23/10/2026
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया सरल हो, आवासीय भवनों में दुकानों को लेकर जारी नोटिसों पर मिले राहत : कांग्रेस
प्रदेश उपाध्यक्ष लालचन्द शर्मा एवं पूर्व विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर उठाए जनहित से जुड़े मुद्दे
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री लालचन्द शर्मा एवं पूर्व विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजकुमार ने आज मुख्य सचिव से मुलाकात कर आम जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। इस दौरान जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में जिलाधिकारी अथवा संबंधित उपजिलाधिकारी के आदेश की अनिवार्यता से आम नागरिकों को हो रही परेशानियों तथा आवासीय भवनों में संचालित छोटी दुकानों को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा जारी किए जा रहे नोटिसों का मुद्दा उठाया गया।
प्रदेश उपाध्यक्ष श्री लालचन्द शर्मा ने कहा कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में अनावश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण आम जनता को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग और जरूरतमंद नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया परेशानी का कारण बन रही है। जन्म प्रमाण पत्र समय पर न मिलने से बच्चों के विद्यालय में प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाने में दिक्कतें आती हैं। वहीं, मृत्यु प्रमाण पत्र में देरी से परिवारों को पेंशन, बीमा और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने मांग की कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से संबंधित नियमों के अनुरूप वर्तमान प्रक्रिया की समीक्षा कर अनावश्यक प्रशासनिक बाध्यताओं को समाप्त किया जाए तथा जहां कानूनन सक्षम प्राधिकारी के आदेश की आवश्यकता नहीं है, वहां स्थानीय पंजीकरण अधिकारी के माध्यम से प्रमाण पत्र जारी करने की सरल व्यवस्था बहाल की जाए। साथ ही, ऑनलाइन आवेदन, समयबद्ध निस्तारण और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
पूर्व विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजकुमार ने आवासीय भवनों में छोटी दुकानें संचालित करने वाले लोगों की समस्या उठाते हुए कहा कि अनेक परिवार अपने घरों के एक हिस्से में दुकानें चलाकर आजीविका अर्जित करते हैं। ऐसे लोगों को एमडीडीए की ओर से नोटिस जारी किए जाने से उनमें चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और लागू नियमों के अनुरूप स्थिति स्पष्ट करते हुए आम नागरिकों की व्यावहारिक कठिनाइयों पर भी संवेदनशीलता से विचार किया जाना चाहिए।
श्री राजकुमार ने कहा कि छोटे दुकानदारों और सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए उनकी दुकानें आजीविका का प्रमुख आधार हैं। ऐसे मामलों में नियमों के अनुरूप स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने मांग की कि आवासीय भवनों में संचालित छोटी दुकानों से जुड़े मामलों की समीक्षा कर प्रभावित नागरिकों को नियमानुसार राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
दोनों कांग्रेस नेताओं ने मुख्य सचिव से आग्रह किया कि इन जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं का उद्देश्य नागरिकों को सुविधा प्रदान करना होना चाहिए, न कि उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को और जटिल बनाना।
उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इन विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए आम जनता, छोटे व्यापारियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी।
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