Kasba First Md Shahbaz Alam

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Public Figure || Politician || And Social Activist || RTI Activist || 🙏 स्वागत है — “Kasba First | Md Shahbaz Alam” पर!

यह पेज सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि कस्बा की उम्मीद, और हर आम आदमी की आवाज़ है।

31/05/2026

📢 सावधान बिहार

जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण पत्र के आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना

प्रिय बिहारवासियों,

हाल के समय में यह देखने में आ रहा है कि बड़ी संख्या में नागरिकों द्वारा जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र एवं आवासीय (निवास) प्रमाण पत्र के लिए किए गए आवेदनों को बिना पर्याप्त कारण बताए अथवा बिना समुचित सत्यापन के अस्वीकृत (Reject) कर दिया जा रहा है।

इसका सीधा प्रभाव आम नागरिकों, विद्यार्थियों, नौकरी के अभ्यर्थियों एवं सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों पर पड़ता है। इसके कारण लोगों को—

🔹 सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ते हैं।
🔹 समय एवं धन की हानि होती है।
🔹 छात्रवृत्ति, नामांकन, नौकरी एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई होती है।
🔹 अंततः अपील (Appeal) की लंबी प्रक्रिया अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

✅ आवेदन करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें

1. सभी दस्तावेज स्पष्ट एवं पढ़ने योग्य स्कैन करके अपलोड करें।
2. आधार कार्ड के साथ आवश्यक सहायक दस्तावेज भी संलग्न करें।
3. आवेदन संख्या (Application Number) सुरक्षित रखें।
4. आवेदन की स्थिति (Status) नियमित रूप से जांचते रहें।
5. आवेदन अस्वीकृत होने पर उसके कारण का रिकॉर्ड अवश्य सुरक्षित रखें।
6. बिना उचित कारण आवेदन अस्वीकृत होने पर अपील करना आपका वैधानिक अधिकार है।

⚖️ आपका अधिकार

किसी भी आवेदन को मनमाने ढंग से अस्वीकृत नहीं किया जा सकता। संबंधित अधिकारी का दायित्व है कि उपलब्ध अभिलेखों एवं आवश्यक सत्यापन के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लें। यदि आवेदन अस्वीकृत किया जाता है, तो उसका स्पष्ट एवं उचित कारण बताया जाना चाहिए।

📣 जनहित में विशेष अपील

यदि आपका अथवा आपके किसी परिचित का जाति, आय या आवासीय प्रमाण पत्र का आवेदन बिना उचित कारण अस्वीकृत (Rejected) किया गया है, तो कृपया अपनी Application Number, Rejected Slip एवं संबंधित दस्तावेज मेरे ई-मेल [email protected] पर भेजें।

ऐसे मामलों का संकलन एवं अध्ययन किया जाएगा। यदि बड़ी संख्या में नागरिकों के आवेदन बिना उचित प्रक्रिया एवं सत्यापन के अस्वीकृत पाए जाते हैं, तो जनहित एवं नागरिक अधिकारों की रक्षा हेतु सक्षम न्यायालय के समक्ष जनहित याचिका (PIL) दायर करने पर विचार किया जाएगा।

आपकी एक छोटी-सी पहल न केवल आपके अधिकारों की रक्षा कर सकती है, बल्कि हजारों अन्य नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

📌 जागरूक नागरिक ही अपने अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत है।

कृपया इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करें ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने अधिकारों से वंचित न रहे।

— Md. Shahbaz Alam
Public Rights Activist & Social Worker

“जागरूक नागरिक, सशक्त समाज”

Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of BiharGeneral Administration Department, Govt. of BiharCabinet Secretariat Department, Govt. of Bihar

29/05/2026

🇮🇳 विकसित भारत का सपना, सबके प्रयास से होगा अपना 🇮🇳

“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक ऐसे भारत की संकल्पना है जहाँ हर नागरिक को सम्मान, अवसर और प्रगति का अधिकार मिले।

आज भारत विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है। गाँवों तक सड़कें पहुँच रही हैं, डिजिटल सुविधाएँ आम लोगों के जीवन को आसान बना रही हैं, युवाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं और देश विश्व मंच पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।

बिहार भी परिवर्तन और विकास की इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बेहतर सड़कें, बढ़ती कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में हो रहे प्रयास एक नए बिहार की तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं।

हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी विविधता है।
हमारी जातियाँ अलग हो सकती हैं, भाषाएँ अलग हो सकती हैं, धर्म और परंपराएँ अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारी आकांक्षाएँ एक हैं — सम्मानजनक जीवन, बेहतर शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और समृद्ध भविष्य।

आइए, हम नफरत नहीं, संवाद को बढ़ावा दें; विभाजन नहीं, विकास को प्राथमिकता दें; टकराव नहीं, सहयोग की संस्कृति को मजबूत करें।

जब किसान समृद्ध होगा, मजदूर सम्मानित होगा, युवा आत्मनिर्भर होगा, महिलाएँ सशक्त होंगी, व्यापारी सुरक्षित महसूस करेगा और समाज का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा, तभी सच्चे अर्थों में विकसित बिहार और विकसित भारत का निर्माण होगा।

आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें जहाँ अवसर सबके लिए हों, न्याय सबके लिए हो और विकास सबकी भागीदारी से हो।

मजबूत बिहार • मजबूत भारत
एकता हमारी शक्ति है, विकास हमारा भविष्य है।

— Md. Shahbaz Alam
Public Rights Activist & Social Worker

26/05/2026

क्या आपने भी महसूस किया है कि सीमांचल का मौसम अब पहले जैसा नहीं रहा?

पहले बारिश होती थी, बादल भी गरजते थे, लेकिन आज की तरह अचानक काले बादल छा जाना, तेज तूफान आना, लगातार बिजली कड़कना और आसमान का बार-बार चमकना इतना आम नहीं था। आज गांव से लेकर शहर तक लोग एक ही बात कहते सुनाई देते हैं कि पहले मौसम में इतना अचानक बदलाव नहीं होता था।

असल में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बढ़ती गर्मी के कारण धरती पहले से ज्यादा गर्म हो रही है। ऊपर से बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाएं जब इस गर्म वातावरण से मिलती हैं तो बड़े और ज्यादा ताकतवर बादल बनते हैं। यही बादल तेज बारिश, तेज हवा, बिजली चमकने और जोरदार गर्जना की वजह बनते हैं।

यह केवल मौसम का बदलाव नहीं है, बल्कि प्रकृति का एक संकेत भी है कि पर्यावरण में हो रहे बदलाव अब हमारे सीमांचल पर भी साफ दिखाई देने लगे हैं।

साथ ही हमें सावधान रहने की भी जरूरत है। बिजली कड़कने के समय खुले खेतों, छतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। अपनी सुरक्षा और अपने परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखें।

मौसम बदल रहा है, समय बदल रहा है और प्रकृति भी हमें संकेत दे रही है। सवाल यह नहीं कि बदलाव हो रहा है, सवाल यह है कि क्या हम उसे समझ रहे हैं?

सीमांचल के लोग अपने क्षेत्र में मौसम के बदलाव को लेकर क्या महसूस कर रहे हैं? अपनी राय जरूर लिखें।

Md. Shahbaz Alam
Public Rights Activist & Social Worker

26/05/2026

ज़िंदगी किताब सी है साहब,
हर पन्ना कुछ सिखा जाता है।

कुछ लोग दिल में उतर जाते हैं,
कुछ लोग सबक बन जाते हैं।”

26/05/2026

मैं हालात से नहीं, अपने इरादों से लड़ता हूँ,
हार देखकर नहीं, जीत सोचकर चलता हूँ।

दुनिया क्या रोकेगी मेरे रास्तों को,
मैं वो हूँ जो तूफ़ानों में भी जलता हूँ।

25/05/2026

“नफ़रत से बहस जीती जा सकती है, लेकिन विकास नहीं।”

कुछ समय के लिए कटु शब्द, आरोप या नफ़रत लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं, लेकिन समाज और देश की वास्तविक प्रगति आपसी सम्मान, समझ, शिक्षा और सहयोग से होती है।

विचार अलग हो सकते हैं, रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन यदि उद्देश्य समाज और देश का विकास है, तो संवाद टकराव से अधिक प्रभावी होता है। मतभेद लोकतंत्र की शक्ति हैं, लेकिन मनभेद उसकी कमजोरी बन सकते हैं।

आइए व्यक्ति नहीं, विचारों पर चर्चा करें; नफ़रत नहीं, समाधान को आगे बढ़ाएँ।

“मजबूत राष्ट्र की नींव नफ़रत से नहीं, जागरूकता, एकता और विकास से बनती है।”

— Md. Shahbaz Alam
Public Rights Activist & Social Worker

23/05/2026

माता-पिता, शिक्षक और युवा साथियों से एक सवाल — क्या हम अपने बच्चों को केवल डिग्री दे रहे हैं या जिम्मेदार नागरिक भी बना रहे हैं

डिग्री एक व्यक्ति को नौकरी दिला सकती है, लेकिन जिम्मेदारी, संस्कार और चरित्र ही उसे समाज में सम्मान दिलाते हैं। एक शिक्षित व्यक्ति सफल हो सकता है, पर एक जिम्मेदार नागरिक समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाता है।

यदि हम बच्चों को केवल पढ़ाना सिखाएँगे, लेकिन सही-गलत की पहचान, ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी नहीं सिखाएँगे, तो हम केवल करियर बना रहे होंगे, चरित्र नहीं।

देश का भविष्य केवल बड़ी डिग्रियों से नहीं, बल्कि अच्छे विचारों, अच्छे संस्कारों और जिम्मेदार नागरिकों से बनता है।

“डिग्री नौकरी दिला सकती है, लेकिन जिम्मेदारी और संस्कार ही परिवार, समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं।”

— Md. Shahbaz Alam
Public Rights Activist & Social Worker

22/05/2026

“एक सवाल — क्या हम आज भी उम्मीदवार की योग्यता, ईमानदारी और जनसेवा से ज़्यादा प्रचार और प्रभाव देखकर निर्णय लेते हैं?”

“हम न अंध-विरोध में हैं, न अंध-समर्थन में। जो जनता के हित में होगा उसका समर्थन करेंगे, और जहाँ जनता की समस्या होगी वहाँ समाधान की आवाज़ उठाएँगे।”

आजकल सोशल मीडिया पर कई विषय और अभियान बहुत तेजी से वायरल होते हैं। हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। लेकिन मेरा मानना है कि केवल कुछ दिनों की लोकप्रियता, पोस्ट या भाषण से जनता की वास्तविक समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं होता।

देश के करोड़ों लोग आज भी रोजगार, शिक्षा, किसानों की चुनौतियों, बाढ़-सूखा, भ्रष्टाचार, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं जैसे विषयों से जुड़े सवालों का सामना कर रहे हैं। इन मुद्दों का समाधान केवल चर्चा से नहीं, बल्कि ज़मीन पर काम, जनसेवा, ईमानदार प्रयास और प्रभावी नीतियों से निकलता है।

मेरे लिए वह व्यक्ति अधिक सम्मान का पात्र है जो अपने गाँव, पंचायत, वार्ड या समाज के लोगों के बीच रहकर उनके सुख-दुख में साथ खड़ा होता है, उनकी समस्याओं को सुनता है और उन्हें हल करने की कोशिश करता है। क्योंकि जनसेवा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने से सिद्ध होती है।

मैं अपने युवा साथियों से कहना चाहता हूँ — केवल नारों, भीड़ या सोशल मीडिया की लोकप्रियता देखकर निर्णय मत लीजिए। पढ़े-लिखे, ईमानदार, योग्य और जनहित में काम करने वाले लोगों को पहचानना और आगे बढ़ाना शुरू कीजिए। जिस दिन राजनीति में योग्यता और ईमानदारी को अधिक महत्व मिलेगा, उस दिन शिक्षा, रोजगार और व्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव और मजबूत होंगे।

हमें यह भी स्वीकार करना चाहिए कि लोकतंत्र केवल नेताओं से नहीं चलता, बल्कि जनता की सोच और भागीदारी से भी मजबूत होता है। यदि हम उम्मीदवार की योग्यता, कार्यशैली और जनसेवा को प्राथमिकता देंगे, तो अच्छे लोगों के लिए आगे आने का रास्ता और मजबूत होगा।

जब से देश स्वतंत्र हुआ है, अलग-अलग समय पर बनी सरकारों ने अपने-अपने स्तर पर देश के विकास के लिए योगदान दिया है और आज भी प्रयास जारी हैं। जहाँ अच्छे कार्य हो रहे हैं, उनकी सराहना होनी चाहिए और जहाँ सुधार की आवश्यकता है, वहाँ सरकार और जनता दोनों को मिलकर सकारात्मक प्रयास करना चाहिए।

यदि हम नफरत से ऊपर उठकर शिक्षा, योग्यता, ईमानदारी और सही नेतृत्व को महत्व देंगे, तो हमारा देश और अधिक मजबूत और विकसित बन सकता है।

एक बार व्यक्ति नहीं, उसकी योग्यता, ईमानदारी और जनसेवा को महत्व देकर देखिए — बदलाव की शुरुआत यहीं से हो सकती है।

“मजबूत सरकार और जागरूक जनता — यही मजबूत राष्ट्र की सबसे बड़ी पहचान है।”

— Md. Shahbaz Alam
Public Rights Activist & Social Worker

23/12/2025

डिस्क्लेमर: यह पोस्ट एक नागरिक की व्यक्तिगत राय है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, धर्म, समुदाय, संगठन या संस्था की आलोचना, अपमान या आरोप लगाना नहीं है। यह अभिव्यक्ति भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत प्रस्तुत की जा रही है।
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मैं Md. Shahbaz Alam, सामाजिक कार्यकर्ता एवं कसबा विधानसभा (पूर्णिया) का पूर्व प्रत्याशी (2020), किसी भी राजनीतिक दल से असंबद्ध रहते हुए, एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी बात साझा कर रहा हूँ।

हाल ही में बिहार में आयोजित एक सरकारी नियुक्ति कार्यक्रम से जुड़ा एक दृश्य सार्वजनिक चर्चा का विषय बना है। मेरा मानना है कि किसी भी सार्वजनिक घटना को पूरे संदर्भ, उद्देश्य और संवैधानिक दायरे में समझा जाना चाहिए, न कि आंशिक दृश्य या भावनात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर।

इस पूरे प्रसंग में यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि संबंधित महिला डॉक्टर—
✔ अपनी योग्यता के आधार पर चयनित हुईं
✔ उन्हें सार्वजनिक मंच पर सम्मानपूर्वक नियुक्ति पत्र मिला
✔ उनका रोज़गार और गरिमा पूरी तरह सुरक्षित रही

भारत का संविधान हमें धार्मिक स्वतंत्रता देता है और साथ ही यह भी सुनिश्चित करता है कि सरकारी मंच सभी नागरिकों के लिए समान और धर्मनिरपेक्ष हों। लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है, परंतु संवाद संयम, तथ्य और शांति के साथ होना चाहिए।

संविधान, शांति और सामाजिक एकता — यही हमारे लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन की असली ताक़त है।
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— Md. Shahbaz Alam.
Social Activist | Former Kasba Assembly Candidate (2020), Purnea, Bihar.
Contact No — 9471661380.
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