. केजी अंबेगांवकर - 14 जनवरी 1957 से 28 जनवरी 1957
6. एचवीआर इंगर - 1 मार्च 1957 से 28 फरवरी 1962
7. पीसी भट्टाचार्य - 1 मार्च 1962 से 30 जून 1967
8. एलके झा - 1 जुलाई 1967 से 3 मई 1970
9. बीएन अधारकर - 4 मई 1970 से 15 जून 1970
10. एस जगन्नाथन - 16 जून 1970 से 19 मई 1975
11. एनसी सेन गुप्ता - 19 मई 1975 से 19 अगस्त 1975
12. केआर पुरी - 20 अगस्त 1975 से 2 मई 1977
13. एम नरसिम्हा - 3 मई 1977 से 30 नवंबर 1977
14. डॉ. आईजी पटेल - 1 दिसंबर 1977 से 15 सितंबर 1982
15. डॉ. मनमोहन सिंह - 16 सितंबर 1982 से 14 जनवरी 1985
16. ए घोष - 15 जनवरी 1985 से 4 फरवरी 1985
17. आनएन मलहौत्रा - 4 फरवरी 1985 से 22 दिसंबर 1990
18. एस वेंकटरमन - 22 दिसंबर 1990 से 21 दिसंबर 1992
19. सी. रंगराजन - 22 दिसंबर 1992 से 21 नवंबर 1997
20. डॉ. बिमल जलान - 22 नवंबर 1997 से 6 सितंबर 2003
21. डॉ. वाई वी रेड्डी - 6 सितंबर 2003 से 5 सितंबर 2008
22. डी. सुब्बाराव - 5 सितंबर 2008 से 4 सितंबर 2013
23. रघुराम राजन - 5 सितंबर 2013 से 4 सितंबर 2016
24. उर्जित पटेल - 4 सितंबर 2016 से पदधारी 👍

17/11/2016

थाईलैंड में अनिश्चिता का दौर

(डॉ. गौरीशंकर राजहंस)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान जाते समय रास्ते में थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में अचानक उतरे, जहां उन्होंने दिवंगत नरेश भूमिबोल अदुल्यदेज को श्रद्धांजलि दी। अदुल्यदेज का लंबी बीमारी के बाद गत 13 अक्टूबर को निधन हो गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने दिवंगत नरेश भूमिबोल को पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धांजलि दी। भूमिबोल के पार्थिव शरीर को बैंकाक स्थित ग्रैंड पैलेस परिसर में रखा गया है। वह दुनिया में सबसे लंबे समय तक किसी देश पर शासन करने वाले राजा थे। उनके निधन के बाद देश भर में एक साल तक शोक मनाए जाने का ऐलान किया गया है। देश भर में एक महीने तक राष्ट्रध्वज आधा झुका रहेगा और सरकार ने लोगों से इस दौरान जश्न नहीं मनाने की अपील की है। भूमिबोल को थाईलैंड की जनता देवता की तरह पूजती थी। उनके निधन के बाद बैंकाक में लाखों लोग लाइन लगाकर उनके अंतिम दर्शन के लिए कड़ी धूप में खड़े रहे थे। थाईलैंड की जनता अभी भी शोक से उबर नहीं पाई है।

देश में फिलहाल सेना का राज है। कुछ वर्ष पहले सेना प्रमुख प्रयुथ चनोचा ने सैनिक क्रांति करके थिंगलक सिनवात्र को पदयुत कर दिया था। कहते हैं कि इस सैनिक क्रांति का समर्थन भूमिबोल ने भी किया था। क्योंकि भूमिबोल पूर्व प्रधानमंत्री थैक्सिन सिनवात्र के भ्रष्टाचार से तंग आ गए थे। 2006 में थैक्सिन को अपदस्थ कर दिया गया था। उन्होंने बाहर रहकर अपने बहन थिंगलक सिन्वात्र को थाईलैंड का प्रधानमंत्री बनवाया था। लेकिन थिंगलक पर यह आरोप लगा कि वह जनता की भलाई के लिए कुछ नहीं कर रही हैं। विदेशों से थैक्सिन का जो आदेश आता है, उसका वह पालन करती हैं। देश में अराजकता फैल गई जिसका परिणाम यह हुआ कि वहां सैनिक क्रांति हो गई और थिंगलक को अपदस्थ कर दिया गया। सैनिक क्रांति में सेनाध्यक्ष प्रयुथ चनोचा को भूमिबोल का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, जिस कारण जनता ने सैनिक क्रांति को मान्यता दे दी। प्रयुथ चनोचा बाद में देश के प्रधानमंत्री बने, जिन्हें भूमिबोल का पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ। हाल में सेना ने थिंगलक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और उन्हें एक बिलियन डॉलर जुर्माना देने की सजा दी गई है। सेना ने यह भी आरोप लगाया है कि अपनी झूठी लोकप्रियता के लिए थिंगलक ने जनता में सस्ते दामों पर चावल का वितरण किया, जिससे सरकार को भारी घाटा हुआ। राजा भूमिबोल लंबी अवधि से बीमारी से पीड़ित थे और सेना को यह बात समझ में आ गई थी कि वे बहुत दिनों तक जीवित नहीं रहेंगे। इसलिए सेना ने जल्दी जल्दी में देश में नए संविधान पर जनमत संग्रह कराया और उसमें चालाकी से यह प्रावधान करा दिया कि चुनाव के बाद जिस संसद का गठन का होगा उसमें सेना के चुने हुए सांसदों का प्रभुत्व होगा और सेना के प्रतिनिधि ही नए प्रधानमंत्री का चयन करेंगे। मतलब स्पष्ट है कि प्रयुथ आगामी चुनाव के बाद भी देश के प्रधानमंत्री बने रहेंगे। यह चुनाव आगामी वर्ष 2017 के अंत में होना था। लेकिन राजा भूमिबोल के निधन के बाद सेना ने इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है।

अपने जीवन काल में ही राजा भूमिबोल ने यह ऐलान किया था कि उनके युवराज ‘महावजीरालोंगकोर्न’ देश के अगले राजा होंगे। वैसे राजकुमारी जनता में अधिक लोकप्रिय हैं। राजकुमारी की शिक्षा-दीक्षा भारत में ही हुई है। युवराज विलासिता प्रिय व्यक्ति हैं और जनता में अत्यंत ही अलोकप्रिय हैं। वे अपना अधिकतर समय विदेशों में ही बिताते हैं। युवराज ने यह घोषणा की है कि आगामी 100 दिनों तक देश में शोक मनाया जाएगा। उसके बाद यह तय किया जाएगा कि वे कब पदभार ग्रहण करेंगे। सेना के प्रतिनिधि जनता को यह नहीं बता रहे हैं कि राजकुमार राज तिलक कब होगा। वे अधिक से अधिक दिनों तक राजतिलक समारोह को टालना चाहते हैं। युवराज पूरी तरह से सेना की मुट्ठी में हैं। इसलिए सेना को उन्हें राजा बनाने में बहुत अधिक कठिनाई नहीं आएगी। फिर भी यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता है कि युवराज का राजतिलक कब होगा। देश में अभी कोई राजा नहीं है। इस कारण एक सूनापन छाया हुआ है। भूमिबोल भारत के बहुत बड़े समर्थक थे और भारत की गुटनिरपेक्ष नीति की हमेशा सराहना करते थे। प्रियुथ जो सेनाध्यक्ष हैं और प्रधानमंत्री भी, भारत के प्रबल समर्थक हैं। इसलिए भारत के साथ सौहार्दपूर्ण रिश्ते आगे भी कायम रहेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं। विदेश के कुछ समाचार पत्रों ने भूमिबोल के निधन पर खबरे छापी थीं और संपादकीय टिप्पणियां की थीं कि भूमिबोल एक निरंकुश शासक थे। इसका जवाब सैनिक सरकार के प्रवक्ता ने बहुत ही कड़े शब्दों में दिया है कि भूमिबोल सही अर्थ में जनता के राजा थे। उनके अनगिनत गुणों के कारण ही लोग उन्हें देवता की तरह पूजते थे। भूमिबोल अक्सर किसी को बिना बताए गांव-देहात चले जाते थे और वहां आम जनता के साथ बैठकर खाना खाते और चाय पीते थे। जब इस तरह की तस्वीरें समाचार पत्रों में छपती थीं तो आम ज

29/09/2016

🔴(ABBREVIATIONS - of ALL SCHEMES)🔴

•UDAY - UJWAL DISCOM ASSURANCE YOJANA
•SEHAT - SOCIAL ENDEVOUR FOR HEALTHCARE AND TELEMEDICINE
•PMMY - PRADHAN MANTRI MUDRA YOJANA
•PMJDY - PRADHAN MANTRI JAN DHAN YOJANA
•PMJJBY - PRADHAN MANTRI JEEVAN JYOTI BIMA YOJANA
•PMSBY - PRDHAN MANTRI SURAKSHA BIMA YOJANA
•APY - ATAL PENSION YOJANA (old name swalamban yojana)
•KVP - KISAN VIKAS PATRA
•SBA - SWACHH BHARAT ABHIYAN
•PMSAGY - PRDHAN MANTRI SANSAD ADARSH GRAM YOJANA.
•KABY - KRISHI AMDANI BEEMA YOJANA
•AMRUT - ATAL MISSION FOR REJUVENATION & URBAN TRANSFORMATION
•PMGSY - PRADHAN MANTRI GRAM SINCHAI YOJANA
•BSA - BAL SWACHHTA ABHIYAN
•NGM - NAMAMI GANGA YOJANA
•HRIDAY - HERITAGE CITY DEVELOPMENT & AUGMENTATION YOJANA
•USTTAD - UPGRADING THE SKILLS & TRAINING IN TRADITIONAL ARTS/CRAFTS FOR DEVELOPMENT
•PMMMNMTT - PANDIT MADAN MOHAN MALAVIYA MISSION ON TEACHERS & TEACHING
•PRASAD - PILGRIMAGE REJUVENATION & SPRITUAL AUGMENTATION DRIVE
•IAF - INDIA ASPIRATION FUND (2000 crore)
•SMILE - SIDBI MAKE IN INDIA FOR SMALL ENTERPRISES (10000 crore)
•SBA - SUGAMAYA BHARAT ABHIYAN
•BBB - BANK BOARD BUREAU
•PKVY - PARAMPARAGAT KRISHI VIKAS YOJANA
•UCB - URBAN COOPERATIVE BANKS
•IUHDSS - INTEGRATED UNDERWATER DEFENCE & SURVEILLANCE SYSTEM
•FIPIC - FORUM FOR INDIA — PACIFIC ISLANDS CO-OPERATION (14 countries)
•LARR - LAND ACQUISITION, REHABILATION & RESETTLEMENT.
•SNY - SCHOOL NURSERY YOJANA ( 6th to 9th class)
•ISS - INTEREST SUBVENTION SCHEME
•PMVLK - PRADHAN MANTRI VIDYA LAKSHMI YOJANA
•OAMS - ONLINE APPLICATION MANAGEMENT SYSTEM (Nai Roshni)
•MUDRA - MICRO UNITS DEVELOPMENT & REFINANCE AGENCY
•SETU - SELF EMPLOYMENT & TALENT UTILIZATION
•PRAGATI - PRO ACTIVE GOVERNANCE AND TIMELY IMPLEMENTAION
•NPS - NATIONAL PENSION SCHEME

LATEST IMPORTANT ABBREVIATIONS

• KCC – Kisan Credit Card
• KVIC – Khadi and Village Industries Corporation
• KYC – Know your customer
• LAMPS – Large Sized Adivasi Multipurpose societies
• LERMS – Liberalised Exchange Rate Management System
• LIC – Life Insurance Corporation of India
• MCA – Ministry of Company affairs
• MIS – Management Information System
• MICR – Magnetic Ink Character Recognition
• NABARD – National Bank for Agriculture and Rural Development
• NBFC – Non Banking Finance Companies
• NEFT – National Electronic Funds Transfer
• NPA – Non Performing assets
• NRE – Non Resident External account
• NRI – Non Resident Indian
• OLTAS – Online tax accounting system
• OMO – Open market operations
• PACS – Primary Agricultural Credit Societies
• PDO – Public Debt Office
• PIN – Personal Identification Number
• QIB – Qualified Institutional Buyers
• RBI – Reserve Bank of India
• RDBMS – Relational Database Management System
• REC – Rural ElectrificationCorporation
• RFC – Resident Foreign Currency
• RIDF – Rural Infrastructure Development Fund
• RRB – Regional Rural Bank
• RTGS – Real Time Gross Settlement
• RWA – Risk Weighted Assets
• SCB – Scheduled Commercial Bank
• SDR – Special Drawing Rights
• SEBI – Securities and Exchange Board of India
• SFMS - Structured Financial Messaging Services
• SHG – Self Help Group
• SIDBI – Small Industries Development Bank of India
• SIDC – State Industrial Development Corporation
• SJSRY –Swarna Jayanthi Shahari Rozgar Yojana
• SLRS – Scheme for Liberation and Rehabilitation of Scavangers
• SMERA – SME rating agency of India Limited
• SSI – Small Scale Industries
• SME – Small and Medium Industries
• SSSBE – Small Scale Service and Business Enterprises
• UTI – Unit Trust of India
• WPI – Wholesale Price Index
• YTM – Yield to maturity
• LAB – Local Area Banks
• ALM – Asset Liability Management
• ANBC – Adjusted Net Bank Credit
• ASBA – Applications supported Bank accounts
• BOE – Bill of Exchange
• CASA – Current and savings accounts
• CBLO – Collateralised Bank Lending Obligations
• CIBIL – Credit Information Bureau of India Limited

Photos 27/09/2016

The PSLV-C35 is successfully launched on Monday morning at 9:12 hrs (IST) on September 26, 2016 from SDSC SHAR , Sriharikota

27/09/2016

सेना को मिला राफेल का बल

डॉ. लक्ष्मीशंकर यादव

तकरीबन डेढ़ दशक से अधिक की लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार भारतीय वायु सेना के लिए बहु-उद्देश्यीय भूमिका वाले 36 लड़ाकू विमानों की खरीद के सबसे बड़े रक्षा सौदे पर 23 सितंबर को मुहर लग गई। इस रक्षा समझौते पर भारतीय रक्षा मंत्री मनोहर पíरकर और फ्रांस के रक्षा मंत्री यां जीन यीव्स ली डियान की मौजूदगी में हस्ताक्षर हुए। उनके साथ डसॉल्ट एविएशन, थेल्स व एमबीडीए के सीईओ के साथ अन्य शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे। इस डील के तहत भारत फ्रांस से 36 लड़ाकू विमान प्राप्त करेगा। यह सौदा सात दशमलव आठ मिलियन यूरो यानी लगभग 59000 करोड़ रुपये का है। पिछले 20 सालों की अवधि में यह लड़ाकू विमानों की खरीद का पहला सौदा है। पिछले साल अप्रैल माह में अपनी फ्रांस यात्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की घोषणा की थी। फिर इस साल जनवरी में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद की भारत यात्र के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। शुरुआत में इसके लिए 10 अरब यूरो की मांग की गई थी, लेकिन भारत की कड़ी सौदेबाजी के बाद फ्रांस सरकार छूट देने तथा अन्य कई मानकों पर काम करने को राजी हो गई थी।

इस सदी की शुरुआत के पहले से ही वायु सेना ऐसे लड़ाकू विमानों की मांग कर रही थी। इसके सौदे के लिए 1999-2000 में बातचीत शुरू हुई थी। तब वायु सेना ने मल्टी रोल वाले 126 लड़ाकू विमान खरीदे जाने की इछा जताई थी। जब वायु सेना की यह मांग निरंतर बढ़ती गई तो 2005 में रक्षा मंत्रलय ने इनकी खरीद के लिए टेंडर जारी किए, लेकिन जारी करने के बाद कुछ परिस्थितियों के कारण टेंडर वापस ले लिए। दो वर्ष बाद अगस्त 2007 में पुन: टेंडर जारी किए गए जिसके उत्तर में विश्व की छह बड़ी विमान निर्माता कंपनियों ने निविदाएं भेजीं। इनमें स्वीडिश कंपनी ग्रिपन, अमेरिकी कंपनी बोइंग, जनरल इलेक्टिक, रूसी विमान कंपनी मिग-35, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली व स्पेन की कंपनियों द्वारा मिलकर बनाया गया यूरोपीय कंसोर्टियम यूरोफाइटर तथा फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन शामिल थीं।

इन कंपनियों की निविदाओं को अप्रैल 2010 से अप्रैल 2011 तक भारतीय वायुसेना ने 643 पैमानों पर परखा व जांचा। परखने की इस प्रक्रिया में सभी प्रतिस्पर्धी लड़ाकू विमानों का सर्वाधिक ऊंचाई वाले लेह क्षेत्र में, अधिक तापमान वाले जैसलमेर क्षेत्र व बेहद उमस वाले इलाके बेंगलुरू में परीक्षण किया गया। इस तरह विभिन्न परिस्थितियों में किए गए परीक्षणों के बाद नाटो देशों का यूरोफाइटर व फ्रांस का राफेल मुकाबले में रह गए। इसके बाद इन कंपनियों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में 4 नवंबर, 2011 को विमानों के मूल्य वाले लिफाफे खोले गए और कीमतों का आंकलन विमान की प्रति यूनिट कीमत, इंजन की कीमत, तकनीकी हस्तांतरण तथा 40 साल के रख रखाव पर आने वाले खर्च के मद्देनजर किया गया। अंतत: बाजी फ्रांस की कंपनी के हाथ लगी।

फ्रांस में राफेल का अर्थ ‘तूफान’ होता है। यह दो इंजन वाला विमान है। 1970 में फ्रांसीसी वायु सेना ने अपने पुराने पड़ चुके लड़ाकू विमानों को बदलने की मांग की। जिसके बाद चार यूरोपीय देशों के साथ इस विमान की परियोजना पर काम शुरू हुआ, लेकिन कुछ मतभेदों के बाद फ्रांस ने इस पर अकेले काम प्रारंभ किया। राफेल विमान ने सबसे पहले 4 जुलाई, 1986 को अपनी पहली उड़ान भरी थी। 2001 में पहला लड़ाकू विमान फ्रांस की वायु सेना को प्राप्त हुआ। यह 2006 से नौसेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। इसके तीन संस्करण हैं। पहला राफेल सी सिंगल सीट वाला है, दूसरा राफेल बी दो सीटों वाला है। तीसरा राफेल एम सिंगल सीट कैरियर बेस्ट संस्करण है। भारत राफेल बी दो सीटों वाले विमान खरीद रही है। इसकी खरीद पर यूपीए सरकार के समय की कीमत से करीब 560 करोड़ रुपये सरकार बचा रही है। हस्ताक्षर होने के 36 माह के भीतर यानी कि 2019 में लड़ाकू विमान आना शुरू हो जाएंगे। सभी 36 विमान 66 माह में प्राप्त होंगे। इसके एक विमान की कीमत 70 बिलियन आती है।

इसकी अधिकतम रफ्तार 2390 किलोमीटर प्रति घंटा तथा उड़ान की क्षमता 40 से 60 हजार फीट ऊपर तक की है। इस विमान की लंबाई 15.27 मीटर, ऊंचाई 5.34 मीटर व इसके विंगस्पैन 35.4 फीट हैं। इस विमान का वजन 14016 किलोग्राम व रेंज 1000 नॉटिकल मील है। यह 24500 किलोग्राम वजन ले जाने में सक्षम है। इसकी रफ्तार 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसमें एक दशमलव तीन मिलीमीटर की गन होगी जो एक बार में 125 राउंड गोलियां निकाल सकती है। इसके अलावा इसमें घातक मिसाइलें लगी होती हैं। अगर विशेषताएं देखी जाएं तो इसमें दो रडार लगे हैं जिनकी रेंज 150 किलोमीटर तक की है। डसॉल्ट इसे उन्नयन कर 170 किलोमीटर तक बढ़ाने को तैयार है। इसका स्पेक्टा सॉफ्टवेयर सिस्टम इसके बचाव के अनेक अवसर देता है। इससे विमान का आधुनिक सिस्टम और कारगर बन जाएगा।

Want your business to be the top-listed Government Service in Pune?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Category

Website

Address


Sinhgad Campus
Pune
411046