चुप्पी तोड़े...खुलकर बोले...181 महिला हेल्पलाइन...
तुम अच्छी लड़की मत बनना कभी॥ बस खुश रहना हमेशा युही ||
मत चुप रहना गलत बात पर॥ बोलना हर बात अपनी बेधड़क ॥
सीने मे मत दफन करना कभी एहसास, मत छुपाना अपना प्रेम किसी से भी
जब कोई बात अच्छी लगे तो... खिलखिला के हस देना
मत रहना तुम चुपचाप गुमसुम, डरी सहमी,शर्मीली सी,
बस दूसरों को केंद्र बना कर... मत परिक्रमा लगाना हर क्षण
जब पैर किसी धुन पर हिले, तो झूम उठना थिरक उठना
जब कभी कोई मन की न करे तो नाराज भी हो जाया करो
तुम्हारे हिस्से क्यो आता है? मनाना हर बार
सुन्न,डरना,चुप रहना, नीति नहीं तुम्हारी , सीता बनो या सती,जो बनो अपने मन से
रसोई और बिस्तर से अलग,कायम करो वजूद
अपना आंखो के कोर नमकीन ना होने दो, सपनों के रंग भरो वहा
तुम बोलोगी, वो बत्तमीज कहेंगे, तुम हसोगी तो बेशर्म कहेंगे
तुम हक लिखने लगोगी,तो फेमिनिस्ट का झण्डा पकड़ा देंगे
लड़की से लड़ाकी बनने मे कोई बुराई नहीं
जो तुम्हें जज करेंगे,कैटेगरी तय करेंगे
लिपस्टिक से आगे बढ़ो, साड़ी पहनो या जींस
मर्जी तुम्हारी है सिर्फ,मोहताज न हो तुम
तुम बढ़ना बस....... बढ़ती जाना
रुकना नहीं है...न मुड़ना है
तुम अच्छी लड़की मत बनना कभी || बस खुश रहना हमेशा युही ||
/copied/
181- Women helpline Chhattisgarh
The 181 Women Helpline is intended to provide 24 hours immediate and emergency response to women affected by violence.
181 महिला हेल्पलाइन दूरसंचार सेवा का शुभारम्भ 25 जून 2016 को राज्य में हिंसा पीड़ित महिलाओ को सुरक्षा एवं सहायता प्रदान करने हेतु किया गया था| यह 24 घंटे संचालित सेवा है |
उत्तम प्रबंधन एवं अति उन्नत तकनिकी के साथ 181 महिला हेल्पलाइन न केवल शिकायतकर्ता की समस्या को सुनकर उन्हें दर्ज करता है, अपितु उनकी समस्या के समाधान के सभी संभावित विकल्पों से उन्हें अवगत कराते हुए सम्बंधित सखी सेंटर में प्रकरण क
06/01/2020
पिता ने किया मासूम बच्ची का यौन शोषण......माता ने भी साथ देने से किया इंकार...महिला हेल्पलाइन के सहयोग से मिला न्याय !
30/12/2019
#महिला हिंसा अब और नहीं |
#फोन करें 181 Toll Free
#181 Women Help Line Chhattisgarh
27/08/2019
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वर्ष 2018 की लैंगिक असमानता (Gender Gap) रिपोर्ट में भारत को 108वां स्थान प्राप्त हुआ है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा यह रिपोर्ट 18 दिसंबर 2018 को जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में जारी की गई जिसमें विश्व के विभिन्न देशों पर अध्ययन किया गया है.
रिपोर्ट के आंकड़ों में कहा गया है कि महिलाएं हर क्षेत्र में उम्दा कार्य कर रही हैं लेकिन अवसरों की समानता अभी भी मौजूद नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार कार्यक्षेत्र में महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता लाने में 202 वर्ष लग जायेंगे.
जेंडर गैप इंडेक्स 2018 का आधार
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की जेंडर गैप इंडेक्स रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया लैंगिक असमानता की खाई को 68 प्रतिशत पाट चुकी है लेकिन फिर भी महिला-पुरुष समानता के लिए 202 वर्ष लग सकते हैं. भारत के मामले में लैंगिक असमानता 66 प्रतिशत तक है, जबकि पूरे दक्षिण एशिया की बात करें तो यह 65 प्रतिशत पर है.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रैंकिंग का आधार चार श्रेणियों में देशों के प्रदर्शन को बनाया गया है: महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और उन्हें मिलने वाले अवसर, शिक्षा का स्तर, स्वास्थ्य एवं जीवन प्रत्याशा तथा राजनीतिक सशक्तिकरण.
चारों श्रेणियों में भारत का स्तर गिरा
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की जेंडर गैप इंडेक्स रिपोर्ट को चार श्रेणियों में बांटा गया है जिसमें महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और अवसर, शिक्षा का स्तर, स्वास्थ्य एवं जीवन प्रत्याशा तथा राजनीतिक सशक्तिकरण शामिल हैं.
• आर्थिक भागीदारी और अवसरों के मामले में भारत 2017 में 139वें स्थान पर था जबकि वर्ष 2018 में 142वें स्थान पर है.
• स्वास्थ्य और जीवन प्रत्याशा श्रेणी में भारत 147वें स्थान पर है. इस श्रेणी में भारत पिछले वर्ष 146वें स्थान पर था.
• राजनीतिक सशक्तिकरण के मामले में भारत का स्थान 19वां है, जबकि पिछले साथ वह 15वें नंबर पर था.
• शिक्षा के स्तर श्रेणी में भारत दो स्थान नीचे गिरकर 114वें नंबर पर आ गया है. पिछले वर्ष भारत 112वें स्थान पर था.
ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2018
• वर्ष 2018 की रिपोर्ट में कुल 149 देशों के इस सर्वे में भारत को 108वां स्थान मिला है. वर्ष 2017 में भी भारत का यही रैंक था, जबकि 2016 में वह 21 स्थान ऊपर 87वें स्थान पर था.
• वर्ष 2017 की रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में गिरावट के पीछे मुख्यत: राजनीतिक सशक्तिकरण, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा और बुनियादी साक्षरता के क्षेत्रों में लैंगिक असमानता बढ़ने को ज़िम्मेदार ठहराया गया था.
• रिपोर्ट में दक्षिण एशियाई देशों के बीच बांग्लादेश 48वें स्थान के साथ सबसे अच्छी स्थिति में है. वर्ष 2017 में भी बांग्लादेश ही दक्षिण एशिया में लैंगिक असमानत रैंकिंग में सर्वश्रेष्ठ रहा था, पिछले वर्ष बांग्लादेश की रैंकिंग 47 थी.
• जेंडर गैप पर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ताज़ा रिपोर्ट में श्रीलंका और नेपाल को क्रमश: 100वें और 105वें स्थान पर रखा गया है. मालदीव का रैंक 113, जबकि भूटान का 122 है. अफ़ग़ानिस्तान को इस सर्वे में शामिल नहीं किया गया है.
• कुल 149 देशों पर किये गये सर्वेक्षण में पाकिस्तान का रैंक 148 है, जबकि सबसे नीचे 149वें स्थान पर गृहयुद्ध में फंसे देश यमन को रखा गया है.
• पिछले सालों की भांति लगातार दसवें वर्ष भी आइसलैंड पहले नंबर पर है. दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: नॉर्वे और स्वीडन हैं.
13/08/2019
https://181india.in/ProgressReportDocuments/CG/181-CG_Final_Report_2016-2018_compressed.pdf
18/06/2019
07/06/2019
"क्रूरता के खिलाफ आवाज उठाए"
हमें माफ़ कर देना ट्विंकल,हम मरे हुए लोग हैं। ऊपर अपनी दोस्त आसिफ़ा से मिलना तो उससे भी कहना कि हमें माफ़ कर दे और बताना उसे कि मुल्क में ट्विंकल का जवाब आसिफ़ा से माँगा जाने लगा है। यहाँ सरकारों की जवाबदेही तय करने वाला कोई नहीं। बलात्कारियों के समर्थन में तिरंगा ले निकलने वाले लोग और राजनेताओं के जूतों में अपना सर डाल के बैठे लोग अब सवाल सरकार से नहीं करते। यहाँ बस तीन चीजें ज़िंदा हैं सरकार ,हिन्दू और मुसलमान,बाकी सब मर चुके हैं।
#अंशुलकृष्णा
06/06/2019
You are not Alone
06/06/2019
For immediate, effective & hassle free access to
1. Government
2. Justice
3. Welfare System
CALL 181
20/04/2019
आप भी किसी महिला को परेशानी मे देखे तो तुरंत 181 महिला हेल्पलाईन को जरूर जानकारी दे.
Agrawal 👍👍
181 महिला हेल्पलाईन, जिले स्तर पर जन जागरुकता अभियान की शुरुआत करने जा रहा है, यदि आप इस अभियान से जुड़ना चाहते हैं तो जरुर बताये.
बेहतर समाज के निर्माण के लिये आवाज उठाये आगे आये ..
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