13/01/2026
🚩*"कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने"*🚩
गांधारी ने कृष्ण से कहा- तुम चाहते तो युद्ध को रोक सकते थे कृष्ण किंतु तुमने ऐसा नहीं किया !
कृष्ण ने अत्यंत गम्भीरता से गांधारी के नेत्रों में झांकते हुए कहा- माता, किसी घटना को रोक देने का अर्थ उसका समाप्त होना नहीं होता। मैंने देखा कि मेरे द्वारा किए जा रहे शांति के सभी प्रयास कुछ समय के लिए युद्ध को टाल तो सकते हैं किंतु वे उसे समाप्त नहीं कर पाएँगे। युद्ध की प्रकृति होती है माता की वो शांति से नहीं युद्ध से ही समाप्त होता है, मैं युद्ध को रोकना नहीं समाप्त करना चाहता था। एक पीढ़ी के द्वारा किए गए भीषण युद्ध की विभीषिका आने वाली कई पीढ़ियों को युद्ध से विरत करते हुए उन्हें निर्माण कार्यों में रत कर देती है।
~गांधारी ने श्रीकृष्ण को उनके कुल के विनाश का श्राप दिया, क्योंकि वह कृष्ण को युद्ध रोकने में सक्षम मानती थीं और उन्हें कौरवों की मृत्यु का जिम्मेदार ठहराती थीं...... 🙏💐

27/10/2025