09/10/2026
📚 रामपुर रज़ा लाइब्रेरी के उत्कृष्ट प्रकाशनों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण पुस्तक
📖 रोहेला इतिहास (इतिहास और संस्कृति) 1707–1774
रामपुर रज़ा लाइब्रेरी एवं संग्रहालय, रामपुर के समृद्ध प्रकाशन-संग्रह की एक महत्वपूर्ण कृति “रोहेला इतिहास (इतिहास और संस्कृति) 1707–1774” रोहेला इतिहास, संस्कृति और अठारहवीं शताब्दी के उत्तरी भारत की राजनीतिक परिस्थितियों को समझने का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
✍️ लेखक: नफ़ीस सिद्दीकी
🖋️ प्रस्तावना: डॉ. डब्ल्यू. एच. सिद्दीकी, भूतपूर्व ओ.एस.डी., रामपुर रज़ा लाइब्रेरी
🌐 भाषा: हिंदी
🏛️ प्रकाशक: रामपुर रज़ा लाइब्रेरी, रामपुर
📅 प्रकाशन वर्ष: 2005
📄 पृष्ठ संख्या: 692
💰 मूल्य: ₹650/-
🔖 ISBN: 81-87113-79-0
✨ पुस्तक की विशेषताएँ
यह पुस्तक रोहेला सरदार दाऊद ख़ान द्वारा उत्तरी भारत के कठेर क्षेत्र में रोहेला सत्ता की स्थापना, उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों तथा नवाब अली मुहम्मद ख़ान की वीरता का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है। लेखक नफ़ीस सिद्दीकी ने इस कालखंड के सामाजिक, आर्थिक और साहित्यिक जीवन पर भी प्रकाश डाला है।
पुस्तक में नवाब अली मुहम्मद ख़ान की मृत्यु के बाद रोहेला सरदारों के बीच उत्पन्न आपसी संघर्षों, राजनीतिक मतभेदों और क़बाइली प्रतिद्वंद्विता का भी विश्लेषण किया गया है। नवाब सादुल्ला ख़ान, नवाब नजीबुद्दौला और हाफ़िज़ रहमत ख़ान के बीच मतभेदों ने रोहेला शक्ति को कमज़ोर किया। अंततः वर्ष 1774 में मीरानपुर कटरा के युद्ध में हाफ़िज़ रहमत ख़ान की पराजय हुई और रोहेला सत्ता को गहरा आघात पहुँचा।
इतिहास के इस महत्त्वपूर्ण दौर को समझने के इच्छुक शोधार्थियों, इतिहासकारों, विद्यार्थियों और इतिहास-प्रेमियों के लिए यह पुस्तक विशेष उपयोगिता रखती है।
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#प्रकाशन_RRL
Ministry of Culture, Government of India