मध्य प्रदेश के गुना के धरनावदा गांव में कुएं में गौमाता के बछड़े को निकालने उतरे थे जहरीली गैस के रिसाव से हुई 5 गौ भक्त की मृत्यु।
सभी गोभक्त भाईयो को विनम्र श्रद्धांजलि
Bhim Sahu
सामाजिक, धार्मिक
प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय बजरंग दाल
| Hindu | #वीर हिंदू परिषद राष्ट्र #बजरंगदल जब तक हिंदू खुद मजबूत नहीं होगा, तो कोई उनकी चिंता नहीं करेगा"
छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार हुआ 5000 कार्यकर्ताओं का त्रिशूल दीक्षांत जय श्री राम
#भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए जात पात की करो बिदाई हम साब हिंदू भाई भाई
#सनातन बोर्ड सनातन #धर्म संसद जय श्री राम जो राम का नहीं वह सनातन के किसी काम का नहीं
हिन्दू हृदय सम्राट टाइगर राजा सिंह जी आज 16 नवम्बर दिल्ली में सनातन बोर्ड स्थापना की मांग को लेकर जो बात कही है वो सभी को जरूर सुनना चाहिए।।जय जय श्री राम🚩🙏
भगवान श्रीराम:
भगवान श्रीराम हिंदू धर्म के सर्वोत्तम और आदर्श पुरुष के रूप में पूजनीय हैं। उन्हें विष्णु के सातवें अवतार के रूप में पूजा जाता है। श्रीराम के जीवन का संपूर्ण विवरण "रामायण" नामक महाकाव्य में मिलता है, जिसे महर्षि वाल्मीकि ने लिखा। राम के जीवन की कथा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जीवन के आदर्श, कर्तव्य, नैतिकता और नायकत्व के प्रतीक के रूप में भी मानी जाती है।
श्रीराम का जन्म:
भगवान श्रीराम का जन्म त्रेतायुग में अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर हुआ था। भगवान राम के जन्म को लेकर मान्यता है कि जब पृथ्वी पर राक्षसों और दुष्टों का अत्याचार बढ़ गया था, तब भगवान विष्णु ने अपने सातवें अवतार के रूप में श्रीराम का जन्म लिया। श्रीराम के साथ ही चार अन्य भाई भी जन्मे थे—लक्ष्मण, भरत, और शत्रुघ्न।
श्रीराम का बचपन और शिक्षा:
श्रीराम का बचपन बहुत ही आदर्श था। उन्होंने अपनी शिक्षा दीक्षा गुरु विश्वामित्र से प्राप्त की। श्रीराम ने अपने भाई लक्ष्मण के साथ कई यज्ञों और धार्मिक कार्यों में भाग लिया। उनका पालन-पोषण अत्यधिक धार्मिक, न्यायप्रिय और आदर्शों से भरा हुआ था।
सीता से विवाह:
श्रीराम का विवाह मिथिला के राजा जनक की पुत्री सीता से हुआ था। यह विवाह एक अद्भुत घटना के रूप में वर्णित है। राजा जनक ने सीता के लिए शिवजी का धनुष तोड़ने की शर्त रखी थी। श्रीराम ने वह कठिन कार्य सहजता से किया और सीता से विवाह किया। सीता माता को श्रीराम की जीवनसंगिनी के रूप में बहुत सम्मान प्राप्त है और वह सदा उनके साथ रहीं।
श्रीराम का वनवास:
श्रीराम के जीवन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब राजा दशरथ ने अपनी बड़ी पत्नी कौशल्या के बजाय छोटी पत्नी कैकेयी की इच्छा के आगे झुककर श्रीराम को 14 वर्षों का वनवास दे दिया। श्रीराम ने बिना किसी विरोध के इस आदेश को स्वीकार किया और माता सीता तथा भाई लक्ष्मण के साथ वन की ओर प्रस्थान किया। इस वनवास के दौरान ही उनके जीवन में अनेक महत्वपूर्ण घटनाएँ घटीं।
रावण वध और सीता की रिहाई:
वनवास के दौरान राक्षसों के राजा रावण ने सीता माता का हरण कर लिया। रावण ने सीता को लंका ले जाकर उन्हें बंदी बना लिया। श्रीराम ने सीता माता को मुक्त कराने के लिए एक विशाल युद्ध छेड़ा। इस युद्ध में भगवान राम ने वानर सेना की सहायता ली, जिसमें हनुमान, सुग्रीव, नल और नील जैसे महान योद्धा थे। लंका युद्ध में श्रीराम ने रावण का वध किया और सीता माता को मुक्त कराया। इस युद्ध में श्रीराम का साहस, धैर्य, और शक्ति का आदर्श प्रस्तुत हुआ।
श्रीराम का अयोध्या लौटना और राज्याभिषेक:
रावण के वध और सीता की रिहाई के बाद, श्रीराम ने अयोध्या लौटने का निर्णय लिया। उनका अयोध्या आगमन दीपावली के रूप में मनाया जाता है। अयोध्या लौटने पर उनका राज्याभिषेक हुआ और वे राजा के रूप में शासन करने लगे। उनके शासन को 'रामराज्य' के रूप में जाना जाता है, जो न्याय, शांति, और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
श्रीराम के जीवन से शिक्षा:
श्रीराम के जीवन से हमें अनेक नैतिक शिक्षा प्राप्त होती हैं:
धर्म की प्रतिष्ठा: भगवान राम का जीवन धर्म, सत्य और कर्तव्य पालन का उदाहरण है।
त्याग और बलिदान: श्रीराम ने अपने स्वार्थ और व्यक्तिगत इच्छाओं को त्यागकर समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
भाईचारे और सहानुभूति: श्रीराम और उनके भाइयों के बीच गहरी मित्रता और भाईचारे की भावना थी।
सहनशीलता और धैर्य: श्रीराम ने कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस नहीं खोया।
सीता के प्रति सम्मान: श्रीराम ने हमेशा अपनी पत्नी सीता के सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा की।
श्रीराम का जीवन न केवल एक धार्मिक कथा है, बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में आदर्श और मार्गदर्शन का स्रोत है। उनके जीवन के प्रत्येक पहलू में हमें जीवन जीने का एक आदर्श तरीका मिलता है, जो आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का कारण है।
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Contact the business
Telephone
Website
Address
Raja Talab
Raipur
492001
